12/02/2026
-:प्रेस विज्ञप्ति:-
प्रदेश के बजट में शिक्षा क्षेत्र को नई सौगात, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की मजबूत पहल
राजसेज कॉलेजों में रिक्त पदों की पूर्ति, छात्रसंघ चुनावों की बहाली तथा निजी विश्वविद्यालयों पर निगरानी जैसे विषयों पर कदम उठाने की आवश्यकता है।
राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों एवं आमजन की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकासोन्मुख, जनहितकारी एवं भविष्यदर्शी प्रतीत होता है। शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु 500 करोड़ रुपये का प्रावधान, ‘इनोवेटिव स्कूल’ की स्थापना, प्रत्येक जिले में ‘स्कूल ऑन व्हील्स’, स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, 150 महाविद्यालयों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र, 1000 विद्यालयों में एआई लैब, व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार तथा टैबलेट, स्कूटी, साइकिल व यूनिफॉर्म हेतु डीबीटी वाउचर जैसी योजनाएँ विद्यार्थियों को आधुनिक, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
अस्थायी शिक्षकों के स्थान पर स्थायी नियुक्तियाँ की जाएँ तथा राज्य पात्रता परीक्षा (SET) का नियमित आयोजन किया जाए। साथ ही उच्च शिक्षा आयोग का पुनर्गठन कर निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता एवं शुल्क नियंत्रण हेतु स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाए तथा पिछले तीन सत्रों से स्थगित छात्रसंघ चुनावों को आगामी सत्र से पारदर्शी एवं संविधानसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत पुनः प्रारंभ किया जाए। इन सभी विषयों पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, जिनके संबंध में परिषद सदैव युवा वर्ग की आवाज बनकर सकारात्मक एवं रचनात्मक पहल करती रही है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जोधपुर प्रांत मंत्री श्री दशरथ गर्ग ने कहा कि बजट विद्यार्थियों व युवाओं के हित में सकारात्मक पहल है, लेकिन इसकी सफलता केवल घोषणाओं पर नहीं, बल्कि समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। परिषद ने शिक्षकों की भर्ती, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, छात्रावासों की वृद्धि, शुल्क राहत, ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना, रिक्त पदों पर नियुक्ति, निजी विश्वविद्यालयों पर निगरानी तथा छात्रसंघ चुनावों की बहाली जैसे विषयों पर विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।