16/03/2026
प्रेस विज्ञप्ति
परिवारवाद के बंधुआओं ने किया विरासत और महापुरुषों का अपमान
दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
भारत सरकार की प्रतिष्ठित संस्था राष्ट्रीय अभिलेखागार (नेशनल आर्काइव) द्वारा भारत के गौरवपूर्ण इतिहास, महत्वपूर्ण अभिलेखों तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जनसामान्य और विद्यार्थियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के केंद्रीय कार्यालय में एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई है। भारत की विश्व विरासत- राजस्थान विषयक इस प्रदर्शनी में राजस्थान के ऐतिहासिक दस्तावेजों, महत्वपूर्ण अभिलेखों तथा देश और राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री को प्रदर्शित किया गया है, जिससे विद्यार्थी, शोधार्थी और आमजन अपने इतिहास और विरासत से प्रत्यक्ष रूप से परिचित हो सकें।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस पहल का स्वागत करती है और इसे भारत की ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानती है। परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस प्रकार की प्रदर्शनी विद्यार्थियों में अपने इतिहास और परंपरा के प्रति जागरूकता तथा गर्व की भावना विकसित करती है।
लेकिन कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा इस प्रदर्शनी का विरोध और तोड़ फोड़ दुर्भाग्यपूर्ण है, NSUI अपने मूल स्वभाव का अनुसरण करती हुई कल देर रात अपने गुंडों के साथ विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय पहुँचकर न केवल प्रदर्शनी में तोड़ फोड़ करती है बल्कि राजस्थान के शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप, भक्ति की प्रयाय मीरां बाई की तस्वीरों को कुचलकर महापुरुषों का अपमान भी करती है, उनका द्वारा प्रदर्शनी के द्वार को तोड़कर नीचे गिराना न केवल भारत की विरासत का अपमान है बल्कि यह राजस्थान की गौरवशाली परंपरा और समृद्ध लोक संस्कृति का अपमान भी है, अपने देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाले इस प्रकार के प्रयासों का विरोध करना कैंपस में गुंडई करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह केवल संकीर्ण राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
अभाविप जोधपुर प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग ने कहा कि NSUI ने महापुरुषों का नहीं एक परिवार का सम्मान करना ही सीखा है, एक परिवार की दासता ने इनको मानसिक रूप से बंधुआ मज़दूर बना दिया है, ये देश के सम्मान और महापुरुषों के सम्मान की बात कभी नहीं कर सकते हैं