08/05/2026
🌷 लोग कहते हैं लक्ष्मी चंचल हैं, पर इस श्लोक में छिपा है उन्हें घर में 'स्थिर' करने का प्राचीन रहस्य!🌹
🙏।। महालक्ष्मी-स्तुतिः ।।🙏
आज शुक्रवार के पावन अवसर पर, माँ लक्ष्मी के चरणों में निवेदित...
लक्ष्मीं ददाति भजतां भजतां सुलक्ष्मीं,
पद्मा स्थिता च कमले कमलेक्षणे सा।
या मानिनी च मनुते मनुतेऽम्ब नित्यं,
सा राजते च सदने सदनेव नित्यम् ॥
भावार्थ:
यह स्तुति ऐश्वर्य और पात्रता के गहरे संबंध को दर्शाती है। जो भक्त माँ को पूजता है, स्वाभिमानी माँ भी उस भक्त के सम्मान की रक्षा करती हैं और उसके घर में दिव्य प्रकाश (बिजली) की भाँति स्थायी रूप से प्रतिष्ठित हो जाती हैं।
शुद्ध आचरण और सच्ची भक्ति से 'चपला' लक्ष्मी भी घर में स्थायी सौभाग्य बन जाती हैं।