24/03/2026
अधिकांश कोलोरेक्टल (बड़ी आंत) कैंसर की शुरुआत छोटी, गैर-कैंसरयुक्त वृद्धि से होती है जिन्हें पॉलिप कहा जाता है, जो आंत की अंदरूनी परत पर बनते हैं। शुरुआत में ये हानिरहित होते हैं, लेकिन समय के साथ इनमें डिस्प्लेसिया नामक प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिसमें कोशिकाएं असामान्य बनने लगती हैं और उनमें बदलाव (mutation) आने लगता है। जैसे-जैसे ये कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं, पॉलिप एक प्रारंभिक ट्यूमर में बदल जाता है — जो कैंसर की ओर बढ़ने की खतरनाक शुरुआत होती है।
सौम्य पॉलिप से आक्रामक (invasive) कैंसर बनने की यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है, और यही वह महत्वपूर्ण समय होता है जब बीमारी को रोका जा सकता है। यदि नियमित जांच (screening) के दौरान इन पॉलिप्स की पहचान करके उन्हें हटा दिया जाए, तो इस पूरे विकासक्रम को यहीं रोक दिया जाता है।
लेकिन यदि समय पर हस्तक्षेप न किया जाए, तो ट्यूमर आंत की गहरी परतों में फैल सकता है। यही कारण है कि समय रहते जांच और उपचार इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
स्रोत: American Cancer Society (2024)