16/04/2026
ज़्यादातर मरीज़ अपनी आँखों की जाँच का पूरा फ़ायदा नहीं उठा पाते। आइए जानें कैसे उठाएँ। 👁
आपने कई दिन इंतज़ार करके यह अपॉइंटमेंट लिया है। डॉक्टर के पास आपके लिए 15–20 मिनट हैं। यहाँ बताया गया है कि उन मिनटों का पूरा उपयोग कैसे करें, पहले, दौरान, और बाद में।
मिलने से पहले
कॉन्टैक्ट लेंस कम से कम 24–48 घंटे पहले निकाल दें। ये आँख की पुतली की सतह को कुछ समय के लिए बदल देते हैं जिससे नंबर गलत आ सकता है।
घर से निकलने से पहले अपनी तकलीफें लिख लें, धुंधला दिखना, आँखें सूखना, काले धब्बे, रोशनी के चारों ओर घेरा, दर्द, सिरदर्द। जाँच के कमरे में बैठते ही सब याद नहीं रहता।
अपने परिवार की आँखों की बीमारियों के बारे में जानें। ग्लूकोमा, मोतियाबिंद, परदे की बीमारी और भेंगापन, ये सब आनुवंशिक होते हैं। डॉक्टर को शुरुआत में बताएँ, इससे पूरी जाँच का तरीका बदल जाता है।
अपनी सभी दवाएँ और पुराने पर्चे लेकर आएँ, आई ड्रॉप और सप्लीमेंट भी। कई दवाएँ आँखों के दबाव पर असर डालती हैं और नई दवाओं से मेल नहीं खातीं।
अगर आँखों में ड्रॉप डाली जाएँ तो घर वापस जाने के लिए किसी को साथ लाएँ। पुतलियाँ 4–6 घंटे तक फैली रहती हैं। इस दौरान गाड़ी चलाना सुरक्षित नहीं।
जाँच के दौरान ये सवाल ज़रूर पूछें
→ "क्या पिछली बार से मेरा नंबर काफी बदला है?"
→ "क्या ग्लूकोमा या मोतियाबिंद के कोई शुरुआती संकेत हैं?"
→ "क्या मेरा परदा ठीक है, खासकर अगर मुझे शुगर या BP है?"
→ "कौन से लक्षण होने पर तुरंत वापस आना चाहिए?"
→ "यह इलाज कितने समय तक चलेगा और कब बेहतर महसूस होगा?"
झिझकें नहीं। आपके सवालों का जवाब देने में लगे 5 मिनट उन 5 मिनटों से कहीं बेहतर हैं जब आप घर जाकर असमंजस में रहें।
आई ड्रॉप इलाज में लिखे समय पर ही डालें। खुराक छोड़ने से इलाज धीमा नहीं होता, उलटा हो जाता है। अगली मुलाकात की तारीख कार्ड पर 'समय' में लिखी है, जाने से पहले अपॉइंटमेंट ले लें।
इन लक्षणों में उसी दिन वापस आएँ, अपॉइंटमेंट का इंतज़ार न करें:
एक या दोनों आँखों में अचानक कम दिखना। आँखों के सामने परदे या छाया जैसा दिखना। आँखों में तेज़ दर्द के साथ सिरदर्द और जी मिचलाना। अचानक बहुत ज़्यादा काले धब्बे या चमक दिखना। आँख में किसी भी तरह की चोट।
ये आपात स्थितियाँ हैं। इंतज़ार न करें।
एक आदत जिसमें कुछ खर्च नहीं:
हर 20 मिनट के स्क्रीन समय के बाद, 20 फ़ीट दूर किसी चीज़ को 20 सेकंड तक देखें। यह एक छोटी-सी आदत आँखों की थकान, सूखापन और सिरदर्द में बड़ा फ़र्क डालती है।
और अपनी शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखें। भारत में रोकी जा सकने वाली अंधेपन की सबसे बड़ी वजह यही दो बीमारियाँ हैं। जब तक ये काबू में नहीं, आपकी आँखें हर दिन नुकसान उठा रही हैं।
आपके साथ बिताए 20 मिनट आपकी अगले 20 साल की रोशनी बचा सकते हैं। तैयार होकर आएँ। 💙 #स्वस्थआँखें