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नमस्ते। मैं आपको Nurokind Plus Injection के बारे में जानकारी दे रहा हूँ। कृपया ध्यान दें कि यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्द...
30/10/2025

नमस्ते। मैं आपको Nurokind Plus Injection के बारे में जानकारी दे रहा हूँ। कृपया ध्यान दें कि यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी इंजेक्शन का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

Nurokind Plus Injection क्या है?

Nurokind Plus Injection एक मल्टीविटामिन इंजेक्शन है, जिसका उपयोग शरीर में विटामिन B-कॉम्प्लेक्स की कमी को पूरा करने के लिए किया जाता है। यह एक पोषणात्मक सप्लीमेंट (Nutritional Supplement) है।

इसमें मुख्य सामग्री (Composition)

इस इंजेक्शन में निम्नलिखित सक्रिय तत्व होते हैं:

1. विटामिन B1 (थायमिन): शरीर में ऊर्जा बनाने और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
2. विटामिन B6 (पाइरिडोक्सिन): मस्तिष्क के विकास और रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है।
3. विटामिन B12 (मेथिलकोबालामिन / सायनोकोबालामिन): तंत्रिकाओं की सुरक्षा करता है, एनीमिया (खून की कमी) को रोकता है और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।
4. निकोटिनामाइड (विटामिन B3): त्वचा और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।

Nurokind Plus Injection के उपयोग (Indications)

इस इंजेक्शन का उपयोग आमतौर पर निम्न स्थितियों में किया जाता है:

· विटामिन B-कॉम्प्लेक्स की कमी: जब मौखिक दवाएं (Oral Medicines) पर्याप्त न हों या शरीर द्वारा सही से अवशोषित न हो पा रही हों।
· पोषण संबंधी कमियां: कुपोषण, कमजोरी या लंबी बीमारी के बाद।
· तंत्रिका संबंधी समस्याएं (Neurological Disorders): जैसे पेरिफेरल न्यूरोपैथी (हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या जलन), न्यूरिटिस आदि।
· एनीमिया (खून की कमी): विशेष रूप से विटामिन B12 की कमी से होने वाला एनीमिया।
· त्वचा संबंधी रोग।
· माइग्रेन के कुछ प्रकारों में।

खुराक और उपयोग का तरीका (Dosage and Administration)

· खुराक: इसकी खुराक रोगी की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और विटामिन की कमी की गंभीरता पर निर्भर करती है। इसकी सही खुराक के लिए डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य है।
· उपयोग का तरीका: इस इंजेक्शन को एक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी द्वारा इंट्रामस्क्युलर (मांसपेशी में) या धीरे-धीरे इंट्रावीनस (नस में) लगाया जाना चाहिए। इसे स्वयं लगाने का प्रयास न करें।

सावधानियां और चेतावनियां (Precautions and Warnings)

· एलर्जी (Allergy): यदि आपको इस इंजेक्शन की किसी भी सामग्री से एलर्जी है, तो इसके उपयोग से पहले डॉक्टर को बताएं।
· गर्भावस्था और स्तनपान (Pregnancy and Breastfeeding): गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका उपयोग केवल डॉक्टर की सख्त सलाह पर ही करना चाहिए।
· अन्य बीमारियां: यदि आपको लीवर, किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोई अन्य गंभीर बीमारी है, तो डॉक्टर को पहले ही सूचित करें।
· अन्य दवाएं: अपने डॉक्टर को उन सभी दवाओं के बारे में बताएं जो आप पहले से ले रहे हैं, क्योंकि Nurokind Plus की कुछ दवाओं के साथ प्रतिक्रिया (Drug Interaction) हो सकती है।

संभावित दुष्प्रभाव (Side Effects)

हालांकि यह इंजेक्शन आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों में निम्नलिखित दुष्प्रभाव देखे जा सकते हैं:

· इंजेक्शन लगने वाली जगह पर हल्का दर्द, लालिमा या सूजन।
· त्वचा पर रैशेज या खुजली।
· जी मिचलाना या चक्कर आना।
· दस्त लगना।
· बहुत ही दुर्लभ मामलों में गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया (Anaphylaxis) हो सकती है, जिसमें सांस लेने में तकलीफ, चेहरे या गले में सूजन आदि लक्षण दिख सकते हैं। ऐसा होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

निष्कर्ष

Nurokind Plus Injection विटामिन B-कॉम्प्लेक्स की कमी को दूर करने के लिए एक प्रभावी दवा है। हालांकि, इसका उपयोग बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के और बिना उचित मेडिकल पर्यवेक्षण के नहीं किया जाना चाहिए।

अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण सलाह: कृपया अपने डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह के बिना इस इंजेक्शन का उपयोग शुरू न करें। आपका डॉक्टर ही आपकी स्थिति का सही आकलन करके उचित खुराक और उपचार की अवधि बता सकता है।

नमस्ते! ओस्टोकैल्शियम हड्डियों की मजबूती और शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए एक पॉपुलर सप्लीमेंट है। आइए, इस...
30/10/2025

नमस्ते! ओस्टोकैल्शियम हड्डियों की मजबूती और शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए एक पॉपुलर सप्लीमेंट है। आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ओस्टोकैल्शियम क्या है? (What is Ostocalcium?)

ओस्टोकैल्शियम एक कैल्शियम, विटामिन D3 और मैग्नीशियम का कॉम्बिनेशन सप्लीमेंट है। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने, मांसपेशियों के सही कामकाज और शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी है।

ओस्टोकैल्शियम के मुख्य घटक (Key Ingredients):

1. कैल्शियम कार्बोनेट: यह शरीर में कैल्शियम का मुख्य स्रोत है।
2. विटामिन D3 (कोलेकैल्सिफेरॉल): यह आंतों से कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है।
3. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड: यह हड्डियों के स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी है।

ओस्टोकैल्शियम के फायदे (Benefits of Ostocalcium):

· हड्डियों को मजबूत बनाना: ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) और ऑस्टियोमैलेशिया (हड्डियों का नरम पड़ना) को रोकने में मदद करता है।
· कैल्शियम की कमी दूर करना: गर्भावस्था, स्तनपान, बढ़ती उम्र और पोषण की कमी से होने वाली कैल्शियम की कमी को पूरा करता है।
· दांतों के लिए फायदेमंद: दांतों को स्वस्थ और मजबूत रखता है।
· मांसपेशियों के दर्द में आराम: कैल्शियम और मैग्नीशियम की कमी से होने वाले मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन में राहत देता है।
· बच्चों की ग्रोथ: बढ़ते बच्चों में हड्डियों के विकास के लिए जरूरी है।

ओस्टोकैल्शियम का उपयोग कब किया जाता है? (Uses of Ostocalcium):

· ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)
· ऑस्टियोमैलेशिया (Osteomalacia)
· गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान (Pregnancy & Lactation)
· रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में (Post-Menopausal Women)
· बुजुर्गावस्था में (Old Age)
· कैल्शियम की कमी वाले आहार लेने वाले लोग

ओस्टोकैल्शियम लेने का तरीका (Dosage):

· सामान्य खुराक: आमतौर पर दिन में 2 बार 1-1 टैबलेट भोजन के बाद लेने की सलाह दी जाती है।
· ध्यान रहे: खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करती है। हमेशा डॉक्टर या फार्मासिस्ट द्वारा बताई गई खुराक ही लें।

सावधानियां और साइड इफेक्ट (Precautions & Side Effects):

· सावधानियां:
· अगर आपको किडनी की बीमारी है, हाइपरकैल्सीमिया (रक्त में अधिक कैल्शियम) है, या किडनी में स्टोन है, तो डॉक्टर को बताएं।
· अगर आप कोई अन्य दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर को सूचित करें।
· संभावित साइड इफेक्ट्स (बहुत कम मामलों में):
· कब्ज (Constipation)
· पेट में गैस या मरोड़ (Gas or Stomach Cramps)
· जी मिचलाना (Nausea)

महत्वपूर्ण सलाह (Important Advice):

1. बिना डॉक्टर की सलाह के न लें: ओस्टोकैल्शियम एक दवा है, इसे बिना जरूरत और बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
2. अधिक मात्रा हानिकारक है: जरूरत से ज्यादा कैल्शियम लेने से किडनी में स्टोन या अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
3. संतुलित आहार जरूरी है: दवा के साथ-साथ दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे कैल्शियम युक्त आहार लें।
4. सुबह की धूप लें: विटामिन D3 के प्राकृतिक स्रोत के लिए सुबह कुछ देर धूप जरूर लें।

निष्कर्ष (Conclusion):
ओस्टोकैल्शियम कैल्शियम कीकमी को दूर करने और हड्डियों को मजबूत रखने के लिए एक प्रभावी सप्लीमेंट है। लेकिन इसका उपयोग हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही और सही खुराक में करना चाहिए।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। दवा लेने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह अवश्य लें।

जरूर, यहाँ क्रेमाफिन (Cremaffin) के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में दी गई है:क्रेमाफिन क्या है? (What is Cremaffin?)क्रे...
28/10/2025

जरूर, यहाँ क्रेमाफिन (Cremaffin) के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में दी गई है:

क्रेमाफिन क्या है? (What is Cremaffin?)

क्रेमाफिन एक लैक्सेटिव (दस्त लाने वाली दवा) है जिसका उपयोग कब्ज़ (Constipation) के इलाज के लिए किया जाता है। यह एक बहुत ही प्रभावी और आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली दवा है।

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क्रेमाफिन के प्रकार (Types of Cremaffin)

यह मुख्य रूप से तीन रूपों में उपलब्ध है:

1. क्रेमाफिन सिरप (Cremaffin Syrup): यह सबसे आम प्रकार है।
2. क्रेमाफिन न्यूट्रा टेबलेट (Cremaffin Nutra Tablet): यह स्वाद में बेहतर और चबाने योग्य टेबलेट है।
3. क्रेमाफिन बिस्कुट्स (Cremaffin Biscuits): यह बिस्कुट के रूप में आता है जिसे खाया जा सकता है।

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क्रेमाफिन के सक्रिय तत्व (Active Ingredients in Cremaffin)

क्रेमाफिन के अलग-अलग प्रकारों में अलग-अलग तत्व होते हैं:

· क्रेमाफिन सिरप (मानक):
· मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Milk of Magnesia): यह स्टूल (मल) में पानी खींचकर उसे नरम बनाता है।
· सोडियम पिकोसल्फेट (Sodium Picosulphate): यह आंतों की दीवारों को उत्तेजित करके मल को बाहर निकालने में मदद करता है।
· क्रेमाफिन न्यूट्रा / बिस्कुट्स:
· इसबगोल (Isabgol / Psyllium Husk): यह एक प्राकृतिक बल्क-फॉर्मिंग लैक्सेटिव है जो मल में बल्क (आयतन) जोड़ता है और उसे नरम करता है।
· लैक्ट्यूलोज (Lactulose): यह एक ऑस्मोटिक लैक्सेटिव है जो स्टूल में पानी खींचता है।
· सोर्बिटॉल (Sorbitol): यह भी एक ऑस्मोटिक लैक्सेटिव के रूप में काम करता है।

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क्रेमाफिन कैसे काम करता है? (How does Cremaffin work?)

क्रेमाफिन दो तरह से काम करता है:

1. स्टूल को नरम बनाना: इसके घटक (जैसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया और लैक्ट्यूलोज) आंतों में पानी खींचते हैं, जिससे स्टूल नरम और आसानी से बाहर निकलने योग्य हो जाता है।
2. आंतों की गति को बढ़ाना: यह आंतों की मांसपेशियों को हल्का उत्तेजित करके "पेरीस्टलसिस" (आंतों की गति) को बढ़ाता है, जिससे मल आसानी से रेक्टम तक पहुंच जाता है।

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क्रेमाफिन के उपयोग (Uses of Cremaffin)

· कब्ज (Constipation) का इलाज: यह कब्ज से तुरंत राहत दिलाने में मदद करता है।
· बवासीर (Piles/Haemorrhoids): कब्ज कम करके, यह बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
· एनल फिशर (A**l Fissure): नरम स्टूल पास होने से दरार में दर्द कम होता है।
· सर्जरी या प्रसव के बाद: ऐसे समय में जब जोर लगाने से बचना हो, तो स्टूल को नरम रखने के लिए।
· आंतों की सफाई: कुछ मेडिकल प्रक्रियाओं (जैसे कोलोनोस्कोपी) से पहले आंत साफ करने के लिए।

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क्रेमाफिन लेने की सही विधि (How to take Cremaffin)

· सिरप (Syrup): डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक लें (आमतौर पर 1-2 चम्मच)। इसे एक गिलास पानी या दूध के साथ लेना बेहतर होता है।
· न्यूट्रा टेबलेट (Nutra Tablet): टेबलेट को चबाकर खाएं और ऊपर से एक गिलास पानी पी लें।
· बिस्कुट्स (Biscuits): बिस्कुट को खाकर ऊपर से पानी पी लें।
· इसे रात में सोने से पहले लेना सबसे अच्छा माना जाता है, ताकि अगली सुबह आसानी से मल त्याग हो सके।
· दवा लेते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है।

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सावधानियां और चेतावनियां (Precautions and Warnings)

1. डॉक्टर से सलाह: अगर आपकी कब्ज 7 दिनों से अधिक समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
2. गर्भावस्था और स्तनपान: गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बिना इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।
3. अन्य बीमारियां: अगर आपको पेट में दर्द, मतली, उल्टी, अपेंडिसाइटिस, आंतों में रुकावट, या किडनी की बीमारी है, तो इस दवा का उपयोग न करें।
4. लत (Habit Formation): लंबे समय तक नियमित रूप से इस्तेमाल करने से आपकी आंतें इस पर निर्भर हो सकती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के 1 सप्ताह से अधिक न लें।
5. दस्त (Diarrhea): जरूरत से ज्यादा मात्रा में लेने पर दस्त लग सकते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है।

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साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Cremaffin)

हालांकि यह आमतौर पर सुरक्षित है, लेकिन कुछ लोगों को निम्नलिखित दुष्प्रभाव हो सकते हैं:

· पेट में मरोड़ या दर्द (Stomach cramps)
· दस्त (Diarrhoea)
· पेट में गैस (Gas)
· मतली (Nausea)

ये दुष्प्रभाव आमतौर पर हल्के होते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं।

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कब्ज से बचाव के उपाय (Tips to Prevent Constipation)

दवा लेना एक अस्थायी समाधान है। लंबे समय तक कब्ज से बचने के लिए ये उपाय करें:

· फाइबर युक्त आहार लें: हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, इसबगोल की भूसी आदि खाएं।
· खूब पानी पिएं: दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
· नियमित व्यायाम करें: रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलें।
· मल त्याग की इच्छा को न रोकें।
· तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें।

नोट: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी दवा का उपयोग शुरू करने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह अवश्य लें। From Deep Medicos

नमस्ते! आपने पार्थाद्यारिष्ट (Parthadyarishta) के बारे में पूछा है। यह एक प्रमुख आयुर्वेदिक दवा (herbal tonic) है। आइए इ...
28/10/2025

नमस्ते! आपने पार्थाद्यारिष्ट (Parthadyarishta) के बारे में पूछा है। यह एक प्रमुख आयुर्वेदिक दवा (herbal tonic) है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

पार्थाद्यारिष्ट क्या है? (What is Parthadyarishta?)

पार्थाद्यारिष्ट एक आयुर्वेदिक अरिष्ट (fermented herbal decoction) है। अरिष्ट एक प्रकार की हर्बल दवा है जिसे औषधीय पौधों के काढ़े को गुड़ या शहद के साथ मिलाकर खमीर उठाया (ferment) जाता है। इस प्रक्रिया से दवा की गुणवत्ता और शक्ति बढ़ जाती है।

इसका मुख्य घटक पार्थ (Parha) या पथरचूर (Plectranthus amboinicus) नामक पौधा है, जिसे अजवायन पत्ती के नाम से भी जाना जाता है।

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मुख्य घटक (Key Ingredients)

· पार्थ (Parthá): मुख्य घटक है। यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है और गैस की समस्या में लाभदायक है।
· अन्य महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियाँ: इसमें कई और औषधीय पौधे मिलाए जाते हैं, जैसे:
· मंजिष्ठा (Manjishtha): रक्त शुद्ध करने के लिए।
· हरीतकी (Haritaki): पाचन के लिए उत्तम।
· बिभीतक (Bibhitaki): शरीर से toxins निकालने में मददगार।
· आमलकी (Amla): विटामिन C से भरपूर, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
· दारुहरिद्रा (Daruharidra): सूजन कम करने में सहायक।
· गुड़ (Jaggery): यह आधार के रूप में प्रयोग होता है और औषधियों के गुणों को शरीर में पहुँचाने का काम करता है।

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मुख्य उपयोग व लाभ (Key Uses & Benefits)

पार्थाद्यारिष्ट को मुख्य रूप से महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके अन्य लाभ भी हैं:

1. महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म (Irregular Menstruation): यह मासिक धर्म को नियमित करने में बहुत प्रभावी माना जाता है।
2. पीरियड्स में दर्द (Menstrual Cramps): इससे होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करता है।
3. रक्त की कमी (Anemia): यह रक्त बनाने (hematinic) में मदद करता है और शरीर में खून की कमी को दूर करता है।
4. कमजोरी और थकान (Weakness & Fatigue): यह एक टॉनिक की तरह काम करता है, शारीरिक कमजोरी और थकान को दूर कर ऊर्जा प्रदान करता है।
5. पाचन संबंधी समस्याएँ (Digestive Issues): यह पाचन अग्नि को बढ़ाता है, भूख बढ़ाता है और कब्ज, गैस जैसी समस्याओं में राहत देता है।
6. प्रसवोत्तर देखभाल (Postpartum Care): प्रसव के बाद महिलाओं को ताकत देने और रिकवरी में मदद के लिए इसका उपयोग किया जाता है।

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सेवन की विधि और मात्रा (Dosage & How to Use)

· मात्रा (Dosage): आमतौर पर 15-30 ML की मात्रा दिन में दो बार लेने की सलाह दी जाती है।
· कैसे लें (How to Take): इसे समान मात्रा में पानी मिलाकर लेना चाहिए।
· समय: इसे भोजन के बाद लेना सबसे अच्छा रहता है।

ध्यान रहे: यह मात्रा सामान्य है। सही मात्रा और सेवन का समय आपकी उम्र, स्वास्थ्य और समस्या के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

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सावधानियाँ और साइड इफेक्ट (Precautions & Side Effects)

· मधुमेह (Diabetes) के रोगी: इसमें गुड़ मौजूद होता है, इसलिए मधुमेह के रोगियों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए या डॉक्टर से पूछकर करना चाहिए।
· गर्भावस्था (Pregnancy): गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि यह गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है।
· अल्कोहल संवेदनशीलता (Alcohol Sensitivity): चूंकि यह एक फर्मेंटेड प्रोडक्ट है, इसमें प्राकृतिक रूप से थोड़ी मात्रा में अल्कोहल होती है। जिन लोगों को अल्कोहल से एलर्जी है या जो इससे परहेज करते हैं, उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
· अन्य दवाओं के साथ इंटरेक्शन: अगर आप कोई अन्य दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर को बताएँ।

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निष्कर्ष (Conclusion)

पार्थाद्यारिष्ट महिलाओं के reproductive health और overall weakness को दूर करने के लिए एक बहुत ही प्रभावी और लोकप्रिय आयुर्वेदिक औषधि है। हालाँकि, यह एक दवा है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन शुरू न करें।

आशा करता हूँ यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रहेगी! किसी भी दवा का सेवन शुरू करने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

|| দ্রষ্টব্য (Note): यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले हमेशा किसी योग्य चिकित्सक या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लें। |

29/09/2025

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