Neurotherapy trainning and treatment center Nashik

Neurotherapy trainning and treatment center Nashik पातंजल सूत्र 'नाभि चक्रे काया व्यूह ज?

14/02/2026

साढ़े तीन ADR
ADR – RUB STRUCTURAL DOCTRINE
ADR Treatment के लिये जो व्यवस्था दी गई है , उसका विश्लेषण निम्नवत् है ।
FRME WORK -

ADR–RUB प्रणाली चार मूल स्तंभों पर आधारित है:
a) Pattern Completion Logic
यह केवल calculation नहीं है।
Pattern तब पूर्ण माना जाएगा जब उसका Matrix पूरा हो जाए।
b) Vertical Integrity . Method
ऊपर-> बीच -> नीचे
यह क्रम Step-by-Step पूर्ण किया जाएगा।

c) Fixed Structural Framework
संरचना (Frame) स्थिर है:
Vertical cycles = 2
Horizontal Positions = 3
फ्रेम नहीं बदलता।
d) Variable Intensity Application
Intensity (ADR का मान) बदल सकता है।

SCALE -
ADR के लिये scale
1 ADR = 2 RUB है ।
परंतु यह ऊपर , बीच में , नीचे एक पूरा Set होने के बाद फिर ऊपर, बीच में , नीचे होता है । मतलब Vertically step by step आना है ।
ये नहीं कि ऊपर पूरा , किया फिर बीच में फिर नीचे पूरा किया । Horizontall set नहीं है ।
जैसे
(1) ADR -
1 1 1
1 1 1
(2) ADR
2 2 2
2 2 2
(6) ADR
6 6 6
6 6 6
जितना ADR देना है उसकी Double Rubbing होगी ।
( X ) ADR
X X X
X X X
( RUB )
3 AND 1/2 ADR के लिये RUBBING होंगी 7
जिन्हे 4 +3 में देंगे ।
पहले 3 RUB दो बार ( 3 ADR ) पूरा फिर 3 का एक ही Set देने से Total Rub हो जायेंगे - 9, और यह हो जायेगा 4 and 1/2 ADR .

14/02/2026

वेलेंटाइन डे , फागुनी बयार और कारण
जीवन के 48 साल बीत गये , फागुन का आनन्द तो खूब लिया , जिया भी और ' नदिया के पार ' में देखा भी ।
पर इस वेलेंटाइन का पता अब चला । इस उमर में ' मन्नू तेरा हुआ अब मेरा क्या होगा ? भी नहीं गा सकते तो ईर्ष्या के वशीभूत होकर लाया हूँ ' आपके आज के आनन्द का MOOD OFF करने वाली Post .
मिलते ही आँखे दिल हुआ दीवाना किसी का ...
ना देखूँ तो चैन मुझे आता नहीं है ..
सामने यूँ ही बैठी रहो..
सामने जब तुम आते हो दिल धक से मेरा रह जाता है ...
नायक / नायिका गाना गाकर अपनी भावनाऐं व्यक्त कर रहे हैं ।
ये जो दिल धक से रह जा रहा है ना इसके पीछे ' लड़ो या भागो वाला ' fight OR flight वाला NOREPINEPHRIN bro का हाथ है ।
जिन्हे ताजा - ताजा प्यार हुआ है उन्हें समझ में आ रहा होगा कि ' उनके ' सामने आने पर कैसा महसूस होता है ?
ये वैसा ही होता है जैसा शेर के सामने आने पर होगा । ( आपकी शेर / शेरनी आप देख लो ) ..
एक और हैं , श्रीमान DOPAMINE SIR . जब ये हमारे शरीर में walk के लिये निकलते हैं तो हमें बहुत अच्छा महसूस होता है । इस समय होने वाली अनुभूति को कोकीन की अनुभूति जैसा कहा जाता है ।
ये अनुभूति तब भी होती है जब ..
रात भर मोबाइल में टिक टिक चैटिंग चल रही होती है ...
फोन पर घंटे - घंटे बात हो रही होती है ।
जब नायक और नयिका
'चलो दिलदार चलो चाँद के पार चलो '
गा रहे होते हैं तो ,
वास्तव में वे चाँद से एक चम्मच ENDOR PHIN लाने का सोच रहे होते हैं ...
( मोहित पांडे )

11/02/2026

'साहस शील हृदय में भर दे ' प्रार्थना के इस अंश में Courage, behaviour ,heart ये तीन शब्द आये हैं । साहस और आचरण , इनकी जड़े greak के heroe से आते आते पुरानी अंग्रेजी के Herote को छूती हुई heart तक आ जाती हैं , अच्छा दिल , सुंदर दिल ( not anatomicaly but literally ) अच्छे व्यक्तित्व यानि HERO की पहचान माना जाता है । और साथ ही HERO का एक अन्य गुण साहस , Courage है , जो latin के cor से और greek के Kardia से आ कर Cardia मे प्रतिबिंबित होता है । Cardiac शब्द का मूल दूर यहीं कहीं हैं ।
यह लेख साहित्यिक ना होकर समझने - समझाने के लिये है , कि जो subject पढ़ रहे हैं , उन्हें वही नाम क्यों मिले ?
आगे विषय थोड़ा कठिन सा होता जायेगा । तो इसे केवल परिचय के समय चाय - पानी की परंपरा माना जाये । - मोहित पांडे

04/02/2026

Free Radical - सफेद पोश समाज सेवी
क्योंकि स्थिरता प्रकृति की अपेक्षा है , Planetary movement से planet अपनी जगह पर स्थिर रहते हैं , gravitational force से वस्तुऐं भूमि पर स्थिर रहती हैं , वैसे ही किसी भी अणु और परमाणु भी स्थिरता की अपेक्षा रखते हैं । अब थोड़ा Technicalley चर्चा को आगे बढ़ाते है , हर परमाणु के पास निश्चित् संख्या में इलैक्ट्रॉन होते है , जो निश्चित कक्षा में नाभिक का चक्कर लगाते रहते हैं । इलैक्ट्रॉनिक विन्यास एक निश्चित नियम ( Octet rule ) से होता है ( पहली कक्षा में 2 , दूसरी कक्षा में 6 तीसरी कक्षा में 8 ... so on ) परंतु कभी कभी बाहरी कक्षा में इलैक्ट्रॉन की संख्या कम रह जाती है । तो स्थिरता प्राप्त करने के लिये ये परमाणु दूसरे अणु या परमाणु से इलैक्ट्रान ले लेते है , चाहे दूसरे का अस्तित्व ही समाप्त क्यों ना हो जाये , ये केवल अपनी स्थिरता से मतलब रखता है । ये दूसरा अणु / परमाणु , DNA हो सकता है , कोई स्वस्थ कोशिका हो सकती है । तो ये free Redical ( आवारा बदमाश असामाजिक तत्व ) पड़ोसी cell का इलैक्ट्रॉन लेकर उसे भी अपने जैसा बना देते हैं । फिर एक chain reaction शुरू हो जाती है ।
अब प्रश्न ये कि ..
a - ये बनते ही क्यों हैं ?
b - बनते हैं तो इनका कुछ काम भी है या नहीं ?
C - समाधान ?
पहला सवाल - ऊर्जा उत्पादन के दौरान ये भी बन जाते है ।
यहाँ फिर स्थिरता के नियम पर बात करेंगे -
ऑक्सीजन परमाणु की अंतिम कक्षा में 6 इलैक्ट्रॉन होते है , जबकि स्थिरता के लिये चाहिये 8 इलेक्ट्रॉन । दो ETC के द्वारा ऑक्सीजन को Free इलेक्ट्रॉन्स सौंपे जाते है । पर यह ETC Process पूर्णतः leakproof नहीं होती , कुछ इलैक्ट्रॉन Leak हो जाते हैं । जो Free Radical बनने का कारण बनते है ।

दूसरा सवाल - free Radical का योगदान , शरीर में संक्रमण के लिये उत्तरदाई तत्वों को समाप्त कर देना । परंतु यदि Free Radicals की संख्या बढ़ जायेगी तो वह शरीर को ही कमजोर कर देना शुरू कर देंगे ।

तीसरा सवाल - समाधान या इस व्यवस्था का प्रबंधन , तो इसकी Duty मिलती है antioxidants को ( इन पर चर्चा फिर कभी )
( मोहित पांडे )

04/02/2026

न्यूरोथैरेपी परिचय - हालांकि बातचीत में हम न्युरोथैरेपी बोल देते हैं , परंतु पूरा नाम LAJPATRAI MEHRA'S NEUROTHERAPY है । यह तो स्पष्ट है कि यह उपचार पद्धति गुरुजी डा. लाजपत राय मेहरा जी की सोच , श्रम , शोध का परिणाम है ।
क्योंकि एक विज्ञान के रूप में स्थापित होने के लिये , किसी भी विषय के लिये निम्न शर्ते आवश्यक हैं -
सिद्धांत
तथ्यात्मक विश्लेषण
प्रभाव
पहले हम LMNT के सिद्धांत पर चर्चा करें ।
' किसी भी समय Blood में उपस्थित chemicals की मात्रा , उनके लिये निर्धारित Natural level पर होनी चाहिये '
कहने का मतलब है कि चाहे पानी हो , या कोई minarals हों , Hormones हों या कुछ भी अन्य हो , वे अपने natural level पर ही होने चाहिये ।
इस प्रभाव को Medical term में HOMEOSTASIS कहते हैं ।
क्योंकि यह एक विस्तृत विषय है , इसलिये विश्लेषण और प्रभाव पर चर्चा करने से पहले कुछ तथ्यों को समझ लिया जाये ।
हम Mobile , computer , car use करते हैं , Engineerings के नियमों के आधार पर बनी Machines हैं । नियमों से मशीन बनाना Technology है । यहाँ नियम पहले पता होते हैं फिर उसके आधार / प्रभाव का समाज हित में उपयोग होता है।
परंतु विज्ञान परिणाम के पीछे के सिद्धांत / कारण को खोजता है ।
सेव गिरा , प्रश्न उठा क्यों ? परिणाम गुरुत्वाकर्षण बल g परिभाषित हुआ ।
चाय की केतली का ढक्कन ऊपर उठा , प्रश्न उठा क्यों ? परिणाम भाप की शक्ति पता लगी ।
बच्चे को थपकी देने से नींद आयी , प्रश्न उठा क्यों ?
पेट दर्द में पिंडली दबाने से आराम आया , क्यों ?
थकावट में हाथ पैर दबाने से अच्छा लगा , क्यों ?
पहले दो प्रश्न तो समझाने के लिये उदाहरण थे , पर बाद के तीन प्रश्न और इसी प्रकार की कई जिज्ञासाऐं गुरुजी के मन में उत्पन्न हुई , जिसके परिणाम स्वरूप आज हम LMNT जैसे विज्ञान के माध्यम से सेवा दे पा रहे हैं ।
ज्यादा खेलने के बाद , बहुत चलने के बाद पैर दर्द होता है ...
कारण क्या ? निवारण क्या ?
लगातार आते चक्कर ..
कारण क्या ? निवारण क्या ?

सिर दर्द ...
कारण क्या ? निवारण क्या ?
ऐसे है सभी कठिन प्रश्नों के सरल उत्तर मिलता है LMNT के अध्ययन से ।
कारणों का तथ्यात्मक विश्लेषण
और सटीक निवारण ...
( मोहित पांडे )

03/02/2026

ट्रेन लेट हो गई , खाली बैठे है , चलो अधिवेशन में पूछे गये प्रश्न की विवेचना करें ।
Left fingr में भी दर्द है और Right finger में भी दर्द है , और दोनों में समान दर्द नहीं है , तो क्या उपचार तय किया जायेगा ?
चलो इसमें क्यों को भी जोड़ लिया जाये ...
अब LMNT के अति महत्वपूर्ण सिद्धांत 80 : 20 का चिंतन कीजिये ।
जैसा कि हम जानते है LIV° का Alkaline regulationहै , पर यह Acid को भी regulate करता है । उसी प्रकार MU° का काम Acid regulation है , पर यह Alkaline को भी regulate करता ही है ।
ये 4:1 के Ratio का पालन करते हुऐ अपना काम करते हैं ।अर्थात् MU ° 80 % Acid regulate करेगा तो साथ ही 20% Alkaline भी regulate करेगा । इसी तरह LIV° भी इसी प्रकार ( 80 :20 ) काम करेगा ।
अब यदि Acid point में तो Pain है ही पर Alkaline में भी pain है तो , Acid Treatment देना ही पर्याप्त होगा । इसी प्रकार Alkaline में बहुत Pain है पर Acid में भी Pain है , तो Alkali treatment देना ही पर्याप्त होगा ।
( मोहित पांडे )

17/01/2026

रक्त परिसंचरण तंत्र , इसका Head office हैं Heart । क्योंकि परिसंचरण तंत्र रक्त का है तो Main Roll में रक्त ही होगा ।
तो शरीर का सारा रक्त आता है Head office में यानि Heart में , अब office है तो Protocol भी होगा, सारे Blood की Freel entry केवल Right aunicle तक ही होती है । इस को आप किसी निश्चित् संख्या वाले सिनेमा हॉल जैसा समझिये , आओ waiting Room में बैठो , और जो Regulating authaurity है उससे YES का signal मिलने के बाद अंदर जाओ । यहाँ का Regulating manager है TRICUSHPID VALVE ( इन साहब की टोपी के आधार पर ही इनका नामकरण हुआ है Cushp = पंखुड़ी ) ।
इनकी आज्ञा मिलने पर निश्चित मात्रा में Blood आ जाता है Right ventricle में ( नाम ventricle से ही स्पष्ट है कि इस सारे Blood को यहाँ से कहीं और भी जाना है )
अब क्योंकि Blood इधर आया है oxygen लेने , तो यहाँ से Blood जायेगा LUNGS में यानि Body कि Treasury में और वहाँ से OXYGEN लेकर जायेगा Heart के Left Auricle ( स्वागत कक्ष ) । यहाँ से Bicuspid valve ( इसे Mitral valve भी कहते है क्योंकि इस valve का आकार एक मुकुट जैसा होता है ) अब Blood आता है Left ventricle में । फिर यहाँ से फिर सारे शरीर मे फैल जाता हैं ।
( मोहित पांडे )

11/01/2026

कल्पना कीजिए
अगर मोबाइल पर बातचीत ऐसी हो जाए—
“मम्मी… मैं पहुँचने वाला… तीन लाख रुपये… ट्रांसफर कहाँ हुआ यार… बस पहुँच… गडुम-मडुम…”
तो क्या कोई बात समझ में आएगी?
न भेजने वाले को संतोष होगा,
न सुनने वाले को स्पष्टता।
तो क्या इसमें कुछ इंजीनियरिंग नहीं है?
है—
सिग्नल की,
फ्रिक्वेंसी की,
कोडिंग-डिकोडिंग की,
और सही चैनल की।
इसीलिए बातचीत स्पष्ट होती है,
तभी परिणाम वही आता है जो हम चाहते हैं।
ठीक यही सिद्धांत शरीर पर भी लागू होता है।
शरीर की भी अपनी इंजीनियरिंग है भाई—
नसों की,
संकेतों की,
और नियंत्रण की।
इसलिए
PAN देंगे तो वही होगा जो हम चाहते हैं,
लेकिन
GAL, GASI या ADR देंगे तो वही नहीं होगा।
क्योंकि
जब इनपुट गलत चैनल से जाता है,
तो आउटपुट भी वैसा ही भ्रमित होता है।
(एक सज्जन से हुई बातचीत पर आधारित)

05/01/2026

.. जब तक बैठने को ना कहा जाये , खड़े रहो , ये पुलिस थाना है , तुम्हारे बाप का घर नहीं ।
.. जो मैं कहता हूँ वो मैं करता हूँ , जो नहीं कहता वो मै जरूर करता हूँ ।
. एक बार वादा करने के बाद मैं अपने आप की भी नहीं सुनता ।
. ये ढाई किलो का हाथ जिस पर पड़ता है , वो उठता नहीं उठ जाता है ...

क्या गजब पिच्चर है यार ।
डाइलोग में मजा आ गया ब्रो ।
हीरो के माफिक लगना को होना ना .
हीरो अरे भाई HERO
हिम्मतवाला
साहसी
HEORITE ,
इस शब्द का अर्थ है जीवन का केन्द्र ..
इससे ही बना है Heart
जीवन तब तक ही है जब तक ..
धक धक करने लगा
चलता है .
ऊपर की LINES केवल कोरी गप्प हैं । Heart शब्द कहाँ से आया वही बताना था जी ।
( मोहित पांडे )

20/12/2025

NEUROTHERAPY TREATMENT PROTOCOL
( why and when )
Treatment protocol क्या होगा , यह तय करने से पहले हमें निम्न बिंदुओं पर विचार करना होता है -
a - शरीर को चलाने वाला Brain है , Brain के आदेश पर सभी Biochemica और Biomechanical गतिविधियां start / stop होती हैं । Brain से / की ओर messege ले जाने का दायित्व है Nerves system का । LMNT में इसे हम Medulla Trt से Modulate करते हैं । तो पहला Trt होगा -
MEDU LLA
यहाँ ध्यान देने वाला Point है कि हमेशा lw और T1 T2 की आवश्यक्ता नहीं होती । जब Neck Region में stiffnes हो तो ही C / W दें और T1 T2 भी तब जब हाथों में कुछ जकड़न , Numbnss हो ।
तो पहला TRT बनेगा
। Medulla
b - Brain के Messege ले जाते हैं HORMONE अर्थात् Endocrine system को stimulate करना हो तो Medulla और PIT , PARA , ADR ,KU जैसे उपचार देने होंगे । यहां यह समझना आवश्यक है कि चाहे Hormone हों या Engyme वो बनेंगे तो भोजन से ही । तो पाचन संस्थान के लिये Trt होगा
TF NNS
c - तीसरा और महत्वपूर्ण बिंदु , पेशेंट की HISTORY के आधार पर Ill TRT बनेगा । यह therapist को स्वयं तय करना होगा ।
Ill History के अनुसार
IV यदि कोई Heparin use करना है तो चौथा TRT होगा
HEPARIN
अब हमारे skeleton system पर बात करेंगे क्योंकि शरीर का सारा बोझ यही सहन करता है । इसके लिए physical Point देंगे ।
I Medulla
ll TF NNS
Ill According to History
IV Heparin
if necessery then
physical point ..
( यह formal बिल्कुल Basic है , नये Therapist के लिए । जैसे जैसे अनुभव बढ़ेगा तो समस्याओं के साथ अन्य कठिनाइयां भी समझ आने लगेंगी तब तक Treatment को और Fine करने की योग्यता भी आने लग जाती है ।
( मोहित पांडे )
( Al की सहायता से व्याख्या )

17/12/2025

TF , NNS और CNNS
( कब ,क्यों और क्यों नहीं )
एक LMNT थैरेपिस्ट का इन Terms से परिचित तो होता है , पर भली - भाँति परिचित होता है या नहीं कह नहीं सकते ..
कहने का अर्थ है कि ये उपचार कैसे देने हैं यह तो स्वाभ्वाविक रूप से पता होता ही है , क्यों use करने है यह भी पता होता है और निश्चित रूप से कब use करने हैं यह भी हम जानते हैं । TF और NNS के do's and don'ts हमें पता हैं । प्रश्न ये है कि इन उपचार में से किसे चुना जाये और क्या सभी को Apply किया जा सकता है ?
इस पर यदि बात करें तो LMNT के आरंभिक दिनों को विमर्श में शामिल करना पड़ेगा । और इन सब के बड़े भाई यानि ONS और folded legs से शुरुआत करनी होगी ।
ONS यानि Naval Balancing के सबसे पहला तरीकों में से एक । ध्यान दीजिये जब हम नाभि की बात कर रहे है तो एक त्रिविमीय घनाभ के केन्द्र की बात कर रहे है । अर्थात् सामने , side और पीछे के सभी भाग । उदरगुहा में पाचन संस्थान के मुख्य विभाग , kidney और Lumber का भाग ।
अब चर्चा Technicalley ...
ONS or folded legs - देने के तरीके से ही समझ आता है कि यह lumber और Abdomen के muscles की flexibelity को Modalate करके कार्य प्रणाली ठीक करता है । पर यहाँ ध्यान देने की बात है कि Lumber vertibra में चोट , degeneration , porturation /exturation की स्थिति में सावधानी रखनी चाहिये ।
TF - इस उपचार में Rubing message को fascial chain के माध्यम से Abdominal cavatiy के संबाधित अंगो तक पहुंचाया जाता है । According to Do's and Don'ts इसका use करना होता है ।
NNS - जैसे Tuning के साथ एक fine tunning की व्यवस्था रहती है , NNS की वही भूमिका TF के लिये होती है । signals को Verticaly and horizontally दोनों ओर संप्रेषित करना ।
अब यहाँ जिज्ञासा होती है कि इन से पूरी Abdominal Cavatiy पर controll हो जाता है तो फिर CNNS की आवश्यक्ता क्या है ?
हम PANCREAS के उपचार के लिए T8 C/W देते हैं , पृष्ठ भाग से सामने का उपचार हो सकता है , उसी प्रकार पिछली ओर परेशानी होने से पाचन संस्थान प्रभावित भी हो जाता है । तो ऐसी स्थिति में जब Lumbr / Thorasic की problem से Digestion में परेशानी आ रही हो या vice versa तो CNNS उपचार का प्रयोग करेंगे ।
( Grammar of LMNT- Mohit Pandey )

10/12/2025

पाचन संस्थान – प्रत्यक्ष परोक्ष प्रबंधन (5)

(Vitamins, Enzymes, Fiber, Water – DEDICATED DEPARTMENTS )

Vitamins – Managers on Deputation

Vitamin काम प्रबंधन अधिकारी की तरह है—
प्रत्यक्ष रूप से कुछ बनाते नहीं, पर हर विभाग में जाकर processes smooth करवाते हैं।

Enzymes से लेकर Immunity तक—हर जगह guidance,
Energy production से लेकर nerves की कार्यक्षमता तक—हर जगह इनकी उपस्थिति आवश्यक।

कमी हो जाए तो विभागों का काम रुकने लगता है
Fatigue, low immunity, poor digestion, irritability आदि।

मान लीजिए—
“काम Protein करता है, पर यह सुनिश्चित Vitamins करते हैं कि काम ठीक से और समय पर हो।

Enzymes – IT Team (Work From Home)

ये दिखते नहीं, पर सिस्टम की हर प्रोसेस को सक्रिय रखते हैं।
मानो अपने लैपटॉप से पूरे पाचन संस्थान की processes को समय अनुसार on–off कर रहे हों।

Digestive enzymes, metabolic enzymes
हर chemical reaction इन्हीं के संकेत पर शुरू होती है।

Fibers – Housekeeping Incharge

ये शरीर के housekeeping department के इंचार्ज हैं ।

• आंतों के रास्ते साफ रखना
• कचरा (toxins, undigested food) बाहर निकालना
• Constipation, acidity, bloating को नियंत्रित करना
• Gut का माहौल smooth रखना

Fiber ना हो तो ऑफिस में dust, blockage और disorder फैलने लगता है!
और जब रास्ते ही जाम हो जाएँ,
तो बड़े अधिकारी (nutrients) कैसे काम करेंगे?

Water – Transport Department (Packers & Movers)

Nutrients की Delivery

Protein, Fat, Glucose, Minerals, Vitamins—
सबको उनकी मंज़िल तक पहुँचाने का काम पानी करता है।

Waste Removal

Transport विभाग के ट्रक एक ओर तो आवश्यक सामान पहुँचाते है और वापिसी में
कचरा लेकर लौटते है।
Water toxins को dissolve करके बाहर निकालता है।

Digestive Juices की Production
HCl, saliva, pancreatic juice—
सबके पीछे पानी ही raw material है।
पानी कम → juices कम → digestion धीमा।
Intestine में Smooth Movement
Fiber रास्ता साफ करता है,
और पानी उस रास्ते पर ट्रैफिक को smoothly flow करवाता है —
यानी stool soft रहता है, movement आसान रहती है।
Temperature Regulation
Transport विभाग को पास शरीर के तापमान नियंत्रण की भी जिन्मेदारी दी गई है ।
पसीने के माध्यम से शरीर का तापमान नियंत्रण ।

Address

Nashik
422003

Telephone

+918275828165

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