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अदरक और शहद का मेल आयुर्वेद में एक "रामबाण" औषधि माना जाता है।काढ़ा/चाय बनाएं अदरक को पानी में उबालें, छान लें और गुनगुन...
27/01/2026

अदरक और शहद का मेल आयुर्वेद में एक "रामबाण" औषधि माना जाता है।

काढ़ा/चाय बनाएं

अदरक को पानी में उबालें, छान लें और गुनगुना होने पर शहद मिलाएं। सुबह खाली पेट या रात को सेवन करे।

खांसी और जुकाम में राहत: यह मिश्रण गले की खराश को दूर करने और बलगम को साफ करने में सबसे ज्यादा कारगर है।

पाचन में सुधार: अदरक पेट की गैस को कम करता है और शहद पाचन तंत्र को शांत रखता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): दोनों में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर को संक्रमण से लड़ने की शक्ति देते हैं।

दिल की सेहत: यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद कर सकता है।

दर्द निवारक: अदरक में सूजन रोधी (anti-inflammatory) गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द और सिरदर्द में आराम देते हैं।

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गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
26/01/2026

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

नाड़ी कमजोरी के घरेलू नुस्खे अश्वगंधा और दूध: अश्वगंधा नसों को ताकत देने वाली सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटी है। रात को सोने स...
23/01/2026

नाड़ी कमजोरी के घरेलू नुस्खे

अश्वगंधा और दूध:
अश्वगंधा नसों को ताकत देने वाली सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटी है। रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में आधा चम्मच अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर पिएं।

भीगे हुए बादाम और अखरोट:
रात भर पानी में भिगोए हुए 5-6 बादाम और 2 अखरोट सुबह खाली पेट खाएं। यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को मजबूती देते हैं।

खजूर का सेवन:
खजूर ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत है। दूध में उबालकर खजूर खाने से शरीर की कमजोरी दूर होती है और रक्त संचार बेहतर होता है।

क्या आप काफ़ी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं तो dr aid leef ayurvedic से संपर्क करें
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जैतून का तेल कैसे काम करता है?​लुब्रिकेशन: यह आंतों की परतों को चिकना बनाता है, जिससे कठोर मल को गुजरने में आसानी होती ह...
22/01/2026

जैतून का तेल कैसे काम करता है?

​लुब्रिकेशन: यह आंतों की परतों को चिकना बनाता है, जिससे कठोर मल को गुजरने में आसानी होती है।

​पित्त (Bile) का स्राव: यह लिवर को अधिक पित्त बनाने के लिए उत्तेजित करता है, जो वसा को पचाने और मल त्याग को सुचारू बनाने में मदद करता है।

​सूजन कम करना: जैतून के तेल में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स पाचन तंत्र की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।

​इस्तेमाल करने का सही तरीका
​खाली पेट सेवन: सबसे प्रभावी तरीका यह है कि सुबह उठते ही एक चम्मच (लगभग 15ml) जैतून का तेल पिएं। खाली पेट यह सबसे बेहतर काम करता है।

​नींबू के साथ: अगर आपको तेल का स्वाद पसंद नहीं है, तो आप इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिला सकते हैं। नींबू पाचन को और तेज करता है।

​सलाद या खाने में: यदि आप इसे सीधा नहीं पी सकते, तो इसे अपने सलाद या पकी हुई सब्जियों के ऊपर डालकर खाएं।

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अश्वगंधा चूर्ण के मुख्य फायदे​तनाव और चिंता में कमी: यह शरीर में 'कोर्टिसोल' (तनाव हार्मोन) के स्तर को कम करने में मदद क...
21/01/2026

अश्वगंधा चूर्ण के मुख्य फायदे

​तनाव और चिंता में कमी: यह शरीर में 'कोर्टिसोल' (तनाव हार्मोन) के स्तर को कम करने में मदद करता है, जिससे मानसिक शांति मिलती है।

​शारीरिक शक्ति और स्टैमिना: यह मांसपेशियों (muscles) की वृद्धि और मजबूती के लिए बहुत प्रभावी है। जिम जाने वालों के लिए यह एक प्राकृतिक सप्लीमेंट है।

​बेहतर नींद: जिन लोगों को अनिद्रा (Insomnia) की समस्या है, उनके लिए यह रामबाण है। यह मन को शांत कर गहरी नींद लाने में मदद करता है।

​हार्मोनल संतुलन: यह पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को सुधारने और प्रजनन क्षमता (fertility) बढ़ाने में सहायक है।

​रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): इसके नियमित सेवन से शरीर की बीमारियों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।

​📝 उपयोग करने का सही तरीका
​अश्वगंधा चूर्ण का लाभ उसकी सही खुराक और समय पर निर्भर करता है:

​मात्रा: आमतौर पर 3 से 6 ग्राम (आधा से एक छोटा चम्मच) चूर्ण दिन में एक या दो बार लिया जा सकता है।

​समय: रात को सोने से पहले दूध के साथ लेना सबसे फायदेमंद माना जाता है। इसे सुबह नाश्ते के बाद भी लिया जा सकता है।

​किसके साथ लें: इसे गुनगुने दूध के साथ लेना सबसे अच्छा है। यदि दूध से परहेज है, तो गुनगुने पानी या शहद के साथ भी ले सकते हैं।

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20/01/2026

वात दोष भाव नस का दब जाना

आयुर्वेदिक इलाज सुने

#आयुर्वेदसेउपचार

शिलाजीत के फायदे 🌟शिलाजीत (Shilajit) आयुर्वेद में एक बहुत ही शक्तिशाली और महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती है। यह मुख्य रूप से ...
20/01/2026

शिलाजीत के फायदे 🌟

शिलाजीत (Shilajit) आयुर्वेद में एक बहुत ही शक्तिशाली और महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती है। यह मुख्य रूप से हिमालय की चट्टानों से निकलने वाला एक गाढ़ा, चिपचिपा पदार्थ है। इसमें 84 से अधिक खनिज (Minerals) और फुल्विक एसिड (Fulvic Acid) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

शिलाजीत शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

पुरुषों के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है। शिलाजीत का सेवन करने से:

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर में वृद्धि होती है।

शुक्राणुओं की संख्या (S***m Count) और गुणवत्ता में सुधार आता है।

यौन इच्छा (Libido) बढ़ती है।
🌿💆‍♂️🔥💪
शिलाजीत में मौजूद फुल्विक एसिड मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में मदद करता है। 😊👍

बुढ़ापे को रोकने में सहायक है।
खून की कमी दूर होगी।।

हृदय स्वास्थ्य और जोड़ों का दर्द में लाभदायक है।

सेवन करने का सही तरीका:

सावधानी: शिलाजीत हमेशा शुद्ध और लैब-टेस्टेड ही लेना चाहिए। कच्चा या अशुद्ध शिलाजीत हानिकारक हो सकता है।

मात्रा: चने के दाने के बराबर (लगभग 250-500 मिलीग्राम)।

कैसे लें: इसे गुनगुने दूध या पानी में घोलकर सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले लिया जा सकता है।

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अपमार्ग का उपयोग दांतों और मसूड़ों के लिए रामबाणअपामार्ग का सबसे प्रसिद्ध उपयोग दांतों के लिए है। इसकी टहनी से दातून करन...
19/01/2026

अपमार्ग का उपयोग
दांतों और मसूड़ों के लिए रामबाण

अपामार्ग का सबसे प्रसिद्ध उपयोग दांतों के लिए है। इसकी टहनी से दातून करने से:

दांतों का हिलना बंद होता है।
मसूड़ों से खून आना (पायरिया) ठीक होता है।
दांतों का पीलापन दूर होता है और मुंह की बदबू खत्म होती है।
🌿💆‍♀️😊👍💫

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बेल चूर्ण के फायदेपाचन तंत्र के लिए रामबाणदस्त और पेचिश (Dysentery): कच्चे बेल का चूर्ण दस्त और पेचिश के लिए सबसे प्रभाव...
18/01/2026

बेल चूर्ण के फायदे

पाचन तंत्र के लिए रामबाण
दस्त और पेचिश (Dysentery): कच्चे बेल का चूर्ण दस्त और पेचिश के लिए सबसे प्रभावी दवा मानी जाती है। इसमें मौजूद 'टैनिन' आंतों की सूजन कम करता है और संक्रमण को रोकता है।

कब्ज (Constipation): पके हुए बेल का चूर्ण पेट साफ करने में मदद करता है। इसके लैक्सेटिव गुण आंतों की सफाई करते हैं और पुराने कब्ज में राहत देते हैं।

गैस और एसिडिटी: यह पेट के pH लेवल को संतुलित करता है, जिससे जलन और गैस की समस्या कम होती है।

सेवन की विधि (Dosage):
सामान्य मात्रा: आधा से एक छोटा चम्मच (3-6 ग्राम) चूर्ण।

दस्त होने पर: ताजे पानी के साथ दिन में दो बार (भोजन के बाद)।

कब्ज होने पर: रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ।

सभी प्रकार की दवा ऑनलाइन प्राप्त करे।
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क्या आप देशी घी के सेवन से संबंधित चिंताओं का सामना कर रहे हैं? आज ही देशी घी के अद्वितीय स्वास्थ्य लाभों के बारे में जा...
17/01/2026

क्या आप देशी घी के सेवन से संबंधित चिंताओं का सामना कर रहे हैं?

आज ही देशी घी के अद्वितीय स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानें।

देशी घी भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसे आयुर्वेद में 'अमृत' के समान माना जाता है।

इसमें विटामिन A, D, E, K के साथ-साथ ओमेगा-3 और ओमेगा-9 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं।

पाचन शक्ति में सुधार के लिए घी एक उत्कृष्ट स्रोत है, क्योंकि इसमें ब्यूटिरिक एसिड होता है जो आंतों की कोशिकाओं को पोषण देता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। रात को गर्म दूध में एक चम्मच घी मिलाकर पीने से कब्ज की समस्या दूर होती है।

इसके अलावा, घी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और ऊर्जा का स्रोत प्रदान करते हैं।

यह मस्तिष्क और हड्डियों के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि यह याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है।

त्वचा और बालों के लिए भी घी एक नेचुरल मॉइस्चराइजर के रूप में कार्य करता है, जिससे त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और रूखापन दूर होता है।

सेवन के लिए, सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ 1 चम्मच घी लेना मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद करता है, जबकि रात में गर्म दूध में मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है और कब्ज दूर होता है।

एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिनभर में 1 से 2 चम्मच घी पर्याप्त है। हालांकि, यदि आपको हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल या मोटापे की समस्या है, तो अपनी डाइट में घी शामिल करने से पहले dr aid leef से परामर्श करना आवश्यक है।

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