14/04/2015
लू से बचने का आसान उपाय है बेल, इन 6 समस्याओं से भी मिलती है राहत:
1) बुखार में आराम मिलता है
गर्मियों में बेल का फल मानो एक वरदान है जिसके सेवन से धूप और लू से शरीर को बचाया जा सकता है। बेल के फलों का जूस लू और लू लगने से आए बुखार को ठीक करने के लिए कारगर माना जाता है। बेल के जूस में चीनी और इलायची मिलाकर रोगी को दी जाए, तो यह बहुत ही असरदार होता है।
2) दस्त और हैजे में राहत दिलाता है
कच्चे या अधपके फलों का इस्तेमाल दस्त और हैजा जैसी समस्याओं में राहत दिलाता है। कई आदिवासी इलाकों में बेल के कच्चे फलों को तोड़कर सुखा लिया जाता है और इसका पाउडर तैयार किया जाता है। इस पाउडर की करीब 5 ग्राम मात्रा को दिन मे 3-4 बार चीनी या गुड़ के साथ फांकी लेने से दो दिन में ही दस्त से निजात मिल जाता है। लगातार चली आ रही दस्त की शिकायत में यह नुस्खा बेहद कारगर साबित होता है।
3) पेट के कीड़े मर जाते हैं
बेल के पके फलों के गूदे का रस या जूस तैयार करके पिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। डांग- गुजरात के आदिवासी मानते हैं कि बेल के फलों के बजाए पत्तों का रस का सेवन किया जाए, तो जल्द असर दिखता है।
4) अपचन की समस्या से निजात
बेल के फलों का शर्बत बहुत ही लाभकारी होता है। यह शर्बत अपचन, आंखों की कम रोशनी, पेट के कीड़े और लू लगने जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है।
5)बहरापन दूर होता है
पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार बेल के कच्चे फल और पत्तियों को गोमूत्र में पीस लिया जाए और नारियल के तेल में इसे गर्म करके कान में डाला जाए, तो बहरापन दूर हो जाता है।
6) जलन की शिकायत दूर होती है
जिन्हें हाथ-पैर, तलवों और शरीर में अक्सर जलन की शिकायत रहती है, उन्हें कच्चे बेल के गूदे को नारियल के तेल में एक सप्ताह तक डुबोकर रखना चाहिए। फिर नहाने से पहले इस तेल से मालिश करनी चाहिए। ऐसा करने से जलन की समस्या खत्म हो जाती है।