01/02/2026
कर्क रेखा (\(23.5^{\circ }\) उत्तरी अक्षांश) और ज्योतिष (कर्क राशि) का गहरा संबंध है। कर्क रेखा वह स्थान है जहाँ 21-22 जून के आसपास सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं, जो ज्योतिष में कर्क संक्रांति (सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश) और ग्रीष्म संक्रांति का समय है। यह रेखा भारत के उज्जैन से गुजरती है, जो काल-गणना और पंचांग के लिए महत्वपूर्ण है। इसी रेखा को पार करते ही सूर्य दक्षिणायन हो जाते हैं।
कर्क रेखा गुजरात के कच्छ (Kutch), बनासकांठा (Banaskantha), साबरकांठा (Sabarkantha), अरावली (Aravalli), गांधीनगर (Gandhinagar), मेहसाणा (Mehsana) और सुरेंद्रनगर (Surendranagar) जिलों से होकर गुजरती है, जिसमें जसदान (राजकोट जिले के पास) और प्रांतिज (साबरकांठा) जैसे स्थान भी शामिल हैं, जो इस रेखा पर स्थित हैं।