14/11/2025
विश्व मधुमेह दिवस पर — शुगर और किडनी: एक अनदेखा रिश्ता
✍️ डॉ. प्रशांत बेंद्रे, नेफ्रोलॉजिस्ट
मधुमेह यानी Diabetes को हम अक्सर ब्लड शुगर की बीमारी मानते हैं, लेकिन सच यह है कि यह बीमारी शरीर के हर हिस्से पर असर डालती है — खासकर किडनी पर।
हमारी किडनियाँ दिन-रात खून को साफ करके शरीर से विषैले तत्व निकालती हैं। जब ब्लड शुगर लगातार बढ़ा रहता है, तो ये नाज़ुक फिल्टर (nephrons) धीरे-धीरे
नुकसान झेलने लगते हैं। इसे हम Diabetic Kidney Disease (DKD) या
Diabetic Nephropathy कहते हैं। यह किडनी फेल्योर का एक प्रमुख कारण है।
कैसे Diabetes किडनी को नुकसान पहुँचाता है?*
लगातार बढ़ा हुआ शुगर लेवल किडनी की सूक्ष्म रक्त-नलिकाओं (tiny blood vessels) को क्षतिग्रस्त करता है। मूत्र में प्रोटीन आने लगता है (microalbuminuria) — जो शुरुआती चेतावनी है।
धीरे-धीरे किडनी की फ़िल्टर करने की क्षमता कम होती जाती है।
समय रहते पहचान ज़रूरी है
सबसे दुखद बात यह है कि किडनी को नुकसान शुरू में चुपचाप होता है। लक्षण तब दिखते हैं जब बहुत देर हो चुकी होती है। इसलिए हर Diabetic व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार
इन जाँचों की आदत डालनी चाहिए:
- Urine microalbumin test
- Serum creatinine and eGFR
रोकथाम और देखभाल के उपाय:
- ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें — नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह मानें।
- ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें — हाई BP, किडनी को और तेज़ी से नुकसान पहुंचाता है।
- संतुलित आहार लें — कम नमक, कम शक्कर और पर्याप्त पानी।
- धूम्रपान और अनियंत्रित दवा सेवन से बचें।
- समय-समय पर नेफ्रोलॉजिस्ट से परामर्श लें।
अंत में —
Diabetes कोई अंत नहीं, बल्कि सावधानी का संकेत है।
यदि हम समय रहते सतर्क रहें,
तो किडनी को नुकसान से बचाना पूरी तरह संभव है।
World Diabetes Day हमें यही याद दिलाता है —
शुगर बढ़ने से पहले सावधानी बढ़ाइए, ताकि किडनी स्वस्थ रह सके।
— डॉ. प्रशांत बेंद्रे
वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट