JPRC Neuro Spine Centre

JPRC Neuro Spine Centre A TEAM OF QUALIFIED PAIN PHYSICIANS& NEUROSURGEON WHO ARE TRAINED ABROAD& INDIA,WITH SERVING ATTITUDE TO HUMANITIES. BEST INTERVENTIONAL PAIN CLINIC IN JAIPUR.

JPRC is interventional pain mangement clinic,headed by dr Sanjay Sharma Anesthesiologist,interventional pain physician and dr lalit bhardwaj neurosurgeon ,who believe to avoid spine surgery and perform minimal invasive pain and spine intervention (MIPSI). NO NEED OF OPEN SURGERY
NO HOSPITAL STAY
NO GEN ANESTHESIA
JUST A DAY CARE CENTER FOR AMBULATORY SURGERY
DO YOU HAVE???????????????????//////
BACK PAIN
NECK PAIN SHOULDER PAIN
KNEE PAIN
PLANNING FOR OPEN SURGERY
STOP*STOP*STOP

जेपीआरसी (JPRC) में डॉ. संजय शर्मा द्वारा विगत दो दशक के अनुभव और कुशलता से किया जाने वाला स्लिप डिस्क का **मिनिमल इनवेस...
19/05/2026

जेपीआरसी (JPRC) में डॉ. संजय शर्मा द्वारा विगत दो दशक के अनुभव और कुशलता से किया जाने वाला स्लिप डिस्क का **मिनिमल इनवेसिव ट्रीटमेंट (Pinhole Intervention)** बेहद सफल और सुरक्षित माना जाता है। इस आधुनिक इलाज की सफलता दर पारंपरिक ओपन सर्जरी के मुकाबले बहुत बेहतर है और यह मरीजों के लिए कई मायनों में फायदेमंद है।

इस इलाज की सफलता और मुख्य विशेषताओं को हम नीचे दिए गए बिंदुओं से समझ सकते हैं:

# # # 1. उच्च सफलता दर (High Success Rate)
* **90% से अधिक सफलता:** जेपीआरसी में एंडोस्कोपिक डिस्क प्रोसीजर और अन्य पिन-होल इंटरवेंशंस (Minimally Invasive Pain & Spine Intervention - MIPSI) की सफलता दर **90% से 95%** तक देखी गई है।
* **लंबे समय तक राहत:** यह इलाज न सिर्फ तुरंत दर्द से राहत देता है, बल्कि डिस्क की समस्या को जड़ से ठीक करके लंबे समय तक आराम बनाए रखता है।

# # # 2. इस इलाज के सफल और सुरक्षित होने के मुख्य कारण
**पिन-होल प्रक्रिया (No Cut, No Stitch)**
*बिना चीरे का इलाज*

यह पूरा प्रोसीजर मात्र एक छोटे से पिन-होल (सुई के छेद जितने हिस्से) से किया जाता है। इसमें पारंपरिक सर्जरी की तरह पीठ पर कोई बड़ा चीरा नहीं लगाया जाता और न ही कोई टांका आता है।**लोकल एनेस्थीसिया (Local Anesthesia)**
*मरीज होश में रहता है*
इलाज के दौरान मरीज को पूरी तरह बेहोश करने की जरूरत नहीं होती। लोकल एनेस्थीसिया के कारण मरीज होश में रहता है और डॉक्टरों से बातचीत कर सकता है, जिससे नसों को नुकसान पहुंचने का खतरा न के बराबर (Zero Risk) हो जाता है।

**मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी को कोई नुकसान नहीं**
*Targeted Treatment*
पारंपरिक ओपन सर्जरी में रीढ़ की हड्डी के हिस्से (Laminectomy) या मांसपेशियों को काटना पड़ता है, जिससे बाद में कमजोरी आ सकती है। मिनिमल इनवेसिव तकनीक में केवल प्रभावित डिस्क (Targeted Area) पर ही काम किया जाता है, जिससे बाकी का हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।**उसी दिन छुट्टी (Same Day Discharge)**
*Fast Recovery*

इस प्रोसीजर में मरीज को हफ्तों तक अस्पताल में रुकने की जरूरत नहीं होती। ज्यादातर मामलों में मरीज को इलाज के कुछ घंटों बाद या उसी दिन (Day Care Procedure) छुट्टी दे दी जाती है और वे बहुत जल्द अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट आते हैं।
# # # 3. जेपीआरसी मिनिमल इनवेसिव ट्रीटमेंट

| विशेषता | जेपीआरसी मिनिमल इनवेसिव इलाज |
|---|---|---|
| **चीरा / टांके** |मात्र एक छोटा पिन-होल (कोई टांका नहीं) |
| **अस्पताल में रुकना** उसी दिन छुट्टी (Same Day Discharge) |
| **रिकवरी का समय** | मात्र 2 से 3 दिन |
| **मांसपेशियों को क्षति** | | बिल्कुल नहीं |
| **बेहोशी (Anesthesia)** || लोकल एनेस्थीसिया (होश में) |

> **मुख्य बात:** जेपीआरसी में डॉ. संजय शर्मा और डॉ ललित भारद्वाज का मुख्य फोकस **MIPSI (Minimally Invasive Pain & Spine Intervention)** तकनीक पर रहता है, जो पूरी तरह से साइंटिफिक और एडवांस इमेज-गाइडेंस (X-ray/CT/Endoscope) के तहत की जाती है। इसमें डॉ संजय शर्मा इंटरवेंशनल पेन फिजिशियन और डॉ ललित भारद्वाज न्यूरो सर्जन की टीम अपने उच्च गुणवत्ता की तकनीक से स्पाइन की समस्या का इलाज करते हैं,यही कारण है कि यहाँ स्लिप डिस्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं का इलाज बिना किसी बड़े ऑपरेशन के बेहद सफल रहता है।

* **विशेषज्ञ टीम:** यहाँ अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित वातावरण में उपचार दिया जाता है।
# # # परामर्श के लिए संपर्क
यदि आप या आपके कोई परिचित लंबे समय से नसों के दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन से परेशान हैं, तो विस्तृत जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं:
* **स्थान:** JPRC Neuro Spine Centre, जयपुर
* **हेल्पलाइन:** 9929105199 & 9799088887

Disclaimer: All information presented in this article is intended for informational purposes only and not for the purpose of rendering medical advice. The information contained herein is not intended to diagnose, treat, cure or prevent any disease.

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16/05/2026

Trigeminal Neuralgia (TN) is often described as one of the most severe chronic pain conditions, characterized by sudden, severe, shock-like or stabbing pain. When medications fail to provide relief or cause intolerable side effects, minimally invasive advanced interventions offer an exceptional non-surgical alternative to open brain surgery ( Decompression).
At JPRC Neuro Spine Centre in Jaipur, Dr. Sanjay Sharma (Chief Consultant Interventional Pain Physician) utilizes state-of-the-art Radiofrequency Ablation (RFA) / Rhizolysis to provide targeted, long-lasting relief for patients suffering from this debilitating condition.
What is Radiofrequency Treatment for Trigeminal Neuralgia?
Radiofrequency treatment is a highly precise, minimally invasive percutaneous procedure performed in a specialized cath lab or fluoroscopy suite. Instead of open surgery, it targets the Trigeminal ( ganglion) at the base of the skull to interrupt the transmission of pain signals to the brain.
How the Procedure is Performed:
• Image Guidance: The procedure is performed under real-time (X-ray) guidance to ensure absolute precision.
• Local : The entry point on the cheek is numbed with a local anesthetic, keeping the procedure virtually painless.
• Precision : A specialized 22-gauge RF cannula is precisely guided through the foramen ovale to reach the trigeminal ganglion.
• (Safety Check): Before any treatment is applied, mild sensory and motor stimulation testing is performed. This confirms the exact nerve branch involved (Ophthalmic, Maxillary, or Mandibular) and ensures surrounding vital structures are completely safe.
• Ablation: Once optimal placement is verified, controlled radiofrequency energy (Conventional Thermal RF or Pulsed RF) is applied for approximately 90 seconds to create a precise interruption in the pain conduction pathway.
Benefits of the JPRC Approach
Choosing Radiofrequency Ablation at JPRC Neuro Spine Centre offers distinct advantages over traditional surgical routes:
• Non-Surgical Solution: Completely avoids the risks associated with open surgery (craniotomy).
• Day-Care Procedure: The active treatment takes only 15 to 45 minutes, allowing for early mobility and same-day or next-day discharge.
• High Rate: Provides immediate or rapid pain relief, significantly reducing or completely eliminating the need for heavy daily neuropathic medications.
• Tailored Precision: Advanced allows the physician to treat only the specific pain-producing nerve fibers while preserving surrounding tissue.
Patient Information & Consultation
If you or a loved one are experiencing excruciating facial pain while , , your face, or even from a light breeze, an evaluation by an interventional specialist can help establish an accurate diagnosis and treatment roadmap.
Where to Consult:
• Clinic: Neuro Spine Centre
• Location: Bus Stop No. 7, Gurudwara Mod, Sethi Colony, Main Govind Marg, Jaipur, Rajasthan, India


• interventional pain management Specialists: Dr. Sanjay Sharma (Chief Consultant Interventional Pain Physician) & dr lalit Bhardwaj neurosurgeon

15/05/2026
15/05/2026

साइटिका (Sciatica) के लिए #इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट (Interventional Pain Management) का इलाज पूरी तरह से सुरक्षित और बेहद प्रभावी माना जाता है। जब #दवाइयों और #फिजियोथेरेपी से आराम नहीं मिलता, तो यह सर्जरी से बचने का एक बेहतरीन और आधुनिक विकल्प है।
इसे सुरक्षित और सटीक बनाने के पीछे कई मुख्य कारण हैं:
1. अत्यधिक #सटीक और #सुरक्षित (Targeted Precision)
ये प्रक्रियाएं अंधी (Blind) नहीं की जातीं। इन्हें ऑपरेशन थिएटर में C-arm (Live X-ray) या (Usonography) की लाइव गाइडेंस में किया जाता है। डॉक्टर स्क्रीन पर सुई की लाइव लोकेशन देखकर ठीक उसी जगह दवा पहुँचाते हैं जहाँ नस दबी हुई है (जैसे- Steroid Injection या Transforaminal Block)। इससे आसपास की नसों या टिश्यूज को नुकसान होने का खतरा न के बराबर होता है।
2. कोई बड़ा #चीरा नहीं ( Invasive)
इसमें रीढ़ की हड्डी में कोई बड़ा कट या चीरा नहीं लगाया जाता। यह पूरी तरह से डे-केयर प्रोसीजर (Day Care Procedure) है, जिसमें मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती। प्रक्रिया में सिर्फ 15 से 30 मिनट का समय लगता है, और मरीज कुछ ही घंटों में अपने घर वापस जा सकता है।
3. जनरल #एनेस्थीसिया की आवश्यकता नहीं
इसमें मरीज को #बेहोश (General Anesthesia) नहीं किया जाता। केवल उस हिस्से को सुन्न (Local Anesthesia) किया जाता है, जिससे बेहोशी से जुड़े बड़े रिस्क पूरी तरह खत्म हो जाते हैं। मरीज पूरे #प्रोसीजर के दौरान डॉक्टर से बात कर सकता है।
संभावित साइड इफेक्ट्स और रिस्क (जो बहुत दुर्लभ हैं)
संसार के किसी भी मेडिकल प्रोसीजर की तरह इसमें भी कुछ बहुत ही मामूली और अस्थाई रिस्क हो सकते हैं, जो आमतौर पर कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं:
• अस्थाई #सुन्नपन या #भारीपन: पैर में कुछ घंटों के लिए सुन्नपन लग सकता है जो दवा के असर के कारण होता है।
• हल्का दर्द: सुई लगाने वाली जगह पर 1-2 दिन मामूली भारीपन हो सकता है।
• इन्फेक्शन या #ब्लीडिंग: इसकी संभावना 1% से भी कम होती है क्योंकि इसे पूरी तरह से स्टेराइल (Sterile) और साफ-सुथरे ऑपरेशन थिएटर के माहौल में किया जाता है।
निष्कर्ष
यदि किसी अनुभवी इंटरवेंशनल #पेनफिजिशियन या #स्पाइन स्पेशलिस्ट द्वारा यह इलाज किया जाए, तो इसके कॉम्प्लीकेशंस (जटिलताएं) न के बराबर हैं। यह #साइटिका के तेज दर्द और #सूजन (Inflammation) को तुरंत कम करके मरीज को सामान्य जीवन में लौटने और फिजियोथेरेपी शुरू करने में मदद करता है।
क्या आप साइटिका के किसी विशेष प्रोसीजर (जैसे #एपिड्यूरल #इंजेक्शन या #रूटब्लॉक) के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं?क्या आप कमर दर्द, Slip Disc, Sciatica, L4-L5 या L5-S1 जैसी समस्याओं से परेशान हैं?

अब हर दर्द में बड़े ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती। Advanced Non-Surgical & Minimally Invasive Procedures जैसे RFA (Radiofrequency Ablation), Nucleoplasty, Neurostimulation & Pain Management Treatments द्वारा कई मरीजों को राहत मिल सकती है। ✅

👉 आधुनिक Fluoroscopy Guidance तकनीक की मदद से सटीक और सुरक्षित Procedure किया जाता है।
✅ कम दर्द
✅ जल्दी रिकवरी
✅ बिना बड़े ऑपरेशन
✅ Same Day Discharge (case dependent)

अगर कमर दर्द पैरों तक जा रहा है, झनझनाहट, सुन्नपन या चलने में परेशानी हो रही है, तो समय पर जांच और विशेषज्ञ सलाह जरूरी है। 👨‍⚕️

📍 JPRC Neuro Spine Centre
Bus Stop No. 1, Shopping Center,
Sethi Colony, Transport Nagar Gurudwara Mod,
Govind Marg, Jaipur, Rajasthan 302004

📞 Call / WhatsApp:
9799088887 | 9770551901

12/05/2026

#साइटिका अब सिर्फ़ “ #पीठदर्द” नहीं है।

मॉडर्न क्लिनिकल डायग्नोसिस स्पेशलिस्ट अब #क्रोनिक साइटिक नर्व #कम्प्रेशन को लंबे समय तक बैठने, लम्बर डिस्क स्ट्रेस, #पेल्विक इनस्टेबिलिटी, ग्लूट डिसफंक्शन और डीप #पिरिफॉर्मिस #एन्ट्रैपमेंट से जोड़ते हैं।

डरावनी बात यह है कि कई मरीज़ लक्षणों को नज़रअंदाज़ करते रहते हैं, जबकि साइटिक नर्व सतह के नीचे सूजन और #ओवरलोडेड रहती है।

पैर में #जलन, #इलेक्ट्रिक शॉक, #सुन्नपन, #कमज़ोरी, पिंडली में #जकड़न और पैर में #झुनझुनी होना, नर्व में गंभीर डिसफंक्शन का संकेत हो सकता है जो पहले से ही मूवमेंट #मैकेनिक्स को प्रभावित कर रहा है।

सही #रिहैबिलिटेशन प्रोटोकॉल प्लानिंग के बिना, क्रोनिक साइटिक कम्प्रेशन आखिरकार चाल #बायोमैकेनिक्स, #मोबिलिटी, एथलेटिक परफॉर्मेंस और लंबे समय तक #नर्वस सिस्टम के काम को बदल सकता है।

शरीर हमेशा आपको पहले चेतावनी देता है। 📌 पिन किया गया कमेंट
“आपको क्या लगता है कि कोई #साइटिका को कब तक नज़रअंदाज़ कर सकता है, इससे पहले कि #परमानेंट नर्व #डैमेज शुरू हो जाए? 👇”

#पेन
#पेनफिजिशियन
#स्लिपडिस्क #पेनफिजिशियन
#साइटिका #नर्वपेन #फिजिकलथेरेपी #ऑर्थोपेडिकसर्जरी #क्लिनिकलडायग्नोसिस #लोअरबैकपेन #पिरिफॉर्मिससिंड्रोम #स्पोर्ट्समेडिसिन #बायोमेकेनिक

11/05/2026

L4/5 स्तर पर डिस्क का बाहर निकलना क्या होता है?

इस प्रकार कि स्थिति में नस का दबना काफी दर्दनाक हो सकता है। एक इंटरवेंशनल पेन फिजिशियन ( ) बिना किसी बड़ी सर्जरी के इस समस्या का समाधान करने में मदद कर सकते हैं।

यहाँ कुछ मुख्य तरीके दिए गए हैं जिनसे इसका ईलाज किया जा सकता है:
# # # 1. #एपिड्यूरल #स्टेरॉयड इंजेक्शन (Epidural Steroid Injection)
यह सबसे आम तरीका है। इसमें एक विशेष सुई के जरिए दबी हुई नस के पास सूजन रोधी (anti-inflammatory) दवा और स्टेरॉयड पहुँचाया जाता है। इससे #नस की #सूजन कम होती है और दर्द में तुरंत राहत मिलती है।

# # # 2. #ट्रांसफोरामिनल इंजेक्शन ( Injection)
यह एपिड्यूरल का ही एक सटीक रूप है। इसमें दवा को सीधे उस छेद (foramen) के पास डाला जाता है जहाँ से नस बाहर निकल रही होती है। यह 'रूट ब्लॉक' की तरह काम करता है।

# # # 3. #ओजोन डिस्क #न्युक्लियोलिसिस (Ozone Disceolysis)
इसमें डिस्क के अंदर ओजोन-ऑक्सीजन का मिश्रण डाला जाता है। ओजोन डिस्क के उस हिस्से को थोड़ा सिकोड़ देता है जो नस को दबा रहा है, जिससे दबाव कम हो जाता है।

# # # 4. पर्क्यूटेनियस डिस्क डिकम्प्रेशन (Percutaneous Disc )
इसमें बिना किसी चीरे के, एक पतली सुई या प्रोब के जरिए डिस्क के दबाव को कम किया जाता है। इसे **प्लाज्मा #लेजर** या **मैकेनिकल डिकम्प्रेशन** द्वारा किया जा सकता है।

# # # 5. रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन ( Ablation - )
अगर दर्द जोड़ों (Facet Joints) की वजह से भी है, तो रेडियो तरंगों की मदद से उन नसों को कुछ समय के लिए सुन्न कर दिया जाता है जो दर्द का संकेत दिमाग तक पहुँचाती हैं।

# # # #इंटरवेंशनल ईलाज के फायदे:
* **कोई बड़ा चीरा नहीं:** यह प्रक्रिया सुई के माध्यम से होती है।
* **डे-केयर प्रक्रिया:** मरीज को अस्पताल में ज्यादा दिन रुकने की जरूरत नहीं होती, अक्सर कुछ घंटों में छुट्टी मिल जाती है।
* **जल्द रिकवरी:** मरीज बहुत जल्दी अपने सामान्य जीवन में वापस लौट सकता है।

> **महत्वपूर्ण:** ईलाज का सही तरीका रिपोर्ट और मरीज की शारीरिक जांच (Clinical Examination) के बाद ही तय किया जाता है। एक पेन फिजिशियन न केवल दर्द की "सलाह" देते हैं, बल्कि इसका प्रभावी "ईलाज" भी करते हैं।

अपनी एमआरआई फ़िल्म में क्या दिखाई दे रहा है डिस्क डिजनरेशन की अवस्था??
10/05/2026

अपनी एमआरआई फ़िल्म में क्या दिखाई दे रहा है डिस्क डिजनरेशन की अवस्था??

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