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Ayush Health Care Center तीर्थराज आयुर्वेद

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आहार के नियम भारतीय 12 महीनों के अनुसार ♥️ #चैत्र ( मार्च-अप्रैल) – इस महीने में चने का सेवन करे क्योकि चना आपके रक्त सं...
08/11/2024

आहार के नियम भारतीय 12 महीनों के अनुसार ♥️

#चैत्र ( मार्च-अप्रैल) – इस महीने में चने का सेवन करे क्योकि चना आपके रक्त संचार और रक्त को शुद्ध करता है एवं कई बीमारियों से भी बचाता है। चैत्र के महीने में नित्य नीम की 4 – 5 कोमल पतियों का उपयोग भी करना चाहिए इससे आप इस महीने के सभी दोषों से बच सकते है। नीम की पतियों को चबाने से शरीर में स्थित दोष शरीर से हटते है।

#वैशाख (अप्रैल – मई)- वैशाख महीने में गर्मी की शुरुआत हो जाती है। बेल का इस्तेमाल इस महीने में अवश्य करना चाहिए जो आपको स्वस्थ रखेगा। वैशाख के महीने में तेल का उपयोग बिल्कुल न करे क्योकि इससे आपका शरीर अस्वस्थ हो सकता है।

#ज्येष्ठ (मई-जून) – भारत में इस महीने में सबसे अधिक गर्मी होती है। ज्येष्ठ के महीने में दोपहर में सोना स्वास्थ्य वर्द्धक होता है , ठंडी छाछ , लस्सी, ज्यूस और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। बासी खाना, गरिष्ठ भोजन एवं गर्म चीजो का सेवन न करे। इनके प्रयोग से आपका शरीर रोग ग्रस्त हो सकता है।

#अषाढ़ (जून-जुलाई) – आषाढ़ के महीने में आम , पुराने गेंहू, सत्तु , जौ, भात, खीर, ठन्डे पदार्थ , ककड़ी, पलवल, करेला आदि का उपयोग करे व आषाढ़ के महीने में भी गर्म प्रकृति की चीजों का प्रयोग करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

#श्रावण (जूलाई-अगस्त) – श्रावण के महीने में हरड का इस्तेमाल करना चाहिए। श्रावण में हरी सब्जियों का त्याग करे एव दूध का इस्तेमाल भी कम करे। भोजन की मात्रा भी कम ले – पुराने चावल, पुराने गेंहू, खिचड़ी, दही एवं हलके सुपाच्य भोजन को अपनाएं।

#भाद्रपद (अगस्त-सितम्बर) – इस महीने में हलके सुपाच्य भोजन का इस्तेमाल कर वर्षा का मौसम् होने के कारण आपकी जठराग्नि भी मंद होती है इसलिए भोजन सुपाच्य ग्रहण करे।

#आश्विन (सितम्बर-अक्टूबर) – इस महीने में दूध , घी, गुड़ , नारियल, मुन्नका, गोभी आदि का सेवन कर सकते है। ये गरिष्ठ भोजन है लेकिन फिर भी इस महीने में पच जाते है क्योकि इस महीने में हमारी जठराग्नि तेज होती है।

#कार्तिक (अक्टूबर-नवम्बर) – कार्तिक महीने में गरम दूध, गुड, घी, शक्कर, मुली आदि का उपयोग करे। ठंडे पेय पदार्थो का प्रयोग छोड़ दे। छाछ, लस्सी, ठंडा दही, ठंडा फ्रूट ज्यूस आदि का सेवन न करे , इनसे आपके स्वास्थ्य को हानि हो सकती है।

#अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) – इस महीने में ठंडी और अधिक गरम वस्तुओ का प्रयोग न करे।

#पौष (दिसम्बर-जनवरी) – इस ऋतू में दूध, खोया एवं खोये से बने पदार्थ, गौंद के लाडू, गुड़, तिल, घी, आलू, आंवला आदि का प्रयोग करे, ये पदार्थ आपके शरीर को स्वास्थ्य देंगे। ठन्डे पदार्थ, पुराना अन्न, मोठ, कटु और रुक्ष भोजन का उपयोग न करे।

#माघ (जनवरी-फ़रवरी) – इस महीने में भी आप गरम और गरिष्ठ भोजन का इस्तेमाल कर सकते है। घी, नए अन्न, गौंद के लड्डू आदि का प्रयोग कर सकते है।

#फाल्गुन (फरवरी-मार्च) – इस महीने में गुड का उपयोग करे। सुबह के समय योग एवं स्नान का नियम बना ले। चने का उपयोग न करे।

08/08/2024

हर वर्ष की तरह इस वर्ष आयुष हेल्थ केयर सेंटर कल 7 अगस्त को अपने संस्थापक और प्रबंध निदेशक डा. RC Pandey के जन्मदिन पर मरीजों की नि:शुल्क दवा और चिकित्सा करेगी आप सबका स्वागत है।
जीवेत शरद:सत:

20/06/2024

पंचकर्म चिकित्सा में विभिन्न बीमारियों से लड़ने की ताकत और सकारात्मक ऊर्जा देने वाले तत्व शामिल होते हैं।

पंचकर्म चिकित्सा से डायबिटिज, हाई ब्लडप्रेशर और हार्ट डिजीज जैसी बीमारीयों पर तो इलाज होता ही हैं, लेकिन अकसर कही मरिजों में चलने के बाद सीने में भारीपन या दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं | ऐसे प्रब्लॉम के लिए मिले
#आयुष_हेल्थ_केयर_सेंटर्स पर 094507 02623
Ayush Health Care Center
RC Pandey

27/01/2024

कमजोरी और थकान को जड़ से ख़त्म करने के लिए ज़बरदस्त नुस्खा
आज हम आपको बता रहें हैं ऐसा घरेलु नुस्खा जो आपको ताक़त और एनर्जी से भरपूर कर के आपके पतलेपन और कमजोरी को हमेशा के लिए अलविदा कह देगा. ये नुस्खा शरीरिक श्रम करने वालों और जिम जाने वालें लोगों के लिए किसी भी सप्लीमेंट से 100 गुणा अच्छा है. इसको तीन महीने इस्तेमाल करने के बाद आप अपना रिजल्ट देखिएगा. आपका शरीर एक दम लोहखंड और सावन के बाद हरी भरी प्रकृति जैसा हो जायेगा. आइये जाने.

कमजोरी का रामबाण इलाज.
आवश्यक सामग्री.
अश्वगंधा 20 ग्राम
ईलायची 30 ग्राम
शतावर जड 40 ग्राम
मुलेठी 30 ग्राम
लौहभस्म 10 ग्राम

ये सब सामान आपको आसानी से किसी पंसारी से मिल जायेगा. और लौह भस्म हो सके तो सिर्फ बैद्यनाथ की ही इस्तेमाल करें.

कमजोरी और थकान का रामबाण घरेलु नुस्खा.
पिछले पृष्ठ पर बताई गयी सामग्री आपको किसी भी पंसारी से मिल जाएगी. ये सारी सामग्री आप अच्छी प्रकार से कूट कर चूर्ण कर लीजिये. या फिर पंसारी से ही चूर्ण करवा कर ले आइयेगा. इन सब को आपस में मिला कर एक कांच की शीशी में भरकर रख दीजिये. लीजिये आपकी ताक़त और एनर्जी बढ़ाने के लिए विशेष नुस्खा तैयार हो गया.

सेवन की विधि.
यह चूर्ण सुबह नाश्ते में एक गिलास गर्म दूध के साथ एक छोटा चाय वाला चम्मच (2 ग्राम) लीजिये. और रात को सोने से पहले भी गर्म दूध के साथ लीजिये. शरीरिक मेहनत करने वाले इसको 5 ग्राम तक खा सकतें हैं.

इसके सेवन से आपकी रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ेगी, आपका खून बढेगा. आपका एच बी लेवल बढेगा, शरीर मोटा और तंदुरुस्त होगा, बल बढेगा, वीर्य बढेगा. स्त्रियों में भी ये अत्यंत फायदेमंद है. इसका सेवन स्त्री पुरुष दोनों ही कर सकते हैं.

आपको एवं आपके पूरे परिवार को नए वर्ष 2024 की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई
01/01/2024

आपको एवं आपके पूरे परिवार को नए वर्ष 2024 की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई

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