19/12/2025
🩺🌿 होम्योपैथी की दृष्टि से एक गंभीर चेतावनी 🌿🩺
भुने चने, गुड़ और अंडे — जिन्हें आमतौर पर पौष्टिक माना जाता है — आज मिलावट और केमिकल्स के कारण शरीर के लिए धीमा ज़हर बनते जा रहे हैं।
👉 होम्योपैथी के अनुसार रोग केवल शरीर में नहीं, बल्कि जीवन-शक्ति (Vital Force) में असंतुलन से उत्पन्न होता है।
जब मिलावटी भोजन शरीर में जाता है तो:
❌ पाचन अग्नि कमजोर होती है
❌ लिवर व एंडोक्राइन सिस्टम प्रभावित होता है
❌ हार्मोनल असंतुलन बढ़ता है
❌ डायबिटीज़, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ती है
⚠️ केमिकल-युक्त भोजन = जीवन-शक्ति पर सीधा आघात
🌱 होम्योपैथी समाधान क्या कहती है?
✔️ शुद्ध, प्राकृतिक और ताज़ा भोजन
✔️ आवश्यकता अनुसार डिटॉक्सिफिकेशन
✔️ व्यक्ति-विशेष के अनुसार चयनित औषधि
✔️ रोग नहीं, रोगी का उपचार
🙏 याद रखें —
दवा तभी कारगर होती है, जब भोजन भी औषधि हो।
क्योंकि जागरूकता ही पहली चिकित्सा है।
— डॉ राजीव नागर
(होम्योपैथिक चिकित्सक)
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