17/02/2022
क्या खर्राटे खतरनाक है?
क्या है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया(Obstructive sleep apnea)?
मशहूर फिल्म संगीतकार बप्पी लाहिड़ी का स्लीप एपनिया की जटिलताओं से निधन हो गया।
आखिर क्या है ये बीमारी और क्यों इसके बारे में जानना जरूरी हो गया है।
स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें सोते समय अचानक सांस रुक जाती है और फिर अचानक शुरू हो जाती है। और ऐसा पूरी नींद के दौरान चलता रहता है, इस दौरान शरीर को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। सांस टूटने से आंखें खुलती है और व्यक्ति को ऐसा लगता है जैसे सांस बंद हो गई हो।उठते ही इंसान तेजी से हांफना शुरू कर देता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो शरीर में नकारात्मक प्रभाव आने लगते है, और ये जानलेवा भी हो सकता है ।
जागरूकता के अभाव में कई व्यक्ति जान नहीं पाते है उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है । हालांकि यह जरूरी नहीं की हर खर्राटे लेने वाले मरीज को स्लीप एपनिया हो।
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया :
इस बीमारी में फेफड़ों के ऊपर श्वास का मार्ग अवरूद्ध हो जाता है इसे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की स्थिति कहते हैं। ऐसा ऊपर के सांस के मार्ग की सांस की नलियों की मांस पेशियों के शिथिल पड़ जाने से होता है। फलस्वरूप शरीर को ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित हो जाती है, इसलिए शरीर के जरूरी अंगों में भी ऑक्सीजन पहुंचना बंद हो जाती है। इससे शरीर के सभी अंगों पर दुष्प्रभाव होने लगते है जिसका व्यक्ति को पता भी नहीं चलता।
स्लीप एपनिया के लक्षण
• खर्राटे आना
• दिन में ज्यादा नींद आना, थकान, बैठे बैठे नींद आना, इससे वाहन चलाते वक्त दुर्घटना भी हो सकती है।
• सुबह गला और मुंह में सूखापन होना
• सुबह में सिर में दर्द होना
• ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होना, याददाश्त में कमी, डिप्रेशन
• रात में सोते समय पसीना अथवा बार बार पेशाब आना
• नींद के दौरान बेचैनी
• यौन इच्छा में कमी
• अचानक नींद खुल जाना और ऐसा लगना कि दम घुट रहा है
• सुबह उठने में दिक्कत होना
• कम उम्र में उच्च रक्त चाप, डायबिटीज, हार्ट अटैक, लकवा जैसी समस्याओं से ग्रस्त हो जाना
किसको हो सकता है स्लीप एपनिया:
यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। हालांकि जो लोग मोटापे के शिकार हैं, उन्हें इस बीमारी का जोखिम
ज्यादा रहता है।
मुंह व जबड़े की बनावट से भी कुछ व्यक्तियों में यह बीमारी हो सकती है।
समस्या है तो क्या करें:
यदि खर्राटे की समस्या है या उक्त लक्षण है तो इसके लिए आपको विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाना चाहिए। डॉक्टर मरीज के नींद के पैटर्न को मॉनिटर करने के बाद एक यंत्र लगाने की सलाह देते हैं जिससे स्लीप एपनिया की जटिलताओं को रोका जा सकता है।
इसके अतिरिक्त वजन घटाने का प्रयास करें।
धूम्रपान और अन्य नशा नहीं करें।
डॉ विनोद जांगिड़
एसोसिएट प्रोफेसर
अस्थमा एवं श्वांस रोग विशेषज्ञ
मेडिकल कॉलेज कोटा