03/12/2025
मीरा की भक्ति जिसने विष को अमृत बना दिया।
मीरा बाई को ज़हर दिया गया…
सबने कहा — “मत पीना, ये मौत है!”
पर मीरा मुस्कुराईं और बोलीं —
“अगर ये मेरे गिरिधर का चरणामृत है, तो मैं इसे पीऊँगी।”
वो ज़हर पी गईं,
करताल उठाई और पूरी रात भक्ति में लीन रहीं —
ना ज़हर का असर हुआ, ना तन पर आंच।
जब वैध को वही ज़हर चटाया गया तो वो तुरंत मर गया।
ये प्रसंग दिखाता है —
जहाँ विश्वास सच्चा हो, वहाँ विष भी अमृत बन जाता है।
भक्ति की शक्ति अपार है… और भगवान सदा अपने भक्त की लाज रखते हैं।