12/05/2021
गर्भावस्था में कोविड 19 का प्रभाव:
लक्षण -
बुखार, खांसी ,सांस में तकलीफ, थकान, मांस पेशियों में दर्द, सर दर्द, गले में खराश, दस्त ,ज़ुकाम, सूंघने तथा स्वाद में बदलाव और मन खराब होना। गर्भावस्था में इन सभी में से कोई भी लक्षण हो सकते हैं व संभव है कि कोई भी लक्षण ना हो।
अधिकतर गर्भवती महिलाएं कुछ दिनों में ही स्वस्थ हो जाती हैं पर कुछ गर्भवती महिलाओं में गंभीर लक्षण हो सकते हैं जैसे कि निमोनिया बनना, ऑक्सीजन का स्तर गंभीर रूप से कम हो जाना यहां तक की मृत्यु भी हो सकती है।
आशंका तब अधिक हो जाती है जब गर्भवती महिला किसी अन्य बीमारी से भी पीड़ित हो जैसे कि मोटापा, दिल ,फेफड़ों ,गुर्दों की बीमारी ,हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज इत्यादि।
क्या गर्भवती महिलाओं में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक है?
अभी तक के अध्ययन में सामने आया है कि गर्भवती महिलाओं में गंभीर लक्षणों का खतरा उतना ही है जितना कि उसी आयु की बिना गर्भवती महिलाओं में। अधिकतर गर्भवती महिलाएं घर पर ही उपचार से स्वस्थ हो जाती हैं।
लक्षण आने पर मुझे क्या करना है?
कोविड-19 के लक्षण नजर आने तथा घर में किसी सदस्य को कोविड-19 के लक्षण आने पर आप अपने चिकित्सक से संपर्क करें। चिकित्सक की सलाह पर कोविड-19 की जांच करवाएं।
अगर मैं गर्भवती हूं व मुझे कोविड-19 है तो क्या यह मेरे बच्चे को भी हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संभव है कि कोविड-19 से संक्रमित गर्भवती महिला से उसके बच्चे को भी संक्रमण हो सकता है पर ऐसा बहुत कम केसेस में ही देखने को मिला है अगर होता भी है तो अधिकतर बच्चे पेट में ही ठीक हो जाते हैं । बच्चे के जन्म के समय या बाद भी संक्रमित मां से बच्चा संक्रमित हो सकता है पर कई तरीकों से संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है।
क्या कोविड-19 गर्भावस्था में समस्या पैदा कर सकता है?
अधिकतर गर्भवती महिलाओं में गंभीर संक्रमण नहीं होता है कुछ महिलाओं में गंभीर संक्रमण होने पर ऑक्सीजन व आईसीयू की जरूरत पड़ सकती है। समय पूर्व डिलीवरी की आशंका भी अधिक हो जाती है ।बहुत प्रीमेच्योर डिलीवरी होने पर बच्चे को भी खतरा हो सकता है ।
कोविड-19 को ठीक कैसे किया जाए?
अधिकतर मरीज जिनमें हल्के लक्षण ही है वह घर पर ही उपचार से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। लक्षण गंभीर होने पर ही हॉस्पिटल में भर्ती की आवश्यकता होती है ।जरूरत होने पर पेट पर शील्ड लगाकर फेफड़ों का सीटी स्कैन व खून की जांचें करवाई जाती हैं। कुछ दवाइयां जो साधारण कोविड-19 मरीज को दी जाती है वह गर्भावस्था में सुरक्षित नहीं है ।बुखार एक आम लक्षण है जिसमें साधारण पेरासिटामोल की दवा गर्भवती महिलाओं में दी जा सकती है।
क्या कोविड-19 से बचा जा सकता है?
कोविड-19 में वैक्सीन का गर्भवती स्त्रियों में प्रभाव पर अभी ज्यादा स्टडी नहीं हुई है पर जल्दी परीक्षण के बाद यह टीका गर्भवती स्त्रियों में लगाने की अनुमति मिल सकती है तब तक कोविड-19 गाइड लाइन का पालन अच्छी तरह किया जाए जैसे कि सामाजिक दूरी बनाए रखना ,मास्क का प्रयोग करना ,बार-बार हाथ धोना आदि। गर्भवती महिला केवल जरूरी परामर्श एवं चेकअप के लिए ही घर से बाहर निकले और वहां भी पूरे ऐहतियात से जाएं ।
क्या मेरे डॉक्टरी परामर्श में कोई बदलाव होगा ?
अगर आपको कोविड-19 के लक्षण हैं तो आपको परामर्श के समय मेडिकल मास्क लगाना होगा। डॉक्टर आपकी नियमित विजिट को कम करके कुछ टेस्ट साथ ही करवा सकते हैं ।अगर कोई हाई रिस्क परेशानी साथ में ना हो जैसे कि डायबिटीज ,ब्लड प्रेशर, पूर्व में गर्भपात या अन्य कोई बीमारी तो आपको नियमित विजिट कम की जा सकती हैं ।अगर आप अधिक संक्रमण वाले क्षेत्र में रहती हैं तो आपको अधिक सावधानी बरतनी होगी ।
डिलीवरी के समय क्या सावधानी बरतें ?
आपके कोविड-19 के लक्षणों के बारे में पूछा जाएगा ,जरूरत होने पर भर्ती के समय या डिलीवरी की तारीख से 5 दिन पूर्व आपका कोविड-19 टेस्ट भी करवाया जा सकता है। जरूरी नहीं कि यदि आपको संक्रमण है तो आपकी डिलीवरी ऑपरेशन से ही की जाए ।जरूरत पड़ने या गंभीर संक्रमण होने की स्थिति में ही ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। संक्रमित होने की स्थिति में बच्चा होने के बाद डॉक्टर यही सलाह देंगे कि जब तक आप ठीक ना हो जाए बच्चे को उचित दूरी पर ही रखा जाए ।अगर आप बच्चे को दूध पिलाना चाहे तो अच्छी तरह हाथ धोकर मास्क पहनकर दस्तानों के साथ बच्चे को दूध पिला सकती हैं ।बच्चे का भी कोविड-19 टेस्ट करवाया जा सकता है। अस्पताल में रिश्तेदारों की भीड़ से बचना जरूरी है ।
मैं कोविड-19 के स्ट्रेस से कैसे दूर रहूं ?
इस स्थिति में तनाव होना सामान्य बात है , कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें ।
ज्यादा न्यूज़ ना देखें, साधारण एक्सरसाइज करें,अच्छा खाएं, मेडिटेशन करें, रुचि पूर्ण कार्यों में ध्यान लगाएं, परिवार जनों व दोस्तों के संपर्क में रहे, अच्छी किताबें पढ़ें व कोई हास्य सिनेमा देखे। ध्यान रखें कोविड-19 के अधिकतर मरीज साधारण इलाज से घर पर ही ठीक हो जाते हैं इसलिए पैनिक ना हो। कुछ असामान्य होने की स्थिति में अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले।