06/01/2026
राजनीति सेवा के लिए थी,
आज डर फैलाने का औज़ार बन गई है।
जो जनता के नौकर हैं,
आज वही जनता उनसे डरती है।
वोट तक झुकते हैं,
जीतते ही आंखें दिखाते हैं।
ये लोकतंत्र नहीं,
डर का सिस्टम है।