26/12/2020
#इल्लूमिनाती_क्या_है :
प्रकृति का नियम है यहां ताकतवर ही राज करते हैं और ये नियम इस जगत के हर प्राणी पर लागू होता है, यहां वर्चस्व की जंग सृष्टि की शुरुआत से ही चलती रही है, बस समय समय पर तरीके बदलते रहे हैं, इसी तरह आज भी वर्चस्व जमाने के नए नए तरीके अस्तित्व में आ गए है।
एक समय होता था जब धरती पर किसी दूसरे देश-राज्य पर वर्चस्व की लड़ाई के लिए युद्ध करना पड़ता था और राजाओं को परास्त करना पड़ता था, लेकिन उस सीधे युद्ध में बहुत नुकसान हो जाता था, कई बार तो खुद राजा, सेनापति व मुख्य योद्धा ही बलि चढ़ जाते थे और इस तरह अगर जीत भी प्राप्त कर ली तो आधार कमजोर होने के कारण कुछ वर्षों में पतन निश्चित था।
इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुये जरूरत महसूस हुयी गुप्त संगठनों ( ) की, जिसमें राज करने वाले मुख्य लोग छुपे हुए या अज्ञात रहते हैं और खुद मैदान में आने के बजाय अपने प्यादे सेट कर लड़ाइयाँ व कार्यवाहियां करते हैं, इस तरह उनका राज सदियों तक बिना किसी समस्या के कायम रहता है क्योंकि उनके विरोधी चाहकर भी कभी उन तक नही पहुंच पाते।
वैसे तो आज दुनिया भर में कई देशों में इस तरह के गुप्त संगठन (Secret Societies) बने हुए हैं लेकिन उनमे जो सबसे समर्थ, खतरनाक और ताकतवर है वो है #इल्लूमिनाती नाम का एक गुप्त संगठन, जिसने कई माध्यमो से आज दुनिया पर अपना वर्चस्व स्थापित किया हुआ है, प्रस्तुत है उसी के बारे में एक
इल्लूमिनाती के बारे में एक संक्षिप्त रिपोर्ट :
#इल्लूमिनाती_क्या_है :
इल्लूमिनाती दुनिया के सबसे ताकतवर और समर्थ लोगों का एक गुप्त समूह (Secret Society) है जिसके सदस्य दुनिया के बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ, बुद्धिजीवी, व्यापारी, बैंकर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर, लेखक, चिन्तक-विचारक, तंत्र मंत्र विशेषज्ञ, हथियार निर्माता, दवा निर्माता, टेक्नोलॉजी कम्पनियां हैं !
#इल्लूमिनाती_का_लक्ष्य_क्या_है :
इल्लूमिनाती का लक्ष्य दुनिया पर राज करना व दुनिया को अपने इशारों पर चलाना है ! दूसरी भाषा में कहें तो दानवों की तरह पूरी दुनिया को जीतना व उन पर अपना साम्राज्य स्थापित करना जैसा की पहले भी सिकंदर तथा कुछ रोमन व इस्लामिक आक्रमणकारी करने की कोशिश कर चुके हैं ! जिन्हें कुछ हद तक सफलता भी मिली थी, लेकिन कुछ गलतियों की वजह से वो दुनिया पर राज करने के अपने लक्ष्य में सफल नहीं हो पाए थे और इल्लू उन सब की गलतियों से सबक लेकर काम कर रहा है, जो उसकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है !
आखिर इल्लूमिनाती जैसा गुप्त संगठन (Secret Society) बनाने के पीछे कारण क्या हो सकता है :
विश्व-विजय (Master Race) ! दुनिया में कुछ ऐसे लोग होते हैं, जिनका दिमागी स्तर सामान्य मनुष्य से कहीं ज्यादा होता है, इस कारण उनकी सोच उनके कार्य उनका तरीका भी दुनिया से कुछ हटकर होता है ! इल्लूमिनाती के संस्थापक लोग भी इसी श्रेणी के हैं, जिनकी ‘सोच वहां से शुरू होती है जहां से सामान्य मनुष्य सोचना बंद कर देते हैं’! उनकी इसी सोच और दुनिया पर राज करने की लालसा ने उन्हें इस ओर प्रेरित किया कि वो पूरे इतिहास से सबक लेते हुए एक ऐसा संगठन तैयार करें जो पूर्ववर्तियों जैसी गलतियाँ ना करे तथा बड़े ही सुनियोजित व गुप्त तरीके से उन्हें उनके लक्ष्य की ओर ले जा सके ! इल्लूमिनाती के सदस्यों ने जिन्होंने इसे खड़ा किया था जब उन्होंने देखा कि धरती के सभी प्राणी अपनी-अपनी धुन में मस्त हैं, किसी का दुनिया से कोई लेना देना नहीं है, सभी कुछ बड़ा सोचने या करने के बजाय अपने रोजमर्रा के काम में लगे-लगे ही जिन्दगी गुजार दे रहे हैं तो उन्होंने योजनायें भी ऐसी बनायी जो मनुष्यों के पारम्परिक जीवन को प्रभावित किये बिना (अगर करे भी तो उन्हें एहसास ना होने पाए) उन्हें उनके लक्ष्य की ओर ले जाय !
#इल्लूमिनाती_का_दुनिया_पर_प्रभाव_क्या_है :
इल्लूमिनाती का प्रभाव जानना हमारे लिए कोई ज्यादा कठिन नहीं है, क्योंकि आज इसका प्रभाव मनुष्य के पैदा होने से लेकर मरने तक तथा खाने से लेकर पीने तक है, आप लोगों ने इतिहास की किताबें पढ़ी होंगी जिसमें कई सभ्यताओं का जिक्र मिलता है जैसे #सुमेरियन सभ्यता, #माया सभ्यता, #सिन्धु_घाटी की सभ्यता ( #भारतीय सभ्यता), #ईरानी सभ्यता, #मेसोपोटामियन सभ्यता, पूर्व की #बौद्ध सभ्यता आदि इसी तरह की अन्य कई सभ्यताएं थीं जिनका आज अगर हम अस्तित्व ढूंढें तो शायद ही वो कहीं नजर आयें,
जानते हैं मित्रों वो सब कहाँ गयीं क्योंकि हमने भी किताबों में ही पढ़ा है ‘सतही तौर पर सभ्यतायें जरुर मिट जाया करती हैं, लेकिन उनका अस्तित्व कभी नहीं मिटता, वो किसी ना किसी रूप में मौजूद ही रहतीं है, लेकिन इसके उलट इल्लूमिनाती ने सफलतापूर्वक दुनिया की एक एक सभ्यता को जड़ से मिटा दिया, आज दुनिया के लगभग कई देश जिनमें हमारा भारत भी शामिल है अगर वो अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो ये इल्लूमिनाती का ही प्रभाव है !
#इल्लूमिनाती_की_ताकत_क्या_है :
किसी जमाने में धरती पर राज करने के लिए सबसे जरुरी ताकत तेज दिमाग के साथ सिर्फ ‘हिंसा’ हुआ करती थी, जिसके अंतर्गत राजा व सम्राट दूसरे देशों पर आक्रमण करके बलपूर्वक उन्हें अपना गुलाम बनाकर अपना राज स्थापित कर लेते थे, लेकिन इस जमाने में अगर दुनिया पर राज करना है तो तेज दिमाग के साथ दो जरुरी ताकतों का होना बहुत जरुरी है ‘हिंसा और पैसा’ जिसे इल्लूमिनाती बखूबी समझता है ! इसलिए उसने अपने मुख्य हथियारों में मात्र हिंसा ही नहीं पैसा भी रखा हुआ है, जिसके पीछे पूरी दुनिया दौड़े इल्लू ने ऐसी मुद्रा प्रणाली को जन्म दिया है !
#इल्लूमिनाती_इतना_खतरनाक_क्यों_है ???
दरअसल इल्लूमिनाती कोई भी प्लान छोटी अवधि का या अचानक नहीं बनाता बल्कि इतिहास की हर घटना से सबक लेकर व भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए ही अपनी योजना तैयार करता है जो उसकी सफलता का सबसे बड़ा राज है और उसके इसी गुण के कारण आजतक लोगों को किसी ऐसी ताकत की मौजूदगी का आभास नहीं हो पाया, दुनिया पर राज करने के लिए लोगों को खत्म करना ये सब पुराने फार्मूले हैं, इल्लू अच्छी तरह जानता है अगर लोगों को खत्म करना है तो उनकी संस्कृति, सभ्यता व परम्परा को खत्म कर दो लोग खुद बा खुद खत्म हो जायेंगे, साम्राज्यवाद के समय में दुनिया के कई देशों का बंटवारा इल्लूमिनाती की योजना का ही परिणाम थे, इल्लूमिनाती लोगों को अगर प्रत्यक्ष रूप से मारता भी है तब भी दुनिया को आभास नहीं हो पाता, धरती पर जिन रोगों (बीमारियों) का किसी भी प्राचीन चिकित्सा शास्त्र में दूर-दूर तक कहीं कोई जिक्र नहीं मिलता पर अब वो अस्तित्व में आ चुके हैं, ये जितने भी नये रोग आये हैं वे सभी इल्लूमिनाती के डॉक्टरों व वैज्ञानिकों के ही द्वारा निर्मित किये गये हैं ! जैसे – कुछ नये प्रकार के कैंसर, एड्स, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, इबोला आदि जैसे कई जानलेवा रोग हैं जो इल्लू की लैब में ही तैयार करके मनुष्यों तक पहुंचाए गये है ! जिससे दो उद्देश्य एक साथ पूरे होते हैं एक तो टारगेट पर लिए गये लोगों का खात्मा होता है, और इल्लू ग्रुप की दवाइयों का बाजार खड़ा होता है, नई-नई प्राकृतिक आपदाएं जिनका किसी भी इतिहास में कोई जिक्र नहीं मिलता वो सब इल्लू के वैज्ञानिकों ने हार्प (HAARP) टेक्नोलॉजी द्वारा निर्मित किये हैं, जिनका उपयोग वे अपना लक्ष्य साधने में करते है, वर्तमान में जितने भी देशों में युद्ध होते हैं उन सब में कहीं ना कहीं इल्लू के विशेषज्ञों का हाथ होता है जिसे अंजाम देने का मुख्य कारण इल्लूमिनाती ग्रुप में शामिल हथियार निर्माताओं को फायदा पहुँचाना तथा देशों में फूट डलवाना होता है
#इल्लूमिनाती_का_यहूD_से_क्या_कनेक्शन_है :
इल्लूमिनाती के सदस्य लगभग हर धर्म-सम्प्रदाय में हैं लेकिन इस संगठन पर हमेशा से ही यहूd का आधिपत्य रहा है जिसका मुख्य कारण किन्हीं अन्य सम्प्रदाय वालों की अपेक्षा दुनिया के हर क्षेत्र में यहूd का ज्यादा समर्थ होना है, इल्लू गैंग में भी सदस्यों की कई Layers (पर्तें) होती हैं जिनमे पहली श्रंखला में यहूd आते हैं फिर उसके बाद अन्य सम्प्रदायों से ताल्लुक रखने वालों को उनके कामों के अनुसार श्रंखला बनाई गयी है, चाहे वो तकनीकि दुनिया हो, मीडिया जगत हो, बैंकर हों, वैज्ञानिक हों, सबसे ज्यादा नोबल विजेता हो, सबसे बड़े व्यापारी हों या सबसे बड़े हथियार निर्माता हों, कुल मिलाकर यहूd ने अपने दम पर दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में कब्जा कर रखा है, इसलिए दूसरे शब्दों में कहें तो 18वीं शताब्दी से ही इल्लूमिनाती यहूd का संगठन है, यहूd धर्म से निकले हुए मु&$ और ई&% # को हमारे भारत वालों ने बखूबी झेला है इसलिए उम्मीद करता हूँ वो ये भी जरुर जानते होंगे ये असुरी अब्राह्मिक नस्लें समर्थ होने के बाद दुनिया पर क्या कहर ढाती हैं….
दिनांक :- २६.१२.२०२०