Dr. Minakshi Singh homeopathy

Dr. Minakshi Singh homeopathy I m Dr. Minakshi singh(BHMS) . I m a registered homeopathic physician Reg.No-H032673 under H.M.B,UP
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**होम्योपैथिक औषधि: Veratrum Album**Veratrum Album एक प्रसिद्ध होम्योपैथिक औषधि है, जिसका उपयोग विशेष रूप से अत्यधिक कमज...
25/05/2026

**होम्योपैथिक औषधि: Veratrum Album**

Veratrum Album एक प्रसिद्ध होम्योपैथिक औषधि है, जिसका उपयोग विशेष रूप से अत्यधिक कमजोरी, ठंडा पसीना, उल्टी-दस्त, अचानक कमजोरी और शरीर में अत्यधिक ठंडापन जैसी स्थितियों में किया जाता है। यह उन मरीजों में उपयोगी मानी जाती है जिन्हें बार-बार पतले दस्त, उल्टी के साथ कमजोरी, हाथ-पैर ठंडे पड़ना और अत्यधिक प्यास महसूस होती है। कुछ मामलों में मानसिक बेचैनी, चिड़चिड़ापन या अत्यधिक थकावट में भी इसका उपयोग किया जाता है।

**मुख्य लक्षण जिनमें उपयोगी मानी जाती है:**
• उल्टी और दस्त के साथ अत्यधिक कमजोरी
• ठंडा पसीना, विशेषकर माथे पर
• शरीर ठंडा लगना और हाथ-पैर ठंडे पड़ना
• कमजोरी के कारण चक्कर या गिरने जैसा महसूस होना
• पेट की गड़बड़ी के साथ बेचैनी

**खुराक (Dosage):**
आमतौर पर 30 CH शक्ति में 3–5 गोलियां दिन में 2- 3 बार दी जाती हैं। 200ch 2 बूंद दिन में 1 बार या तीव्र लक्षणों में चिकित्सक की सलाह अनुसार अंतराल बदल सकता है। लंबे समय तक या बार-बार सेवन डॉक्टर की सलाह से करें।

**सावधानी:**
होम्योपैथिक दवा का सेवन लक्षणों के अनुसार किया जाता है, इसलिए बार-बार उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन या गंभीर कमजोरी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

**होम्योपैथिक औषधि R20 (Reckeweg R20)**R20 एक कॉम्बिनेशन होम्योपैथिक दवा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से महिलाओं में हार्मो...
23/05/2026

**होम्योपैथिक औषधि R20 (Reckeweg R20)**

R20 एक कॉम्बिनेशन होम्योपैथिक दवा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से महिलाओं में हार्मोनल एवं ग्रंथियों (glandular/endocrine) से जुड़ी समस्याओं में किया जाता है। इसे हार्मोनल असंतुलन, कमजोरी, वजन में असामान्य बदलाव, थायरॉइड संबंधी गड़बड़ी, मासिक धर्म की अनियमितता तथा ग्रंथियों के कार्य में कमी से जुड़ी स्थितियों में सहायक माना जाता है। यह शरीर की हार्मोनल कार्यप्रणाली को संतुलित करने में मदद कर सकती है।

**डोज़ (मात्रा):**
आमतौर पर 10–15 बूंदें आधा कप पानी में मिलाकर दिन में 2–3 बार भोजन से पहले दी जाती हैं। सही मात्रा रोग की स्थिति, उम्र और लक्षणों के अनुसार चिकित्सक द्वारा तय की जानी चाहिए।

**सावधानी:**
यदि थायरॉइड, हार्मोनल समस्या या कोई पुरानी बीमारी हो, तो दवा शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर रहता है। गर्भावस्था या अन्य दवाओं के साथ उपयोग में भी डॉक्टर से सलाह करें।

19/05/2026

रूखी,फटी त्वचा,कब्ज और हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने में सहायक होम्योपैथिक दवा!

🌿रात में पैरों में खिंचाव होना: कारण, सावधानियाँ और होम्योपैथिक उपचाररात में सोते समय पैरों में अचानक खिंचाव या ऐंठन (Le...
19/05/2026

🌿रात में पैरों में खिंचाव होना: कारण, सावधानियाँ और होम्योपैथिक उपचार

रात में सोते समय पैरों में अचानक खिंचाव या ऐंठन (Leg Cramps) होना एक सामान्य समस्या है। इसमें पिंडली, पैर या पंजों की मांसपेशियाँ अचानक सख्त होकर दर्द करने लगती हैं। यह समस्या कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रह सकती है और नींद भी खराब कर देती है।

🌿पैरों में खिंचाव होने के मुख्य कारण

* शरीर में पानी की कमी (Dehydration)
* कैल्शियम, पोटैशियम या मैग्नीशियम की कमी
* अधिक देर तक खड़े रहना या ज्यादा चलना
* कमजोरी और थकान
* गर्भावस्था
* डायबिटीज या थायरॉइड जैसी बीमारियाँ
* नसों में कमजोरी या रक्त संचार की कमी
* लंबे समय तक एक ही स्थिति में सोना
* कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव

🌿 सावधानियाँ और बचाव

* दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ।
* संतुलित आहार लें जिसमें कैल्शियम और पोटैशियम भरपूर हो।
* सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करें।
* अधिक देर तक एक ही मुद्रा में न बैठें।
* नियमित हल्का व्यायाम करें।
* बहुत तंग जूते या चप्पल पहनने से बचें।
* रात में सोते समय पैरों को हल्का ऊँचा रख सकते हैं।

🌿 होम्योपैथिक उपचार

# # # 1. Magnesia Phosphorica

यह दवा अचानक होने वाले दर्दनाक खिंचाव और ऐंठन में उपयोगी मानी जाती है।

**खुराक:**
Magnesia Phos 6X की 4 गोलियाँ दिन में 3 बार लें।

# # # 2. Cuprum Metallicum

पिंडलियों और पैरों में तेज ऐंठन तथा मांसपेशियों के खिंचाव में लाभकारी।

**खुराक:**
Cuprum Metallicum 30CH की 3-4 गोलियाँ दिन में 2 बार।

# # # 3. Calcarea Phosphorica

कमजोरी, कैल्शियम की कमी और बढ़ते बच्चों या बुजुर्गों में होने वाले खिंचाव में उपयोगी।

**खुराक:**
Calcarea Phos 6X की 4 गोलियाँ दिन में 2-3 बार।

# # # 4. Rhus Toxicodendron

अधिक मेहनत, चलने या मांसपेशियों में जकड़न के कारण होने वाले दर्द और खिंचाव में लाभदायक।

**खुराक:**
Rhus Tox 30CH की 3-4 गोलियाँ दिन में 2 बार।

# # # 5. Zincum Metallicum

पैरों में बेचैनी, झटके और रात में बार-बार खिंचाव होने पर उपयोगी।

**खुराक:**
Zincum Metallicum 30CH की 3-4 गोलियाँ दिन में 2 बार।

🌿कब डॉक्टर से संपर्क करें?

* खिंचाव बार-बार होने लगे
* पैरों में सूजन या लालिमा हो
* चलने में कठिनाई हो
* अत्यधिक कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो
* डायबिटीज या नसों की बीमारी हो

होम्योपैथिक दवाएँ लक्षणों के अनुसार दी जाती हैं, इसलिए लंबे समय तक समस्या रहने पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

🌿 होम्योपैथिक औषधि — Baryta Mur 6CH🌿Baryta Muriatica एक महत्वपूर्ण होम्योपैथिक औषधि है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से बढ़ी हु...
18/05/2026

🌿 होम्योपैथिक औषधि — Baryta Mur 6CH🌿

Baryta Muriatica एक महत्वपूर्ण होम्योपैथिक औषधि है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से बढ़ी हुई ग्रंथियों, उच्च रक्तचाप, टॉन्सिल की समस्या तथा उम्र बढ़ने से संबंधित कमजोरियों में किया जाता है। यह औषधि उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जाती है जिनमें मानसिक एवं शारीरिक विकास धीमा हो या बार-बार गले में सूजन होती हो।

Baryta Mur विशेष रूप से वृद्ध व्यक्तियों में धमनियों की कठोरता, याददाश्त की कमजोरी तथा कमजोरी के लक्षणों में भी लाभकारी मानी जाती है। बच्चों में बार-बार टॉन्सिल बढ़ने और गले के संक्रमण में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

🌿 प्रमुख लक्षण

* बार-बार टॉन्सिल में सूजन
* ग्रंथियों का बढ़ना
* उच्च रक्तचाप
* मानसिक एवं शारीरिक कमजोरी
* याददाश्त कमजोर होना

🌿मात्रा (Dosage)

सामान्यतः Baryta Mur 6CH की 2–3 बूंद दिन में 3 बार दी जा सकती हैं।
औषधि की मात्रा और अवधि रोग की स्थिति के अनुसार चिकित्सक की सलाह से निर्धारित करनी चाहिए।

किसी भी होम्योपैथिक औषधि का सेवन चिकित्सक के मार्गदर्शन में ही करें।

🌿होम्योपैथिक औषधि — Cantharis🌿Cantharis एक प्रसिद्ध होम्योपैथिक औषधि है, जिसे मुख्य रूप से पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब ...
18/05/2026

🌿होम्योपैथिक औषधि — Cantharis🌿

Cantharis एक प्रसिद्ध होम्योपैथिक औषधि है, जिसे मुख्य रूप से पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा, मूत्र संक्रमण तथा जलने-कटने की समस्याओं में उपयोग किया जाता है। यह औषधि विशेष रूप से उन रोगियों में लाभकारी मानी जाती है जिन्हें पेशाब करते समय तीव्र जलन और दर्द महसूस होता है।

त्वचा पर जलने, फफोले बनने या जलन वाले घावों में भी Cantharis का उपयोग किया जाता है। कई बार यह पेट और मूत्राशय की सूजन से जुड़ी तकलीफों में भी सहायक होती है।

# # # प्रमुख लक्षण

* पेशाब में तेज जलन
* बार-बार पेशाब की इच्छा
* पेशाब बूंद-बूंद आना
* जलने के बाद फफोले बनना
* पेट या मूत्राशय में दर्द

# # # मात्रा (Dosage)

सामान्यतः Cantharis 30CH की 2–3बूंद दिन में 2–3 बार दी जा सकती हैं।
तीव्र लक्षणों में चिकित्सक की सलाह अनुसार मात्रा बदली जा सकती है।

किसी भीऔषधि का सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए |

Equisetum Hyemale यह एक महत्वपूर्ण होम्योपैथिक औषधि है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से मूत्र संबंधी समस्याओं में किया जाता है।...
13/05/2026

Equisetum Hyemale
यह एक महत्वपूर्ण होम्योपैथिक औषधि है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से मूत्र संबंधी समस्याओं में किया जाता है। यह बार-बार पेशाब आना, पेशाब में जलन, मूत्राशय में दर्द तथा पेशाब के बाद भी अधूरापन महसूस होने जैसी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है। बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या तथा महिलाओं में मूत्र संक्रमण की शिकायत में भी इसका उपयोग किया जाता है।

यह दवा मूत्राशय की कमजोरी, किडनी क्षेत्र में दर्द तथा पेशाब करते समय असुविधा को कम करने में सहायक होती है। कुछ मामलों में इसे जोड़ों के दर्द और शरीर में कमजोरी की स्थिति में भी उपयोग किया जाता है।

खुराक
Equisetum Hyemale 30CH की 3 से 5 बूंदें या 4 गोलियां दिन में 2 से 3 बार चिकित्सक की सलाह अनुसार लें। दवा लेने से आधा घंटा पहले और बाद तक कुछ खाने-पीने से बचें।

🌿घुटनों के दर्द में Rhus Toxicodendron की भूमिकाघुटनों का दर्द आजकल बहुत सामान्य समस्या बन गया है। यह दर्द गठिया, मोच, ज...
09/05/2026

🌿घुटनों के दर्द में Rhus Toxicodendron की भूमिका

घुटनों का दर्द आजकल बहुत सामान्य समस्या बन गया है। यह दर्द गठिया, मोच, ज्यादा चलने-फिरने, उम्र बढ़ने या जोड़ों में सूजन के कारण हो सकता है। होम्योपैथी में Rhus Toxicodendron घुटनों के दर्द के लिए एक महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती है।

Rhus Toxicodendron विशेष रूप से उन मरीजों में लाभकारी होती है जिनके घुटनों में **सुबह उठते समय जकड़न और दर्द** होता है, लेकिन धीरे-धीरे चलने-फिरने से आराम मिलने लगता है। यह दवा उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनका दर्द **आराम करने से बढ़ता है और चलने-फिरने से कम होता है।**

यदि घुटनों में दर्द के साथ सूजन, खिंचाव, अकड़न या बारिश/ठंड के मौसम में तकलीफ बढ़ जाती हो, तो Rhus Toxicodendron अच्छा परिणाम दे सकती है। यह जोड़ों के लिगामेंट्स और मांसपेशियों की जकड़न को कम करने में मदद करती है और गतिशीलता बढ़ाती है।

आमतौर पर इसकी **30 शक्ति (30C)** दिन में 2–3 बार चिकित्सक की सलाह अनुसार दी जाती है।

ध्यान रखें, होम्योपैथिक दवा का चयन मरीज के संपूर्ण लक्षणों के आधार पर होना चाहिए, इसलिए होम्योपैथिक चिकित्सक की सलाह लेना उचित है।

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कलाई, उंगली और जोड़ों के दर्द को ठीक करने में सहायक होम्योपैथिक दवा!

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