31/05/2026
बहुत बहुत आभार श्रीमान विनोद जी डारा हमारे हर समय के साथी और सामाजिक कार्यों में कंधा से कंधा मिला कर साथ देने में अग्रणी आज आपने एक बार फिर केवल प्लेटलेट्स नहीं दिए हैं, बल्कि एक डूबते हुए परिवार को उसकी खुशियाँ वापस लौटाई हैं। आपने स्वेच्छा से आगे आकर लगभग एक से डेढ़ घंटे की एफेरेसिस (Apheresis) प्रक्रिया से गुजरना स्वीकार किया। यह आपकी मानसिक दृढ़ता और समाज के प्रति आपकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कबीर दास जी ने कहा था— "परोपकाराय सतां विभूतयः" अर्थात सज्जनों का जीवन दूसरों के उपकार के लिए ही होता है। आज आपने इस बात को सच साबित कर दिखाया है।
आपश्री द्वारा आज 8 वीं SDP डोनेट की गई और आपका यह 57 वाँ डोनेशन है आपका बहुत बहुत आभार