15/02/2026
स्टार्टअप का असली चेहरा: पसीना, ठोकरें और फिर एक जीत! 🚀
"आज एक अजीब सी संतुष्टि है। लोग कहते हैं कि बिज़नेस शुरू करना सिर्फ पैसों का खेल है, पर मैंने सीखा कि यह तो भावनाओं और पसीने का मेल है।
पिछले 5 महीनों में मैंने स्टार्टअप की वो हकीकत देखी जो कोई नहीं बताता। कदम-कदम पर समझौते, हर मोड़ पर लोगों के बदलते शब्द और हर चूक की भारी कीमत। कभी-कभी लगा कि क्या मैं बहुत 'सॉफ्ट' हूँ इस कठोर बाज़ार के लिए?
पर आज, जब महाशिवरात्रि के शुभ दिन 'गंगा ग्लोरी' के सौभाग्य शगुन डिब्बों की पहली खेप हमारी वर्कशॉप पर उतरी, तो सारे सवाल खत्म हो गए। बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से आज हमारी तपस्या ने एक आकार लिया है।
यह सिर्फ मिठाई के डिब्बे नहीं हैं, यह मेरा विश्वास है कि शुद्धता और ईमानदारी आज भी जीतती है।
आप सभी के साथ इस खुशी को साझा करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। जल्द ही 'गंगा ग्लोरी' की मिठास आपकी शादियों की शान बनेगी।"
— रीना गुप्ता (संचालिका: गंगा ग्लोरी)