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Gokhru Benefits: गोखरू डायबिटीज से लेकर किडनी तक की बीमारियों के लिए है फायदेमंदखास बातेंगोखरू का सेवन करने से होते हैं ...
30/04/2023

Gokhru Benefits:
गोखरू डायबिटीज से लेकर किडनी तक की बीमारियों के लिए है फायदेमंद
खास बातें
गोखरू का सेवन करने से होते हैं कई कमाल के स्वास्थ्य लाभ.
गोखरू स्किन और बालों के लिए भी फायदेमंद.
जानें गोखरू के कई हैरान करने वाले फायदे.
Gokhru Health Benefits: क्या आपने पहले गोखरू (Gokhru) का नाम सुना था! यह एक बेहद ही दुलर्भ जड़ी-बूटी (Herb) है. गोखरू का सेवन करने से शरीर के कई रोगों को दूर करने में मदद मिल सकती है. गोखरू किड़नी की बीमारियों (Gokhru For Kidney) से राहत दिलाने में फायदेमंद माना जाता है. किड़नी की पथरी (kidney Stone) के लिए गोखरू देसी इलाज (Gokhru Desi Treatment) माना जाता है. किड़नी स्टोन के दर्द (Kidney Stone Pain) से राहत पाने के लिए आपके कई तरीके बताए जाते हैं लेकिन गोखरू इसके लिए रामबाण हो सकता है. गोखरू डायबिटीज के लिए (Gokhru For Diabetes) भी फायदेमंद माना जाता है. गोखरू ब्लड शुगर (Blood Sugar) को कंट्रोल करने में भी कारगर हो सकता है. इतना ही नहीं गोखरू पुरुषों में सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन (S*x Hormone Testosterone) को बढ़ाने के लिए लाभकारी माना जाता है. गोखरू आयुर्वेदिक जड़ी बूटी (Gokharu Ayurvedic Herbs) है जो औषधीय का काम करता है. गोखरू आपके बालों (Gokhru For Hair), स्किन के साथ कई और बीमारियों को दूर करने में फायदेमंद माना जाता है. गोखरू पौधे के फूल, बीज, टहनियां और जड़ सभी काफी लाभदायक होती हैं. यहां हम बता रहे हैं गोखरू के कई स्वास्थ्य लाभों के बारे में...

Chia seeds contain healthy omega-3 fatty acids, which are polyunsaturated fat and, according to Harvard Health, have bee...
27/04/2023

Chia seeds contain healthy omega-3 fatty acids, which are polyunsaturated fat and, according to Harvard Health, have been shown to help prevent heart disease and stroke. Omega-3 fatty acids may also help control eczema, lupus, and rheumatoid arthritis. They may even play protective roles in cancer and other conditions.

16/09/2021
Ashtang MadhurantakUseful in Control SUGAR LEVAL &Helps to Prevention of all the COMPLICATONS CAUSED by DIABETESMADHURAN...
29/05/2019

Ashtang Madhurantak

Useful in Control SUGAR LEVAL &

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MADHURANTAK LIQUID EXT.

Each 10 ML Contain

LIQUID EXTRACT DERIVED FROM

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CONTAINS IN MG

SAPTARANGI

400.00

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1) Sugar Leval 120 – 200 mg/dl

15 ML with equal Water.*

2) Sugar Level 200 – 350 mg/dl

30 ML with equal Water.*

3) Sugar Level more than 350 mg/dl OR Insulin Depending Patients.

30 ML with equal Water.*

*IN MORNING EMPTY STOMACH & IN EVENIN ON BED TIME.

AVAILABILITY:- 200 ML & 450 ML
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Dahisar east
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25/05/2019
जड़ी-बूटियों या पंसारी की दुकान में आसानी से मिलने वाली अश्वगंधा बड़े काम की चीज है। वैसे यह तो यह एक जंगली पौधा है, मगर...
19/11/2018

जड़ी-बूटियों या पंसारी की दुकान में आसानी से मिलने वाली अश्वगंधा बड़े काम की चीज है। वैसे यह तो यह एक जंगली पौधा है, मगर इसके औषधीय गुण काफी सारे हैं। आयुर्वेद और यूनानी मेडीसीन में अश्वगंधा को विशेष स्थान प्राप्त है। आमतौर पर अश्वगंधा को यौन शक्ति बढ़ाने की सबसे कारगर दवा के रुप में जाना जाता है। मगर आयुर्वेद में इसका उपयोग कई तरह की बिमारियों के इलाज में किया जाता है।

अश्वगंधा की कच्चे जड़ से अश्व यानि घोड़े के समान गंध आती है, इसलिए इसका नाम अश्वगंधा रखा गया है। इसे असगंध बराहकर्णी, आसंघ, आदि नामों से भी जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे विंटर चेरी (Winter Cherry) कहते हैं।

अश्वगंधा वैसे तो यह पूरे भारत में पाया जाता है, मगर पश्चिमी मध्य-प्रदेश के मंदसौर जिले तथा नागौर (राजस्थान) में पायी जाने वाली अश्वगंधा सबसे गुणकारी होती है। अश्वगंधा के पौधे के जड़ और बीज का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं के रुप में किया जाता है। आयुर्वेदिक और यूनानी मेडिसीन में इसे अश्वगंधा को “Indian Ginseng भी कहा जाता है जिसका अर्थ है अंदर की ताकत बढ़ाने वाली रसायन।

अश्वगंधा एक बलवर्धक रसायन है। आचार्य चरक ने भी अश्वगंधा को उत्कृष्ट बलवर्द्धक माना है। वहीं सुश्रुत के अनुसार, यह औषधि किसी भी प्रकार की कमजोरी को कम करती है। इसका इस्तेमाल गठिया (Arthritis), तनाव, नींद में कमी, ट्यूमर, टीबी, दमा, स्किन की बीमारी, कफ-वात दमा, पीठ की दर्द, मासिक धर्म में गड़बड़ी, उच्च रक्तचाप, लीवर की समस्या समेत कई तरह की बिमारियों के दवा में किया जाता है।

फायदे

अश्वगंधा के औषधीय गुण (Medicinal Benefits of Ashwagandha)

कामोत्तेजना बढ़ाने और पुरुष नपुंसकता को कम करने में (Ashwagandha for Estrus Stimulation and Impotency Treatment)

यौन शक्ति बढ़ाने या पुष्टि-बलवर्धन की इससे कारगर दवा आयुर्वेद में और कोई नहीं है। अश्वगंधा का चूर्ण 15 दिन दूध, घी या पानी के साथ लेने पर यह शरीर को पुष्ट करता है। यह पुरुषों में वीर्य (S***m) को ताकतवर बनाता है और वीर्य की संख्या को भी बढ़ाने में भी मदद करती है। यह एक प्रकार से कामोत्तेजक (Stimulator) की भूमिका निभाता है परंतु इसका कोई साइड इफेक्ट शरीर पर नहीं देखा गया है। यह एजिंग को रोकने का भी काम करती है और आयु बढ़ाती है। इसके सेवन से पुरुषों की प्रजनन क्षमता बढ़ती है।

अवसाद-तनाव दूर करने और मानसिक शक्ति बढ़ाने में (Ashwagandha for Lassitude and Tension and Psychological Health)
आयुर्वेद चिकित्सा में ऐसे कई प्रमाण मिले हैं जिसमें अश्वगंधा के चूर्ण को लंबी सांस के साथ सूंघने या भोजन के साथ खाने से अवसाद और तनाव दूर होते हैं। इसके अलावा यह मस्तिष्क की स्मरण शक्ति को बढ़ाने और चित्त को शांत करने में भी काफी काम करता है। मस्तिष्क की एक बीमारी है Cerebellar Ataxia, जिसमें अश्वगंधा के सेवन से बीमारी ठीक होती है और मस्तिष्क में संतुलन बना रहता है।

डायबिटीज (Ashwagandha for Diabetes)

अश्वगंधा के सेवन से ब्लड शुगर का स्तर कम होता है और यह मधुमेह की बीमारी को नियंत्रण में रखती है। इसके चूर्ण खाने से कोलेस्ट्रॉल भी कम होती है।

गठिया (Ashwagandha for Arthritis)

मेडिकल रिसर्च से पता चला है कि अश्वगंधा का एक खास सप्लीमेंट Articulin-F और दूसरी जड़ी-बूटियों के साथ मिला कर सेवन करने से गठिया में लाभ होता है।

पर्किंसंस की बीमारी (Ashwagandha for Parkinson’s Disease)

पर्किसंस एक दिमागी बीमारी है। जिसमें मस्तिष्क को संकेत देने वाले न्यूरॉन नष्ट हो जाते हैं और मरीज दिमागी रुप से कमजोर होने के कारण अपने शरीर पर कंट्रोल नहीं रख पाता है। शोध से पता चला है कि अश्वगंधा और कई अन्य जड़ी-बूटियों के सेवन से यह बीमारी कम होती है और मस्तिष्क में न्यूरॉन बनने लगते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर (Ashwagandha for High Blood Pressure)

इसके सेवन से रक्तचाप में कमी आती है। हालांकि कम रक्तचाप (Low Blood Pressure) वाले इसके सेवन से परहेज करें।

कैंसर और ट्यूमर (Ashwagandha for Cancer and Tumor)

शोध से पता चला है कि अश्वगंधा की जड़ में कुछ ऐसे तत्व भी हैं जिसमें कैंसर के ट्यूमर की वृद्धि को रोकने की पर्याप्त क्षमता होती है। इसकी जड़ में अल्कोहल के गुण होते हैं जो शरीर पर कोई टॉक्सिन नहीं छोड़ता है और इसमें ट्यूमर के ग्रोथ को रोकने की क्षमता होती है। अश्वगंधा कैंसर से छुटकारा दिलाने में बहुत सहायक होता है।

वात विकार (Ashwagandha for Gastric Problems)

इसके सेवन से किसी भी तरह के वात के विकार की बीमारी खत्म होती है। अश्वगंधा चूर्ण दो भाग, सोंठ एक भाग तथा मिश्री तीन भाग अनुपात में मिलाकर सुबह-शाम खाने के बाद गर्म पानी के साथ लें। यह संधिवात, गैस तथा पेट की और बीमारियों को खत्म करता है।

कफ-खांसी और दमा (Ashwagandha for Cough and Asthma)

कफ-खांसी और दमा में अश्वगंधा रामबाण की तरह काम करता है। इसके चूर्ण को गर्म दूध के साथ सेवन करें काफी आराम मिलेगा।

अनिद्रा-रोग में (Ashwagandha for Insomnia)

अश्वगंधा स्वाभाविक नींद लाने के लिए एक अच्छी दवा है, जिन्हें गहरी नींद नहीं आती या फिर जो नींद नहीं आने के रोग से परेशान हैं उन्हें इसका खीर पाक बनाकर सेवन करना चाहिए।

स्त्री रोगों में (Ashwagandha for Gynecological Problems)

श्वेत प्रदर में इसका चूर्ण 2 ग्राम के साथ, 1/2 ग्राम वंशलोचन मिलाकर सेवन करें। अल्प विकसित स्तनों के विकास के लिए शतावरी चूर्ण के साथ सेवन करना चाहिए।

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए (Ashwagandha for Eye Sight)

यदि अश्वगंधा, मुलहठी और आंवला तीनों को समान मात्रा लेकर चूर्ण बनाकर एक चम्मच नियमित रूप से सेवन किया जाये तो आंखों की रोशनी बढ़ती है।

और भी बीमारियों में आता है काम (Ashwagandha for other Health Problems)

1. टीबी (Tuberculosis)

2. लीवर की बीमारी(Liver problems)

3. सूजन (inflammation)

4. रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने में (Increasing Immune System)

5. एजिंग को कम करने में (Anti-Aging)

सावधानी

सावधानी और साइड इफेक्ट (Precautions and Side Effect of Ashwagandha)

पेट का अल्सर (Abdomen Ulcer)

अगर आपको पेट के अल्सर की बीमारी है तो इसका सेवन नहीं करें। इसके सेवन से पेट की आंतों में खासकर Gastrointestinal (GI) Tract में सूजन हो सकती है।

सर्जरी (Surgery)

अश्वगंधा सेंट्रल नर्वस सिस्टम के कार्य़क्षमता में कमी लाती है। ऐलोपैथी चिकित्सकों के अनुसार सर्जरी से पहले एनेस्थेसिया(बेहोशी की दवा) देने के दौरान अगर रक्त में अश्वगंधा रहे तो यह नर्वस सिस्टम पर असर डाल सकता है। इसलिए सर्जरी से दो हफ्ते पहले तक इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्भपात (Abortion)

अगर कोई गर्भवती हैं तो उसे अश्वगंधा का सेवन नहीं करनी चाहिए। इससे गर्भपात हो सकता है।

थॉयराइड (Thyroid)

इसके सेवन से थॉयराइड हार्मोन का स्राव तेजी से होने लगता है। जिसे थॉयराइड की बीमारी हो उसे इसके सेवन से परहेज करनी चाहिए।

सेडेटिव (Sedative)

वैसी दवा जिसके सेवन से नींद और नशे आती हो उसे सेडेटिव ड्रग कहते हैं। जो सेडेटिव ड्रग ले रहे हैं उन्हें अश्वगंधा का सेवन नहीं करनी चाहिए। अगर सेडेटिव ड्रग के साथ अश्वगंधा लेंगे तो ज्यादा नींद और नशे की शिकायत हो सकती है क्योंकि अश्वगंधा में पहले से ही सेडेटिव के गुण होते हैं।

नमस्कार दोस्तों, घरेलु नुस्खा में आपका बहुत बहुत स्वागत है। दोस्तों, आज जो मैं नुस्खा लेकर आया हूँ वो डायबिटीज़ और शुगर म...
01/11/2018

नमस्कार दोस्तों, घरेलु नुस्खा में आपका बहुत बहुत स्वागत है। दोस्तों, आज जो मैं नुस्खा लेकर आया हूँ वो डायबिटीज़ और शुगर में बहुत ही उपयोगी है। दोस्तों, आज दस में से आठ व्यक्ति डायबिटीज़ रोग से ग्रसित है। इसलिए इस रोग से बचने के लिए हमें एहतयात बरतने की जरुरत है। यदि आप या आपके परिवार के किसी सदस्य को डायबटीज़ या शुगर की समस्या है तो मेरे बताए गए नुस्खे को अपना कर आप शुगर अथवा डायबटीज़ पर काफी हद तक कंट्रोल पा सकते है।

दोस्तों, आज जिस नुस्खा यानि की दवा की बात करने जा रहा हूँ वो कड़वा बादाम है। जी हां, दोस्तों आपमें से बहुत कम लोग है जो कड़वा बादाम के बारे में जानते है। दोस्तों कड़वा बादाम बिलकुल सामान्य बादाम की तरह होता है लेकिन यह सामन्य बादाम से वजन में हल्का होता है और फायदे बादाम से बढ़कर होता है।

आइए जानते है कैसे कडवा बादाम का उपयोग करें और डायबटीज़ को कण्ट्रोल करें।

दोस्तों, कड़वा बादाम का भी इस्तेमाल आप सामान्य बादाम की तरह कर सकते है। इसके सेवन से न केवल डायबटीज़ बल्कि कई अन्य रोगों से निजात पा सकते है। डायबटीज़ और शुगर से बचने के लिए रोजाना खाली पेट कड़वा बादाम खाएं। रोजाना खाली पेट कड़वा बादाम खाने से शुगर कंट्रोल होता है। यदि आप कड़वा बादाम नहीं खा पाते तो कुछ मात्रा में कड़वा बादाम को ग्राइंडर अथवा सिलबट्टे की मदद से पीस ले। अब इसे मार्किट में उपलब्ध एम्प्टी कैप्सूल में फील करे। इस कैप्सूल को रोजाना खाएं। इसके सेवन से शुगर कंट्रोल होता है।

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400068

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