27/01/2026
जागरण को मज़ाक ना समझे
जागरण इक तपस्या हैं तमाशा नही
जागरण में रात्रि भोजन दाल फुल्का होना चाहिए.
घरेलू जागरण पर 400 लोग आए खाना खा के चले गए
जागरण पर उनमें से सिर्फ 19, 20 लोग बैठे सोचो जागरण किया के पार्टी ??
इस लिए बन्द होना चाहिए ये सब
सिर्फ और सिर्फ माँ का गुणगान करें
"और आप सब से हाथ जोड कर विनती है कि जागरण में माँ के, शिव जी के या अन्य कोई भी सरूप न बनवाये और न ही बनने दें।"
हमारे पूर्वज घर से, गाँव से,शहरो से क्षेत्र से भयंकर महामारी जैसे चेचक,भयंकर बुखार, टीबी, इतियादी को भगाने हेतू सूख शांति समृद्धि के लिए माँ भगवती का गुणगान सारी रात माँ की पवित्र ज्योत जगा माँ भगवती को प्रसन्न करते थे परंतु आज....
माँ भगवती के जागरण को ना समझते हुए जाने अनजाने में आज कल हम जागरण नही तमाशे कर रहे है और पाप के भागीदार बन रहे हैं। जागरण की प्रथा, विधि को जाने बिना हम नाच कर पैसे लूटा कर अपने ही ग्रहों को नचवा कर आधी रात को बुरी बुरी आवाज़े भूत प्रेतों को देवी देवताओं के साथ नचाकर उनका अपमान कर रहे है व पूण्य के बजाय पाप केभागीदार बन रहे है।
जागरण की प्रथा माँ भगवती का आव्हान माँ भगवती का गुणगान करना है जिससे माँ प्रसन्न हो हमे आशीर्वाद व सुख समृद्धि दे । इस सच्चाई को हर भाई भहन को बताना हमारा कर्तव्य है, जो कि कोई गलती ना करे, विधिवत माँ भगवती का जागरण माँ का सारी रात गुणगाण कर के करे।
जागरण में जब माँ ज्वाला स्वरूप ज्योति🔥प्रज्वलित हो उस ज्योति के सामने तमाशे ना करे उसे पीठ ना दिखाए सिर्फ तो सिर्फ भगवती गुणगाण करे।
माँ भगवती जागरण श्रद्धा, प्रेम भाव की साधना तपस्या पध्वति हैं लाखों की सजावटें करना दिखावटी भावो से माँ प्रसन्न नही होती वो तो प्रेम की भूखी हैं ।
कम से कम पैसों से प्रेम भाव से माँ की पवित्र जोत जगा मन मे और पुकारो दिल से गुणगाण करो माँ चली आएगी दौड़ी आएगी।
जय माता दी
माँ के चरणों के दास
एस्ट्रो रोहित चोपड़ा 7508866666