Kashi Veterinary

Kashi Veterinary Leading wholesaler and stockist of veterinary medicines, feed supplements, vaccines, and pet care products.

Supplying quality products to retail pharmacies, poultry farms, dairy farms, and fish farms across the region. One Of The Most Reputed Veterinary Medicine Store In North Bihar Where All Types Of Veterinary Medicines, It's Feed Supplements, It's Body Care Products And Much More Are Available At Wholesale Rate. And Also Stockist Of Various Veterinary Medicines Companies.

गर्मी का मौसम हमारे प्यारे पालतू दोस्तों – चाहे वो फरी हों या पंखों वाले – के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकता है। लेकिन कुछ आ...
03/05/2025

गर्मी का मौसम हमारे प्यारे पालतू दोस्तों – चाहे वो फरी हों या पंखों वाले – के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकता है। लेकिन कुछ आसान से उपाय उन्हें इस तपती धूप से राहत दिला सकते हैं। आइए जानते हैं गर्मियों में पालतू जानवरों की देखभाल के कुछ ज़रूरी Do’s और Don’ts!

✅ Do’s (क्या करें):
1️⃣ उनके आहार में ताजे फल और तरल पदार्थ शामिल करें – हाइड्रेशन है ज़रूरी। 🍉💧

2️⃣ नियमित रूप से उनके बालों को ब्रश करें ताकि शरीर में हवा का संचार बना रहे। 🐾🪮

3️⃣ अत्यधिक हांफना, सूखी आंखें, चिपचिपा लार या शरीर का ज़्यादा गर्म होना – ये हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। 🚑🐶

4️⃣ अगर हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो तुरंत घर पर ठंडक पहुंचाएं।
• कुत्तों के लिए: पेट पर आइस पैक रखें। 🐕❄️
• बिल्लियों के लिए: ठंडे तौलिए में लपेटें। 🐱🧊
इसके बाद तुरंत क्लिनिक ले जाएं।

5️⃣ नियमित रूप से पाउ बटर लगाएं। अगर आपका पालतू जूते या सॉक्स पहनने में सहज है, तो गर्मी में उन्हें ज़रूर पहनाएं। 🧦🐾

6️⃣अपने puppy को Parvovirus से बचाने के लिए गर्मियों में उसका टीकाकरण ज़रूर करवाएं। 💉🐶

❌ Don’ts (क्या न करें):
1️⃣तेज धूप में पालतू को बाहर न ले जाएं। टहलने का समय सुबह जल्दी या देर शाम रखें। ☀️🚫

2️⃣पालतू की प्रेग्नेंसी की योजना सावधानी से बनाएं – गर्मी में डिलीवरी माँ और बच्चों दोनों के लिए कष्टदायक हो सकती है। 🐕‍🍼🐾

3️⃣Siberian Husky या Saint Bernard जैसी नस्लों को गोद लेना या खरीदना टालें – ये नस्लें मैदानों की गर्मी को झेल नहीं पातीं। 🐺🌡️

4️⃣Fleas या ticks की दवा देने से पहले हमेशा पशु चिकित्सक से सलाह लें। ⚠️💊

याद रखें – गर्मियों में थोड़ी सी देखभाल आपके पालतू की ज़िंदगी आसान बना सकती है। वो बोल नहीं सकते, पर उनका ख्याल रखना हमारी ज़िम्मेदारी है। ❤️🐾

27/04/2025

पशुपालन फार्म शुरू करने की सोच रहे हैं? जानिए आवश्यक बातें!

पशुपालन एक लाभकारी कार्य हो सकता है, लेकिन इसे सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए उचित तैयारी अत्यंत आवश्यक है। आपके पशुओं का स्वास्थ्य और कल्याण आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बिंदु दिए गए हैं:

1️⃣ उचित पशु का चयन करें: प्रत्येक पशु की देखभाल की आवश्यकताएँ भिन्न होती हैं। चाहे आप मुर्गी पालन करें या गाय-भैंस पालें, प्रत्येक के लिए अलग प्रकार के आश्रय, चारा और देखभाल की जरूरत होती है। उचित अनुसंधान अवश्य करें।

2️⃣ उच्च गुणवत्ता वाला चारा और स्वच्छ जल प्रदान करें: पशुओं के लिए उपयुक्त आहार तय करने हेतु पशु चिकित्सक या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें। स्वच्छ और ताजे पानी के लिए पशु जल आपूर्ति यंत्रों का उपयोग करें।

3️⃣ स्वस्थ बिछावन की व्यवस्था करें: भूसा, लकड़ी की बुरादे या कटा हुआ अखबार जैसे सामग्री का उपयोग करें। बिछावन को साफ और सूखा बनाए रखें ताकि पशुओं को संक्रमण से बचाया जा सके।

4️⃣ स्वच्छ वातावरण बनाए रखें: आश्रयों की नियमित सफाई करें और समय-समय पर रोगाणु नाशक से संक्रमण रोकने हेतु उनका सैनिटाइजेशन करें।

5️⃣ उचित आश्रय प्रदान करें: पशुओं को अत्यधिक गर्मी, सर्दी और बारिश से सुरक्षित रखने के लिए हवादार, सुरक्षित और पर्याप्त जगह वाला आश्रय बनवाना आवश्यक है।

6️⃣ पशु स्वास्थ्य का ध्यान रखें: नियमित टीकाकरण कराएं और समय-समय पर पशु चिकित्सक से जांच कराते रहें ताकि किसी भी बीमारी का समय पर पता लगाया जा सके।

7️⃣ गर्मी से बचाव सुनिश्चित करें: गर्म मौसम में पशुओं को छाया, पंखों और स्वच्छ जल की व्यवस्था करके हीट स्ट्रेस से बचाना अत्यंत आवश्यक है।

8️⃣ पशुपालन फार्म शुरू करना सुनियोजित प्रयास की मांग करता है। यदि आप सही जानकारी और तैयारी के साथ कदम बढ़ाएंगे, तो सफलता आपके कदम चूमेगी।

क्या आप भी पशुपालन यात्रा शुरू करने के लिए तैयार हैं?
स्वस्थ और प्रसन्न पशुओं के साथ शुरुआत करे ।

विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर,Kashi Veterinary समर्पित पशु चिकित्सकों के अद्वितीय योगदान का सम्मान करता है,जिनकी मे...
26/04/2025

विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर,
Kashi Veterinary समर्पित पशु चिकित्सकों के अद्वितीय योगदान का सम्मान करता है,
जिनकी मेहनत से हमारे पालतू और पशुधन स्वस्थ व सुरक्षित रहते हैं।

Kashi Veterinary में हम प्रदान करते हैं:
✅ प्रमाणित और भरोसेमंद दवाइयाँ
✅ उच्च गुणवत्ता वाले सप्लीमेंट्स
✅ पशु स्वास्थ्य सेवा में विशेषज्ञ मार्गदर्शन और सहयोग

आइए, मिलकर पशु स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दें और उन्हें बेहतर जीवन दें।
आपके पालतुओं और पशुधन के संपूर्ण स्वास्थ्य समाधान के लिए हमेशा आपके साथ।

📍 Kashi Veterinary | Muzaffarpur, Bihar

20/07/2023
25/09/2020

Mineral supplementation is one of the most important nutritional strategies for winter. Here’s a look at a few myths and the facts that debunk them.

15/09/2020

*गायों में ब्रूसिलोलिस संक्रमण*:

*लक्षण एवं बचाव*
परिचय: ब्रूसिलोलिस एक यौन संचारित संक्रामक बीमारी है जो की ब्रूसेला (Brucella) जाति के जीवाणु द्वारा उत्पन्न होती है। यह रोग गायों में गर्भावस्था की अंतिम तीन महीनों में गर्भपात के लिए जिम्मेदार होता है । संक्रमित पशुओं का दूध को कच्चा पीने या इनके स्रावों (secretions) के सम्पर्क में आने से मनुष्यों में भी इसका संक्रमण फैल सकता है।

*कारण*
• ब्रूसिलोलिस संक्रमित सांड का वीर्य (AI द्वारा) गर्भधारण।
• ब्रूसिलोलिस संक्रमित पशु में गर्भपात के समय निकले हुए स्राव व गंदगी यदि दूसरे पशु के संपर्क में आ जाए या पशु चारे के साथ इन जीवाणुओं को अपने आहारनाल में ले लें।
• आंख और नाक की श्लेष्मा (mucosa) द्वारा भी पशु इससे ग्रसित हो सकता है।
• यह जननांग स्पर्श के माध्यम से भी फैल सकता है।

*लक्षण*
• गर्भकाल के अंतिम तिमाही दिनों (साधारणतया ६ से ९ महीने के बीच) में गर्भपात
• पशुओं में गर्भपात से पहले योनि से अपारदर्शी पदार्थ निकलता है तथा गर्भपात के बाद पशु की जेर रुक जाती है।

*रोकथाम*
• अब तक इस रोग का कोई प्रभावकारी इलाज नहीं हैं। यदि गर्भपात के लक्षण नज़र आने लग गए तो गर्भपात को रोकना संभव नहीं होता।
• गर्भपात होने की स्थिति में जेर को मिट्टी में दबा दें और फ़िनाइल से बाड़े की सफाई करें।
• पशु को जेर या निकलते हुए स्राव को खाने न दें।
• गर्भपात के लक्षण दिखते ही निकटतम पशुचिकित्सालय में संपर्क करें।
• *बच्छियों में 3-6 माह की आयु में ब्रुसेल्ला-अबोर्टस स्ट्रेन-19 के टीके लगवाएं।*
• पशुओं में प्रजनन की कृत्रिम गर्भाधान पद्धति अपनाकर भी इस रोग से बचा जा सकता है।

*अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:*
*डॉ मेघा पांडे, वैज्ञानिक (पशु पुनरुत्पादन)*
भाकृअनुप - केंद्रीय गोवंश अनुसन्धान संस्थान
मेरठ छावनी- 250001 (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल: 9410971314

 #अफरा  हरा और रसीला चारा, भींगा चारा या दलहनी चारा अधिक मात्रा में खा लेने के कारण पशु को अफरा की बीमारी हो जाती है। खा...
06/08/2020

#अफरा

हरा और रसीला चारा, भींगा चारा या दलहनी चारा अधिक मात्रा में खा लेने के कारण पशु को अफरा की बीमारी हो जाती है। खासकर, रसदार चारा जल्दी – जल्दी खाकर अधिक मात्रा में पीने से यह बीमारी पैदा होती है। बाछा – बाछी को ज्यादा दूध पी लेने के कारण भी यह बीमारी हो सकती है। पाचन शक्ति कमजोर हो जाने पर मवेशी को इस बीमारी से ग्रसित होने की आशंका अधिक होती है।

लक्षण

👉एकाएक पेट फूल जाता है। ज्यादातर रोगी पशु का बायाँ पेट पहले फूलता है। पेट को थपथपाने पर ढोल की तरह (ढप – ढप) की आवाज निकलती है।
👉पशु कराहने लगता है। फूले पेट के ओर बराबर देखता है।
पशु को साँस लेने में तकलीफ होती है।
👉रोग बढ़ जाने पर पशु चारा – दाना छोड़ देता है।
बेचैनी बढ़ जाती है।
👉झुक कर खड़ा होता है और अगल – बगल झांकता रहता है।
रोग के अत्यधिक तीव्र अवस्था में पशु बार-बार लेटता और खड़ा होता है।
👉पशु कभी – कभी जीभ बाहर लटकाकर हांफता हुआ नजर आता है।
पीछे के पैरों को बार पटकता है।

नोट: तुरंत इलाज नहीं करने पर रोगी पशु मर भी सकता है।

#चिकित्सा

पशु के बाएं पेट पर दबाव डालकर मालिश करनी चाहिए।
उस पर ठंडा पानी डालें और तारपीन का तेल पकाकर लगाएँ।
मुहं को खुला रखने का इंतजाम करें। इसके लिए जीभी को मुंह से बाहर निकालकर जबड़ों के बीज कोई साफ और चिकनी लकड़ी रखी जा सकती है।
✅ रोग की प्रारंभिक अवस्था में पशु को इधर – उधर घुमाने से भी फायदा होता है।
✅ पशु को पशुचिकित्सक से परामर्श लेकर तारपीन का तेल आधा से एक छटाक, छ: छटाक टीसी के तेल में मिलाकर पिलाया जा सकता है। उसके बाद दो सौ ग्राम मैगसल्फ़ और दो सौ ग्राम नमक एक बड़े बोतल पानी में मिलाकर जुलाब देना चाहिए।
✅ पशु को लकड़ी के कोयले को चूरा, आम का पुराना आचार, काला नमक, अदरख, हिंग और सरसों जैसी चीज पशुचिकित्सक के परामर्श से खिलायी जा सकती है।
✅ पशु को स्वस्थ होने पर थोड़ा – थोड़ा पानी दिया जा सकता है, लेकिन किसी प्रकार का चारा नहीं खिलाया जाए।
पशु चिकित्सक की सेवाएँ तुरंत प्राप्त करनी चाहिए।

आप एक जागरूक पशुपालक हो ,ओर ज्यादा जागरूकता को फैलने के लिए शेयर व अपने दोस्तों से सांझा करें,,,

She Was Pregnant, she wandered into a village for food. Locals gave her a pineapple stuffed with Crackers. It Exploded i...
03/06/2020

She Was Pregnant, she wandered into a village for food. Locals gave her a pineapple stuffed with Crackers. It Exploded in her mouth and she died standing in River. She harmed No One, but Did Only One Mistake, "She Believed HUMANS!!"

In memory of the in by being fed a pineapple stuffed with a firecracker.
Art Credit: Bratuti
Mother And Baby
Veterinary condemns this cruelty act of human

Address

O. P COMPLEX, SHAHEED BHAGAT SINGH CHOWK, NEW ZEROMILE CHOWK
Muzaffarpur
842001

Opening Hours

Monday 9:30am - 8:30pm
Tuesday 9:30am - 8:30pm
Wednesday 9:30am - 8:30pm
Thursday 9:30am - 8:30pm
Friday 9:30am - 8:30pm
Saturday 9:30am - 8:30pm
Sunday 10am - 3pm

Telephone

+919308531250

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Kashi Veterinary posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Kashi Veterinary:

Share

Category