Dr. Vinay Gangwar

Dr. Vinay Gangwar Rural
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With Regards .......awaiting for .... SHARE .. Active in social work in society - specially in rural area. Shashi Gangwar

Founders -
Dr. Vinay Gangwar (M.D.) Dr. Vaibhav Gangwar (M.D.S.) Dr. Rajesh Gangwar (M.D.) Dr. Rekha Gangwar
Mrs.

29/11/2025

जैसे ही सर्दियाँ दस्तक देती हैं, देश भर में लाखों लोग घुटनों के दर्द, जोड़ों में अकड़न, सूजन और गतिशीलता में कमी जैसी समस्याओं से परेशान होने लगते हैं। आर्थराइटिस का दर्द ठंड में अधिक क्यों बढ़ जाता है? इसका सीधा विज्ञान है—लो टेम्परेचर से ब्लड फ्लो कम होना, मसल्स का टाइट हो जाना, और द्रवों का गाढ़ा होना, जिससे जोड़ों में दर्द तेज हो जाता है।
आयुर्वेद इसे वात दोष की वृद्धि का परिणाम मानता है, इसलिए सर्दियों में वात को नियंत्रित करने वाले उपाय सबसे अधिक प्रभावी माने जाते हैं।

आज हम आपके लिए लाए हैं —
सर्दियों में आर्थराइटिस दर्द से बचने के सबसे प्रभावी, प्रमाणित (proved facts based) और आसान घरेलू उपाय।

🔶 1. सुबह का “वात-बैलेंसिंग” रूटीन — रिसर्च भी कहती है बेहद जरूरत

ठंड में उठते ही शरीर stiff महसूस होता है। ऐसे में पहला उपाय —
हल्का गर्म पानी + 5 मिनट की जॉइंट मोबिलिटी एक्सरसाइज।

वैज्ञानिक अध्ययनों में बताया गया है कि सुबह 5–10 मिनट के जॉइंट मूवमेंट से
✔ घुटनों में लुब्रिकेशन बढ़ता है
✔ दर्द कम होता है
✔ stiffness टूटती है
✔ दिनभर mobility बनी रहती है

आयुर्वेद में इसे वात को चलायमान करने वाला कहा गया है।

🔶 2. सर्दियों में सबसे बड़ा हथियार — “गर्म तेल की मालिश” (Proved Remedy)

यह उपाय सदियों पुराना है और आज भी डॉक्टर इसकी सिफारिश करते हैं।
क्यों? क्योंकि गर्म तेल से
✔ blood circulation बढ़ता है
✔ muscles relax होती हैं
✔ inflammation घटती है
✔ जोड़ों का घर्षण कम होता है

कौन सा तेल?

तिल का तेल (Sesame) – वात शमन के लिए नंबर 1

मूविंग दर्द के लिए लहसुन तिल तेल

हल्दी तिल तेल – एंटी-इन्फ्लेमेटरी

अश्वगंधा तैलम् – मजबूत करने वाला

नारायण तैलम् – arthritis की क्लासिकल दवा

कैसे करें:
तेल को हल्का गुनगुना करें और 10–15 मिनट गोलाकार गति में मालिश करें।
सर्दियों में सप्ताह में 3–4 बार जरूर करें।

🔶 3. हड्डियों और जोड़ों के लिए “Golden Milk” — वैज्ञानिक रूप से फायदेमंद

हल्दी में मौजूद curcumin एक सिद्ध anti-inflammatory compound है।
सर्दियों में रात को सोने से पहले हल्दी + गर्म दूध + चुटकी काली मिर्च बेहद असरदार है।

✔ जोड़ों के दर्द में राहत
✔ सूजन कम
✔ नींद बेहतर
✔ मांसपेशियों का रिलैक्सेशन

अध्ययन बताते हैं कि curcumin कुछ मामलों में pain-killers जितना असरदार होता है।

🔶 4. सर्दियों में खानपान — Arthritis का 40% सुधार सिर्फ diet से

क्या खाएँ:
🥜 तिल
🥛 दूध, घी
🫘 मेथी
🧄 लहसुन
🌾 जौ/मक्के का सूप
🫒 गुड़
🍲 bone broth
🍵 अदरक-काढ़ा

क्यों?
ये खाद्य पदार्थ वात को कम, हड्डियों को पोषण, मांसपेशियों को गर्मी, और joints lubrication में मदद करते हैं।

क्या न खाएँ:
❌ ठंडा पानी
❌ आइसक्रीम
❌ दही रात में
❌ टमाटर का ज्यादा सेवन
❌ बेसन/दालों का भारी उपयोग

ये शरीर में stiffness और inflammation बढ़ा सकते हैं।

🔶 5. Proven Remedy: अदरक–मेथी–अजवाइन का “Joint Saver Mix”

यह नुस्खा सर्दियों में arthritis दर्द का सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय उपाय है।

कैसे तैयार करें:
• मेथी दाना – 100g
• अजवाइन – 50g
• सूखी अदरक – 50g
हल्का भूनकर पाउडर बना लें।

कैसे लें:
1 चम्मच गुनगुने पानी या दूध के साथ रोज सुबह।

लाभ:
✔ गैस/वात कम
✔ मांसपेशियाँ गर्म
✔ दर्द में राहत
✔ digestion सुधरकर joints हल्के

🔶 6. Hot Water Therapy — ठंड में सबसे कारगर Physical Treatment

वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध है कि जॉइंट के आस-पास गर्मी देने से
✔ stiffness तुरंत कम
✔ muscles relax
✔ circulation तेज
✔ pain signals शांत

कैसे करें:
• 10 मिनट hot water bag
• या 10–12 मिनट warm foot bath
(खासकर knee arthritis में बहुत प्रभावी)

🔶 7. प्रामाणिक आयुर्वेदिक दवाएँ — दशकों से इस्तेमाल होती आइकॉनिक Remedies

1) योगराज गुग्गुलु
वात नियंत्रित करता है, दर्द व stiffness कम करता है।

2) सिंधव मालहर
स्थानीय दर्द के लिए सुरक्षित दर्दनाशक मलहम।

3) महा नारायण तेल
जॉइंट mobility बढ़ाता है।

4) अष्टवर्ग काढ़ा / Dashmool Kwath
वात, दर्द और सूजन — तीनों पर काम करता है।

5) शल्लकी (Boswellia)
रिसर्च बताती है कि यह swelling और pain दोनों को कम करती है।

(इन दवाओं का सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करें।)

🔶 8. Winter Exercise Rule — सबसे आसान, सबसे प्रभावी

कठोर वर्कआउट सर्दी में दर्द बढ़ा सकता है।
सिर्फ 10–15 मिनट की ये गतिविधियाँ चमत्कार करती हैं:

✔ हल्की सैर
✔ सूर्य नमस्कार (3–5 राउंड)
✔ knee rotation
✔ ankle rotation
✔ thigh stretch

ये exercises लुब्रिकेशन बढ़ाकर joints को गर्म रखती हैं।

🔶 9. रात में घुटनों को ठंड से बचाएँ — यह Step भूलना नहीं चाहिए

सर्दियों में सोते समय ठंडी हवा joints की stiffness दोगुनी कर देती है।
इसलिए
✔ हल्का गर्म तेल लगाएँ
✔ cotton knee wrap पहनें
✔ electric blanket/thermal से बचें (बहुत गरम नुकसानदायक)

🟫 निष्कर्ष — सर्दियों में arthritis दर्द पूरी तरह रोका जा सकता है

अगर हम
• गर्म तेल मालिश
• हल्का व्यायाम
• joint-friendly diet
• hot therapy
• और वात-नियंत्रक आयुर्वेदिक उपाय
को रूटीन में शामिल कर लें, तो सर्दियों में arthritis दर्द 60–80% तक कम हो सकता है।
सही जीवनशैली + सही remedies = दर्द-रहित सर्दियाँ।

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22/11/2025
22/11/2025
22/11/2025

लहसुन का इस्तेमाल खाने का स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन लहसुन आपकी सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद कुछ कंपाउंड्स कई गंभीर बीमारियों से बचने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। आइए जानें लहसुन खाने के फायदे -

1'लहसुन हाई बीपी को नियंत्रित करता है-
यदि आपके शरीर में “एसीई ” नामक एंजाइम का उत्पादन बढ़ जाता है, तो ऐसे में आपका ब्लैड प्रेशर बढ़ जाता है इस दोरान आप डॉक्टर से इलाज करवाते है जिससे आपको अंग्रेजी दवाया खाने की सलाह दी जाती है जो इस एंजाइम को कम करने में सहायक होती है अंग्रेजी दवाइयाँ आपके शरीर में एसीई एंजाइम को तो कम करती है लेकिन इन दवाइयों के उपयोग से आपके शरीर में कई सारे दुष्प्रभाव होते है।
लेकिन लहसुन में गामा ग्लूटामिलसीस्टीन एसीई नामक एक अवरोधक होता है लहसुन में इसकी उपस्थित के कारण जब लहसुन का सेवन किये जाने पर धमनियाँ चौड़ी हो जाती है जिससे हाई ब्लैड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है।
रोजाना सुबह खाली पेट लहसुन का सेवन करने से आपका ब्लैड प्रेशर नहीं बढ़ेगा। ब्लैड प्रेशर के मरीज को रोजाना चार कालिया खाना चाहिए।

2. लहसुन के उपयोग से ह्रदय से संबधित रोगो के लिए बहुत फायदेमंद है।
लहसुन खाने से रक्त परिसंचरण में सुधार लाने, ह्रदय रोकने में और कोलेस्टॉल को कम करने में मदद मिलती है लहसुन खाने से धमनियों को सख्त होने की गति को धीमा कर देता है यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है।

लहसुन के सेवन से दिल से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओ से छुटकारा पाया जा सकता है, और यदि आप रोजाना खाली पेट 1 चम्मच शहद के साथ चार लहसुन की कालिया खाओगे तो ब्लैड प्रेशर संतुलित रहता है।

3. लहसुन के इस्तेमाल करके आप दांत का दर्द दूर करे
हमारे मुँह में लगभग 500 से अधिक बैक्टीरिया प्रजाति पाई जाती है इनमे से कुछ बैक्टीरिया हमारे लिए फायदेमंद होते है और कुछ हानिकारक होते है मुँह को स्वस्थ रखने के लिए दोनों की मात्रा संतुलित रखनी पड़ती है।
लहसुन में एलिसिन पाया जाता है जो ख़राब बैक्टीरिया को मुँह में बढ़ने से रोकता है और अच्छे बैक्टीरिया को मुँह बढ़ने में मसूड़ों से सबंधित रोगो को रोकने में मदद करता है। यदि आपके दाँत में दर्द रहता है तो आप लहसुन का छिलका उतार कर कद्दूकस कर ले और जिस दाँत में दर्द है उस पर या दाँत के मसूड़े पर लगा ले इसे लगाने से दांत का दर्द कम हो जाता है।

4- लहसुन पेट से जुडी समस्याओ से छुटकारा दिलाता है
लहसुन पेट से जुड़ी बहुत सारी समस्याओ से छुटकारा दिला सकता है लहसुन एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो पाचन तंत्र में पाचन रस के स्राव को बढ़ाता है लहसुन को लौंग के साथ कुचल कर पानी के साथ मिला कर पीने से या लहसुन को भून कर खाने पेट के बिकारो से राहत मिलती है। लहसुन खाने से कब्ज और गैस की समस्याओ में भी आराम मिलता है।शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों जैसे जिंक और आयरन की जरूरत होती है यदि आपको भी आयरन या जिंक की कमी है तो आप रोज के खाने में लहसुन को भी शामिल करे क्योकि लहसुन का सेवन खाद्य पदार्थो में मौजूद आयरन और जिंक दोनों को सकारात्मक रूप कर शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है।

5. लहसुन के उपयोग से सर्दी और खासी को भी नियंत्रित किया जाता है।
लहसुन सर्दी और खासी में अपना काम बहुत ही तेजी से करता है यदि आपको सर्दी या खासी है तो आप लहसुन को भून कर खाये इसे खाने से आपको बहुत ही जल्दी आराम मिल जायेगा, और यदि आपके घर में छोटा बच्चा है और उसे भी सर्दी, खासी या सर्दी होने के कारण सास लेने में तकलीफ हो रही है।
आप लहसुन की कुछ कालिया ले और उनके छिलके उतार ले फिर उन कलिओ को एक धागे में पिरो कर ( धागे में सूजी के सहायता से डालना है ) माला बनाना ले। अब उस माला को बच्चे के गले में पहना दे, इसकी सुगंध से ही बच्चे की खासी और सर्दी में बहुत जल्दी आराम लग जाता है।

6. लहसुन के औषधी गुण से कैंसर को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
लहसुन में एन्टी ऑक्सीडेंट होता है जो फ्री रेडिकल्स को डीएनए कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने से रोकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की शरीर में कारसिजेनिक तत्वों होता है जिसकी मात्रा शरीर में बढ़ने से कैंसर होता है लेकिन लहसुन में ऐसे यौगिक मौजूद होते है जो कारसिजेनिक तत्वों को बढ़ने से रोकती है या उन्हें ख़त्म कर देती है लहसुन शरीर में कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक तत्वों की बढ़ने की गति को धीमा कर देता है।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कैंसर कई प्रकार का होता है जैसे ब्लैड कैंसर, पेट का कैंसर, किडनी कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, ब्रैस्ट कैंसर, ओवरी कैंसर, लीवर कैंसर, ओरल कैंसर इत्यादि। लेकिन लहसुन के सेवन से आप इन सब से बच सकते है।एक महत्वपूर्ण बात यदि आपको लहसुन खाना पंसद नहीं है तो आप एक सप्ताह में एक लहसुन की कली को खा कर कोलिन कैंसर की 30% तक मात्रा कम कर सकते है और यदि आप एक सप्ताह में 5 कालिया खाते है तो आप पेट के कैंसर की 55% तक कम कर सकते है इसके अलावा आप प्रति दिन सुबह लहसुन का सेवन करते है तो आप 44% फेफड़े के कैंसर के खतरे को कम कर सकते है।
आप लहसुन को सुबह खाने से पहले छिलके निकाले और काट कर 10 मिनट के लिए खुली हवा रख दे, ऐसा करने से लहसुन औषधी हवा के सम्पर्क में आते है बढ़ जाते है, इसलिए आप जब भी लहसुन का सेवन करे तो पहले उसे काट कर 10 से 15 मिनट के खुली हवा में रख दे फिर इसका उपयोग करे।

7. लहसुन खा कर वजन कम करे।
मानव जाती में लोगो के खान पान और प्रदूषण के कारण वजन बढ़ना एक आम बात हो गई है कई लोग बेवजह बड़े वजन से खुश नहीं होते है और अपना वजन कम करने के लिए कई तरह की दवाइयों का सेवन करते है जिससे उनका वजन कम हो न हो लेकिन उन दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण कई बीमारियों के शिकार हो जाते है।

यदि आप भी बेवजह बड़े मोटापे से परेशान है तो आप लहसुन का सेवन करके बेवजह बड़े वजन को आसानी से काम कर सकते है क्योकि एलिसिन एन्टीऑक्सीडेट कम्पाउंड होता है जो शरीर की अतिरिक्त वसा को कम कर वजन कम करने में महत्पूर्ण भूमिका निभाता है।
एलिसिन एंटीऑक्सीडेन कम्पाउंड शरीर के मेटाबॉलिजम रेट को तंदरूत और मजबूत बना कर रखता है शरीर में एनर्जी बूस्ट रहते है, जिससे वजन कम करने में बहुत मदद मिलती है। और शरीर में अतिरिक्त कैलोरी और फैट को कम करने में मदद मिलती है। लहसुन को भूख कम करने वाला एजेंट भी माना जाता है।

8. कान दर्द में लहसुन का उपयोग
अक्सर छोटे बच्चो में कान दर्द होने लगता है जो किसी भी कारण से हो सकता है यदि बच्चो या बड़ो के कान का दर्द शीत की बजह से हो है, तो आप सरसो के तेल में लहसुन को छील कर डाले और तेल को गर्म करके लहसुन को तेल में लाल होने तक तल ले।

जब लहसुन लाल हो जाए तो गैस को बंद कर दे और तेल को ठंडा होने रख दे, ठंडे होने पर तेल की दो बूँद तेल कान में डाल दे इससे आपके बच्चे के कान का दर्द और खुजली दोनों ही कम हो जायेगा।

यदि आपके बच्चे के कान से मवाद आ रही तो आप कान में तेल न डाले इसके लिए आप पहले डॉ. से परामर्श ले।

9. मधुमेह होने पर करे लहसुन का सेवन
यदि आप या आपके परिवार में कोई भी सदस्य मधुमेह से पीड़ित है तो आप दो सप्ताह में लहसुन सेवन करेंगे तो टाइप डायबिटीज के मरीज की शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है कच्चा लहसुन खाने से शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है साथ ही इसके सेवन से कोलेस्टॉल को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

10. आँखो के लिए लहसुन के फायदे
लहसुन में एथैनकमीबा नामक प्रकार का एक अमीबा पाया है जो आँखो के संक्रमण खासकर केरेटाइडटिस का कारण बन सकता है लहसुन में अमीबा को खत्म करने के गुण पाए जाते है जो इस अमीबा से बचा कर आँखो को संक्रमित होने के खतरे को कम कर सकता है।

12/03/2025

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