Abdul Waheed hijama specialist jarwal kasba

Abdul Waheed hijama specialist jarwal kasba Abdul Waheed Ayurved (And) Hijama

20/02/2026

रमजान के दौरान सहरी (Sehri) का खाना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यही वह भोजन है जो आपको पूरे दिन ऊर्जा देगा
पाचन तंत्र (Digestion) को दुरुस्त रखने के लिए सहरी में ज्यादा तेल-मसाले की जगह फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट पर ध्यान देना चाहिए

​पाचन को सही रखने के लिए सहरी के कुछ बेहतरीन विकल्प यहाँ दिए गए हैं

​1 फाइबर से भरपूर अनाज (Fiber-rich Grains)

​फाइबर पाचन को धीमा करता है, जिससे आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती और पेट साफ रहता है

​दलिया (Oats)
यह पेट के लिए हल्का होता है। इसे दूध और फलों के साथ खाएं

​मल्टीग्रेन रोटी
सादे आटे की जगह चोकर वाले आटे की रोटी लें

​2 प्रोबायोटिक्स (Probiotics)
​दही (Curd): सहरी में दही खाना पाचन के लिए सबसे अच्छा माना जाता है
यह पेट को ठंडा रखता है, एसिडिटी को रोकता है और इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन में मदद करते हैं

​3 हाइड्रेशन (Hydration)
​सिर्फ पानी पीना काफी नहीं है, ऐसी चीजें खाएं जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा हो

​खीरा और तरबूज
ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते

​नारियल पानी
इलेक्ट्रोलाइट्स बनाए रखने के लिए बेहतरीन है

​4 प्रोटीन के स्वस्थ स्रोत
​अंडे उबले हुए या कम तेल में बने अंडे प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं

​भीगे हुए बादाम और अखरोट
ये आपको दिन भर के लिए जरूरी ऊर्जा देते हैं

​💡 इन चीजों से बचें (Avoid These)
​पाचन तंत्र को खराब होने से बचाने के लिए इन चीजों को सहरी में न खाएं

​तली-भुनी चीजें
पराठे पकौड़े या ज्यादा तेल वाला सालन सीने में जलन और प्यास पैदा करता है

​ज्यादा कैफीन
चाय या कॉफी से शरीर में पानी की कमी (Dehydration) हो सकती है

​ज्यादा चीनी
मीठी चीजें खाने से इंसुलिन अचानक बढ़ता है और फिर जल्दी भूख लगने लगती है

​प्रो टिप
सहरी के तुरंत बाद लेटना नहीं चाहिए। खाने के बाद 10-15 मिनट हल्की चहल-पहल करें ताकि खाना सही से पचना शुरू हो जाए

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

19/02/2026

आजकल की मॉडर्न साइंस रोजा या फास्टिंग (Fasting) को शरीर के लिए एक रीसेट बटन की तरह देखती है

जिसे विज्ञान की भाषा में इन्टरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) से जोड़कर देखा जाता है उसके कई चौंकाने वाले फायदे सामने आए हैं

​यहाँ विज्ञान के नजरिए से रोजा रखने के कुछ प्रमुख फायदे दिए गए हैं

​1 ऑटोफैगी (Autophagy) शरीर की अंदरूनी सफाई
​यह रोजा रखने का सबसे बड़ा वैज्ञानिक फायदा है

2016 में नोबेल पुरस्कार विजेता योशिनोरी ओसुमी ने खोजा था कि जब हम लंबे समय तक भूखे रहते हैं तो शरीर की कोशिकाएं अपनी ही गंदगी को साफ करने लगती हैं

​क्या होता है
शरीर पुरानी और खराब कोशिकाओं को खुद ही खत्म कर देता है और नई कोशिकाओं का निर्माण करता है

​फायदा
इससे कैंसर और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है

​2 मेटाबॉलिज्म और वजन नियंत्रण
​जब हम रोजा रखते हैं तो शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज (चीनी) के बजाय जमा हुई चर्बी (Fat) को जलाना शुरू कर देता है

​इंसुलिन संवेदनशीलता
रोजा रखने से शरीर में इंसुलिन का स्तर कम होता है, जिससे डायबिटीज (टाइप-2) का खतरा कम होता है और शुगर लेवल कंट्रोल रहता है

​3 दिल की सेहत (Heart Health)
​वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि उपवास रखने से शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में कमी आती है
यह ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने में भी मदद करता है जिससे दिल की बीमारियों का जोखिम घटता है

​4. मस्तिष्क की कार्यक्षमता (Brain Power)
​भूखा रहने के दौरान शरीर में BDNF (Brain-Derived Neurotrophic Factor) नाम के प्रोटीन का उत्पादन बढ़ जाता है

​यह प्रोटीन मस्तिष्क की कोशिकाओं के स्वास्थ्य के लिए खाद की तरह काम करता है

​इससे याददाश्त बढ़ती है और मानसिक एकाग्रता (Focus) में सुधार होता है

​5 सूजन (Inflammation) में कमी
​क्रोनिक इन्फ्लेमेशन (शरीर के अंदरूनी हिस्सों में सूजन) कई गंभीर बीमारियों जैसे गठिया, हृदय रोग और कैंसर की जड़ होती है
विज्ञान के अनुसार, रोजा रखने से शरीर में इन्फ्लेमेटरी मार्कर्स कम हो जाते हैं जिससे शरीर रोगों से लड़ने में बेहतर सक्षम होता है

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

18/02/2026
यह महीना सब्र इबादत और भाईचारे का पैगाम लाता हैमेरी दुआ है कि यह रमजान आपके और आपके परिवार के लिए ढेर सारी खुशियां अच्छी...
18/02/2026

यह महीना सब्र इबादत और भाईचारे का पैगाम लाता है

मेरी दुआ है कि यह रमजान आपके और आपके परिवार के लिए ढेर सारी खुशियां अच्छी सेहत और बरकतें लेकर आए

​इस महीने की कुछ खास बातें

​रूहानी सुकून
यह वक्त खुद को बेहतर बनाने और रूहानी तौर पर मजबूत होने का है

​नेकी और मदद
इस महीने में दूसरों की मदद करना और मिल-जुलकर रहना सबसे बड़ी इबादत है

​अनुशासन
रोजा हमें न सिर्फ भूखा-प्यासा रहना सिखाता है बल्कि अपने जज्बातों और व्यवहार पर काबू पाना भी सिखाता है

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

पुलवामा हमले में शहीद हुए हमारे देश के वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि आज का दिन उन जांबाज सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान ...
14/02/2026

पुलवामा हमले में शहीद हुए हमारे देश के वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि

आज का दिन उन जांबाज सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को याद करने का है जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए

​भारत के इन सपूतों का साहस और शौर्य हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा
उनके परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं

​नमन और श्रद्धांजलि
​अमर बलिदान
हम उन 40 वीर जवानों को नमन करते हैं जिन्होंने 14 फरवरी 2019 को मातृभूमि की सेवा में अपनी अंतिम सांस ली

​अदम्य साहस
भारतीय सेना और सीआरपीएफ का यह बलिदान देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा

​कृतज्ञ राष्ट्र
पूरा देश एकजुट होकर इन शहीदों की वीरता को सलाम करता है

​शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

पुलवामा हमले में शहीद हुए हमारे देश के वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलिआज का दिन उन जांबाज नायकों की वीरता  त्याग और बल...
14/02/2026

पुलवामा हमले में शहीद हुए हमारे देश के वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि

आज का दिन उन जांबाज नायकों की वीरता
त्याग और बलिदान को याद करने का है जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया

नमन शहीदों को

अदम्य साहस
हमारे जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में भी देश की अखंडता की रक्षा की

सर्वोच्च बलिदान
मातृभूमि के प्रति उनका प्रेम और समर्पण हर भारतीय के लिए प्रेरणा है

कृतज्ञ राष्ट्र
भारत का हर नागरिक उन वीरों और उनके परिवारों का ऋणी रहेगा

श्रद्धांजलि संदेश

"वतन की मोहब्बत में खुद को तपाए बैठे हैं,
मरेंगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाए बैठे हैं

उन सभी परिवारों को शक्ति मिले जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। हम उनकी वीरता को नमन करते हैं और विश्वास दिलाते हैं कि उनका बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

माता रमाबाई भीमराव आंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलित्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति माता रमाबा...
07/02/2026

माता रमाबाई भीमराव आंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि

त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति माता रमाबाई जिन्हें प्यार से लोग रमाई कहते हैं उनका जीवन बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संघर्षों में एक मजबूत स्तंभ की तरह रहा।
उन्होंने न केवल अपने परिवार को संभाला बल्कि बाबा साहेब को सामाजिक न्याय और राष्ट्र निर्माण के महान कार्यों के लिए सदैव प्रेरित और संबल प्रदान किया।

माता रमाबाई के जीवन की कुछ प्रेरणादायक बातें

अतुलनीय त्याग: उन्होंने अत्यंत अभावों में जीवन व्यतीत किया ताकि बाबा साहेब अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकें और शोषितों की आवाज बन सकें

धैर्य की प्रतिमूर्ति: अनेक पारिवारिक दुखों और संघर्षों के बावजूद उन्होंने कभी अपना साहस नहीं खोया

मूक क्रांति: वह सामाजिक परिवर्तन की उस मूक क्रांति का हिस्सा थीं जिसके बिना बाबा साहेब का मिशन अधूरा होता

आज का दिन उनके इसी महान योगदान को याद करने और उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लेने का है।

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

इतिहास और शुरुआत​भारतीय समाचार पत्र दिवस की शुरुआत 29 जनवरी 1780 को हुई थीजब जेम्स ऑगस्टस हिक्की (James Augustus Hicky) ...
29/01/2026

इतिहास और शुरुआत

​भारतीय समाचार पत्र दिवस की शुरुआत 29 जनवरी 1780 को हुई थी
जब जेम्स ऑगस्टस हिक्की (James Augustus Hicky) ने भारत का पहला मुद्रित समाचार पत्र
हिक्की'ज़ बंगाल गजट' (Hicky's Bengal Gazette) प्रकाशित किया था

इसे कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर के नाम से भी जाना जाता था।
​संस्थापक: जेम्स ऑगस्टस हिक्की (एक आयरिश नागरिक)

​प्रकाशन स्थल: कलकत्ता (अब कोलकाता)

​स्वरूप: यह एक साप्ताहिक (Weekly) अंग्रेजी समाचार पत्र था

​इस दिन का महत्व
​प्रेस की स्वतंत्रता: हिक्की ने अपने अखबार के माध्यम से उस समय की ब्रिटिश सरकार और विशेष रूप से गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स के भ्रष्टाचार की कड़ी आलोचना की थी

​लोकतंत्र का चौथा स्तंभ: यह दिन लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रेखांकित करता है

​जागरूकता: इसका उद्देश्य नागरिकों को समाचार पत्र पढ़ने के प्रति प्रोत्साहित करना और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों से अवगत कराना है

आप सभी देश वासियों को भारतीय समाचार पत्र दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

हमारी छाती में धड़कता हुआ दिल जब खून को पूरे जिस्म में भेजता है, तो उसका 6 से 10 फ़ीसद हिस्सा सिर्फ़ इस लिए हड्डियों तक ...
26/01/2026

हमारी छाती में धड़कता हुआ दिल जब खून को पूरे जिस्म में भेजता है, तो उसका 6 से 10 फ़ीसद हिस्सा सिर्फ़ इस लिए हड्डियों तक पहुँचता है, ताकि वो भी ज़िंदा रह सकें। हड्डियों की सतह पर छोटे-छोटे रास्ते बने हैं—नज़र से ओझल, लेकिन कुदरत की हिकमत से भरे हुए।
इन्हीं रास्तों से खून की बारीक नालियाँ हड्डी के अंदर जाती हैं, फिर एक नाज़ुक जाल की तरह फैलती हुई हड्डी के गूदे तक पहुँच जाती हैं।

उसी गूदे में तो हमारी ज़िंदगी चलती है वहीं नया खून बनता है, वहीं सफ़ेद खून के सिपाही तैयार होते हैं, वहीं प्लेटलेट्स जन्म लेते हैं। और ये सब किस पर क़ायम है? उस खून की सप्लाई पर, जो चुपचाप, दिन-रात, हड्डियों के सबसे गहरे हिस्सों तक पहुँचती रहती है। वैस्कुलर कास्ट वाले तजुर्बों ने एक हक़ीक़त को और भी उजागर कर दिया हड्डियों के सिरों पर खून की नसें सबसे ज़्यादा होती हैं, क्योंकि वहीं से जोड़ों को मज़बूती मिलती है, वहीं से हर हरकत का सहारा पैदा होता है। बाहर से दिखाई देने वाली हड्डी के पीछे एक पूरा संसार है नालियों का, सुराख़ों का, जिंदा कोशिकाओं का, और उस रहमत का, जिसने इंसान को इस नज़ाकत से बनाया है।

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

🇮🇳 गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🇮🇳आइए आज के दिन हम अपने संविधान, अपने अधिकारों और अपने कर्तव्यों पर गर्व करें।देश ...
26/01/2026

🇮🇳 गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🇮🇳
आइए आज के दिन हम अपने संविधान, अपने अधिकारों और अपने कर्तव्यों पर गर्व करें।
देश की एकता, अखंडता और सम्मान बनाए रखने का संकल्प लें।

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

आप सभी क्षेत्र वासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक  शुभकामनाएँ! 🇮🇳​यह दिन हमारे देश के गौरव एकता और संविधान के सम्मान का ...
25/01/2026

आप सभी क्षेत्र वासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🇮🇳

​यह दिन हमारे देश के गौरव
एकता और संविधान के सम्मान का प्रतीक है
उम्मीद है कि यह 26 जनवरी आपके और आपके परिवार के लिए ढेर सारी खुशियाँ और समृद्धि लेकर आए

अब्दुल वहीद
आयुर्वेद (एण्ड) हिज़ामा

आज यानी 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश अपना 77वां स्थापना दिवस (UP Diwas 2026) मना रहा हैयह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता...
24/01/2026

आज यानी 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश अपना 77वां स्थापना दिवस (UP Diwas 2026) मना रहा है

यह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब 1950 में देश के इस सबसे बड़े राज्य को उसका वर्तमान नाम उत्तर प्रदेश मिला था

​उत्तर प्रदेश दिवस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें और इस साल के आयोजन का विवरण नीचे दिया गया है

​📜 इतिहास और महत्व
​नामकरण: 24 जनवरी 1950 से पहले उत्तर प्रदेश को 'संयुक्त प्रांत' (United Province) के नाम से जाना जाता था। इसी दिन भारत के गवर्नर जनरल ने 'यूनाइटेड प्रोविंस (नाम परिवर्तन) आदेश 1950 पारित किया था

​उत्सव की शुरुआत: हालांकि राज्य 1950 में बना

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