05/04/2026
[21:57, 05/04/2026] Pvijayanand ATMASTROLOGER: सभी मित्र, माता भगिनीयों को नमस्कार, अब आज दिनांक 5 एप्रिल 2026 को चैत्र कृष्ण चतुर्थी याने संकष्ट चतुर्थी का जादा तर महाराष्ट्र के सभी शहरो मे चंद्रोदय हो चुका होगा। इन दिनो प्रत्येक व्यक्ती किसी न किसी शारिरीक, आर्थिक, मानसिक, बौध्दिक, सामाजिक, कौटुंबिक, विवाह, वैवाहिक सौख्य, संतती, संतती सौख्य, व्यावसायीक प्रगती और सामाजिक प्रतिष्ठा मे कुछ न कुछ तकलीफ होती ही है।
[22:00, 05/04/2026] Pvijayanand ATMASTROLOGER: आज चतुर्थी तिथी होनेके कारण यह तिथी रिक्ता तिथी होने के कारण एवं चतुर्थी तिथी कल दिनांक 6/4/2026 को दोपहर साध्णारणत: 2 बजेतक है और आज रातको साधारणत: 11 बजे के बाद चंद्र अनुराधा नक्षत्र मे प्रवेश करनेवाला है। अश्विनी तथा अनुराध्णा नक्षत्र और चतुर्थी, नवमी चतुर्दशी, तथा व्यतीपात वैधृती योग या विष्ठी, नाग, चतुष्पाद, किंस्तुघ्न करण यह सारी स्थिती मंगल वार के दिन या शनीवार के दिन आये या किसी भी दिन आये तो यह दिन कर्ज मुक्ती के लिए बहोतही अमोघ मुहुर्त होता है। इस के हलिए मेरा व्प्हीडीओ देखे।
[22:28, 05/04/2026] Pvijayanand ATMASTROLOGER: आज प्रथम घर के बाहर जाकर चंद्र का दर्शन करे और चंद्र देवता को प्रार्थना करे सारे दोष दुर करते हुए सारी इच्छापूर्ती के लिए आशिर्वाद पाये और बाद मे घर मे आ कर श्री गणेश जी का दर्शन एवं पूजन करे। और प्रार्थना करे।
[22:30, 05/04/2026] Pvijayanand ATMASTROLOGER: कर्जमुक्ती का विधी मैंने कई बार आप को बताया है वह विधी करे। यह विधी के सविस्तर जानकारी हेतू यह व्हीडीओ देखे । https://youtu.be/lpY1fZBRwOA?si=Sq5Tv14aGqwE5NEb कर्ज अदा करने का मुहुर्त । LOAN DEBTS REPAYMENT MUHURT || HOW TO REPAY YOUR LOANS FASTLY ||
[22:32, 05/04/2026] Pvijayanand ATMASTROLOGER: इस व्हीडीओ मे आप को - जब भी मंगलवार के दिन या शनीवार के दिन या कभी भी चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी शुक्ल पक्ष मे हो या कृष्ण पक्ष मे हो, इन मे से कोई तिथी हो तथा मंगल वार के दिन चंद्र मेष राशी मे अश्विनी नक्षत्र मे जीस का क्षेत्रपाल केतू है और शनीवार के दिन चंद्र मंगल के वृश्चिक राशी मे शनी के अनुराधा नक्षत्र मे गोचर करता हो या जब भी वैधृती, व्यतीपात, अतिगंड जैसे अशुभ योग हो या विष्ठी, शकुनी, चतुष्पाद, नाग एवं किंस्तुघ्न इन मे से कोई भी करण हो या चंद्र कुंभ राशी मे धनिष्ठा, शततारका, पुर्वाभाद्रपदा नक्षत्र तथा मीन राशी मे होते हुए धनिष्ठा, शततारका, पुर्वाभाद्रपदा, उत्तराभाद्रपदा, रेवती इस नक्षत्र मे जब भी होता है उसे हम धनिष्ठा पंचक कहते है। इस मे ऐसा मानना होता है कि इन दिनो अगर कोई भी घटना घटीत हो गयी तो धनिष्ठा नक्षत्र 5 बार, शततारका नक्षत्र 4 बार, पुर्वाभाद्रपदा नक्षत्र 3 बार, उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र 2 बार, और रेवती नक्षत्र 1 बार इस तरह से उस घटना की पुनरावृत्ती होती है।
लेकिन हमको यह पता नही होता है कि हम जो कार्य करते है उस मे सफलता मिलेगी ही । इसलिए अगर हमारे नये कार्य इन दिनो शुरु करने के बाद उस मे असफलता आती है तो असफलता की शृंखला चालू रहती है। ऐसा समय दिन / तिथी / करण कर्ज मुक्ती के लिए बहोतही महत्वपूर्ण होता है।
उपर दिये सारे दिन / तिथी / करण / योग, नक्षत्र के चलते हुए कोई भी नये कार्य की शुरुवात इस समय नही करनी चाहिए।
ऐसे ही गलती आप ने भूतकाल मे करने के कारण आप के उपर आप के व्यवसाय धंदे के उपर, जमीन जुमले के उपर, गाडी बंगले के उपर जो कर्जा बढ गया है वह आप सही तरीके से चुका भी नही पा रहे है।
ऐसे ही सभी कर्जों से मुक्ती पाने केिलिए आज का यह दिन और ऐसे ही मुहुर्त सब से महत्वपूर्ण मददगार साबीत होते है
आज जब कृतिका नक्षत्र चालू होता है तो कृतिका नक्षत्र का गण राक्षस गण होता है इसलिए इस दौरान भी कोइ्र भी कार्य करने मे असफलता आने की संभावना रहती है।
आज के दिन कुछ रक्क्म याने करन्सी नोटस आप के व्यवहार का दायरा जीतना बडा है उस का विचार करते हुए कुछ रक्कम याने 100, 200, 500 के जीतने भी नोट आप के पास है वह सारे नोट आज के दिन या ऐसे ही मुहुर्त पर पुजा घर मे रखीये प्रार्थना करीये
हमारे उपर, हमारे परिवार के उपर, हमारे बालबच्चें के उपर, हमारे व्यवसाय धंदे के उपर, हमारे गाडी बंगले के उपर, जमीन जायदाद के उपर, सोने चांदी के गहनों के उपर, जो भी कर्जा है वह कर्ज पुरी तरह से अदा करने के लिए हमारा पुर्व कर्म, पुर्वप्रारब्ध और जीस ने हमे कर्जा दिया है उन के प्रारब्ध मे हम उस का कर्जा अदा करते हुए हम कर्जमुक्त हो जाये ऐसा प्रारब्ध हमे दिजीए।
इस के बाद पूजा घर मे रखे हुए रक्कम मे से कुछ रक्क्म आप के इलेक्ट्रॉनीक क्लीयरन्स सिस्टम के द्वारे ईएमआय या कोई भी अॅटो डेबीट मॅण्डेट याने विशिष्ठ दिन को विशिष्ठ तारीख को रात्रौ 12.00 बजे आप के बँक खाते से विशिष्ठ रक्कम का इएमआय डायरेक्ट डेबीट हो जाता है।
इस तरह से हर महिने मे चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी यह तिथीयॉं कुल 3 बार याने 6 दिन, व्यतिपात, वैधृती, अतिगंड यह 3 योग के 3 दिन, विष्ठी, शकुनी, चतुष्पाद, नाग, किंस्तुघ्न इन 5 करणों के साधारणत: 5 दिन मे जो तिथी होती है उस का पूर्वार्ध या उत्तरार्ध याने 5 दिन मे 5 तिथी मे कुछ पुर्वार्ध आने तिथी का पहला भाग और कुछ उत्तरार्ध याने तिथी का अंतिम भाग, मंगलवार 4, शनीवार 4, अनुराधा नक्षत्र और विशाखा नक्षत्र 2 दिन इस तरह से कम से 6+3+3+2+4+4 = 20 मुहुर्त आप के पास कर्ज अदायगी के लिए होते है।
अगर आप ने इसका विचार करते हुए अनुसरण किया तो आप का करोडो का कर्जा पूरी तरह से अदा हो कर आप के कारोबार मे बहोत तरक्की होगी। शुभम भवतु
हिंदू धर्म की यह महानता है। बहोत सारे अन्य धर्म के अनुयायी जैसे ख्रिश्चन लोग हर रवीवार के दिन उन के प्रार्थना स्थल याने चर्च मे जाकर प्रार्थना करते है।
कर्ज अदा करने का मुहुर्त । LOAN DEBTS REPAYMENT MUHURT || HOW TO REPAY YOUR LOANS FASTLY || मंगलवार, दिनांक 27 जानेवारी 2026 माघ शुक्ल नवमी,आज चंद्र सुबह ...