I care Eye Hospital Jamui

I care Eye Hospital Jamui Because Every Eye Deserves the Best

भाई-बहन के असीम प्रेम, अटूट विश्वास व पवित्र बंधन के प्रतीक 'रक्षाबंधन' के पावन पर्व की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामना...
11/08/2022

भाई-बहन के असीम प्रेम, अटूट विश्वास व पवित्र बंधन के प्रतीक 'रक्षाबंधन' के पावन पर्व की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

आइए, #रक्षाबंधन के पावन पर्व पर हम सभी बहनों की सुरक्षा एवं उनके सम्मान के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प लें।

सावधान ⚠️🚨आप सिनेरिया, आईटोन, आइसोटीन, दृष्टि, पोटेशियम आयोडाइड या अन्य आई ड्रॉप्स अगर अपने मोतियाबिंद को हटाने या रोकने...
26/07/2022

सावधान ⚠️🚨

आप सिनेरिया, आईटोन, आइसोटीन, दृष्टि, पोटेशियम आयोडाइड या अन्य आई ड्रॉप्स अगर अपने मोतियाबिंद को हटाने या रोकने के लिए डाल रहे हैं तो आप अपना पैसा बर्बाद और आंख खराब कर रहे हैं । दवा से मोतियाबिंद को कभी भी ठीक नहीं किया जा सकता है, मोतियाबिंद का एकमात्र उपचार आप्रेशन हैं।👁️👁️
भारत सरकार के स्वास्थ मंत्रालय ने पुनः यह जानकारी "स्वस्थ दृष्टि माह" (जुलाई) के कार्यक्रमों के अंतर्गत सभी सोशल मीडिया हैंडल्स से पप्रकाशित की है ।

👁️आपका अपना आँख अस्पताल👁️🏥
आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर
डॉ. राजेश मेहता
IOL Microsurgery & Phaco specialist
M.B.B.S., M.D., D.O.M.S (opht.)
1️⃣प्लॉट न. 3RC/29 एसबीआई बैंक के पास, भूतनाथ रोड पटना-26
2️⃣दूसरी शाखा- कचहरी रोड ,जिला कांग्रेस ऑफिस के बगल में जमुई - 811307

👁️🕶️सर्वश्रेष्ठ एवम् सम्पूर्ण नेत्र चिकित्सा👁️🕶️क्योंकि आपकी आंखे अनमोल हैंअपनी आंखों का देखभाल करने के लिए साल में कम स...
23/07/2022

👁️🕶️सर्वश्रेष्ठ एवम् सम्पूर्ण नेत्र चिकित्सा👁️🕶️
क्योंकि आपकी आंखे अनमोल हैं
अपनी आंखों का देखभाल करने के लिए साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच अवश्‍य करवाएं। यह आंखों को स्‍वस्‍थ रखने का सबसे बेहतर उपाय है।
इससे आंखों में होने वाली समस्‍या से भी निजात मिल जाती है और समय पर उसका इलाज भी हो जाता है।🙏🏻🙏🏻
👁️आपका अपना आँख अस्पताल👁️🏥
आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर
डॉ. राजेश मेहता
IOL Microsurgery & Phaco specialist
M.B.B.S., M.D., D.O.M.S (opht.)
1️⃣प्लॉट न. 3RC/29 एसबीआई बैंक के पास, भूतनाथ रोड पटना-26
2️⃣दूसरी शाखा- कचहरी रोड ,जिला कांग्रेस ऑफिस के बगल में जमुई - 811307

इस दिन (अप्रैल फूल) की तरह, आँखों की देखभाल के लिए तब तक कुछ भी विश्वास न करें जब तक कि आप किसी नेत्र चिकित्सक से सलाह न...
01/04/2022

इस दिन (अप्रैल फूल) की तरह, आँखों की देखभाल के लिए तब तक कुछ भी विश्वास न करें जब तक कि आप किसी नेत्र चिकित्सक से सलाह न लें। वर्ना आपको हमेशा मूर्ख बनाया जायेगा 🙏🏻🙏🏻

मोतियाबिंद का ऑपेरशन किसी भी मौसम में करवाया जा सकता है* । पहले चालीस दिनों के लिए परहेज़ किये जाते थे, अब सिर्फ पाँच दिनों के लिए । गर्मियों में 40 दिन बिना सिर से नहाय समस्या होती थी, इसीलिए ऑपेरशन सर्दियों में किये जाते थे ।
अब सूक्ष्म चीरे (फेको विधि) के ऑपेरशन से घाव जल्दी भर जाता है, संक्रमण का खतरा काफी कम हो गया है, इसीलिए मौसम से कोई फर्क नहीं पड़ता ।
मोतियाबिंद जितना कच्चा, ऑपेरशन उतना अच्छा* - जब तक चश्में से आपको रोज़मर्रा के कामों में दिक्कत नहीं हो रही हो, तब तक ऑपेरशन करवाने की जरूरत नहीं होती है ।
जिस दिन चश्में से भी साफ नहीं दिखाई दे, उस दिन ऑपेरशन करवा लेना चाहिए । पकने का इंतजार नहीं करना चाहिए ।
नहीं तो ये हानिकारक हो सकता हैं

👁️आपका अपना आँख अस्पताल👁️🏥
आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर
डॉ. राजेश मेहता
IOL Microsurgery & Phaco specialist
M.B.B.S., M.D., D.O.M.S (opht.)
कचहरी रोड जमुई जिला कांग्रेस ऑफिस के बगल में (स्व. त्रिपुरारी सिंह स्मारक के सामने)
प्रतिदिन : सुबह 10 बजे से शाम 7बजे तक

👁️आपका अपना आँख अस्पताल👁️🏥आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटरडॉ. राजेश मेहता IOL Microsurgery & Phaco specialistM.B.B....
07/03/2022

👁️आपका अपना आँख अस्पताल👁️🏥
आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर
डॉ. राजेश मेहता
IOL Microsurgery & Phaco specialist
M.B.B.S., M.D., D.O.M.S (opht.)
कोर्ट रोड जमुई जिला कांग्रेस ऑफिस के बगल में (स्व. त्रिपुरारी सिंह स्मारक के सामने)

ग्लूकोमा या काला मोतियाबिंद (Glaucoma) एक ऐसा नेत्र रोग है, जिसके इलाज में लापरवाही बरतने पर सदैव के लिए रोशनी जा सकती ह...
05/03/2022

ग्लूकोमा या काला मोतियाबिंद (Glaucoma) एक ऐसा नेत्र रोग है, जिसके इलाज में लापरवाही बरतने पर सदैव के लिए रोशनी जा सकती है। आंखों की अन्य बीमारियों में खोई हुई रोशनी इलाज से वापस भी लाई जा सकती है, लेकिन काला मोतिया में आंखों की रोशनी का आना मुश्किल होता है। सामान्‍य तौर पर 35 वर्ष से अधिक आयु के लोगो में यह बीमारी ज्‍यादा पाई जाती है। अगर शुरू में ही इसकी पहचान हो जाए तो ग्लूकोमा से होने वाले अंधेपन से मरीजों को बचाया जा सकता है।

6 मार्च से 12 मार्च तक चलने वाला विश्‍व ग्लूकोमा सप्ताह (World Glaucoma Week 2022) भी पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। ग्लूकोमा सप्ताह का इस वर्ष का विषय यह दर्शाता है की आंखों के नियमित परीक्षण के साथ, लोग अपने आस-पास का सौंदर्य, आकर्षण एवं रोमांच से भरपूर दुनिया को देखना जारी रख सकते हैं। दुनिया उज्ज्वल है, अपनी दृष्टि बचाए और समय रहते अपनी आंखों की जांच कराए।

#07 मार्च से 12 मार्च तक निशुल्क नेत्र जांच शिविर में

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डॉ. राजेश मेहता
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कोर्ट रोड जमुई जिला कांग्रेस ऑफिस के बगल में (स्व. त्रिपुरारी सिंह स्मारक के सामने)

ग्लूकोमा को आम भाषा में काला मोतिया या समलबाई भी कहते हैं यह प्रतिबर्ष 12 मार्च को मनाया जाता है यह रोग ऑप्टिक तंत्रिका (²ष्टि के लिए उत्तरदायी तंत्रिका) में गंभीर एवं निरंतर क्षति करते हुए धीरे-धीरे दृष्टि को समाप्त कर देता है। यदि इस रोग का उपचार न किया जाए तो व्यक्ति अंधा भी हो सकता है। अन्य महत्वपूर्ण कारकों में से एक कारक आंखों के दबाव का बढ़ना है, लेकिन किसी व्यक्ति में आंख का सामान्य दबाव रहने पर भी मोतिया¨बद विकसित हो सकता है इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य ऑप्टिक तंत्रिका परीक्षण के साथ लोगों को नियमित आंखों की जांच के लिए प्रोत्साहन देकर ग्लूकोमा से होने वाले अंधेपन को समाप्त करना है। यह बताया गया है, कि किसी व्यक्ति को जीवनपर्यंत ग्लूकोमा का ज़ोखिम लगभग 2.3% होता है, फस्ट डिग्री रिलेटिव (एफडीआर) से पीड़ित ग्लूकोमा रोगी में ग्लूकोमा के ज़ोखिम में दस गुना वृद्धि हो जाती है। इसलिए, ग्लूकोमा के लिए एफडीआर को जागरूक करने की आवश्यकता है, जिससे उन्हें (एफडीआर से पीड़ित बहुत सारे लोगों को) ऑप्टिक तंत्रिका की जांच सहित ग्लूकोमा परीक्षण द्वारा अंधेपन से बचाया जा सकता है।
ग्लूकोमा शब्द का उपयोग आंखों के सामूहिक रोगों को उजागर करने के लिए किया जाता है, जिसे ऑप्टिक तंत्रिका (दृष्टि के लिए उत्तरदायी तंत्रिका) की प्रगतिशील और अपरिवर्तनीय क्षति से जाना जाता है, जो कि धीरे-धीरे दृष्टि समाप्त कर देता है। महत्वपूर्ण कारकों में से एक आंखों पर दवाब का बढ़ना है, लेकिन आंखों के सामान्य दवाब से पीड़ित व्यक्ति में ग्लूकोमा विकसित हो सकता है। डब्लूएचओ के अनुसार, ग्लूकोमा कई प्रकार का होता हैं, हालांकि, दो सबसे सामान्य प्रकार हैं, पहला ओपेन एंगल ग्लूकोमा (पीओजी) है, जिसमें धीमी और घातक शुरुआत होती है तथा क्लोज एंगल ग्लूकोमा (एसीजी) है, जो कि कम सामान्य है और एकदम (एक्यूट/तीव्र) से हो जाता है।

#ओपेन एंगल ग्लूककोमा◆◆
जब कभी आंखों के बढ़े प्रेशर के चलते आंख की ऑप्टिक नर्व खराब हो जाती है और उसके चलते नजर खराब होती है तो उसे ओपन ऐंगल ग्लूकोमा कहा जाता है। इसमें धीरे-धीरे नजर कमजोर होती जाती है। इसमें तरल पदार्थ को सूखाने वाली कनैल ब्लॉक हो जाती है जिससे आंखों का प्रेशर बढ़ जाता है।
#क्लोज एंगल ग्लूलकोमा◆◆
इस प्रकार के ग्लूकोमा में एक्वस ह्यूमर (एक प्रकार का तरल पदार्थ जो आंखों को पोषण देता है) का प्रवाह एकदम से रुक जाता है। तेज सिरदर्द, दिखाई देना बंद होना, आंखें लाल होना, उल्टी और चक्कर आना, धुंधलापन आने की शिकायत होती है। यदि इस समय लापरवाही बरती जाए तो एंगल्स पूरी तरह से बंद हो जाते हैं।
विश्व में #ग्लूकोमा अंधेपन का दूसरा सबसे सामान्य कारण है। डब्ल्यूएचओ के अनुमान के अनुसार ग्लूकोमा के कारण 4.5 मिलियन लोग अंधेपन से पीड़ित हैं। भारत में ग्लूकोमा अपरिवर्तनीय अंधेपन का प्रमुख कारण है, जिससे कम से कम बारह मिलियन लोग प्रभावित हैं और 1.2 मिलियन लोग इस बीमारी से अंधे हो जाते हैं। समुदाय में नब्बे प्रतिशत से अधिक मामलों में ग्लूकोमा का पता नहीं चलता है। उम्र के साथ ग्लूकोमा की संभावना बढ़ जाती है।
ग्लूकोमा की रोकथाम के बारे में कम जानकारी है, हालांकि, ग्लूकोमा से दृष्टि हानि रोकने के लिए शुरुआत में पता लगाना और उपचार करना सबसे बेहतर उपाय है।

ज़ोखिम के कारक:

#आँख पर उच्च आंतरिक दबाव (इंट्राकुलर दबाव)।
#साठ वर्ष से अधिक आयु।
#पारिवारिक इतिहास।
#मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और सिकल सेल एनीमिया जैसी कुछ चिकित्सीय स्थितियां।
#आंख की कुछ स्थितियां जैसे कि मायोपिआ या दूर तक न देख सकना।
कुछ निश्चित प्रकार की नेत्र शल्य चिकित्सा।
#लंबे समय के लिए कॉर्टिकॉस्टिरॉइड दवाएं जैसे कि विशेष रूप से आई ड्राप का उपयोग करना।

🙏🏻कर्पूरगौरं करुणावतारं: संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्:||||सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि:🙏🏻आपके और आपके पुरे प...
28/02/2022

🙏🏻कर्पूरगौरं करुणावतारं: संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्:||
||सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि:🙏🏻
आपके और आपके पुरे परिवार को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं📿🔔🌼
🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻🚩🚩

 #जमुई_का_पहला_और_एकमात्र_फेको_सेंटर आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर में आधुनिकतम तकनीक एडवांस फेको द्वारा दर्द रह...
25/02/2022

#जमुई_का_पहला_और_एकमात्र_फेको_सेंटर
आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर में आधुनिकतम तकनीक एडवांस फेको द्वारा दर्द रहित, बिना इंजेक्शन (सूई), बिना पट्टी, बिना चिडफाड़, बिना लाली का मोतियाबिंद का ऑपरेशन, अत्याधुनिक कृत्रिम लेंस( प्रीमियम मोनोफोकल, मल्टिफोकल एवं टोरिक) का सफल प्रत्यारोपण, डे केयर सर्विस (भर्ती की आवयश्कता नहीं) के साथ।
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प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 6 बजे तक

अच्छी साफ़ नजर एवं सर्जरी की सुगमता के लिए परम्परागत फेको सर्जरी से आगे बढ़ें। चुने सबसे आधुनिक एवं सबसे सुरक्षित टॉपिकल फ...
23/02/2022

अच्छी साफ़ नजर एवं सर्जरी की सुगमता के लिए परम्परागत फेको सर्जरी से आगे बढ़ें। चुने सबसे आधुनिक एवं सबसे सुरक्षित टॉपिकल फेको सर्जरी। जिसमे न चीरा हैं, न टाँका है, न सुई है, न दर्द है और न ही पट्टी बांधने की जरूरत। बस मोतियाबिंद के साथ अस्पताल आएं और साफ़ दृष्टि के साथ वापस घर जाएं। और पाएं साफ़ व स्पष्ट दृष्टि का अहसास।
#जमुई_का_पहला_और_एकमात्र_फेको_सेंटर

👁️आपका अपना आँख अस्पताल👁️🏥
आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर
डॉ. राजेश मेहता
IOL Microsurgery & Phaco specialist
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कोर्ट रोड जमुई जिला कांग्रेस ऑफिस के बगल में (स्व. त्रिपुरारी सिंह स्मारक के सामने)
प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 06 बजे तक

जमुई जिला का आंखों का सबसे विश्वसनीय इलाज के लिए सुप्रसिद्ध तथा तेज़ी से बढ़ता हुआ जमुई का पहला और एकमात्र टॉपिकल फेको स...
21/02/2022

जमुई जिला का आंखों का सबसे विश्वसनीय इलाज के लिए सुप्रसिद्ध तथा तेज़ी से बढ़ता हुआ जमुई का पहला और एकमात्र टॉपिकल फेको सेंटर आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर🏥🏥

सिर्फ फेको नहीं, टॉपिकल फेको चुने और पाए बेहतर रौशनी👁️👁️🕶️🕶️

ना दर्द, ना चिड़फाड़, ना टांका, ना इंजेक्शन, ना पट्टी, ना लाली, और न ही कोई ऑपरेशन जैसे परहेज।
#टॉपिकल_फेको_सर्जरी मोतियाबिंद सर्जरी की आधुनिक एवं सर्वोत्तम तकनीक है। टॉपिकल फेको में न तो इंजेक्शन का दर्द होता है , न ही सर्जरी के दौरान ब्लॉक लगाने का झंझट। और ऑपरेशन के बाद आंख में पट्टी बांधने की भी कोई आवश्यकता नहीं होती। अर्थात सर्जरी के बाद भी कोई ये नहीं बता सकता की व्यक्ति कि सर्जरी हुयी है।
जैसे की सामान्य तरीके से अस्पताल आएं , वैसे ही सामान्य होकर घर वापस जाये बेहतर और साफ़ दृष्टि के साथ।

टॉपिकल फेको से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
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जमुई जिला स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई 🙏🏻🥰❤️❤️👁️आपका अपना आँख अस्पताल👁️🏥आई केयर आई हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च से...
20/02/2022

जमुई जिला स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई 🙏🏻🥰❤️❤️
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