Come Back To Life Nasha Mukti Kendra

Come Back To Life Nasha Mukti Kendra An Organization Focused on providing a quality treatment and Rehabilitation to Drug and Alcohol Addicts in Friendly Environment..!

Just for today, मार्च~25मैं नहीं, पर हम कर सकते हैं (I can't, but we can)"एडिक्शन के अकेलेपन से निकलकर हमें एक फ़ेलोशिप म...
25/03/2026

Just for today, मार्च~25
मैं नहीं, पर हम कर सकते हैं (I can't, but we can)
"एडिक्शन के अकेलेपन से निकलकर हमें एक फ़ेलोशिप मिली हैं जहाँ लोग एक आम रिकवरी के बंधन में हैं ......हमारा विश्वास, ताकत और आशा लोगों की रिकवरी की शेयरिंग से और अपनी समझ के ईश्वर के साथ रिश्ता बनाने से हमें मिलते हैं।"
Basic Text, p.98
---------------=---------------
अपनी किसी कमजोरी को न मानना, तमाम कमियों को छुपाना, अपनी हर नाकामी को नकारना, केवल अपने रास्ते और तौर-तरीकों से, अपनी हेकड़ी से चलते रहना–यही वह मत था, जीओस पर हममे से बहुत से चलते रहे। हमारा अपने एडिक्शन पर कोई वश नहीं है, इस सच्चाई को हम झुठलाते रहें की हमारी जिंदगियां हमारे हाथ से बाहर निकल चुकी हैं, हमारे अपने वश में नहीं हैं। तमाम सबूतों के बावजूद भी हम इस सत्य को नकारते रहें। हममे से बहुत से उस समय तक समर्पण नहीं करते जब तक उन्हें यह भरोसा न हो जाए की वाकई समर्पण में कुछ न कुछ लाभ ही हैं। हममे से बहुत से अपने पहले कदम पर अपना पाँव तभी उठाते है जब उन्हें इस बात का पक्का प्रमाण मिल जाता है की नारकोटिक्स अनोनिमस में आकर एडिक्ट्स सुधर सकते हैं।
एन.ए में हमने ऐसे बहुत से दूसरे व्यक्तियों को देखा है, जो शुरू-शुरू में हमारी तरह ही इस प्रकार की उलझन से ग्रस्त थे, जिनकी ज़रूरतें हमारी तरह से ही थीं, जिन्होंने ऐसे साधन जहाँ एन.ए में ही पाए, जो उनके लिए लाभकारी सिद्ध हुए। आज यह एडिक्ट्स अपने उन तौर-तरीकों को हमारे साथ बांटने के लिए तैयार हैं और हमें इस तरह का वह भावनात्मक सहारा देने के लिए तैयार हैं, जिसकी हमें सख्त जरूरत है, जिस पर चलना अब हमारे लिए भी जरूरी हो गया है। सुधरते हुए एडिक्ट्स जानते हैं कि दूसरों की मदद कितनी असरदार हो सकती हैं क्योंकि उन्होने भी भी स्वयं इसी प्रकार की मदद कभी प्राप्त की थी। जब हम नारकोटिक्स एनोनिमस का एक हिस्सा बन जातें हैं, तो हम अपनी तरह के लोगों के ही एक एडिक्ट्स संगठन में सम्मिलित हो जाते हैं, एक ऐसे लोगों का समूह जो जानता है की सुधरने के लिए हम एक-दूसरे की मदद करते हैं।
----------------=---------------
सिर्फ आज के दिन : मैं सुधार के बंधन में अपने को बांधूंगा। नारकोटिक्स एनोनिमस के संगठन में मैं उन तमाम अनुभव , शक्ति और उम्मीद को पाने की कोशिश करूंगा, जिसकी मुझे ज़रूरत है।

Healing is about more than just recovery—it's about taking care of your whole self. ❤️ A big thank you to the medical te...
24/03/2026

Healing is about more than just recovery—it's about taking care of your whole self. ❤️ A big thank you to the medical team for conducting
​Free HIV and Hepatitis B/C screening camp today at Come Back To Life Rehab, Mandi. Strengthening our community through awareness and early detection. 🩺🙏

मंडी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.890 किलो चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार
24/03/2026

मंडी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.890 किलो चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार

Just for today, मार्च~24अतीत को जाने दो (Letting go of the past)  “हम कहाँ थे इतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना की हम  कहाँ ...
24/03/2026

Just for today, मार्च~24
अतीत को जाने दो (Letting go of the past)
“हम कहाँ थे इतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना की हम कहाँ जा रहें हैं।”
Basic Text, p. 23
---------------=---------------
जब हम पहले सुधार में आये तब हममें से अनेक अपने बारे में “एडिक्ट” शब्द सुन कर निहायत शर्मिंदा और निराश हुए। शुरू-शुरू के दिनों में हम भय और उम्मीद–दोनों से ही भावाकुल हो सकते है, ज्यों-ज्यों हम अपनी जिंदगी को एक नया अर्थ देने के लिए संघर्ष के रास्ते पर हल निकलते हैं त्यों-त्यों हमें लगता है की हम अपने अतीत से बच नहीं पाते और वह हम पर पूरी तरह हावी है। उस समय हमें अपने बारे में कुछ दूसरी तरह से सोचना बड़ा मुश्किल लगता है और हम कुछ वैसा ही सोचते रह जाते हैं जैसा की हम अपने अतीत में रह रहें हैं।
लेकिन हमें समझना चाहिए की जहां हमारे गुज़रे हुए वक्त की यादें हमें आगाह करती हैं की अगर हमने दुबारा नशा किया, तो हमारी क्या हालत होगी, तो वे हमें और भय के दु:स्वप्न में भरमाए रख सकती है। यधपि उन यादो को भूल पाना निहायत मुश्किल है, फिर भी सुधार में हर दिन हमें हमारे सक्रिय एडिक्शन से दूर लेके चले जाने में काफी कारगर सिद्ध हो सकता है। हर रोज़ हम अपने लिए कुछ नया, कुछ आगे ही आगे देखते रह सकते हैं और अपने अतीत के लिए अपने को कोसते रहने से बचा सकते हैं।
सुधार में हमारे लिए सारे दरवाजे खुले हैं ! हमारे पास अनेक विकल्प है। हमारी नयी जिंदगी पूरी तरह समृद्ध है, उमीदों से भरी हुई है। जबकि हम अपना अतीत तो नहीं भुला पाते, हमें इसके साथ चिपके रहने की अब कोई ज़रूरत नहीं है। अब हम आगे बढ़ सकते हैं।
-------------=---------------
सिर्फ आज के दिन : मैं अपने आप को तैयार करूंगा और तमाम नयी उम्मीदों के साथ अपने अतीत को तिलांजलि देते हुए अपने वर्तमान में आ जाऊँगा।

Just for today, मार्च~23ईश्वरीय–उपहार (God's gifts)                         “हम अपनी मेहनत करते हैं और जो भी हमें हर दिन...
23/03/2026

Just for today, मार्च~23
ईश्वरीय–उपहार (God's gifts)
“हम अपनी मेहनत करते हैं और जो भी हमें हर दिन खुलकर दिया जा रहा है उसे स्वीकार करते हैं।"
Basic Text, p.47
--------------=---------------
अपनी उच्च-शक्ति से हमारा संबंध एक दुतरफा मार्ग है। प्रार्थना में, हम बोलते हैं और प्रभु सुनते हैं।जब हम ध्यान करते हैं, तब हम उच्च-शक्ति की इच्छा को सुनने के लिए अपना भरसक प्रयास करते हैं। हम जानते हैं की प्रभु के साथ संबंध स्थापित करने के लिए अपने भाग के लिए हम ही उत्तरदायी हैंर अगर हम प्रार्थना नहीं करेंगे, ध्यान-चिन्तन से प्रभु कि अवाज़ नहीं सुनेंगें, तो हम अपनी जिंदगानी में उच्च-शक्ति के प्रवेश द्वार स्वयं ही बंद कर लेंगे।
जब हम अपनी उच्च-शक्ति के साथ अपने संबंधों के बारे में सोचते है तो यह याद रखना मत्वपूर्ण है की हम क्या हैं-हम शक्तिहीन हैं। हम मार्गदर्शन की मांग कर सकते है, इच्छुकता और शक्ति के लिए गुहार कर सकते हैं, हम अपनी उच्च-शक्ति की इच्छा को जानने के ज्ञान की भी मांग कर सकते हैं-लेकिन हम अपनी मांगें नहीं रख सकते हैं। हमारी समझ का ईश्वर–वे , जिसके पास शक्ति है स्वयं संबंध की अपनी भागीदारी को पूरा करेगा, हमें स्वयं वह सब कुछ दे देगा, जिसकी हमें जब-जब भी ज़रूरत होगी।
हमारे लिए जरूरी है की हम अपनी उच्च-शक्ति से अपने संबंध को बराबर बनाएं रखने के लिए नित्य-प्रति अपना कार्य करते रहें। इसे करते रहने का एक रास्ता यह है की हम ग्याहरवें कदम पर चलें।तभी हम अपनी शक्तिहीनता को याद रख पायेंगें और अपने से बड़ी उच्च-शक्ति की इच्छा को स्वीकार कर सकेंगें।
---------------=---------------
सिर्फ आज के लिए : अपनी उच्च-शक्ति के साथ अपने संबंध में मैं शक्तिहीन हूँ। यह याद रखते हुए , की मैं कौन हूँ, मैं आज अपनी समझ के ईश्वर के उपहारों को सिर झुका कर कुबूल करूंगा।

Just for today, मार्च~22स्वावलम्बन का सिद्धांत (The principle of self-support)“नशा करते समय हम, लोगों पर, स्थानों पर और ...
22/03/2026

Just for today, मार्च~22
स्वावलम्बन का सिद्धांत (The principle of self-support)
“नशा करते समय हम, लोगों पर, स्थानों पर और चीज़ों पर निर्भर रहते थे। इन चीज़ों में हम सहारा ढूँढ़ते थे और उन चीज़ों को ढूँढ़ते थे जिनकी हमारे अंदर कमी थी।”
Basic Text, pp. 70-71
---------------=---------------
पशुओं के राज्य में एक जीव होता है जो दूसरों के सहारे जीवित रहता है, इसे कहते है जोंक। यह अपने को दूसरों के त्वचा से चिपका लेती है और फिर इसे जो चाहिए, और फिर इसे जो चाहिए, अपनी ज़रूरत के हिसाब से लेना शुरू कर देती है। जब कोई इसे अपनी त्वचा से हटा देता है तो यह किसी दूसरे त्वचा से जा चिपटती है।
अपने सक्रिय एँडिक्शन के दिनों में हम भी इसी की तरह का व्यवहार कतरे रहे। हमने अपने परिवार वालों का, दोस्तों का, अपने समुदायों का खून चूसा। चेतन अथवा अचेतन मन से हम हर किसी से जिस जिससे भी हमारा सामना होता था बदले में बिना कुछ दिए कुछ न कुछ बटोरने का प्रयास करते रहे।
जब हमने अपनी पहली मीटिंग में चंदे की किट्टी को अपने सामने से गुजरते हुए देखा, तो हमने भोचक्के होकर सोचा “स्वावलम्बन! अब यह क्या अजीब बात है ?” और ज्यो-ज्यों हम गौर करते रहे, त्यों-त्यों हमने कुछ देखा। हमने पाया की हमने पाया की यह स्वावलम्बी एडिक्ट एकदम मुक्त थे, अपने तरीके से अपने तमाम मूल्य चुकाते हुए उन्होंने अपने बारे में अपने फैसले खुद-ब-खुद करने का विशेषाधिकार पा लिया था।
अपने व्यक्तिगत जीवन में स्वावलम्बन के सिद्धांत को लागू करके हम भी उसी तरह की मुक्ति को प्राप्त कर लेते हैं। फिर हमें कोई भी यह कहंने वाला, हम पर हुक्म चलाने वाला नहीं रहता की हम कहाँ रहें, क्योंकि हम अपने रहने का किराया खुद-ब-खुद दे रहें हैं। फिर हम जैसा चाहें, जहां चाहें वैसा खा/ पी सकते हैं, अपनी पसंद का वाहन चला सकते हैं, क्योंकि फिर इन सबका भुगतान हम खुद करते हैं।
फिर हमें अपनी हस्ती को बनाये रखने के लिए जोंक की तरह दूसरों का मोहताज़ नहीं बनना पड़ता। हम हम जितनी ही ज़िम्मेदारी अपने सिरसिर लेंगे, उतना ही ज्यादा हम आजादी पायेंगे।
--------------=--------------
सिर्फ आज के लिए :- अपने स्वावलम्बन को मैं अपने हाथों में ले लूँ, तो फिर मेरी मुक्ति की कोई सीमा नहीं रह जाती। अब मैं अपनी खुद की ज़िम्मेदारियाँ स्वयं सम्भालूँगा और अपनी पसंद से जीने की कीमत खुद अदा करूँगा।

"Eat well. Live better. Recover stronger. 🌿 Discover the power of nutrition at Come Back to Life Rehab. The best fuel fo...
21/03/2026

"Eat well. Live better. Recover stronger. 🌿 Discover the power of nutrition at Come Back to Life Rehab. The best fuel for your comeback starts right here in our Mandi kitchen. 🥘"



Just for today,  मार्च~21ऐसा रोग जिसका उपचार संभव है (A treatable illness)   “एडिक्शन एक ऐसी बिमारी है जिसमें नशीले प्रद...
21/03/2026

Just for today, मार्च~21
ऐसा रोग जिसका उपचार संभव है (A treatable illness)
“एडिक्शन एक ऐसी बिमारी है जिसमें नशीले प्रदार्थों के सेवन के अलावा और भी बातें शामिल हैं।”
Basic Text, p. 3
--------------=---------------
एन.ए की अपनी पहली मीटिंग में हम संगी-साथियों के अनुभवों को सुनते हुए एकाएक अवाक् रह जाते हैं की एडिक्शन के रोग ने उनकी जिंदगियों को किस हद तक प्रभावित कर दिया है। हम सोचतें हैं “रोग, मुझे तो केवल नशे से समस्या है! वे लोग किस रोग की बात कर रहें हैं ?”
कार्यक्रम में कुछ वक्त गुज़ारने के बाद हम देखने लगतें हैं की हमारे ड्रग्स लेने के मानसिक खिंचाव और मजबूरी से कहीं ज्यादा, गहराई तक हमारे एडिक्शन अपनी जड़े जमा लीं थीं। हमने पाया की हम एक लम्बी-पुरानी बिमारी से ग्रस्त थे जिसने हमारी जिंदगी के बहुत से क्षेत्रों को प्रभावित किया हुआ है। हम नहीं जानते थे की यह रोग हमने कहां से “पाल लिया।” लेकिन आत्मनिरीक्षण करने पर हमने यही पाया की यह पिछले कई बरसों से हमारे जीवन में विद्यमान हैं।
जिस तरह एडिक्शन का रोग हमारे जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करता है, उसी तरह एन.ए कार्यक्रम भी हमारी जिंदगी के हर पहलु को प्रभावित करता है। हम एन.ए की पहली मीटिंग में पहली बार अपने रोग के तमाम लक्षण लिए हुए शरीक होते हैं–आध्यत्मिक शुन्यता, भावनात्मक दर्द, शक्तिहीनता तथा अस्त-व्यस्तता।
अपने रोग के उपचार में हमें केवल मात्र नशे से दूर रहने से और भी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है। हम एन.ए के बारह कदमों पर चलतें हैं और यधपि वे हमारे रोग को “ठीक” नहीं कर पाते, फिर भी वे हमारे घाव भरने शुरू कर देते हैं और फिर ज्यों-ज्यों हम सुधरते चले जाते हैं त्यों-त्यों हम जिंदगी के वरदान का अनुभव करते हैं।
--------------=---------------
सिर्फ आज के दिन :- मैं बारह कदमों पर चल कर अपने रोग का इलाज़ करुँगा।

Our menu is thoughtfully planned to ensure every resident receives the vital nutrients needed to rebuild strength and fo...
20/03/2026

Our menu is thoughtfully planned to ensure every resident receives the vital nutrients needed to rebuild strength and focus on their journey. Good health starts with what’s on your plate.Vibe













Just for today, मार्च~20उच्च-शक्ति (Higher Power)                                   “हममे से बहुतों को यह कबूल करने में ...
20/03/2026

Just for today, मार्च~20
उच्च-शक्ति (Higher Power)
“हममे से बहुतों को यह कबूल करने में कोई परेशानी नहीं है की एडिक्शन हमारे जीवन में एक ध्वंसात्मक शक्ति बन गया था। हमारी सबसे बेहतरीन कोशिशों का नतीजा और अधिक विनाश एवं निराशा निकला। किसी एक मोड़ पर हमें यह एहसास हुया की हमें एक ऐसी शक्ति की आवश्यकता थी जो हमारे एडिक्शन से बड़ी हो।”
Basic Text, p. 24
---------------=---------------
बिना किसी शक के हममे से अधिकाँश यह जानते हैं की हमारी जिंदगियां लगभग बर्बाद हो चुकीं हैं। लेकिन इतना जान लेना की हम एडिक्शन के रोगों से ग्रस्त हो गए है, हमारी इस बर्बादी के स्त्रोत और कारण को जान लेने के लिए काफी हो जाता है। ऐसे में हम एडिक्शन की जानलेवा ताकत का अंदाजा लगा सकते हैं। जब हम सुधार का पहला कदम उठाते हैं तब हम मान लेते हैं की हमारे स्वयं की तुलना में हमारी विनाशकारी शक्ति बहुत बड़ी है। हम इसके सामने शक्तिहीन हैं।
इस बिंदु पर हमारे लिए केवल यही उम्मीद बाकी रह जाती है की हम अपने एडिक्शन की ताकत से भी कहीं कोई बहुत ज्यादा ताकतवर किसी शक्ति को पाने की कोशिश करें–एक ऐसी शक्ति जो हमारी जिंदगियों को सुधारने, स्वच्छ रखने और उन्हें महफूज़ रखने पर अमादा हो, न की उन्हें खत्म कर देने पर। इसके लिए यह जरूरी नहीं है की हम इस शक्ति के रहस्य को समझ ही लें, या इसे कोई नाम दें दे, अपितु हमें तो केवल श्रधापूर्व्क अपने अंदर यह भरोसा पैदा करना है की इस तरह की उच्च-शक्ति का अस्तित्व है। यह विश्वास, की हमारी एडिक्शन से कहीं बड़ी कृपाल शक्ति का केवल मात्र अस्तित्व ही हमें केवल एक दिन के हिस्साब से क्लीन बने रहने की उम्मीद जगा देने के लिए काफी है।
--------------=---------------
सिर्फ आज के दिन : मैं अपने एडिक्शन से बड़ी किसी उच्चतर शक्ति की संभावना में पूरा-पूरा विश्वास करता हूँ।

हिमाचल बिग ब्रेकिंग: खाकी के पीछे छिपे नशा तस्करी में संलिप्त कुल्लू STF के 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, आज कोर्ट में होगी पेश...
19/03/2026

हिमाचल बिग ब्रेकिंग: खाकी के पीछे छिपे नशा तस्करी में संलिप्त कुल्लू STF के 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, आज कोर्ट में होगी पेशी

“खाकी में छिपा नशा‑नेटवर्क: कुल्लू STF के 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, कल कोर्ट में पेशी”

हिमाचल प्रदेश में एक बड़ा नशा‑तस्करी स्कैंडल सामने आया है, जिसमें कुल्लू STF (स्पेशल टास्क फोर्स) के 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए हैं और उन पर L*D नशा‑तस्करी मामले में साजिश और खाकी के पीछे छिपकर तस्करों की मदद करने के गंभीर आरोप हैं।
मामला क्या है?
• 10 मार्च को शिमला के BCS एरिया में 562 L*D स्ट्रिप्स (लगभग 11.57 ग्राम) जब्त की गईं, जिनकी कीमत लगभग 1.1 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
• इस खेप को कुल्लू जिले में पहुंचाकर रैव पार्टियों के लिए बांटने की योजना थी, जिसके लिए खुफिया और STF इकाइयों के सहयोग की संभावना जताई जा रही है।
कौन‑कौन गिरफ्तार?
गिरफ्तार किए गए चारों पुलिसकर्मी पहले से STF/कुल्लू में तैनात थे और इनकी पहचान इस प्रकार है:
• HC राजेश कुमार (मनाली, 14 मील)
• HC समीर (भुंतर)
• HC नितेश (बजोरा, कुल्लू)
• HCC अशोक कुमार (कुल्लू)
इन्हें शिमला पुलिस ने नशा‑तस्करी और लिंकेज के अपराध धाराओं में गिरफ्तार किया है और आज 19 मार्च को शिमला कोर्ट में पेश किया गया; अगली पेशी आज ही होगी।
नशे से जुड़े तार कैसे?
• जांच में यह सामने आया है कि L*D की खेप दिल्ली, राजस्थान और गोवा से हिमाचल पहुंचाई जा रही थी, और आखिरी लिंक कुल्लू के आसपास के इलाकों में बनता था, जहां इन एसटीएफ जवानों की तैनाती थी।
• आरोप है कि पुलिस की खाकी का फायदा उठाकर इन जवानों ने लोड रोकने की बजाय या तो आंखें मूंदकर काम किया या गुप्त तरीके से तस्करों को चेतावनी/सुरक्षा दी, जिससे एक करोड़ रुपये की L*D खेप लंबे समय तक गिरफ्त से बचती रही।

• यह मामला पूरी तरह CID/STF की छवि पर बन चुका है, इसलिए ADGP‑CID ने पहले ही चारों को निलंबित कर दिया था और अब न्यायिक रिमांड और गहन जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

                       #
19/03/2026

#

Address

Village Sambal Po Bijni Teh Sadar
Mandi
175001

Telephone

+918988252105

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Come Back To Life Nasha Mukti Kendra posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Come Back To Life Nasha Mukti Kendra:

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram