25/03/2026
Just for today, मार्च~25
मैं नहीं, पर हम कर सकते हैं (I can't, but we can)
"एडिक्शन के अकेलेपन से निकलकर हमें एक फ़ेलोशिप मिली हैं जहाँ लोग एक आम रिकवरी के बंधन में हैं ......हमारा विश्वास, ताकत और आशा लोगों की रिकवरी की शेयरिंग से और अपनी समझ के ईश्वर के साथ रिश्ता बनाने से हमें मिलते हैं।"
Basic Text, p.98
---------------=---------------
अपनी किसी कमजोरी को न मानना, तमाम कमियों को छुपाना, अपनी हर नाकामी को नकारना, केवल अपने रास्ते और तौर-तरीकों से, अपनी हेकड़ी से चलते रहना–यही वह मत था, जीओस पर हममे से बहुत से चलते रहे। हमारा अपने एडिक्शन पर कोई वश नहीं है, इस सच्चाई को हम झुठलाते रहें की हमारी जिंदगियां हमारे हाथ से बाहर निकल चुकी हैं, हमारे अपने वश में नहीं हैं। तमाम सबूतों के बावजूद भी हम इस सत्य को नकारते रहें। हममे से बहुत से उस समय तक समर्पण नहीं करते जब तक उन्हें यह भरोसा न हो जाए की वाकई समर्पण में कुछ न कुछ लाभ ही हैं। हममे से बहुत से अपने पहले कदम पर अपना पाँव तभी उठाते है जब उन्हें इस बात का पक्का प्रमाण मिल जाता है की नारकोटिक्स अनोनिमस में आकर एडिक्ट्स सुधर सकते हैं।
एन.ए में हमने ऐसे बहुत से दूसरे व्यक्तियों को देखा है, जो शुरू-शुरू में हमारी तरह ही इस प्रकार की उलझन से ग्रस्त थे, जिनकी ज़रूरतें हमारी तरह से ही थीं, जिन्होंने ऐसे साधन जहाँ एन.ए में ही पाए, जो उनके लिए लाभकारी सिद्ध हुए। आज यह एडिक्ट्स अपने उन तौर-तरीकों को हमारे साथ बांटने के लिए तैयार हैं और हमें इस तरह का वह भावनात्मक सहारा देने के लिए तैयार हैं, जिसकी हमें सख्त जरूरत है, जिस पर चलना अब हमारे लिए भी जरूरी हो गया है। सुधरते हुए एडिक्ट्स जानते हैं कि दूसरों की मदद कितनी असरदार हो सकती हैं क्योंकि उन्होने भी भी स्वयं इसी प्रकार की मदद कभी प्राप्त की थी। जब हम नारकोटिक्स एनोनिमस का एक हिस्सा बन जातें हैं, तो हम अपनी तरह के लोगों के ही एक एडिक्ट्स संगठन में सम्मिलित हो जाते हैं, एक ऐसे लोगों का समूह जो जानता है की सुधरने के लिए हम एक-दूसरे की मदद करते हैं।
----------------=---------------
सिर्फ आज के दिन : मैं सुधार के बंधन में अपने को बांधूंगा। नारकोटिक्स एनोनिमस के संगठन में मैं उन तमाम अनुभव , शक्ति और उम्मीद को पाने की कोशिश करूंगा, जिसकी मुझे ज़रूरत है।