17/02/2026
दिनांक 15 फरवरी 2026 (रविवार) को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर, (KGMU), लखनऊ में नेशनल यूनानी डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (NUDWA) द्वारा विख्यात चिकित्सक स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी हकीम अजमल खान के जन्मदिवस पर यूनानी दिवस समारोह 2026 के क्रम में एक भव्य राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय “Innovations in Unani Medicine for Integrated Palliative Care” निर्धारित किया गया, इस सम्मेलन में देशभर से यूनानी चिकित्सक, शिक्षाविद, शोधकर्ता एवं चिकित्सा छात्रों ने भाग लिया।
सम्मेलन में आयोजक सचिव डॉ नाजिर अब्बास ने सभी सम्मानित अतिथियों, विषय विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का स्वागत शाल एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि माननीय अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री श्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सरकार यूनानी विधा के विकास के लिए प्रयासरत है और शीघ्र ही यूनानी के नए संस्थान और अस्पताल खोले जाएंगे।
क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यूनानी विधा आम जनमानस में लोकप्रिय भारतीय चिकित्सा पद्धति है और ये एक प्राकृतिक एवं कारगर पद्धति है।
यूनानी सेवाओं के निदेशक प्रो. जमाल अख्तर ने सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधन दिया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम आर एम एल इंस्टीट्यूट की प्रो सत्यवती देसवाल ने Precision Radionuclide Therapy पर व्याख्यान दिया।
इसके बाद पुणे से आए विख्यात यूनानी चिकित्सक डॉ मस्तान अकबर शेख ने Unani Medicine in Integrative Oncology विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए बताया कि कैंसर के इलाज में आधुनिक चिकित्सा के साथ यूनानी चिकित्सा के संयोजन द्वारा मरीज के व्यक्तिगत मिज़ाज को ध्यान में रखते हुए हॉलिस्टिक एप्रोच के जरिए दवाओं का बेहतर असर एवं कम साइड इफेक्ट के साथ बेहतर जीवन प्रत्याशा का उद्देश्य पूर्ण होता है।
कार्यक्रम में लखनऊ के विख्यात कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ विभोर महेंद्रू ने Recent Advances in Cancer Management Surgery Targeted Therapy Immunotherepy विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए बताया कि अब कैंसर या ट्यूमर की गांठ की मॉलिक्युलर या जेनेटिक संरचना के मुताबिक कैंसर की टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी के जरिए उचित समय पर मरीज की व्यक्तिगत अवस्था को देखते हुए चयनित इलाज करने से दवा की प्रभाविता बढ़ती है और दुष्प्रभाव कम होते हैं, जिससे मरीज की लाइफ क्वालिटी बेहतर होती है, उन्होंने भविष्य में कैंसर के इलाज में आधुनिक चिकित्सा एवं यूनानी चिकित्सा के समन्वय पर बल देते हुए मिलकर रिसर्च करने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में केरल से आए प्रसिद्ध यूनानी चिकित्सक डॉ के टी अजमल ने How to Establish an Unani Specialty Clinic विषय पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया और हकीम अजमल खान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हकीम साहब ने हमे सिखाया कि यूनानी सिर्फ एक चिकित्सा पद्धति ही नहीं बल्कि ज्ञान, विज्ञान और मरीज के प्रति सहानुभूति का संदेश है। यूनानी के जरिए हम मरीज के व्यक्तिगत मिज़ाज के अनुरूप चिकित्सा एवं दिनचर्या में सुधार के जरिए आधुनिक समय के जटिल एवं जीवनचर्या से संबंधित रोगों का सफल इलाज कर सकते हैं।
लंच ब्रेक के बाद कार्यक्रम के दूसरे भाग में केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के प्रो कौसर उस्मान ने Science and Art of Medical Practice विषय पर प्रतिभागियों से अपने अनुभव को साझा किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए NUDWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एस मुईद अहमद ने हकीम अजमल खान को याद करते हुए सभी चिकित्सकों द्वारा उनके चिकित्सा के वैज्ञानिक एवं नैतिक सिद्धांतों का अनुपालन करने की अपील की। उन्होंने आशा जताई कि इस
सम्मेलन से यूनानी चिकित्सा पद्धति के विकास एवं आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ इसके समन्वय को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ एस मुईद ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के जरिए प्रदेश एवं केंद्र की सरकारों को संबोधित ज्ञापन के द्वारा सभी यूनानी चिकित्सकों एवं जनभावना के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बरेली के नव निर्मित यूनानी कॉलेज का नामकरण हकीम अजमल खान के नाम पर किए जाने, यूनानी चिकित्सकों द्वारा आकस्मिक एवं शल्य चिकित्सा आदि हेतु IV फ्लूइड थेरेपी के प्रयोग करने का अधिकार दिए जाने, यूनानी चिकित्सकों के पांच वर्षीय पंजीकरण के निर्देश जारी करने, यूनानी चिकित्सकों के हितों की रक्षा करने हेतु अन्य विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित किए जाने, यूनानी AIIMS की स्थापना, यूनानी के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति किए जाने समेत अन्य मांगो का ज्ञापन प्रस्तुत किया जिस पर माननीय मंत्री जी ने सभी मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद कार्यक्रम के valedictory session में सभी माननीय अतिथि एवं वक्ताओं को आयोजन समिति द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर के आभार प्रकट किया गया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संचालक डॉ. सलमान खालिद ने कहा कि यह सम्मेलन यूनानी चिकित्सा पद्धति के वैज्ञानिक स्वरूप को मजबूत करने तथा युवा चिकित्सकों और विद्यार्थियों को नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ अब्दुल अहद द्वारा सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों को धन्यवाद किया गया।
डॉ एम रईस
नेशनल यूनानी डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (NUDWA)
Mob- 94157661141
Mail- drrais.99@gmail.com