03/02/2020
माघ नवरात्रि 2020/ गुप्त नवरात्रि 2020 - कल करें गुप्त नवरात्रि का उद्यापन “पारणा” - नो दिनों का फल एक ही दिन की विशेष पूजा से
गुप्त नवरात्रि शनिवार, 25 जनवरी से शुरू हो चुकी है जो कि 3 फ़रवरी को सोमवार के दिन 9:21 पर समाप्त होने जा रही थी । इस वर्ष माघ गुप्त नवरात्र के व्रतों की संख्या तृतीया की वृद्धि हो जाने के कारण दस हो गयी है। यानी आप 4 फ़रवरी को दशमी वाले दिन भी नवरात्रे के व्रतों का पारणा कर के फल प्राप्त कर सकते हैं ।
ज्योतिष के अनुसार आपकी कुंडली का छठा भाव यानि आपके दुश्मन और आपकी कुंडली का बारहवां भाव यानि आपके छुपे हुए दुश्मन का है I गुप्त नवरात्री में विशेष पूजा करके आप इन् दोनों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं I
वैसे तो गुप्त नवरात्रों में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है । परन्तु जो लोग पूरे दस दिन पूजा पाठ नहीं कर पाए वो आखिरी दिन पूजा कर के भी माँ से आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं I
पूजा विधि- सर्व प्रथम नवरात्रों की प्रमुख देवी सर्वेश्वर्यकारिणी (Serve-Aishwarya-kaarini) माता को धूप, दीप, प्रसाद अर्पित करें। रुद्राक्ष की माला से ग्यारह माला 'ॐ ह्नीं सर्वैश्वर्याकारिणी देव्यै नमो नम:। ' मंत्र का जप करें। पेठे का भोग लगाएं। इसके बाद मनोकामना के अनुसार निम्न में से किसी मंत्र का जप करें:
1⃣ लम्बी आयु, ग्रह जनित दुष्प्रभाव, कालसर्प, मांगलिक प्रभाव, अकाल मृत्यु का भय आदि के लिए माँ काली की साधना दक्षिण (South) दिशा में करें।
मंत्र- ‘क्रीं ह्नीं ह्नुं दक्षिणे कालिके स्वाहा:।’
(kreem hreem hnum dakshine kaalike svaaha)
2⃣ तीव्र बुद्धि, रचनात्मकता, उच्च शिक्षा के लिए मां तारा की साधना नीले कांच की माला से बारह माला मंत्र जप WSW में करें।
मंत्र- ‘ह्नीं स्त्रीं हुम फट।’
(Hreem strim Hum fut)
3⃣ व्यक्तित्व विकास, स्वस्थ्य और सुन्दर काया के लिए माँ त्रिपुर सुंदरी देवी की साधना दक्षिण-पूर्व (SE) में करें। रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें। दस माला मंत्र जप अवश्य करें।
मंत्र- ‘ऐं ह्नीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नम:।’
(Aim Hreem shrim tripur sundariyai namah)
4⃣ भूमि, भवन, वाहन सुख के लिए माँ भुवनेश्वरी देवी की आराधना उत्तर-पश्चिम (NW) और दक्षिण (south) में करें। स्फटिक की माला से ग्यारह माला जप करें।
मंत्र-‘ह्नीं भुवनेश्वरीयै ह्नीं नम:।’
(Hreem Bhubaneswarai Hreem namah)
5⃣ रोजगार में सफलता, नौकरी, पदोन्नति आदि के लिए माँ छिन्नमस्ता देवी की आराधना उत्तर-पश्चिम (NW) में करें। रुद्राक्ष की माला से दस माला जप करें।
मंत्र- ‘श्रीं ह्नीं ऐं वज्र वैरोचानियै ह्नीं फट स्वाहा’।
(Shree Hreem aim Vajra Warochaniye Hreem fut Swaha)
6⃣ सुन्दर पति या पत्नी प्राप्ति, शीघ्र विवाह, प्रेम में सफलता के लिए मूंगे की माला से पंद्रह माला मंत्र का जप दक्षिण (south) में करें।
मंत्र- ‘ह्नीं भैरवी क्लौं ह्नीं स्वाहा:।’
(Hreem Bhairvi Clowm Hreem Swaha)
7⃣ तंत्र, मंत्र, जादू टोना, बुरी नजर, भूत प्रेत, वशीकरण, उच्चाटन, सम्मोहन, स्तंभन, आकर्षण और मारण जैसी तांत्रिक क्रियाओं के दुष्प्रभाव को नष्ट करने के लिए देवी घूमावती के मंत्र की नौ माला का जप उत्तर-पश्चिम (NW) में मोती की माला से करें।
मंत्र- ॐ धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा:।’
(Om Dhum Dhum Dhoomavati Devhay Swaha)
8⃣ शत्रु पराजय, कोर्ट कचहरी में विजय, प्रतियोगिता में सफलता के लिए हल्दी या पीले कांच की माला से आठ माला मंत्र का जप उत्तर (North) और उत्तर-पूर्व (NE) में करें।
मंत्र- ‘ह्नीं बगुलामुखी देव्यै ह्नी ॐ नम:।’
(Hreem bagalamukhi Devhay hareem om namah)
9⃣ संतान, पुत्र आदि की प्राप्ति के लिए स्फटिक की माला से बारह माला मंत्र जप उत्तर-पूर्व (NE) और पूर्व (East) में करें।
मंत्र-‘ह्नीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा:।’
(Hreem aim Bhagwati Matangeshwari Shree Swaha)
🔟 अखंड धन-धान्य प्राप्ति, ऋण मुक्ति और लक्ष्मी जी की के लिए देवी कमला की साधना करें। कमल गट्टे की माला से दस माला का जप दक्षिण-पूर्व (SE) में करें।
मंत्र- ‘हसौ: जगत प्रसुत्तयै स्वाहा:।’
( Hasso: Jagat Prasutaya Swaha)
🌺🌸🌺 शुभ नवरात्रि 🌺🌸🌺