18/06/2017
थाइरायड
जड़ से खत्म करे
थाइरायड की
सिद्ध आयुर्वेदिक दवा
अश्वगंधा 250 ग्राम
कचनार छाल -250 ग्राम
पुनर्वा-100 ग्राम
गिलोय चूर्ण 100 ग्राम
सौंठ 100 ग्राम
मलॅठी चूर्ण 100 ग्राम
अजवायन 100 ग्राम
शुद्ध गुगल -100 ग्राम
काली मिर्च 50 ग्राम (काली मिर्च को घी में भून लें )
नसादर 25 ग्राम
सभी को मिलाकर चूर्ण बना लें
सेवन विधि -2 ग्रा से 5 ग्राम दिन में 3 बार
दूध के साथ लें ।
साथ यह भी ले -
दिन मे 2 बार दही 200 -200 ग्राम जरूर सेवन करे ।
सुबह और रात को सोते समय 5 बादाम 1 अखरोट सेवन करे ।
साबित दालें ज्यादा इस्तेमाल करे,
गऊ मूत्र 50 मिलीलीटर रोजाना सेवन करे ।
परहेज -
तली हुई चीजे बिल्कुल इस्तेमाल न करे ।
मास अंडे प्रयोग न करे यह थाइरायड में जहर
समान है ।
कोरियर से भी मंगवा सकते है ।
¤¤¤
थायराइड रोग उपचार
संपूर्ण जानकारी
थायराइड की समस्या महिलाओं पुरूर्षों में आजकल तेजी से बढ़ रही है। थायराइड ग्रंथि गले की नली कंठ के साथ होती है।
जिसे Thyroid Gland कहा जाता है। थायराइड विकार दो तरह से होते हैं।
जिन्हें हाइपरथायराइडिज्म और हाइपाथायराइड / Hyperthyroidism and Hypothyroidism कहा जाता है।
थायराइड समस्या होने पर व्यक्ति का वजन अचानक बढ़ना और अचानक घटना, गले में सूजन दर्द जैसे कई समस्याऐं उत्पन्न होती हैं।
थायराइड विकार का मुख्य कारण थायराइड ग्रंथि में हार्मोंनस की गडबड़ी।
थायराइड ग्रंथि के हार्मोंनस को नियत्रंण करने वाली ग्रन्थि मस्तिष्क में मौजूद पिटूडटेरी कोशिका होती है।
शरीर के विकास के लिए रात में मस्तिष्क पिटूडटेरी कोशिका से एक खास हार्मोंनस छोड़ती है।
Thyroid Gland थायराइड गंथि में हार्मोंनस की कमी-गड़बड़ी के कारण Immune System / प्रतिरक्षा क्षमता प्रभावित हो जाती हैं।
जिससे शरीर में कई दुष्परिणाम लक्षण होने लगते हैं। और व्यक्ति आम भाषा में थायराइड समस्या कहा जाता है। थायराइड समस्या होने के पीछे खानपान दिनचर्या जीवन शैली काफी हद प्रभावित करता है ।
थायराइड समस्या होने पर सही उपचार, खानपान, परहेज, सावधानियां ध्यान में रखकर थायराइड विकार को आसानी से ठीक जा सकता है।
थायराइड विकार होने पर विटामिन बी-कम्पलैक्स, बिटामिन-डी, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, एन्टी इंफ्लेमेन्टरी, एन्टीबायोटिकि, युक्त, ओमेगा-3 खाद्यपदार्थ, योगा व्यायाम फायदेमंद हैं।
थायराइड के लक्षण
गले गर्दन में सूजन और दर्द / Throat Infection Pain
भूख कम लगना / Feel hungry
बिना काम के थकान, कमजोरी महसूस होना / Body Tired
हाथ पांव कांपना / Body Shaking
बालों का झड़ना / Hair Fall
सांस लेने में दिक्कत / Breathing Problem
हृदय गति में परिवर्तन होना / Heart Rate
त्वचा में अचानक रूखापन आना और ठंड लगना /
Skin Problems, Cold
तनाव होना और पसीना आना / Sweating, Tension
बार-बार मुंह में थूक बनना / Spit in Mouth
थायराइड के कारण Hyperthyroidism, Hypothyroidism Causes
1. दवाईयों का ज्यादा वक्त तक सेवन करने से
2. टॉन्सिलस का ज्यादा देर तक संक्रामण रहना
3. महिलाओं में मासिक धर्म में बदलाव, गर्भा विकारों से थायराइड होना
4. हार्मोनस में अचानक बदलाव
5. थायराइड समस्या आनुवाशिक होना
6. तम्बाकू गुटका, मसाला जर्दा, धूम्रपान, नशीलें पदार्थों का सेवन
7. खांसी, गले में खर्राश लम्बे वक्त तक रहना
8. हड्डियों मासंपेशियों का कमजोर पडने पर
9. तनाव में रहने से
10. गैस, कब्ज, एसिडिटी ज्यादा वक्त तक रहने से
11. घातक कैमिक्लस की दुर्गन्ध से और दूषित वातावरण में रहने से।
12. भोजन में प्रोटीन ग्लूकोज क्रिया में गड़बड होने से।
थायराइड समस्या से छुटकारा दिलाने वाले आर्युवेदिक खास तरीके / Ayurvedic Treatment for Thyroid in Hindi
गेहूं ज्वार रस / Wheat Grass Juice
गेहूं ज्वार को घर पर गमले में उगया जा सकता है। गेहूं और ज्यार की कोमल पत्तों का रस सुबह शाम पीने से थायराइड समस्या से जल्दी छुटकारा मिलता है। यह खास Thyroid Ayurvedic औषधि है।
प्याज मालिश / Onion Juice
प्याज को बीच में से दो हिस्से में गोलाई में काट लें। फिर गले के दोनों हिस्सों में हल्का हल्का रगड़ें। यह massage प्रक्रिया रोज सुबह शाम करने से Thyroid Infection / थायराइड सूजन दर्द ठीक करने में सक्षम है।
अदरक सेवन / Ginger Eat
अदरक खाने में इस्तेमाल करने से थायराइड जल्दी ठीक करने में सहायक है। अदरक सेवन थायराइड ग्रंथि को संकामण विकार से रोकने में सक्षम है। दाल, सब्जी, चाय, में इस्तेमाल करें।