Abdul Waheed hijama specialist jarwal kasba

Abdul Waheed hijama specialist jarwal kasba Abdul Waheed Ayurved (And) Hijama Specialist

 #इंसानी_दिमाग_अल्लाह_की_कुदरत_का_हैरतअंगेज़_शाहकारनीचे दी गई तस्वीर में आप दिमाग़ का नक़्शा देख रहे हैं, उसे हिप्पोकैम्...
04/01/2026

#इंसानी_दिमाग_अल्लाह_की_कुदरत_का_हैरतअंगेज़_शाहकार

नीचे दी गई तस्वीर में आप दिमाग़ का नक़्शा देख रहे हैं, उसे हिप्पोकैम्पस कहा जाता है। (जहाँ यादें बनती और सुरक्षित होती हैं) हरे रंग में दिखाया गया है। माहिरीन के मुताबिक इंसान के दिमाग़ में याददाश्त की जो सलाहीयत है, वह क़रीब 2.5 पेटाबाइट्स (25 लाख GB) तक होती है! यानी इसके अंदर ऐसा ख़ज़ाना छुपा है कि उसमें 30 लाख घंटे की वीडियो रिकॉर्ड हो सकती है, जिसे कोई शख़्स लगातार 300 साल तक देखता रहे... फिर भी ख़त्म ना हो।

ज़रा सोचिए… इतनी बे-मिसाल मशीनरी ना कोई वायर, ना कोई चार्जर, ना कोई चाबी लेकिन चलती भी है, याद रखती भी है और भूलती भी है, वो भी उसी ख़ालिक़ के हुक्म से जिसने इसे पैदा किया। #सुब्हानल्लाह!

وَفِيْٓ أَنْفُسِكُمْ ۛۚ أَفَلَا تُبْصِرُوْنَ
“और तुम्हारी अपनी जानों में (भी) उसकी निशानियाँ हैं, क्या तुम देखोगे नहीं?”

और वही फ़रमाता है: فَبِاَىِّ اٰلَاۤءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ‏
"तो ऐ जिनों और इंसानों! तुम अपने रब की कौन कौन सी नेमत को झुठलाओगे?" [55:18]

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

🚨 एक साइलेंट कैंसर जो युवाओं को भी हो सकता है! 🚨😱 हॉजकिन लिम्फोमा – नाम छोटा, खतरा बड़ा!अगर गर्दन, बगल या जांघ में⚠️ बिन...
03/01/2026

🚨 एक साइलेंट कैंसर जो युवाओं को भी हो सकता है! 🚨
😱 हॉजकिन लिम्फोमा – नाम छोटा, खतरा बड़ा!
अगर गर्दन, बगल या जांघ में
⚠️ बिना दर्द की सूजन दिखाई दे रही है
और साथ में ये लक्षण हों 👇
🔥 बिना वजह बुखार
🌙 रात को ज्यादा पसीना आना
⚖️ 6 महीनों में 10% से ज्यादा वजन कम होना
😴 लगातार थकान
😖 शराब पीने के बाद गांठ में दर्द
👉 तो इसे बिल्कुल नज़रअंदाज़ न करें!
💡 हॉजकिन लिम्फोमा एक कैंसर है जो
🩸 लिम्फेटिक सिस्टम को प्रभावित करता है
इसकी पहचान होती है रीड-स्टर्नबर्ग कोशिकाओं से 🔬
🙏 अच्छी खबर:
अगर यह शुरुआती स्टेज में पकड़ में आ जाए तो
✔️ इसका इलाज संभव है
✔️ ज़्यादातर मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं
👶👴 यह कैंसर ज्यादा देखा जाता है:
➡️ 15–40 वर्ष के लोगों में
➡️ 55 साल से ऊपर के लोगों में
⚠️ जोखिम बढ़ाने वाले कारण:
• एपस्टीन-बार वायरस
• कमजोर इम्युनिटी (HIV)
• परिवार में कैंसर का इतिहास
• धूम्रपान 🚬
📢 जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है!
इस पोस्ट को LIKE ❤️ | SHARE 🔁 | SAVE 💾 करें
ताकि किसी की जान बचाई जा सके 🙏
👇 कमेंट में लिखें “जागरूक”
अगर आप सेहत को प्राथमिकता देते हैं!

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

01/01/2026
सभी क्षेत्र वासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 2026 की पहली सुबह आपके जीवन में ढेर सारा उजाला लेकर आए
31/12/2025

सभी क्षेत्र वासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

2026 की पहली सुबह आपके जीवन में ढेर सारा उजाला लेकर आए

कार्टिलेज कैंसर को चोंड्रोसार्कोमा कहा जाता है, जो जोड़ों और कुछ हड्डियों में मौजूद लचीली संयोजी ऊतकों की कोशिकाओं से शु...
25/12/2025

कार्टिलेज कैंसर को चोंड्रोसार्कोमा कहा जाता है, जो जोड़ों और कुछ हड्डियों में मौजूद लचीली संयोजी ऊतकों की कोशिकाओं से शुरू होने वाला एक दुर्लभ प्रकार का सार्कोमा है। यह 40 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों में सबसे आम प्राथमिक हड्डी कैंसर है और आमतौर पर कूल्हे, जांघों या कंधों को प्रभावित करता है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है लेकिन आक्रामक हो सकता है।

लक्षण-----------
प्रभावित हड्डी में समय के साथ बढ़ता दर्द, जो रात में या गतिविधि के दौरान बदतर हो जाता है, साथ ही सूजन या स्पर्श करने योग्य गांठ। कुछ हड्डी कैंसर के विपरीत, यह शुरुआत में शायद ही कभी फ्रैक्चर का कारण बनता है और कीमोथेरेपी या रेडिएशन पर अच्छी तरह प्रतिक्रिया नहीं देता।

प्रकार और ग्रेड-----------
चोंड्रोसार्कोमा को उनकी आक्रामकता के आधार पर I से III ग्रेड में वर्गीकृत किया जाता है, उच्च ग्रेड तेजी से फैलते हैं; उपप्रकारों में पारंपरिक, क्लियर सेल (दुर्लभ और धीमी गति से बढ़ने वाला), मेसेंकाइमल (आक्रामक, अक्सर युवा वयस्कों में), और डिडिफरेंशिएटेड (तेजी से बढ़ने वाले रूप जैसे ऑस्टियोसार्कोमा में परिवर्तित) शामिल हैं।

कारण और जोखिम कारक--------
कार्टिलेज कोशिकाओं में उत्परिवर्तन अनियंत्रित वृद्धि का कारण बनते हैं; जोखिम कारकों में पूर्ववर्ती सौम्य ट्यूमर जैसे एंकोन्ड्रोमा, पेजेट्स रोग, या ओलियर्स या माफुच्ची जैसे दुर्लभ सिंड्रोम शामिल हैं।

उपचार --------
प्राथमिक उपचार व्यापक मार्जिन के साथ सर्जिकल हटाना है, क्योंकि यह कीमो और रेडिएशन प्रतिरोधी है; उन्नत मामलों में लक्षित चिकित्सा या प्रोटॉन बीम रेडिएशन का उपयोग हो सकता है।

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

 #पेनाइल_फ्रैक्चर ( **le_Fracture) होना क्या है?पेनाइल फ्रैक्चर (Pe**le Fracture) होने का मतलब है : पेनिस के अंदर रक्त व...
25/12/2025

#पेनाइल_फ्रैक्चर ( **le_Fracture) होना क्या है?

पेनाइल फ्रैक्चर (Pe**le Fracture) होने का मतलब है : पेनिस के अंदर रक्त वाहिनी नलिकियों (अंग्रेजी में corpus spongiosum बोलते हैं और निचे हरे रंग में हाईलाइट कर दिखाया है) का क्षतिग्रस्त होने की वजह से रक्त का वापिस हो जाना और इस वजह से पेनिस में पर्याप्त तनाव न आना.

पेनाइल फ्रैक्चर का कारण है : हस्तमैथुन करते समय हाथों से बहुत ज्यादा दवाब देना या फिर किसी भी पोजीशन में पोजीशन बिगड़ने की वजह से फ्रैक्चर होना

#इलाज
#अंबा_हल्दी का बारीक चूर्ण को अंडे पीली जर्दी के अंदर मिलाकर पेस्ट बनाकर लिंग के अफेक्टेड पार्ट पर लेप करें और ऊपर सूखने पर कोई भी गरम कपड़ा बांध ले रात को सोते हुए करें और सुबह खोल दे

#हब्बे_अज़राकी एक गोली सुबह और एक गोली शाम को गुनगुने पानी से ले
आराम होने पर दवाई का सेवन बंद कर दें और लेप भी बंद कर दे

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद एण्ड हिज़ामा

किसान की मेहनत किसी भी देश और समाज की वह मज़बूत नींव है जिस पर हमारी खुशहाली टिकी होती हैएक किसान का जीवन केवल काम नहीं,...
23/12/2025

किसान की मेहनत किसी भी देश और समाज की वह मज़बूत नींव है
जिस पर हमारी खुशहाली टिकी होती है
एक किसान का जीवन केवल काम नहीं, बल्कि एक कठिन तपस्या है

यहाँ किसान की मेहनत के कुछ मुख्य पहलुओं को समझा जा सकता है

1. प्रकृति के साथ संघर्ष और सामंजस्य
किसान का काम सिर्फ बीज बोना नहीं है
बल्कि प्रकृति की अनिश्चितताओं से जूझना भी है
* कड़ी धूप और ठंड
जब लोग घरों में आराम कर रहे होते हैं, किसान तपती दोपहर या ठिठुरती रातों में खेतों को पानी दे रहा होता है
* मानसून का इंतज़ार
उसकी पूरी मेहनत आसमान की ओर टिकी होती है। कभी सूखा तो कभी अत्यधिक बारिश उसकी पूरी फसल को तबाह कर सकती है, फिर भी वह हार नहीं मानता

2. एक लंबा और धैर्यपूर्ण सफर
किसान की मेहनत एक दिन की नहीं, बल्कि महीनों की होती है
* खेत की तैयारी
मिट्टी को उपजाऊ बनाना और हल चलाना
* बुवाई और रखवाली
बीजों को बोना और फिर उन्हें आवारा पशुओं, कीटों और बीमारियों से बचाना
* कटाई और भंडारण
फसल पकने पर उसे काटकर सुरक्षित घर लाना सबसे चुनौतीपूर्ण काम होता है

3 अन्नदाता की भूमिका
किसान को अन्नदाता' कहा जाता है क्योंकि वह खुद भूखा रहकर भी पूरी दुनिया का पेट भरता है
उसकी मेहनत का फल सिर्फ उसके परिवार को नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और हर इंसान की थाली तक पहुँचता है

पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को, उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं होते।"
यह पंक्तियाँ एक किसान के जीवन पर सटीक बैठती हैं।

किसानों के प्रति हमारा कर्तव्य
आज के समय में तकनीक ने खेती को थोड़ा आसान बनाया है, लेकिन किसान की शारीरिक और मानसिक मेहनत आज भी उतनी ही है
हमें
* अन्न का सम्मान करना चाहिए (भोजन बर्बाद न करें)।
* किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए
* स्थानीय उत्पादों और किसानों के सीधे व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए।

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद एण्ड हिज़ामा

लिगामेंट (Ligament) शरीर में हड्डियों को आपस में जोड़ने वाली मजबूत, रेशेदार संयोजी ऊतक (connective tissue) की पट्टियाँ ह...
20/12/2025

लिगामेंट (Ligament) शरीर में हड्डियों को आपस में जोड़ने वाली मजबूत,

रेशेदार संयोजी ऊतक (connective tissue) की पट्टियाँ होती हैं, जो जोड़ों (joints) को स्थिरता देती हैं, उन्हें सही जगह पर रखती हैं और गति को नियंत्रित करती हैं, ताकि हड्डियाँ ज़्यादा न मुड़ें या अपनी जगह से न खिसकें;
ये कोलेजन और इलास्टिन से बने होते हैं, जिससे ये मजबूत और थोड़े लचीले होते हैं।

लिगामेंट के मुख्य कार्य:
हड्डियों को जोड़ना: ये एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ते हैं, खासकर जोड़ों पर, जैसे घुटने में।

जोड़ों को स्थिरता देना: ये जोड़ों को स्थिर रखते हैं और उन्हें अधिक गति करने से रोकते हैं, जिससे जोड़ उखड़ते नहीं हैं (जैसे ACL, PCL, MCL, LCL घुटने में)

अंगों को सहारा देना: कुछ लिगामेंट हड्डियों से न जुड़कर आंतरिक अंगों को अपनी जगह पर बनाए रखते हैं (जैसे गर्भाशय को)।

गति को नियंत्रित करना: ये सुनिश्चित करते हैं कि जोड़ों में गति एक निश्चित सीमा में हो, जिससे शरीर को सही ढंग से चलने, मुड़ने और चीजें पकड़ने में मदद मिलती है।

लिगामेंट की बनावट और विशेषताएँ:
बनावट: ये मुख्य रूप से कोलेजन (collagen) और इलास्टिन (elastin) रेशों से बने होते हैं, जो इन्हें ताकत और थोड़ा खिंचाव देते हैं।

लचीलापन: ये थोड़े खिंच सकते हैं, लेकिन टेंडन (मांसपेशी को हड्डी से जोड़ने वाला) की तुलना में कम लचीले होते हैं।

संवेदनशीलता: इनमें तंत्रिकाएँ होती हैं, इसलिए चोट लगने पर तेज दर्द महसूस होता है और जोड़ को तुरंत ठीक करने की ज़रूरत होती है, क्योंकि क्षतिग्रस्त लिगामेंट कमजोर हो सकता है।

संक्षेप में, लिगामेंट शरीर के ढांचे को बनाए रखने और जोड़ों को सुचारू रूप से काम करने में मदद करने वाले मज़बूत, रेशेदार "पट्टे"है

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद एण्ड हिज़ामा

🚨 क्या आप जानते हैं? मायलोमा (Multiple Myeloma) एक ख़ामोश लेकिन खतरनाक BLOOD CANCER है 🚨🩸 मायलोमा क्या है?मायलोमा एक रक्...
20/12/2025

🚨 क्या आप जानते हैं? मायलोमा (Multiple Myeloma) एक ख़ामोश लेकिन खतरनाक BLOOD CANCER है 🚨

🩸 मायलोमा क्या है?
मायलोमा एक रक्त कैंसर है जो प्लाज़्मा कोशिकाओं को प्रभावित करता है। ये कोशिकाएं हड्डी के मज्जा (Bone Marrow) में रहती हैं और शरीर को संक्रमण से बचाने के लिए एंटीबॉडी बनाती हैं।

⚠️ मायलोमा में एक खराब प्लाज़्मा कोशिका तेज़ी से बढ़ने लगती है और ज़रूरत से ज़्यादा M-Protein बनाती है, जो धीरे-धीरे
👉 हड्डियों
👉 किडनी
👉 इम्यून सिस्टम
👉 और पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है।

🧠 यह ठोस ट्यूमर नहीं, बल्कि एक फैला हुआ (Systemic) Blood Cancer है, जो ज़्यादातर बुजुर्गों में पाया जाता है।

📌 इसके मुख्य लक्षण CRAB से याद रखें 👇

🅲 Calcium बढ़ना – प्यास, कब्ज, भ्रम
🅡 Renal (Kidney) फेलियर – किडनी खराब होना
🅐 Anemia – थकान, कमजोरी, सांस फूलना
🅑 Bone Pain – कमर, पसली, कूल्हे में दर्द, हड्डी टूटना

😟 इसके अलावा हो सकते हैं:
• बार-बार इंफेक्शन
• वजन घटना
• नसों में झनझनाहट
• बहुत ज़्यादा M-Protein होने पर सिरदर्द और धुंधली नज़र

💊 इलाज संभव है, लेकिन…
👉 आधुनिक दवाओं और स्टेम सेल ट्रांसप्लांट से बीमारी को लंबे समय तक कंट्रोल किया जा सकता है
👉 लेकिन ज़्यादातर मामलों में इसे पूरी तरह ठीक नहीं, बल्कि लंबे समय तक मैनेज किया जाता है

🙏 जल्दी पहचान = ज़िंदगी बच सकती है
अगर बिना वजह हड्डी दर्द, एनीमिया या किडनी की समस्या हो — तो इसे नजरअंदाज़ न करे

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद एण्ड हिज़ामा

⚡🥜 थकान-कमजोरी दूर करने का पुराना घरेलू नुस्खाअगर👉 बार-बार थकान महसूस हो रही है,👉 शरीर में कमजोरी लग रही है,👉 काम करने म...
17/12/2025

⚡🥜 थकान-कमजोरी दूर करने का पुराना घरेलू नुस्खा

अगर
👉 बार-बार थकान महसूस हो रही है,
👉 शरीर में कमजोरी लग रही है,
👉 काम करने में मन नहीं लगता,
तो यह पुराना देसी नुस्खा ज़रूर अपनाएँ।

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⭐ गुड़ और मूंगफली क्यों फायदेमंद है?

🍯 गुड़ शरीर को तुरंत प्राकृतिक ऊर्जा देता है
🥜 मूंगफली ताकत और प्रोटीन से भरपूर होती है
🔥 शरीर का मेटाबॉलिज़्म एक्टिव करती है
💪 कमजोरी और सुस्ती को कम करने में मदद करती है

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✅ फायदे (Benefits)

✔ तुरंत ऊर्जा महसूस होती है
✔ शरीर की कमजोरी कम होती है
✔ थकान और सुस्ती दूर होती है
✔ काम करने की ताकत बढ़ती है

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🥄 कैसे खाएँ? (Method)

1️⃣ थोड़ी मूंगफली भून लें
2️⃣ उसके साथ छोटा टुकड़ा गुड़ मिलाकर खाएँ
3️⃣ सुबह या दोपहर में लेना ज्यादा फायदेमंद

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⚠️ सावधानियाँ (Precautions)

अधिक मात्रा में न खाएँ

शुगर के मरीज गुड़ सीमित मात्रा में लें

पेट भारी लगे तो मात्रा कम करें

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद एण्ड हिज़ामा

17/12/2025

ऑस्टियोसार्कोमा प्राथमिक हड्डी कैंसर का सबसे आम प्रकार है, जो ऑस्टियोब्लास्ट (हड्डी बनाने वाली कोशिकाओं) में शुरू होता है और आमतौर पर लंबी हड्डियों जैसे फीमर, टिबिया या ह्यूमरस को प्रभावित करता है, जो विकास प्लेटों के पास होता है। यह मुख्य रूप से बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों को विकास के दौरान प्रभावित करता है, हालांकि पुराने वयस्कों में पेजेट रोग जैसी स्थितियों में दूसरा चरम देखा जाता है।

मुख्य लक्षण--------
दर्द मुख्य लक्षण है, जो अक्सर घुटने के आसपास या ऊपरी बांह में हल्के दर्द के रूप में शुरू होता है, रात में या गतिविधि के दौरान बढ़ जाता है, और कभी-कभी बढ़ते दर्द या खेल की चोटों के रूप में गलत समझा जाता है। सूजन या उभरा हुआ गांठ इसके बाद आता है, और यदि पैर की हड्डी में हो तो लंगड़ाना; यदि ट्यूमर हड्डी को कमजोर कर दे तो फ्रैक्चर हो सकता है।

जोखिम कारक और फैलाव-------
अधिकांश मामलों का कोई स्पष्ट कारण नहीं है, लेकिन जोखिमों में तेज हड्डी विकास, पूर्व विकिरण, जेनेटिक सिंड्रोम (जैसे ली-फ्रॉमेनी) या पारिवारिक इतिहास शामिल हैं। यह जल्दी फैलता है, मुख्य रूप से फेफड़ों तक (खांसी या छाती दर्द का कारण बनता है) या अन्य हड्डियों तक।

उपचार में नियोएडजुवेंट कीमोथेरेपी, विस्तृत सर्जिकल रिसेक्शन (जब संभव हो तो लिम्ब-स्पेयरिंग), और एडजुवेंट कीमो शामिल है; प्रारंभिक पहचान से प्रोग्नोसिस सुधरता है।

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद एण्ड हिज़ामा

🧤❄️ हाथ-पैर ठंडे रहते हैं?अगर• ठंड के मौसम में हाथ-पैर सुन्न लगते हैं• बार-बार ठंड महसूस होती है• शरीर गर्म होने में समय...
15/12/2025

🧤❄️ हाथ-पैर ठंडे रहते हैं?
अगर
• ठंड के मौसम में हाथ-पैर सुन्न लगते हैं
• बार-बार ठंड महसूस होती है
• शरीर गर्म होने में समय लेता है
• ब्लड सर्कुलेशन कमजोर लगता है
तो यह पुराना देसी नुस्खा काम आ सकता है।

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🔥 गुड़ + अदरक – शरीर को अंदर से गर्म करने वाला उपाय

🫚 अदरक
→ शरीर में गर्मी पैदा करता है
→ रक्त संचार तेज करता है
→ ठंड और जकड़न कम करता है

🍯 गुड़
→ खून को साफ करता है
→ एनर्जी देता है
→ ठंड के असर को कम करता है

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✅ 1. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर
गुड़ के साथ अदरक
→ खून के बहाव को तेज करता है
→ हाथ-पैरों तक गर्मी पहुँचाता है

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✅ 2. ठंड कम लगती है
नियमित सेवन से
→ शरीर अंदर से गर्म रहता है
→ ठंड जल्दी नहीं लगती

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✅ 3. कमजोरी और सुस्ती में राहत
→ शरीर एक्टिव रहता है
→ थकान कम महसूस होती है

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🥣 सेवन विधि (Method)

• अदरक का छोटा टुकड़ा
• 1–2 टुकड़े गुड़
• सुबह खाली पेट या शाम को
• अच्छी तरह चबाकर खाएँ

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⚠️ सावधानियाँ

• ज्यादा अदरक न लें
• पेट में जलन हो तो मात्रा कम करें
• डायबिटीज के मरीज गुड़ सीमित मात्रा में लें

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद एण्ड हिज़ामा

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