Come Back To Life Nasha Mukti Kendra

Come Back To Life Nasha Mukti Kendra An Organization Focused on providing a quality treatment and Rehabilitation to Drug and Alcohol Addicts in Friendly Environment..!

"They say you only live once, but if you do it right, once is enough. Celebrating a birthday  at Come Back to Life Rehab...
23/04/2026

"They say you only live once, but if you do it right, once is enough. Celebrating a birthday at Come Back to Life Rehab, Mandi, and feeling more alive than ever. Grateful for the journey, the struggle, and the beautiful clarity of a sober life. Here’s to many more years of health and healing. 🌿✨"🎂🔥"

Just for today, अप्रैल~23हमारी अपनी समझ का एक ही ईश्वर (A God of our own understanding) “बहुत लोग किसी भी शक्ति को ईश्वर...
23/04/2026

Just for today, अप्रैल~23
हमारी अपनी समझ का एक ही ईश्वर (A God of our own understanding)
“बहुत लोग किसी भी शक्ति को ईश्वर समझते हैं जो हमें क्लीन रखती है।”
Basic Text, p.25
--------------=---------------
हममें से कुछ लोगों उच्च शक्ति की एक कामचलाऊ समझ के साथ सुधार में प्रवेश करते हैं। लेकिन हम में से बहुत से लोगों के लिए “ईश्वर” एक परेशानी भरा शब्द है। हमें शायद अपने से बड़ी किसी भी शक्ति के अस्तित्व पर संदेह है। या फिर हम धर्म के कारण होने वाले तकलीफ-देह अनुभवों को याद कर “भगवान वाली बातों” से संकोचवश दूर ही रहते हैं।
सुधार में शुरुआत करने का मतलब है कि हम अपने आध्यात्मिक जीवन की भी शुरुआत कर सकते हैं। अगर हम, जो कुछ हमने बचपन में बड़े होते हुए सीखा, उससे आरामदायक नहीं है तो हम अध्यात्मिकता के एक अलग तरीके को आजमा सकते हैं। हमें सब कुछ एकदम ही नहीं समझना है और ना ही हमें अपने सभी सवालों के जवाब अभी ही खोजने हैं। कभी-कभी सिर्फ यह जानना ही काफी होता है कि और एन.ए के सदस्य विश्वास करते हैं और उनका विश्वास उन्हें नशे से दूर रखने में मदद करता है।
--------------=---------------
सिर्फ आज के दिन : अभी जो भी मुझे अपनी उच्च शक्ति के बारे में जानना है वह यह है कि यह शक्ति नशे से दूर रखने में मेरी मदद करती है।

Just for today, अप्रैल~22खुले रास्ते पर यात्रा करना (Travelling the open road)“यही आध्यत्मिक उन्नति का पथ है। हममे रोज़ ब...
22/04/2026

Just for today, अप्रैल~22
खुले रास्ते पर यात्रा करना (Travelling the open road)
“यही आध्यत्मिक उन्नति का पथ है। हममे रोज़ बदलाव होते हैं।”
Basic Text, p. 35
--------------=--------------
जब हम अपनी पहली नारकोटिक्स एनोनिमस की मीटिंग में पहुंचे तो हममे से कई लोगों को अपना रास्ता खत्म होता दिखाई दिया। हम और अधिक नशा करने लायक नहीं रहे थे। हम आध्यत्मिक रूप से लुट चुके थे। हममे से ज्यादातर लोग बिल्कुल अकेले थे और सोचते थे की हमारे पास कुछ भी जीने के लिए नहीं बचा था। हम यह नहीं समझ पाए की जैसे की हमने अपने सुधार का कार्यक्रम शुरू किया तभी हम एक असीमित संभावनाओं वाले रास्ते पर कदम रख रहे थे।
शुरू में सिर्फ नशा नही करना ही बहुत कठिन था। फिर भी, जैसे-जैसे हमने दुसरे एडिक्टों को कदमों पर काम करते और उन सिद्धांतों को अपनी जिंदगी में लागू करते देखा, तो हमें दिखने लगा की सुधार सिर्फ नशा न करने के इलावा बहुत कुछ है। हमारे एन.ए के दोस्तों की ज़िन्दगी बदल गयी थी। उनका अपनी समझ के ईश्वर से संबंध था। वे फ़ेलोशिप आज समाज के ज़िम्मेदार सदस्य थे। उनके पास जीने की वजह थी। हमें यह विश्वास होना शुरू हुआ की वे चीज़ें हमारे लिए भी संभव हैं।
जैसे-जैसे हम अपने सुधार की यात्रा ज़ारी रखते हैं तो वैसे-वैसे हम आत्म-संतोष, असहनशीलता, या बेईमानी की वजह से अपने रास्ते से भटक सकते हैं। जब हम ऐसे भटक जाते हैं तो हमें ज़ल्दी सें लक्षणों को पह्चाहने की और वापिस अपने रास्ते पर आ जाने की जरूरत है, जो की आजादी और विकास का खुला रास्ता है।
--------------=--------------
सिर्फ आज के दिन : मै अपने कार्यक्रम के सिद्धांतों को अपना कर, अपनी आध्यत्मिक, समाजिक और साधारण जीने की कला को विकसित करना ज़ारी रख रहा हूँ। मैं सुधार के खुले रास्ते पर जितना चाहूँ उतना ही दूर जा सकता हूँ।

"Art is a powerful tool for healing. 🎨 Our residents at Come Back to Life Rehab in Mandi use creativity to express their...
21/04/2026

"Art is a powerful tool for healing. 🎨 Our residents at Come Back to Life Rehab in Mandi use creativity to express their journey from struggle to strength. Check out this incredible art made by a recovering addict to celebrate Ashish’s recovery birthday. Every stroke tells a story of hope. "

:

21/04/2026

Together We Can. 🤝
​A huge shoutout to Ashish for reaching his 1st Recovery Birthday on 21-04-2026. Your journey from Mandi to this milestone inspires us all at Come Back To Life Rehab.
​Recovery is a team sport, and today the whole team is cheering for you. Drop a "Congratulations" in the comments to show some love!
​📞 For support or inquiries: +91 62307 94871



An Organization Focused on providing a quality treatment and Rehabilitation to Drug and Alcohol Addicts in Friendly Environment..!

Just for today, अप्रैल~20तटस्थता (Detachment)        "एडिक्शन एक परिवारिक बिमारी है! लेकिन हम सिर्फ अपने-आप को बदल सकते ...
20/04/2026

Just for today, अप्रैल~20
तटस्थता (Detachment)
"एडिक्शन एक परिवारिक बिमारी है! लेकिन हम सिर्फ अपने-आप को बदल सकते हैं।"
IP No. 13, Youth and Recovery
-------------=--------------
हममे से कई बुरी तरह से बर्बाद परिवारों से आते हैं। कई बार हमारे रिश्तेदारों के बीच इतना पागलपन छा जाता है की हम इससे भाव-विभोर हो जाते हैं। कई बार हम चाहते हैं की हम अपना बोरिया-बिस्तर बाँध कर दूर चले जायें।
हम अपने परिवार के सदस्यों को अपने साथ सुधार में लाने के लिए प्रार्थना करते हैं, लेकिन यह हमेशा नहीं होता और हम बहुत उदास महसूस करते हैं। कई बार संदेश पहुँचाने की कोशिश के बावजूद हम पाते हैं की हम अपने प्यारे प्रियजनों की मदद नहीं आकर पाते।हमारे सामूहिक अनुभव ने हमें सिखया है की अक्सर हम अपने संबंधियों के बहुत नजदीक होते हैं। इसलिए हम उनकी मदद नहीं कर पाते। हम सीखते हैं की उन्हें अपनी उच्च-शक्ति की देखभाल में सोंप देना ही बेहतर है।
हमने पाया की जब हमने अपने पारिवारिक सदस्यों की समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करना बंद कर देते है, तो हम उन्हें वह अवसर देते हैं जो की उन्हें चाहिए होता है अपनी जिंदगी की मुश्किलें हल करने के लिए। इसको याद दिलाते हुए की हम उनके लिए उनकी समस्याओं का समाधान करने में असमर्थ हैं, हम अपने आप को जिंदगी जीने की आजादी देते हैं। हमें विश्वास है की ईश्वर हमारे प्रियजनों की सहायता करेगा। कई बार सबसे अच्छी चीज़ जो हम अपने प्रियजनों को दे सकते हैं वो है –अपने ज़ारी सुधार का उदाहरण। अपने परिवार और अपनी सदबुद्धि के लिए हमें अपने संबंधों को उनके सुधार के तरीके पाने के लिए छोड़ देना चाहिए।
--------------=--------------
सिर्फ आज के दिन : मैं अपने कार्यक्रम को करने का प्रयत्न करूँगा और अपने परिवार को एक उच्च-शक्ति की देखभाल पर छोड़ दूंगा।

Just for today, अप्रैल~19मेहनत (Footwork)"कितने सारे एडिक्टों ने बिना मेहनत किये कठोर श्रम का पुरस्कार माँगा।"Basic Text...
19/04/2026

Just for today, अप्रैल~19
मेहनत (Footwork)
"कितने सारे एडिक्टों ने बिना मेहनत किये कठोर श्रम का पुरस्कार माँगा।"
Basic Text, p. 34
---------------=---------------
जब हम पहली बार एन.ए में आये तो हममे से कुछ लोग सब कुछ उसी समय लेना चाहते थे। हम वे सब प्राप्त कर लेना चाहते थे जो की दुसरे लोगों ने कई महीनों और सालों में कार्यक्रम पर काम करके और जिंदगी को जिंदगी की शर्तों पर जी कर हासिल किया – जैसे की आत्म-शांति, कार, मधुर संबंध, दोस्त और अपने स्पोंन्सर की निकटता।
हमने बहुत मुश्किल तरीके से सीखा की कदमों पर काम करने से ही आत्म-शान्ति मिलती है। एक नयी कार लेने के लिए रोज़ अपने काम पर जाना पड़ता है और “इन सिद्धांतों को अपनी जिंदगी के हर क्षेत्र में लागू करने” की कोशिश करनी पड़ती है जिसमे की हमारा रोज़गार भी शामिल है। परिश्रम करने और बातचीत करने के लिए एक नई इच्छुकता के फलस्वरूप हमारे स्वस्थ संबंध स्थापित हो पायें। अपने स्पोन्सर से दोस्ती हमारे बुरे और अच्छे – दोनों वक्तों पर पहुँचते रहने से हुई।
नारकोटिक्स एनोनिमस में आकर हमें बेहतर जिंदगी जीने का रास्ता मिला है। लेकिन अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए हमें बहुत काम करना पड़ेगा।
---------------=---------------
सिर्फ आज के दिन : मैं एक बेहतर जिंदगी चाहता हूँ। मैं अपनी एक विवरण सूची बनाऊंगा की मुझे क्या करना हैं और पता करूँगा की इसे मैं कैसे पाऊँगा और अपने स्पोन्सर से इस बारे में बात करूँगा और इसके लिए ज़रूरी काम करूँगा।

Just for today, अप्रैल~18“मैं समझता हूँ” (I understand)“हमने नम्रता से विनती की वह हमारी कमियों को निकाल दे।”Step Seven-...
18/04/2026

Just for today, अप्रैल~18
“मैं समझता हूँ” (I understand)
“हमने नम्रता से विनती की वह हमारी कमियों को निकाल दे।”
Step Seven
---------------=--------------
एक बार जब हम अपने चारित्रिक दोषों को निकाल देने के लिए बिल्कुल तैयार होते हैं तो हम बिल्कुल तैयार होते हैं। लेकिन विडम्बना तो यह है की तभी परेशानी शुरू हो जाती है। हम एक विशेष दोष को छोड़ने के लिए जितना ज्यादा संघर्ष करते हैं उतना ही हमारा दोष और भी ज्यादा मजबूत होता दिखाई देता है। ह्यः सच्चा विनम्र एहसास होता है की हम सिर्फ अपने नशे पर शक्तिहीन नहीं है बल्कि हम अपने चारित्रिक दोषों पर भी शक्तिहीन हैं।
आखिरकार हमें समझ में आता है की सातवाँ कदम यह सुझाव नहीं देता की हम खुद अपनी कमियों से छुटकारा पायें बल्कि यह कहता है की हम अपनी उच्च-शक्ति से कहेंकी वह उनसे छुटकारा दिलाए। हमारी दैनिक प्रार्थना का केंद्र-बिंदु बदलना शुरू हो जाता है, यह मानते हुए की हम अपने आप को परिपूर्ण करने में योग्य हैं। हम अपनी उच्च-शक्ति से प्रार्थना करते हैं की हमारे लिए वह करे जो हम अपने आप नहीं कर सकते और हम इंतज़ार करते हैं।
कई दिनों तक हमारा कार्यक्रम सातवें कदम पर ही अटका रहता है। हमें अचानक पूरे दोषों से छुटकारे का अनुभव नहीं होता लेकिन हम कई बार अपने और दुसरे के नज़रिए से थोडा सा बदलाव महसूस करते हैं अपने सातवें कदम की आँखों से हम अपने आस-पास के लोगों को कम आलोचना के रूप में देखना शुरू करते हैं। हम यह भी जानते हैं की हमारी ही तरह वे अपने दोषों पर शक्तिहीन हैं। हम सोचते हैं की क्या वे भी विनम्रता से प्रर्तना करते हैं अपने दोषों को हटाने के लिए।
हम विनम्रता से उत्पन्न हुई सहानुभूति से दूसरों का मूल्यांकन करना शुरू कर देते हैं जैसा की हमने अपना मूल्यांकन करना सीखा तो हमें विनम्रता के कारण तदानुभूति होती है। जैसे-जैसे हम दूसरों को परखते हैं जैसे की हम अपने-आप को परखते हैं, वैसे-वैसे हम आखिरकार यह कह सकते हैं “मैं समझता हूँ।”
--------------=--------------
सिर्फ आज के दिन : हे प्रभु, सातवें कदम के नज़रिए से देखने में मेरी मदद करो। मुझे समझने में मेरी मदद करो।

हमीरपुर पुलिस ने न.शे के काले कारोबार पर प्रहार करते हुए एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का लोहा मनवाया है। इस बार खाकी का खौफ ...
17/04/2026

हमीरपुर पुलिस ने न.शे के काले कारोबार पर प्रहार करते हुए एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का लोहा मनवाया है। इस बार खाकी का खौफ ऐसा दिखा कि पुलिस की रिवॉल्व.र तनते ही न.शे का सौदागर अपनी सुध-बुध खो बैठा। दरअसल, इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह राणा की अगुवाई में पुलिस टीम ने बुमाना (ताल) के पास एक फिल्मी अंदाज में घेराबंदी की थी। जैसे ही आरोपी अंकुर ठाकुर अपनी कार में चिट्टे की खेप लेकर वहां पहुँचा, पुलिस को देख उसने भागने की नाकाम कोशिश की। लेकिन इंस्पेक्टर राणा की फुर्ती और उनके हाथ में चमकती सर्विस रिवॉल्व.र देखकर तस्क.र इतना घबरा गया कि उसकी गाड़ी सड़क से नीचे उतर गई और पुलिस ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

पुलिस को इस कामयाबी के पीछे एक सटीक गुप्त सूचना मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए टीम ने सिविल ड्रेस में जाल बिछाया था। आरोपी के कब्जे से 8.49 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है और उसकी कार को भी जब्त कर लिया गया है। 37 वर्षीय आरोपी अंकुर ठाकुर, जो रोहलवी (हमीरपुर) का निवासी है, अब सलाखों के पीछे है। एएसपी राजेश उपाध्याय ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और न.शे के नेटवर्क को खंगालने के लिए आगे की जांच जारी है। आरोपी से अब कड़ी पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस न.शे के कारोबार के तार क्षेत्र में कहां तक जुड़े हैं।

Just for today, अप्रैल~17प्राथमिकता: मीटिंगें (Priority: meetings)“शुरू-शुरू में मुझे लगा की सप्ताह में एक –या दो से ज्य...
17/04/2026

Just for today, अप्रैल~17
प्राथमिकता: मीटिंगें (Priority: meetings)
“शुरू-शुरू में मुझे लगा की सप्ताह में एक –या दो से ज्यादा मीटिंगे करना असम्भव होगा। यह मेरे व्यस्त कार्यक्रम में पूरी तौर से ठीक नहीं बैठेगी। मैंने बाद में सीखा की मेरी प्राथमिकताएँ एकदम उल्टी थी। बाकी सब कार्यों को मेरी मीटिंगों के कार्यक्रमों के अनुकूल बनाना होगा।”
Basic Text, p. 204
---------------=---------------
हममे से कुछ पहली बार जब नारकोटिक्स एनोनिमस में आये तो कभ-कभी मीटिंगों में उपस्थित होते थे। और तब हमें आश्चर्य हुआ की हम क्लीन क्यों नहीं रह सकते थे। हमने जल्दी ही सीखा की यदि हम नशे से दूर रहना चाहते थे, तो मीटिंगों में उपस्थिति को प्राथमिकता देनी पड़ेगी।
इसलिए हमने स्पोन्सर के सुझाव पर 90 मीटिंगों, 90 दिनों में दुबारा से करने का वादा किया। पहले 30 दिनों में हमने अपनी पहचान नये आने वाले के रूप में दी ताकि दूसरे हमें जान सकें। अपने स्पोन्सर के निर्देश पर तब तक बोलना बंद किया जब तक हम सुनना सीख सकें। जल्दी ही हम मीटिंगों का इंतज़ार करने लगे और हम क्लीन रहने लगें।
आज हम विभिन्न कारणों से मीटिंगों में आते हैं।कई बार हम मीटिंगों में अपना अनुभव, आशा ओर ताकत को मन्ये आने वाले सदस्य के साथ बांटने के लिए जाते हैं। कभी-कभी हम अपने मित्रों से मिलने जाते हैं। और कभी-कभी हम केवल इसलिए जाते हैं क्योंकि हमें गले लगाये जाने की ज़रूरत महसूस होती हैं। कभी-कभी जब हम मीटिंग छोड़ते हैं तो हमें यह एहसास होता है की जो कुछ वहां कहा गया वास्तव में हमने उसका एक भी शब्द नहीं सुना – परन्तु हम फिर भी बेहतर महसूस करते हैं। प्यार ओर ख़ुशी के महौल से भरी हुई मीटिंगों ने हमें एक ओर दिन नशे से दूर रखा है। चाहे कितना ही व्यस्त या भाग-दौड़ का हमारा कार्यक्रम हो हम मीटिंग में उपस्थिति को अपनी प्राथमिकता बनायेंगे।
---------------=---------------
सिर्फ आज के दिन : मैं दिल से जानता हूँ की मीटिंग मुझे हर प्रकार का फायदा पहुंचाती है। आज, मैं वह चाहता हूँ जो मेरे लिए अच्छा है। मैं मीटिंग में उपस्थित होऊंगा।

Just for today, अप्रैल~16ऐसा मान कर चलना (Acting as it)     “आज के दिन समस्या के बजाए हम समाधान ढूंढते हैं। जो हमने सीखा...
16/04/2026

Just for today, अप्रैल~16
ऐसा मान कर चलना (Acting as it)
“आज के दिन समस्या के बजाए हम समाधान ढूंढते हैं। जो हमने सीखा है उसको हम प्रयोग के तौर पर करते हैं।”
Basic Text, p. 58
-------------=--------------
जब हमने पहली बार सुना की हमको “ऐसा मान कर चलना” चाहिये तो हममे से कई लोगों ने चींख कर कहा की “यह तो ईमानदारी नहीं हैं। मैं सोचता था की नारकोटिक्स एनोनिमस में हमें हमेशा अपनी भावनाओं के बारे में ईमानदार होना चाहिए।”
जब हम प्रोग्राम में पहली बार आये थे तो इस बारे में विचार कर सकते हैंर भगवान में हमारा विश्वास न ढ़हा हो, लेकिन हम तब भी प्रार्थना करते थे या हमें यह विश्वास नहीं था की यह कार्यक्रम हमारे लिए काम करेगा फिर भी हम अपने विचारों पर ध्यान न देकर मीटिंगों में आते रहे। यही चीज़ तब भी काम करती है जब हम सुधार में उन्नति करते हैं। हम शायद भीड़ से डरते थे, परन्तु जब हम विश्वास से काम करते हैं और अपना हाथ बढ़ाते हैं तो न केवल हम अपने बारे में अच्छा महसूस करते हैं बल्कि हम पायेंगे की जब लोगों की भीड़ से उतने नहीं डरे होते।
हर एक ऐसा कार्य जिस हम उससे उत्साह से लेते हैं तो वह हमें उस तरह का व्यक्ति बनने के नजदीक ले जाता है जिस तरह का व्यक्ति हमने बनना था। हर एक अच्छा बदलाव हमारा स्वाभिमान बनाता है। काम को अलग तरीके से करने में हमें एहसास होगा की हम अलग तरह से सोचना शुरू कर रहें हैं। हम अपने आप को सही सोच में ला रहें हैं “ऐसा मान कर चलने से।”
-------------=-------------
सिर्फ आज के दिन : मैं एक मौका लूँगा यह मान कर चलने का ऐसी एक परिस्थिति को स्वीकार करने के लिए जिससे मैं भागा करता था।

Just for today, अप्रैल~15वापिस आते रहो (Keep coming back)                “हम अब क्लीन रहने का आनंद उठा रहें हैं। जो भी ब...
15/04/2026

Just for today, अप्रैल~15
वापिस आते रहो (Keep coming back)
“हम अब क्लीन रहने का आनंद उठा रहें हैं। जो भी बढ़िया चीज़ एन.ए फ़ेलोशिप ने हमारे लिए रखी है, हमें वह चीज़ और चाहिए।”
Basic Text, p. 27
-------------=--------------
क्या आपको वह समय याद है जब आपने एन.ए में सुधरते हुए एडिक्टों को देखा और हैरान हुए की “यदि वे नशा नहीं कर रहें हैं, तो किस बात पर वह हँसी-मजाक कर रहें हैं ?” क्या आपको विश्वास हुआ की जब नशा बंद हुआ तो मजा भी आना बंद हो गया। हममे से ज्यादातर ने इस वात को माना और हमें यकीन था की हम एक “अच्छी ज़िन्दगी” पीछे छोड़ आये हैं, आज हममे से बहुत इस गलतफ़हमी पर हंस सकते हैं क्योंकि हम जानतें हैं की सुधार में हमारी ज़िन्दगी भरपूर कैसे ही सकती है।
हमने नारकोटिक्स एनोनिमस फ़ेलोशिप में सक्रिय रूप से भाग लेकर सुधार में ज्यादातर चीज़ों का कम मजा लिए। हम ऐसे सच्चे साथी और दोस्त पाना शुरू कर देते हैं जो हमें समझते हैं और हमारी देखभाल करने में मदद करते हैं। हमें एक ऐसी जगह मिली जहां हम दूसरों के काम आ सकते हैं। अपना समय बिताने और अपनी रूचियों को पूरा करने के लिए हमारे पास रिकवरी मीटिंग सेवा कार्य और फ़ेलोशिप के अन्य कार्यक्रम हैं। फ़ेलोशिप एक आईने का काम कर सकती है जो की हमारा ज्यादा सही रूप दिखा सकती है की हम कौन हैं। हम शिक्षक, सहयोगी, मित्र, प्यार, देखभाल ओर सहारा पाते हैं। फ़ेलोशिप के पास हमेशा हमारे लिए और ज़्यादा देने के लिए है जब तक हम वापिस आते रहते हैं।
-------------=-------------
सिर्फ आज के दिन : मैं जानता हूँ की “अच्छी ज़िन्दगी” कहां है। मैं वापिस आता रहूँगा।

Address

Village Sambal Po Bijni Teh Sadar
Mandi
175001

Telephone

+918988252105

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Come Back To Life Nasha Mukti Kendra posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Come Back To Life Nasha Mukti Kendra:

Share