Bhakti Dhyan Man Ki Shanti

Bhakti Dhyan Man Ki Shanti "Aaj ki fast-paced life mein hum sab kuch pa lete hain magar mann ka sukoon kho dete hain.

27/04/2026

खुद के पैसे की आइसक्रीम खाते हैं तब ढक्कन भी चाट लेते हैं। बीस रुपये के पानी बताशे का एक बूंद पानी तक नहीं छोड़ते। फिर किसी की शादी में इतनी प्लेट भरते क्यों हैं ?
विचार अवश्य करें।

23/04/2026

दूसरे से मदद लेने के बजाय आप उनके मददगार बन जाए, फिर देखना स्वयम भगवान आपकी मदद के लिए खड़े होंगे।
🙏🙏

23/04/2026

बहस करना बुरा है लेकिन विचार विमर्श करना अच्छा है...*
*क्योंकि*
*हम बहस से यह सिद्ध करते है की कौन सही है और कौन गलत है।*
*और*
*विचार विमर्श से हम क्या सही और गलत है वो तय करते है।*

*🙏 आत्माभिमानी रहकर विचार विमर्श करें, देह अहंकार के कारण बहस होती है।*

23/04/2026

*_Argument Is Bad But_*
*_Discussion Is Good_* ...
*_Because_*
*_Argument Is to find out_*
*Who Is Right*
*_And_*
*_Discussion is to find out_*
*_What Is Right_* ...

* Be in soulconcious ....they discuss, and bodyconcious argues*.

*एक भारतीय डॉक्टर ने जॉब छोड़कर कनाडा के एक बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में सेल्समैन की नोकरी जॉइन करली...**बॉस ने पूछा:-* त...
23/04/2026

*एक भारतीय डॉक्टर ने जॉब छोड़कर कनाडा के एक बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में सेल्समैन की नोकरी जॉइन करली...*

*बॉस ने पूछा:-* तुम्हे कुछ तज़ुर्बा है?
उसने कहा कि हां थोड़ा बहुत है ।

पहले दिन उस भारतीय ने पूरा मन लगाकर काम किया।
शाम के 6 बजे (*बॉस ने पूछा:-* आज पहले दिन तुमने कितने सेल किये?

भारतीय ने कहा कि सर मैंने 1 सेल किया।

*बॉस चौंककर बोले:-* क्या मात्र 1 ही सेल।
सामान्यत: यहाँ कार्य करने वाले हर
सेल्समेन 20 से 30 सेल रोज़ाना करते हैं।
अच्छा ये बताओं तुमने कितने रूपये का सेल किया।

93300 डॉलर ।
भारतीय बोला।

क्या!

लेकिन तुमने यह कैसे किया?
आश्चर्यजनक रूप से बॉस ने पूछा।

*भारतीय ने कहा:-* 1 व्यक्ति आया और मैंने उसे एक छोटा मछली पकड़ने का हुक बेचा।

फिर एक मझोला और फिर अंततः एक बड़ा हुक बेचा। फिर उसे मैंने 1 बड़ी फिशिंग रॉड और कुछ फिशिंग गियर बेचे।

फिर मैंने उससे पूछा कि तुम कहा मछली पकड़ोगे और उसने कहा कि वह कोस्टल एरिया में पकड़ेगा।
तब मैंने कहा कि इसके लिए 1 नाव की ज़रूरत पड़ेगी। अतः मैं उसे नीचे बोट डिपार्टमेंट में ले गया और उसे 20 फीट की डबल इंजन वाली स्कूनर बोट बेच दी।
जब उसने कहा कि यह बोट उसकी
वोल्कस वेगन में नहीं आएगी।

तब मैं उसे अपने ऑटो मोबाइल सेक्शन में ले गया
और उसे बोट केरी करने के लिए नई डीलक्स 4 × 4 ब्लेज़र बेचीं।
और जब मैंने उसे पूछा कि तुम मछली पकड़ते वक़्त कहा रहोगे। उसने कुछ प्लान नहीं किया था।
तो मैं उसे कैम्पिंग सेक्शन में ले गया और उसे six sleeper camper tent बेच दिया।

और तब उसने कहा कि उसने जब इतना सब कुछ ले ही लिया है तो 200 डॉलर की ग्रासरी और बियर के 2 केस भी लेगा।

अब बॉस 2 कदम पीछे हटा और बेहद ही भौचक्के अंदाज़ में पूछने लगा:-
तुमने इतना सब उस आदमी को बेच दिया
जो केवल 1 fish hook खरीदने आया था?
"NO, SIR,"
वह तो केवल सरदर्द दूर करने की
1 टेबलेट लेने आया था।
मैंने उसे समझाया कि मछली पकड़ना
सरदर्द दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है।

*बॉस:-*
*तुमने इसके पहले भारत में कहा काम किया था?*

*भारतीय :-*
*जी मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टर था*
*घबराहट की मामूली* *शिकायत पर हम लोग,*
*मरीजों से पैथोलॉजी,*
*ईको,*
*ईसीजी,*
*टीएमटी,*
*सी टी स्केन,*
*एक्सरे,*
*एम आर आई*
*इत्यादि टेस्ट करवाते हैं।*

*बॉस:- तुम मेरी कुर्सी पर बेठो।*
*मैं इंडिया मे ट्रेनिंग के लिये प्राइवेट*
*हॉस्पिटल ज्वाईन करने जा रहा हूँ।*

*जरा इस पोस्ट को आगे फैलाना,*
*मजाक बना रखा है मरीजो का.....!

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23/04/2026

हनुमान जी की कृपा एक समय की बात है। एक छोटे से गाँव में रामदास नाम का एक वृद्ध भक्त रहता था। उसका जीवन अत्यंत सरल था, लेकिन उसकी सबसे बड़ी पूँजी थी “राम नाम” का निरंतर जाप। वह हर क्षण “राम-राम” में ही लीन रहता, मानो संसार से उसका कोई संबंध ही न हो।

गाँव के लोग अक्सर कहते, “रामदास तो इस संसार में रहते हुए भी कहीं और ही रहता है।” लेकिन रामदास के चेहरे की शांति और संतोष देखकर हर कोई मन ही मन उसे प्रणाम करता। एक दिन शनि देव का प्रभाव उस क्षेत्र पर पड़ने वाला था। ज्योतिषियों ने चेतावनी दी कि यह समय कष्टदायक होगा रोग, दुःख और संकट बढ़ेंगे। पूरे गाँव में भय का वातावरण छा गया।

लोग उपाय करने लगे, पूजा पाठ करने लगे लेकिन रामदास अपने पुराने भाव में ही मग्न रहा बस “राम नाम” का जाप। जब शनिदेव उस गाँव में पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि हर कोई भयभीत है, लेकिन एक व्यक्ति बिल्कुल निडर बैठा है आँखें बंद, चेहरे पर मुस्कान, और होंठों पर “राम” का नाम।

शनिदेव ने सोचा, “देखते हैं, इस पर मेरा प्रभाव क्यों नहीं पड़ रहा।” वे रामदास के पास पहुँचे, लेकिन जैसे ही उन्होंने उसे स्पर्श करना चाहा, एक अदृश्य शक्ति ने उन्हें रोक दिया। तभी वहाँ प्रकट हुए बजरंग बली हनुमान जी। हनुमान जी ने मुस्कुराते हुए कहा, जो मेरे प्रभु श्रीराम के नाम में लीन हो जाता है, उस पर काल, ग्रह, बाधा कुछ भी प्रभाव नहीं डाल सकते।

शनिदेव ने विनम्र होकर कहा, “प्रभु, मैं तो नियम से अपना कार्य कर रहा था, लेकिन इस भक्त के पास आते ही मेरी शक्ति समाप्त हो गई। हनुमान जी ने अपनी पूँछ को धीरे से फैलाया और शनिदेव को उसमें लपेट लिया। शनिदेव उस दिव्य बंधन में बंधकर शांत हो गए। फिर हनुमान जी बोले जब तक यह भक्त राम नाम में लीन है, तब तक तुम इसे स्पर्श भी नहीं कर सकते।”

कुछ समय बाद हनुमान जी ने शनिदेव को मुक्त किया। शनिदेव ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया और वचन दिया जो भी सच्चे मन से राम नाम का जाप करेगा और हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे मैं कभी कष्ट नहीं दूँगा। उस दिन के बाद गाँव के लोगों ने समझ लिया कि सबसे बड़ा उपाय कोई बाहरी साधन नहीं, बल्कि राम नाम में सच्ची श्रद्धा है।

*राम नाम में लीन जो, उसे न व्यापे काल।*
*पूँछ लपेटी शनि को, हनुमत किया निहाल॥*

*जो सच्चे भाव से भगवान का नाम लेता है, उसके जीवन में भय, ग्रहदोष और संकट अपना प्रभाव खो देते हैं। भक्ति ही सबसे बड़ी रक्षा है।*

23/04/2026

काबेरी नदी

कावेरी नदी की कहानी भारतीय पौराणिक कथाओं में बहुत ही रोचक है। यह कहानी न केवल भक्ति और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प जन-कल्याण का कारण बनता है।
कावेरी की उत्पत्ति की कहानी मुख्य रूप से दो भागों में बंटी हुई है: उनका 'विष्णु पुत्री' के रूप में जन्म और 'अगस्त्य मुनि' के कमंडल से नदी बनना।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मदेव की एक मानस पुत्री थी, जिनका नाम 'विशमाया' था। उन्होंने भगवान विष्णु की कठोर तपस्या की ताकि वे उनके चरणों की सेवा कर सकें। भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे अगले जन्म में 'कावेर' नाम के राजा की पुत्री के रूप में जन्म लेंगी।
राजा कावेर ने संतान प्राप्ति के लिए ब्रह्मगिरि पर्वत पर तपस्या की थी।
वरदान स्वरूप उन्हें वही दिव्य कन्या प्राप्त हुई, जिसका नाम 'कावेरी' रखा गया।
कावेरी बचपन से ही बहुत आध्यात्मिक थीं। वे चाहती थीं कि उनका अस्तित्व ऐसा हो कि वे समस्त संसार के पापों को धो सकें और प्यासी धरती को तृप्त कर सकें।

एक समय दक्षिण भारत में भयानक सूखा पड़ा था। ऋषियों और मुनियों ने इसके समाधान के लिए प्रार्थना की। उसी दौरान महान महर्षि अगस्त्य ने कावेरी की सुंदरता और भक्ति को देखकर उनसे विवाह का प्रस्ताव रखा।
कावेरी ने एक शर्त पर विवाह स्वीकार किया:
"स्वामी, यदि आप मुझे कभी भी अकेला छोड़कर कहीं दूर जाएंगे, तो मैं स्वतंत्र होकर बहने लगूंगी।"

अगस्त्य मुनि ने यह शर्त मान ली। लेकिन एक दिन, महर्षि अगस्त्य एक गहरी चर्चा में इतने मग्न हो गए कि वे कावेरी को अपने कमंडल में सुरक्षित रख कर पास के जलाशय में स्नान करने चले गए।

भगवान इंद्र और अन्य देवता चाहते थे कि कावेरी एक नदी का रूप ले लें ताकि दक्षिण भारत का सूखा समाप्त हो सके। इसलिए उन्होंने भगवान गणेश की सहायता मांगी।
जब अगस्त्य मुनि ध्यान में थे, तब गणेश जी ने एक छोटे कौवे का रूप धारण किया और अगस्त्य मुनि के कमंडल पर जाकर बैठ गए।
जब अगस्त्य मुनि ने कौवे को हटाने के लिए हाथ हिलाया, तो कौवे ने चतुराई से कमंडल को पलट दिया।
जैसे ही कमंडल का पवित्र जल जमीन पर गिरा, कावेरी ने एक विशाल नदी का रूप ले लिया और ढलान की ओर बहने लगीं।

जब अगस्त्य मुनि ने देखा कि उनका कमंडल उलट गया है और कावेरी नदी बनकर बह रही हैं, तो वे क्रोधित हो गए और कौवे के पीछे भागे। तब गणेश जी ने अपने असली रूप में दर्शन दिए और समझाया कि यह सब लोक-कल्याण के लिए हुआ है।

कावेरी ने अपनी शर्त याद दिलाई कि उन्हें अकेला छोड़ा गया था, इसलिए अब वे नदी के रूप में जन-जन की प्यास बुझाएंगी। अगस्त्य मुनि ने इसे ईश्वर की इच्छा मानकर स्वीकार कर लिया।
कावेरी का महत्व (तालकावेरी)
आज भी कर्नाटक के कोडागु जिले में 'तालकावेरी' नाम का स्थान है, जहाँ से यह नदी निकलती है।
हर साल अक्टूबर के महीने में यहाँ 'तुला संक्रमण' का त्यौहार मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन एक निश्चित समय पर कुंड में पानी अचानक ऊपर की ओर उछलता है, जिसे देवी कावेरी का साक्षात प्राकट्य माना जाता है।
कावेरी को दक्षिण भारत में वही सम्मान प्राप्त है जो उत्तर भारत में गंगा को है।
एक दिलचस्प बात: कावेरी नदी के किनारे ही प्रसिद्ध श्रीरंगम मंदिर (भगवान विष्णु का निवास) स्थित है, जिससे उनकी वह इच्छा भी पूरी हुई कि वे सदैव भगवान के चरणों के पास रहें।

23/04/2026

Mistakes happen by situation not by intention. Always try to know the reason behind every mistake of your loved ones. That's the way to value a realtion.*

TODAY ONWARDS LET'S make our life beautiful with good understanding and valuable relationships.

23/04/2026

गलतियाँ जानबूझकर नहीं बल्कि परिस्थिति अनुसार हो जाती है। अपने रिश्तों को मूल्यवान बनाने का आधार यह है कि हम हमारे प्रियजनों द्वारा की गई गलतियों के पीछे छिपे कारण को समझने की कोशिश करें।*

*आज से हम अपने जीवन को एक अच्छी समझ और मूल्यवान रिश्तों के साथ सुंदर बनाएं...

22/04/2026

*अपनी खुशी के लिए*
*किसी दूसरे की खुशी बर्बाद मत किजिए*
*आपकी वो खुशी बेकार है*
*जिसके पीछे*
*किसी के आंसू हो.*................

*परिवार से बड़ा कोई धन नहीं*
*पिता से बड़ा कोई सलाहकार नहीं*
*मां की छांव से बड़ी कोई*
*दुनिया नहीं*...
*बहन से बड़ा कोई शुभचिंतक नहीं*
*पत्नी से बड़ा कोई दोस्त नहीं*
*इसलिए परिवार के बिना जीवन नहीं*.....*!!!*

*संदेह करना कोई बुराई नहीं है। जब तुम किसी बात पर संदेह करते हो, तो तुम उसे परखने का मौका बनाते हो और जब तुम परखते हो, तभी सच्चाई सामने आती है। जो लोग संदेह को बुरा मानते हैं, वो अक्सर सच्चाई से भागते रहते हैं।*

*सुप्रभात...

22/04/2026

आहार कितना भी बढ़िया हो लेकिन व्यवहार ठीक नहीं तो वह आहार बेस्वाद हो जाता है।
🙏🙏 🙏🙏

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Village Lakhaniyapur
Lakhimpur
262701

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