18/05/2026
विश्व के एकलौते डॉक्टर हनुमान जी को मिलने जा रहा है …..
क्या आपने कभी सुना है कि कोई वर्ल्ड रिकॉर्ड अधिकारी खुद चलकर किसी धाम पर आए और कहे कि 'मुझे हनुमान जी ने बुलाया है'? दंदरौआ धाम की दिव्य महिमा ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है!
प्रेस विज्ञप्ति: दंदरौआ धाम को वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया (World Records India) द्वारा मिलेगा विशेष सम्मान; स्वयं सीईओ पवन सोलंकी सौंपेंगे महामंडलेश्वर महाराज श्री को वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट
भिंड/दंदरौआ धाम, मध्य प्रदेश:
मध्य प्रदेश के भिंड जनपद में स्थित सुप्रसिद्ध पावन दंदरौआ धाम की अद्वितीय आध्यात्मिक परंपरा, जन-आस्था और मानव सेवा को अब विश्व स्तर पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलने जा रही है। दंदरौआ धाम को 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया' द्वारा विशेष सम्मान एवं प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया' के सीईओ (CEO) पवन सोलंकी स्वयं पधार रहे हैं।
धाम के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रभारी राघवेंद्र खेमरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर एयरपोर्ट पर पवन सोलंकी जी के कदम रखते ही उनका अत्यंत आत्मीय और भव्य स्वागत किया गया। स्वागत की इस पावन कड़ी में सर्वप्रथम दंदरौआ धाम के श्रद्धेय पुजारी श्री रामबरन जी महाराज ने उन्हें पुष्पगुच्छ (बुके) भेंट किया और पुष्पमाला पहनाकर उनका आदर-सत्कार किया। इस विशेष अवसर पर पुजारी जी ने उन्हें गालव ऋषि की तपोभूमि और इस क्षेत्र की पावन महिमा के बारे में भी विस्तार से बताया।
एयरपोर्ट पर अगवानी और विशेष स्वागत के लिए स्व. डॉ. श्री राजेन्द्र प्रकाश सिंह (पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जी) के नाती, वैज्ञानिक आर्य प्रताप जी भी मुख्य रूप से ग्वालियर एयरपोर्ट पहुँचे और गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान दंदरौआ धाम के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रभारी राघवेंद्र खेमरिया सहित दंदरौआ ग्राम से भानु सिंह गुर्जर, सौरभ यादव एवं अन्य प्रबुद्ध भक्तगण भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
राघवेंद्र खेमरिया ने आगे बताया कि आमतौर पर संस्थाओं द्वारा सम्मान पत्र डाक या प्रतिनिधियों के माध्यम से भेजे जाते हैं, परंतु दंदरौआ धाम की अलौकिक महिमा को देखते हुए संस्था के शीर्ष अधिकारी स्वयं यहाँ आ रहे हैं। धाम आगमन को लेकर अपनी उत्सुकता और श्रद्धा प्रकट करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया के सीईओ पवन सोलंकी ने कहा— "दंदरौआ धाम आना मेरा परम सौभाग्य है। यहाँ मैं किसी आमंत्रण या औपचारिकता के कारण नहीं, अपितु स्वयं 'डॉक्टर हनुमान' जी की दिव्य कृपा और इच्छा से खिंचा चला आया हूँ। ऐसी पावन भूमि पर शीश नवाना मेरे जीवन का सबसे अद्भुत क्षण है। इस प्रतिष्ठित अवार्ड के मिलने के बाद दंदरौआ धाम को वैश्विक जगत में एक अलग पहचान मिलेगी, जिससे देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों से भक्तों की संख्या भी धाम पर निरंतर बढ़ती जाएगी।"
धाम में विराजमान भगवान हनुमान जी के दुर्लभ एवं अद्वितीय स्वरूप — “डॉक्टर हनुमान” तथा दिव्य “सखी स्वरूप” को विश्व स्तर पर एक विशिष्ट आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के रूप में मान्यता दी गई है। कल, मंगलवार के पावन दिन, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया की समिति द्वारा मंदिर परिसर में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर महंत श्री रामदास जी महाराज एवं मंदिर समिति को औपचारिक रूप से यह प्रतिष्ठित 'वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट' ससम्मान भेंट किया जाएगा।
विदित हो कि दंदरौआ धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा, संवेदना और दिव्य उपचार का एक जीवंत केंद्र माना जाता है। पिछले पाँच दशकों से श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर महंत श्री रामदास जी महाराज के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में यह धाम मानव सेवा, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का केंद्र बना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रभारी राघवेंद्र खेमरिया के अनुसार, कल मंगलवार को होने वाले इस भव्य सम्मान समारोह को लेकर मंदिर समिति और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह का माहौल है।