Srijan Eye Hospital Maharajganj

Srijan Eye Hospital Maharajganj Best Eye Hospital in Maharajganj District

महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती की हार्दिक शुभकामनायें।  fans DrAnju Verma Bn Verma
11/04/2026

महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती की हार्दिक शुभकामनायें।
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10/04/2026

महराजगंज में नेत्र चिकित्सा का जाना-पहचाना नाम। हजारों लोगों के भरोसे का प्रतीक-डॉ. बी.एन. वर्मा, सृजन आई हॉस्पिटल। चौपरिया, महराजगंज।
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Ptosis, or drooping eyelids, can be caused by factors like aging, nerve damage, injuries, and conditions such as Myasthe...
09/04/2026

Ptosis, or drooping eyelids, can be caused by factors like aging, nerve damage, injuries, and conditions such as Myasthenia Gravis. Identifying the root cause is key to choosing the right treatment for restoring clear vision and a youthful appearance. Need to talk to a doctor? Schedule your appointment now! Get directions to our clinic. Remember, you’re not alone in this journey! We’re here to help you every step of the way.

आप सभी को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं। जैसा कि हम सभी जानते हैं...
08/04/2026

आप सभी को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं।

जैसा कि हम सभी जानते हैं, **"स्वास्थ्य ही असली संपदा है।"** जीवन की सच्ची खुशी और सफलता एक स्वस्थ शरीर और प्रसन्न मन से ही संभव है। इस अवसर पर आइए, हम सब मिलकर अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाने का संकल्प लें:

* 🧘‍♂️ **नियमित व्यायाम:** योग, दौड़ या साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
* 🍎 **संतुलित आहार:** ताजे फल, सब्जियां और पौष्टिक भोजन अपनाएं।
* 🩺 **जागरूकता:** अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सतर्क रहें।

याद रखें— **"हमारा स्वास्थ्य, हमारी जिम्मेदारी!"** ईश्वर से कामना है कि आप और आपका पूरा परिवार हमेशा स्वस्थ, निरोगी और सुरक्षित रहे।

शुभकामनाओं सहित! 🙏

आँखों की रोशनी को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने के लिए निम्न उपायों को अमल में लायें।• संतुलित आहार: अपने भोजन में विटामि...
07/04/2026

आँखों की रोशनी को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने के लिए निम्न उपायों को अमल में लायें।
• संतुलित आहार: अपने भोजन में विटामिन A, C, E और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीज़ें शामिल करें (जैसे गाजर, पालक, मछली, अंडे और खट्टे फल)।
• 20-20-20 नियम: कंप्यूटर या मोबाइल का उपयोग करते समय हर 20 मिनट में 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को कम से कम 20 सेकंड तक देखें। इससे आँखों की थकान कम होती है।
• धूप से बचाव: बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला धूप का चश्मा (UV Protection) पहनें, ताकि सूरज की हानिकारक किरणों से बचाव हो सके।
• नियमित जांच: आँखों में कोई समस्या न होने पर भी साल में कम से कम एक बार नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से अपनी आँखों की जाँच ज़रूर करवाएं।
• पर्याप्त नींद: आँखों को आराम देने के लिए रोज़ाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें।
• स्वच्छता का ध्यान: आँखों को बार-बार न रगड़ें। हाथ धोकर ही आँखों को छुएं और दिन में 2-3 बार साफ पानी से आँखें धोएं।
• ब्लू लाइट फिल्टर: डिजिटल उपकरणों पर काम करते समय 'आई प्रोटेक्शन मोड' या ब्लू लाइट फिल्टर वाले चश्मों का उपयोग करें।
• धूम्रपान से बचें: धूम्रपान मोतियाबिंद और दृष्टि हानि के खतरे को बढ़ाता है, इसलिए इससे दूर रहें।
एक छोटी सी सावधानी आपकी अनमोल दृष्टि को जीवनभर सुरक्षित रख सकती है।

Verma Bn Verma

World Health Day is the perfect time to start making health a priority. Take small steps towards a healthier you-whether...
06/04/2026

World Health Day is the perfect time to start making health a priority. Take small steps towards a healthier you-whether it's exercise, healthier eating, or mental wellness.

मोतियाबिंद (Cataract) आंखों की एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंख का प्राकृतिक लेंस धीरे-धीरे धुंधला हो जाता है। हालांकि यह उम्...
06/04/2026

मोतियाबिंद (Cataract) आंखों की एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंख का प्राकृतिक लेंस धीरे-धीरे धुंधला हो जाता है। हालांकि यह उम्र बढ़ने के साथ होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई ऐसे कारक हैं जो इसे समय से पहले या अधिक तेजी से बढ़ा सकते हैं।
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👁️ मोतियाबिंद के प्रमुख जोखिम कारक
1. बढ़ती उम्र (Aging): यह सबसे प्रमुख कारण है। अक्सर 60 वर्ष की आयु के बाद लेंस में प्रोटीन जमा होने लगता है, जिससे धुंधलापन आता है।
2. मधुमेह (Diabetes): उच्च रक्त शर्करा (High Blood Sugar) आंख के लेंस की संरचना को बदल सकती है, जिससे मधुमेह के रोगियों में मोतियाबिंद होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।
3. सूर्य का अत्यधिक संपर्क (UV Rays): बिना सुरक्षा (धूप का चश्मा) के लंबे समय तक सूरज की पराबैंगनी (UV) किरणों के संपर्क में रहने से आंखों के लेंस को नुकसान पहुँचता है।
4. धूम्रपान और तंबाकू: धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में मोतियाबिंद होने का खतरा गैर-धूम्रपान करने वालों की तुलना में दोगुना होता है।
5. आनुवंशिकता (Genetics): यदि आपके परिवार (माता-पिता या भाई-बहन) में मोतियाबिंद का इतिहास रहा है, तो आपको इसका खतरा अधिक हो सकता है।
6. आंख की चोट या पिछली सर्जरी: आंख में गंभीर चोट लगना या पहले हुई कोई आंखों की सर्जरी भी मोतियाबिंद का कारण बन सकती है।
7. स्टेरॉयड का लंबे समय तक उपयोग: कुछ बीमारियों के लिए लंबे समय तक ली जाने वाली स्टेरॉयड दवाएं या आई ड्रॉप्स मोतियाबिंद की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं।
8. अन्य कारक: उच्च रक्तचाप (Hypertension), मोटापा और शराब का अत्यधिक सेवन भी इसके जोखिम को बढ़ाते हैं।
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✅ बचाव और सावधानी (Prevention Tips)
• नियमित जांच: 40 वर्ष की आयु के बाद साल में कम से कम एक बार आंखों की विस्तृत जांच कराएं।
• सुरक्षा: तेज धूप में निकलते समय UV-प्रोटेक्टिव सनग्लासेस का उपयोग करें।
• स्वस्थ जीवनशैली: धूम्रपान छोड़ें, संतुलित आहार लें (हरी सब्जियां और फल) और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।
• चोट से बचाव: खेलकूद या खतरनाक काम करते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनें।
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मोतियाबिंद से न घबराएं: पाएं अपनी साफ और उज्ज्वल दृष्टि वापस!बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी का धुंधला होना एक आम समस्य...
05/04/2026

मोतियाबिंद से न घबराएं: पाएं अपनी साफ और उज्ज्वल दृष्टि वापस!
बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी का धुंधला होना एक आम समस्या है, और इसका सबसे बड़ा कारण मोतियाबिंद हो सकता है। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, बल्कि समय के साथ आंखों के प्राकृतिक लेंस के धुंधला होने की एक सामान्य स्थिति है।
क्या आपको या आपके अपनों को ये लक्षण महसूस हो रहे हैं?
• दृष्टि में धुंधलापन या ऐसा लगना जैसे आंखों के सामने कोहरा या जाला छा गया हो।
• रात के समय देखने में अचानक परेशानी होना।
• तेज रोशनी या गाड़ी की हेडलाइट से आंखों में चुभन होना।
• रोशनी के स्रोत (जैसे बल्ब) के चारों ओर रंगीन घेरे (Halos) दिखाई देना।
• रंगों का फीका पड़ना या चीजें पीली दिखाई देना।
समाधान बहुत आसान और सुरक्षित है:
आपको यह जानकर तसल्ली होगी कि मोतियाबिंद का इलाज आज के समय में बेहद आधुनिक, लगभग दर्द-रहित और सुरक्षित हो गया है। दूरबीन विधि (Phaco सर्जरी) के जरिए एक छोटे से ऑपरेशन से धुंधले लेंस को हटाकर एक नया कृत्रिम लेंस (IOL) लगा दिया जाता है। मरीज उसी दिन घर जा सकता है और कुछ ही समय में स्पष्ट दिखाई देने लगता है।
आज ही सही कदम उठाएं:
अपनी या अपने परिवार के बुजुर्गों की आंखों को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही इलाज से इस खूबसूरत दुनिया को फिर से साफ-साफ देखा जा सकता है।
हमारा अनुरोध: यदि आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से कुछ भी महसूस हो रहा है, तो बिना देरी किए आज ही अपने नजदीकी नेत्र विशेषज्ञ (Eye Specialist) से संपर्क करें और अपनी आंखों की जांच कराएं।
स्वस्थ आंखें, रोशन जीवन! 👁️✨
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👁️ क्या आपको मधुमेह (Diabetes) है? तो अपनी आँखों को नज़रअंदाज़ न करें! 👁️डायबिटीज न केवल आपके शरीर को, बल्कि आपकी आँखों ...
04/04/2026

👁️ क्या आपको मधुमेह (Diabetes) है? तो अपनी आँखों को नज़रअंदाज़ न करें! 👁️
डायबिटीज न केवल आपके शरीर को, बल्कि आपकी आँखों की रोशनी को भी खामोशी से भारी नुकसान पहुँचा सकती है। इस गंभीर समस्या को डायबिटिक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy) कहते हैं।
डायबिटिक रेटिनोपैथी क्या है?
जब ब्लड शुगर का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो यह आँख के पिछले हिस्से (रेटिना) की रक्त वाहिकाओं (खून की नलियों) को नुकसान पहुँचाता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि शुरुआती दौर में इसका कोई लक्षण महसूस नहीं होता, लेकिन धीरे-धीरे यह स्थायी अंधेपन (Vision Loss) का कारण बन सकता है।
⚠️ इसके मुख्य लक्षण (जो अक्सर बीमारी बढ़ने पर महसूस होते हैं):
• आँखों के सामने काले धब्बे या जाले (Floaters) तैरते हुए दिखना।
• नज़र का धुंधला होना या फोकस करने में परेशानी।
• रंगों को साफ तौर पर पहचानने में दिक्कत होना।
• बीच-बीच में अचानक से आँखों की रोशनी कम हो जाना।
🛡️ बचाव और सही देखभाल के तरीके:
• अपने ब्लड शुगर (HbA1c), ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को हमेशा नियंत्रण में रखें।
• स्वस्थ आहार लें और नियमित रूप से व्यायाम करें।
• धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं।
• सबसे महत्वपूर्ण: भले ही आपकी नज़र बिल्कुल ठीक हो, फिर भी साल में कम से कम एक बार आँखों की विस्तृत जाँच (Dilated Eye Exam) अवश्य कराएं।
याद रखें, समय रहते पहचान और सही इलाज से डायबिटिक रेटिनोपैथी से होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। लक्षणों के प्रकट होने का इंतज़ार बिल्कुल न करें!
अपनी आँखों की संपूर्ण और सुरक्षित जाँच के लिए आज ही विशेषज्ञ से मिलें:

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ग्लूकोमा, जिसे हिंदी में 'काला मोतिया' भी कहा जाता है, आंखों की एक गंभीर स्थिति है। इसे अक्सर "मौन दृष्टि चोर" (Silent T...
02/04/2026

ग्लूकोमा, जिसे हिंदी में 'काला मोतिया' भी कहा जाता है, आंखों की एक गंभीर स्थिति है। इसे अक्सर "मौन दृष्टि चोर" (Silent Thief of Sight) कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण शुरुआती चरणों में दिखाई नहीं देते और यह धीरे-धीरे इंसान की देखने की शक्ति को छीन लेता है।
नीचे ग्लूकोमा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है:
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1. ग्लूकोमा (काला मोतिया) क्या है?
हमारी आंखों के अंदर एक खास तरह का तरल पदार्थ (Aqueous Humor) लगातार बनता और बाहर निकलता रहता है। जब इस तरल के बाहर निकलने का रास्ता रुक जाता है, तो आंख के अंदर दबाव बढ़ जाता है। इस बढ़े हुए दबाव को इंट्राऑकुलर प्रेशर (IOP) कहते हैं। यह दबाव आंख के पीछे स्थित ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve) को नुकसान पहुँचाता है, जो हमारे मस्तिष्क तक दृश्य संदेश भेजती है। यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो यह पूर्ण अंधेपन का कारण बन सकता है।
2. मुख्य लक्षण
ग्लूकोमा की सबसे खतरनाक बात यह है कि शुरुआत में इसके कोई लक्षण नहीं होते।
• शुरुआती चरण: दृष्टि में कोई दर्द या बदलाव महसूस नहीं होता।
• मध्यम चरण: किनारों की दृष्टि (Peripheral Vision) धुंधली होने लगती है।
• गंभीर चरण: 'टनल विजन' (जैसे किसी पाइप से देख रहे हों) की समस्या और अंततः पूरी तरह दिखाई देना बंद हो जाना।
• एक्यूट ग्लूकोमा के लक्षण: अचानक आंखों में तेज दर्द, सिरदर्द, मतली (जी मिचलाना), और रोशनी के चारों ओर इंद्रधनुषी घेरे दिखाई देना।
3. जोखिम कारक (किसे खतरा ज्यादा है?)
• उम्र: 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में।
• आनुवंशिकता: यदि परिवार में पहले किसी को ग्लूकोमा रहा हो।
• बीमारियां: मधुमेह (Diabetes), उच्च रक्तचाप (High BP) या हृदय रोग।
• चश्मे का नंबर: जिन लोगों को बहुत अधिक प्लस या माइनस नंबर का चश्मा है।
• स्टेरॉयड का उपयोग: लंबे समय तक स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स या दवाओं का सेवन।
4. निदान और जांच (Diagnosis)
चूंकि इसके लक्षण देरी से पता चलते हैं, इसलिए नियमित जांच ही एकमात्र बचाव है। एक नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist) निम्नलिखित जांच करते हैं:
• टोनोमेट्री: आंख के अंदर के दबाव (IOP) को मापना।
• ऑप्थाल्मोस्कोपी: ऑप्टिक नर्व की जांच करना।
• विजुअल फील्ड टेस्ट: यह देखना कि आपकी साइड की दृष्टि कितनी सक्रिय है।
5. उपचार के विकल्प
ग्लूकोमा से जो दृष्टि एक बार खो जाती है, उसे वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन उपलब्ध उपचारों से इसे और बिगड़ने से रोका जा सकता है:
• आई ड्रॉप्स: यह सबसे आम उपचार है जो आंख के दबाव को कम करने में मदद करता है।
• लेजर थेरेपी: तरल पदार्थ की निकासी को सुधारने के लिए लेजर का उपयोग।
• सर्जरी (Trabeculectomy): यदि दवाएं काम न करें, तो तरल निकासी के लिए एक नया रास्ता बनाने हेतु शल्य चिकित्सा की जाती है।
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महत्वपूर्ण सलाह: 40 वर्ष की आयु के बाद हर साल अपनी आंखों की जांच जरूर करवाएं। ग्लूकोमा का समय पर पता चलना ही आपकी दृष्टि को बचा सकता है।
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Stress can negatively impact your eyes, leading to symptoms like dry eyes, eye strain, eye twitching, blurry vision, and...
01/04/2026

Stress can negatively impact your eyes, leading to symptoms like dry eyes, eye strain, eye twitching, blurry vision, and an increased risk of eye infections. Managing stress is crucial not only for your mental health but also for maintaining optimal eye health and preventing discomfort or potential eye conditions.

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Remember, you're not alone in this journey! We're here to help you every step of the way.

01/04/2026

सृजन आई हॉस्पिटल, महराजगंज में आँखों का सबसे अच्छा अस्पताल है। यहाँ पर डॉ. बी.एन. वर्मा के कुशल निर्देशन में अनुभवी विशेषज्ञों की टीम यहाँ आने वाले मरीजों के जीवन में खुशियों का उजाला भरने का काम कर रही है।
अनुभवी नेत्र विशेषज्ञों की टीम
• नवीनतम तकनीक और आधुनिक उपकरण
• सभी प्रकार की नेत्र सर्जरी उपलब्ध – जैसे मोतियाबिंद, रेटिना, लेसिक आदि
• दृष्टि परीक्षण और चश्मा मापन की सुविधा
• बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष नेत्र देखभाल
• दैनिक ओपीडी और आपातकालीन सेवाएँ
• आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं से सम्बद्ध
• स्वच्छ वातावरण और सहयोगी स्टाफ
• उचित दरों पर उच्च गुणवत्ता वाला उपचार
• मरीज की सुविधा के अनुसार परामर्श और सर्जरी की व्यवस्था
ज्यादा जानकारी के लिये संपर्क करें- 8052025245
BN Verma(Eye Surgeon)






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Address

Chaupariya
Maharajganj
273303

Telephone

+919026841105

Website

http://www.srijaneyehospital.in/, http://www.srijaneyehospital.co/, https://srijane

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