30/12/2025
इस जगत में केवल नियम हैं जो कि किसी के प्रति कोई भेद नहीं रखते हैं। तुम जब सीधे चलते हो तो गुरुत्वाकर्षण तुम्हें सभांलता हैं। और जब तिरछे चलते हो, वही गुरुत्वाकर्षण तुम्हें गिराता भी हैं। गुरुत्वाकर्षण न तुम्हें गिराने को उत्सुक हैं, न तुम्हें संभालने में उत्सुक हैं। वह हर हालत में उपलब्ध हैं। तुम जैसा भी उसका उपयोग करना चाहते हो, वह सदा खुला हैं। उसके व्दार बंद नहीं हैं।