Shree Prabhakar Aushadhalaya Est. 1956 & Wellness Centre

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श्री प्रभाकर औषधालय (स्थापित 1956) | प्रभाकर वेलनेस
65+ वर्षों का आयुर्वेदिक अनुभव। प्रत्येक रोगी का दोष, आहार व जीवनशैली के अनुसार पूर्ण विश्लेषण। केवल लक्षण नहीं, रोग के मूल कारण का उपचार। शुद्ध औषधियाँ व विश्वसनीय परामर्श।

04/05/2026
23/04/2026
*प्राकृतिक पंचकर्म - स्वस्थ जीवन का मार्ग*क्या आप तनाव, बीमारियों और असंतुलन से मुक्ति पाना चाहते हैं? हमारे *प्राकृतिक ...
20/04/2026

*प्राकृतिक पंचकर्म - स्वस्थ जीवन का मार्ग*

क्या आप तनाव, बीमारियों और असंतुलन से मुक्ति पाना चाहते हैं? हमारे *प्राकृतिक पंचकर्म केंद्र* में आपका स्वागत है!

- *आधुनिक और स्वच्छ सुविधाएं*

*पंचकर्म सेवाएं*

- *स्नेहन* : शरीर को तैलीय और रीलैक्स बनाने के लिए तेल की मालिश।
- *स्वेदन* : पसीना निकालने और शरीर को शुद्ध करने के लिए वाष्प की थेरेपी।
- *वमन*: शरीर को शुद्ध करने के लिए
- *विरेचन*: पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए
- *बस्ती*: जोड़ों के दर्द, पाचन, स्त्री-पुरुष के रोगतंत्र के लिए
- *नस्य*: सिर और गर्दन के लिए
- *रक्त मोक्षण*: रक्त शुद्धिकरण के लिए
- *कांस्य पादाभ्यंग* : नेचुरल डिटॉक्स थेरेपी (मुजफ्फरपुर में पहली बार)

*""अधिक जानकारी के लिए आज ही संपर्क करें""*

*_प्रभाकर वेलनेस_*
(a unit of Shree Prabhakar Aushadhalaya Estd 1956)

पता: श्री प्रभाकर औषधालय, यू बी टावर के पास, सरैयागंज, मुजफ्फरपुर, (बिहार) भारत
व्हाट्सएप : 8409994448
ईमेल: wellnessprabhakar@gmail.com

*आज ही संपर्क करें और स्वस्थ जीवन का अनुभव करें!*

- *विशेष ऑफर*: मुजफ्फरपुर के निवासियों के लिए 10% डिस्काउंट पर पंचकर्म सेवाएं
-
- *पैकेज डील*: 3 सेवाएं एक साथ बुक करें और पाएं 15% डिस्काउंट

आयुर्वेद में “उत्तर बस्ति” एक विशेष पंचकर्म चिकित्सा है, जिसमें औषधीय घृत और तेल के माध्यम से प्रजनन तंत्र को सीधे पोषण ...
08/03/2026

आयुर्वेद में “उत्तर बस्ति” एक विशेष पंचकर्म चिकित्सा है, जिसमें औषधीय घृत और तेल के माध्यम से प्रजनन तंत्र को सीधे पोषण और उपचार दिया जाता है।
यह उपचार
✔ स्पर्म क्वालिटी सुधारने में
✔ हार्मोन संतुलन में
✔ पुरुष शक्ति बढ़ाने में मदद करता है।

#पुरुषस्वास्थ्य

Shree Prabhakar Aushadhalaya Est. 1956 & Wellness Centre

Body lump Ayurveda - शरीर में गांठ क्यों बनती है? आयुर्वेद की नजर से पूरा सच - शरीर में कहीं भी गांठ बनना आजकल बहुत आम ह...
08/02/2026

Body lump Ayurveda - शरीर में गांठ क्यों बनती है? आयुर्वेद की नजर से पूरा सच - शरीर में कहीं भी गांठ बनना आजकल बहुत आम हो गया है - पेट में, छाती में, हाथ-पैर में, या खासकर महिलाओं में PCOD, गर्भाशय की गांठ, ब्रेस्ट लंप…

एक सर्वे के अनुसार हमारे देश में लगभग हर 5 में से 1 महिला किसी न किसी तरह की गांठ से जूझ रही है।

शुरुआत में जब गांठ छोटी होती है, तब हम उसे इग्नोर कर देते हैं। लेकिन जैसे-जैसे उसका साइज बढ़ता है, वैसे-वैसे दिमाग में सवाल घूमने लगते हैं -
“ये गांठ आई कहाँ से?”
“मुझे ही क्यों हुई?”

हम आयुर्वेद के नजरिये से समझेंगे:

गांठ आखिर होती क्या है
शरीर में गांठ बनने के असली कारण
आयुर्वेद में इसे क्या कहते हैं
और सबसे जरूरी — इससे बचाव और इलाज कैसे करें

आयुर्वेद में गांठ को क्या कहते हैं?
आयुर्वेद में शरीर की हर तरह की गांठ, सिस्ट या रसौली को “गुल्म” कहा गया है।

सबसे पहले समझते हैं कि गांठ बनती कैसे है।

मान लीजिए आपने कभी साबुन के झाग देखे हों — बाहर एक पतली परत और अंदर हवा भरी रहती है।
या गर्मियों में खेतों में मिट्टी के गोल-गोल ढेले बन जाते हैं — क्योंकि पानी सूख जाता है और ड्राइनेस बढ़ जाती है।

कुछ बिल्कुल ऐसा ही शरीर के अंदर भी होता है।

जब शरीर में रूखापन (Dryness) बढ़ जाता है, तब अंदर की वायु (Vata) गड़बड़ा जाती है।
और यही बिगड़ी हुई वायु धीरे-धीरे गांठ बनाने लगती है।

गांठ बनने के मुख्य कारण (आचार्य चरक के अनुसार)
चरक संहिता में साफ लिखा है कि गांठ बनने के कुछ खास कारण होते हैं:

1. प्राकृतिक वेगों को रोकना
मतलब -
पेशाब रोकना
मल रोकना
गैस रोकना
भूख रोकना
प्यास रोकना

आजकल लोग मीटिंग, ट्रैवल या बिज़ी लाइफस्टाइल की वजह से इन सबको जबरदस्ती कंट्रोल करते रहते हैं।

जब आप बार-बार शरीर के नेचुरल signals को दबाते हैं, तब अंदर मल जमा होने लगता है - और वही धीरे-धीरे गांठ का रूप ले लेता है।

2. भूख में पानी पीना
कई लोग ऐसा करते हैं - जोर की भूख लगी है और तुरंत पानी पी लिया।
इससे पाचन अग्नि मंद हो जाती है, वायु बिगड़ जाती है और यही आगे चलकर गांठ का कारण बनती है।

3. जरूरत से ज्यादा रूखापन
आजकल “Zero oil”, “No ghee”, “Fat free life” को हेल्थ समझ लिया गया है।

जो लोग:

– तेल नहीं लगाते
– घी नहीं खाते
– AC में ज्यादा रहते हैं
– बहुत ज्यादा ट्रैवल करते हैं

उनके शरीर में ड्राइनेस बहुत बढ़ जाती है।

और यही रूखापन वायु को बिगाड़कर गांठ बनने की जमीन तैयार करता है।

यही छोटी गांठें आगे चलकर बड़ी बीमारियों — जैसे कैंसर, टीबी की गांठ, PCOD, फाइब्रॉइड — का रूप ले सकती हैं।

आयुर्वेद में गांठ का इलाज कैसे किया जाता है?
आयुर्वेद में हर तरह की गांठ के लिए पांच स्टेप्स बताए गए हैं:

1. निदान परिमर्जन — कारण हटाओ
सबसे पहले बीमारी की जड़ पर काम किया जाता है:

– वेग कभी न रोकें
– रोज शरीर पर तेल मालिश करें
– खाने में घी जरूर लें

जब तक कारण नहीं हटेगा, इलाज टिकेगा नहीं।

2. बिगड़ी हुई वायु को ठीक करना
आयुर्वेद कहता है - गांठ का मुख्य कारण वायु है।

इसके लिए सबसे बेस्ट औषधि मानी गई है हरड़ (Haritaki)।

रोज भोजन से पहले:

1/4 या 1/2 चम्मच हरड़ पाउडर
1 चम्मच घी में मिलाकर लें

या हरड़ को घी में भूनकर रख लें और थोड़ा सा गर्म पानी पी लें।

इससे:

वायु नॉर्मल होती है
जमा हुआ मल बाहर निकलता है
टॉक्सिन्स धीरे-धीरे साफ होते हैं

3. नित्य विरेचन — समय-समय पर पेट साफ
पहले जमाने में हर दो महीने में एरंड तेल (Castor oil) देने की परंपरा थी।

आज भी आप किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से मिलकर हर 2 महीने में पेट साफ करने की दवा जरूर लें।

इससे:

– मल नहीं जमता
– वायु संतुलित रहती है
– गांठ बनने की संभावना कम होती है

4. पंचकर्म — खासकर बस्ती चिकित्सा
आयुर्वेद में गांठों के लिए सबसे शक्तिशाली इलाज है बस्ती (Medicated Enema)।

यह पानी वाली एनिमा नहीं होती।
इसमें खास तेल और काढ़े उपयोग किए जाते हैं।

बस्ती से:

वायु कंट्रोल में रहती है
शरीर को पोषण मिलता है
PCOD, फाइब्रॉइड, यूटेरस गांठ, ब्रेस्ट लंप और यहां तक कि कैंसर की गांठों में भी मदद मिलती है

आप किसी नजदीकी आयुर्वेदिक डॉक्टर से सीखकर इसे घर पर भी कर सकते हैं।

5. ऐसा खाना जो गांठ घटाए
– खाने वाला चूना (चना बराबर मात्रा रोज)
– छाछ
– परवल
– सहजन
– बैंगन

ये सब गांठ कम करने में सहायक हैं।

राजीव दीक्षित जी भी चूने की बहुत प्रशंसा करते थे।

झूठे वादों से सावधान रहें
इंटरनेट पर बहुत लोग बोलेंगे:

“15 दिन में गांठ गायब”
“एक नुस्खा सभी गांठ खत्म”

ऐसे दावों से दूर रहें।
गांठ होने पर हमेशा नजदीकी आयुर्वेदिक डॉक्टर से मिलें।

अंतिम बात
चाहे PCOD हो, फाइब्रॉइड हो, ब्रेस्ट लंप हो या कैंसर की गांठ -
आयुर्वेद की बस्ती चिकित्सा और सही दिनचर्या इन सभी में सहायक होती है।

समय रहते कारण हटाइए, वायु ठीक कीजिए और शरीर को ड्राइनेस से बचाइए।

तभी गांठ से भी बचेंगे और बड़ी बीमारी से भी।

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02/02/2026

With Dr. BRC Videos – I'm on a streak! I've been a top fan for 10 months in a row. 🎉
01/02/2026

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Muzaffarpur
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