16/09/2022
*गहतोड़ी विमेंस हॉस्पिटल रामनगर रोड, काशीपुर** की डायरेक्टर *डॉ भारती पंत गहतोड़ी*
*( MBBS MD Delhi)* हाई रिस्क प्रसूति एडवांस फीटल अल्ट्रासाउड - डॉपलर , एडवांस इनफर्टिलिटी -एससी- अल्ट्रासाउंड स्पेशलिस्ट)के द्वारा हाल ही में दिए गए साक्षात्कार व आर्टिकल के अंश
*प्रश्न ) मैडम,फीटल मेडिसिन के बारे में हमें संक्षेप में बताएं ?*
*उत्तर)* फीटल मेडिसिन , स्त्री प्रसूति विभाग से सम्बंधित एक आधुनिक स्पेशलाइज़्ड ब्रांच है जिसमे पारंगत स्पेशलिस्ट न केवल नार्मल एवं जटिल प्रसूति को दक्षता से सँभालने की सक्षमता रखते है , साथ ही साथ व शुरू से गर्भ में पल रहे भ्रूण की बिमारियों ,अक्षमताओं ,विसंगतियों , आकार - विकार, खून के बहाव में कमी इत्यादि के बारे में स्वयं अल्ट्रासाउंड व कलर डॉप्लर के उपयोग से विस्तृत विश्लेषण , पूर्ण जानकारी , काउंसलिंग , मॉनिटरिंग व इलाज करने की क्षमता रखते है।
विदेश में ये विधि 20 से 25 साल से उपयोग में है और *भारत में केवल 10 से 15 साल में शुरू हुई है ।* जटिल प्रसूति , एडवांस अल्ट्रासाउंड और फीटल डॉप्लर में पारंगता इसकी मूल धुरी है और आपको ये जानकार गर्व होगा की *डॉ भारती पंत गहतोड़ी काशीपुर में ये सुविधा आपको विगत नौ साल (9 years ) से प्रदान कर रही हैं।*
*प्रश्न ) मैडम ,अल्ट्रासाउंड तो रेडियोलाजिस्ट की विशेष शाखा मानी जाती है फिर आपने स्त्री प्रसूति विशेषज्ञा होकर इस विधि को क्यों अपनाया ?*
*उत्तर )* हाँ ये सच है की अल्ट्रासाउंड उनकी मुख्य विधि है लेकिन केवल भ्रूण का अल्ट्रासाउंड और उसके साथ उसके सम्बन्धित सम्पूर्ण आंकलन , मॉनिटरिंग व काउन्सलिंग *फीटल मेडिसिन* स्पेशलिस्ट की दक्षता है।
मैंने लगभग बीस साल पहले 2002 में अपनी पोस्टग्रेजुएशन यानी एम. डी भारत के प्रतिष्ठित टॉप दस कॉलेज में शुमार मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज से की। वहां मुझे स्त्री प्रसूति की ट्रेनिंग के साथ अल्ट्रासाउंड करने का अनुभव प्राप्त हुआ। 2004 में जब मैंने अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस काशीपुर में शुरू की तब से ही अल्ट्रासाउंड का प्रयोग मेरी प्रैक्टिस का अभिन्न अंग था। 2012 में , काशीपुर में आकर- विकार अल्ट्रासाउंड के अभाव में मेरे एक मरीज़ के साथ एक दुखद वाकया घटित हुआ ,जिसने मुझे इस विधि में पारंगत होने की प्रेरणा दी।
आपको ये जानकार आश्चर्य होगा की शहर में रेडियोलाजिस्ट और सोनोलॉजिस्ट होने के बावजूद मैंने 2014 में साल भर के एडवांस कोर्स करने के बाद लेवल २ (आकर विकार) स्कैन , NT - NB स्कैन , हाई रिस्क डॉप्लर को काशीपुर में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*प्रश्न ) फीटल मेडिसिन स्पेशलिस्ट , दूसरे डॉक्टर से कैसे भिन्न हैं ?*
*उत्तर)* अगर एक समय में सौ (100) महिलाएं गर्भवती हैं तो उनमे से अस्सी (80) महिलाओं की पूर्ण गर्भावस्था और डिलीवरी सकुशल हो जाती है यानि जच्चा और बच्चा स्वस्थ रहते हैं किन्तु उनमे से बीस(20) प्रसूताएं या तो स्वयं या उनके गर्भ में पल रहा भ्रूण परेशानियाँ अनुभव करता है , जोकि एक या दोनों के लिए घातक भी हो सकता हैं । ऐसी जटिल गर्भावस्था के पूर्वानुमान और आंकलन के लिए सिर्फ विस्तृत विवरण, शारीरिक परिक्षण , स्पेशलाइज़्ड ब्लड टेस्ट ही नही बल्कि साथ में एडवांस विधि से 3D-4D अल्ट्रासाउंड द्वारा भ्रूण ,उसके वातावरण और खून की धमनियों में प्रवाह ( blood flow ) का परिक्षण फीटल मेडिसिन एक्सपर्ट बखूबी कर सकती है। ऐसी जटिल गर्भवस्था की छटनी के बाद उसकी समय पर रोकथाम , निरिक्षण और इलाज के बारे फीटल मेडिसिन विशेषज्ञा सम्पूर्ण अनुभव रखती हैं।
*प्रश्न ) आपके अस्पताल में दूसरे अस्पतालों से क्या भिन्न है ?*
*उत्तर )* गहतोड़ी अस्पताल 2010 से स्थापित है और इसका मूल उद्देश्य महिला सम्बंधित सभी समस्याओं का एक छत के अंतर्गत गुणवक्ता से समझौता किये बिना, आधुनिक व नवीनतम ज्ञान और एडवांस उपकरणों से परिपूर्ण ,लम्बे अनुभव और निपुणता युक्त स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है। हम एक छन्नी की तरह काम करना चाहते हैं जिससे समस्या होने पर आपको दिल्ली के जैसा रोग का आंकलन ,सलाह और निदान आपके शहर में ही मिल जाये। हम आपको *यहाँ अंतर्राष्ट्रीय मानकों, मार्गदर्शन और कार्यशैली ( International standards ,guidelines & protocols ) का पालन* करते हुए अपने अस्पताल को पूरे प्रदेश के लिए विशिष्ट ब्रांड की तरह स्थापित करने का उद्देश्य रखते हैं।
*प्रश्न ) फीटल मेडिसिन की परिधि में आप कौन कौन से प्रकार के अल्ट्रासाउंड की सुविधा दे रही हैं ?*
*उत्तर)* दिल्ली या किसी भी बड़े शहर की तरह हमारे यहाँ अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन द्वारा सभी एडवांस अल्ट्रासाउंड दक्षता के साथ और अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस के अंतर्गत रिपोर्टिंग के साथ किए जाते है जैसे :-
1) *पहली तिमाही ( 11-13 हफ्ते ) - के दौरान एडवांस NT - NB ( न्यूकल स्कैन )* बहुत ही महत्वपूर्ण स्कैन है जो न केवल डाउन सिंड्रोम जैसे कई अनुवांशिक विकार का पता करने में सक्षम है बल्कि भ्रूण के 60-70 % जानलेवा आकार विकार को बता सकता है। इस अल्ट्रासाउंड के दौरान गर्भवती महिला में प्रेगनेंसी के दौरान आगे ब्लड प्रेशर बढ़ने , बच्चे के कमज़ोर होने या गर्भाशय में आकस्मिक मृत्यु के चांस का भी आंकलन बहुत सटीक तरह से किया जाता है। जल्दी कमियाँ पता लग पाए तो उसका निवारण भी जल्दी हो जाता है।
2) *दूसरी तिमाही ( 18 - 20हफ्ते ) के दौरान fetal anomaly ( लेवल II ) स्कैन -* ये दूसरा और ज़रूरी अल्ट्रासाउंड है क्यूंकि इस तिमाही तक भ्रूण के ज्यादातर अंग खासकर मस्तिष्क और दिल का पूर्ण विकास हो जाता हैं और उनका बेहतर आंकलन हो सकता है। इस समय का ये अल्ट्रासाउंड दक्ष हाथों में 80- 90 % आकार विकार पकड़ने की क्षमता रखते है,
3) *जेनेटिक स्क्रीनिंग ( GENETIC SCREENING )* - दूसरी तिमाही में डाउन सिंड्रोम इत्यादि का डिटेल्ड स्कैन
4) *फीटल इको ( FETAL ECHO )( 20- 24हफ्ते )* - भ्रूण के दिल के आकार विकार का विस्तृत आंकलन करने हेतु ये विशेष स्कैन होता है। ( गहतोड़ी अस्पताल में 5 साल से उपलब्ध )
5) *फीटल न्यूरोसोनोग्राफी( fetal neurosonography) और TIFFA स्कैन -* दिल के अलावा मस्तिष्क और अन्य किसी भी अंग में शुरुआती आकर विकार मिलने के बाद उसका और भी विस्तृत आंकलन। ( केवल गहतोड़ी अस्पताल में उपलब्ध )
6) *प्लेसेंटल मॉर्फोलॉजी स्कैन ( PLACENTAL MORPHOLOGY ) स्कैन -* ये पहली तिमाही से तीसरी तिमाही तक किया जाता है। पूर्व या वर्तमान गर्भावस्था में भ्रूण की बार बार आकस्मिक मृत्यु , दो से ज्यादा गर्भपात, भ्रूण का अत्याधिक वज़न कम होना( IUGR ) या अत्याधिक पानी की कमी का होना ,आदि में किया जाता है। ( केवल और केवल गहतोड़ी अस्पताल में उपलब्ध )
7) *प्लेसेंटा एक्रिता ( PLACENTA ACCRETA ) स्कैन -* बार बार ऑपरेशन यानी सीज़ेरियन द्वारा बच्चे के निकलने से गर्भाशय की परत ख़राब हो जाती है और कई बार आंवल(खड़ियाई) बच्चेदानी से चिपक जाती है। ये एक जानलेवा स्थिति है और इसका पूर्वानुमान ( 70-80% detection rate ) इस विशेष अल्ट्रासाउंड द्वारा संभव है और महिला की जान बचाने में सहायता करता है।
8) *हाई रिस्क फीटल डॉप्लर ( Fetal DOPPLER ) -* माँ और भ्रूण की खून की धमनियों में खून के कम प्रवाह होने से बच्चे में दुष्परिणाम का आंकलन। ये कमी जितनी जल्दी आयेगी उतना ही भ्रूण पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। इस समस्या का आंकलन , समय समय पर निरिक्षण और उपचार को फीटल मेडिसिन स्पेशलिस्ट बेहतरी से निभाते है।
9) *बायोफिज़ीकल प्रोफाइल( BPP ) -* हाई रिस्क प्रेगनेंसी में बच्चे के कम घूमने या कमजोर बच्चे के आंकलन का एक तरीका।
10) *जुड़वाँ और उससे अधिक प्रेगनेंसी* के आंकलन के लिए विशिष्ट अल्ट्रासाउंड
11) *सर्वाइकल लेंथ ( CERVICAL LENGTH ) स्कैन -* गर्भ में पूरे समय होने से पूर्व बच्चे के बार बार पैदा हो जाने से बच्चे को कई खतरे और नर्सरी में लम्बा एडमिट होने के चांस बड़ जाते हैं। ये स्कैन उस बात के आंकलन के लिए चुनिंदा हाई रिस्क मरीज़ों पर किया जाता है।
*_12) सबसे अलग सबसे एक्सक्लूसिव - नॉर्मल डिलीवरी के चांस को आंकलन करने वाला विशिष्ठ स्कैन केवल और केवल और केवल गहतोड़ी हॉस्पिटल में*_
*प्रश्न ) आपके यहाँ क्या निःसंतान दम्पतियों के लिए अल्ट्रासाउंड व इलाज की सुविधा है ?*
*उत्तर )* बिलकुल है इलाज भी और सभी जांचे भी । इनफर्टिलिटी के मरीज़ों के लिए पीरियड के day 2-3 दिन एक खास कार्यशैली से विस्तार पूर्वक किया गया 3D -4D एडवांस अल्ट्रासाउंड उपलब्ध है जिसमे आपको एक ही बार में बच्चेदानी और उसकी परत , नलों, अंडेदानी और अण्डों की गुणवक्ता का सम्पूर्ण आंकलन मिल जाता है। इसके अलावा हमारे अस्पताल में इमेज मशीन से नलों के बंद होने के आंकलन के लिए एडवांस *हिस्टेरोसलपिंगोग्राफ़ी( HSG )* की जाती है। *IVF की भी सुविधा उपलब्ध है।* हिस्टेरोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी से निःसंतान दम्पत्तियों का आंकलन और इलाज संभव है।
*प्रश्न) आप का भविष्य को लेकर क्या प्लान है ?*
*उत्तर)* भविष्य,भूत और वर्तमान की छवि होता है, अपने मेडिकल कार्यक्षेत्र में विश्व में हो रहे जटिल प्रसूति व अल्ट्रासाउंड सम्बन्धित सभी नई तरक्की को काशीपुर की जनता तक पहुंचना हमेशा से हमारा उद्देश रहा है। अपनी ब्रांच में रिसर्च वर्क और मेडिकल कॉलेज एवम् इच्छुक डॉक्टर्स को अल्ट्रासाउंड ट्रेनिंग देना मेरा अगला ध्येय है।
*धन्यवाद* 🙏🙏🙏🙏
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