26/02/2022
Definition:- Definition of ID, Ego, Super Ego.
ID, Ego, Super Ego
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According to father of psychoa**lysis Mr Sigmund Freud, 6 May 1856-1939. Austria viana, किसी भी व्यक्ति के पर्सनैलिटी के 3 parts (personality formation को लेकर) बताए गए हैं । 1923 मे l
ID, मैं ही सब कुछ हूं l I want Right now.
Ego, (society) अरे भाई, समाज क्या कहेगा l
Super Ego, (Religious) अरे रुको रुको धर्म मजहब, कानून, संविधान, सभ्यता, संस्कृति, परंपरा रीति रिवाज, की बात को भी Sirf मानना है
से रिलेटेड होता है l हर एक व्यक्ति ID, Ego, Super Ego से प्रभावित होकर ही अपने जीवन में हर एक फैसला लेता है l और यह फैसले भी अलग-अलग personality formation के हिसाब से ही लिए जाते हैं l ID, Ego, Super Ego भी व्यक्ति के social, educational invironment के ऊपर डिपेंड करता है l
This definition according to me, Najir Hussain, co-founder of this blog.
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INDEX
Brief explanation of ID, Ego, Super Ego.
सिगमंड फ्रायड का व्यक्तित्व व्यवहार personality behaviour क्या कहता है l
ID, Ego, Super Ego में से व्यक्ति सबसे ज्यादा किस की सुनता है l
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Question 1- ID brief explanation of lD
अब आईए, आम बोलचाल की भाषा में समझ लेते हैं कि आखिर किस चिड़िया का नाम है ID, Ego, Super Ego.
ऊपर मैंने जो डेफिनिशन दिया है उससे तो साफ जाहिर हो जाता है कि आखिर ID, Ego, Super Ego किसे कहते हैं लेकिन एक आम नागरिक जिसको सायकोलॉजी का थोड़ा बहुत भी ज्ञान नहीं है उसको समझाने के लिए मैं कुछ देसी एग्जांपल देना बताना चाहूंगा l
1st example:-मान लो आप कहीं रास्ते से जा रहे हो आपको एक लड़की दिखाई देती है जो बहुत सुंदर है तो जाहिर सी बात है हर लड़का चाहेगा उस लड़की के साथ संभोग सेक्स करना l अगर किसी लड़की को कोई सुंदर लड़का दिखता है तो जाहिर सी बात है उसके भी मन में उसके साथ सेक्स और संभोग करने की इच्छा जागृत होगी इसमें कुछ गलत नहीं है हर ऑपोजिट सेक्स के प्रति इंसान अट्रैक्टिव होता है l अगर लड़का लड़की के मन में सेक्स करने की इच्छा जागृत होती है तो यह उसके व्यक्तित्व निर्माण पर्सनैलिटी फॉरमेशन Id की वजह से ही होता है क्योंकि Id में, ID, मैं ही सब कुछ हूं l I want Right now. हमेशा चाहता है खास करके सेक्सुअल डिजायर और यह मैं नहीं महान साइकोलॉजिस्ट सिगमंड फ्रायड ने भी कहा है l
2ND example:- अगर कोई छोटा बच्चा, दूध पीता बच्चा रात को 12 बजे जग कर चिल्लाता है और अपने मम्मी पापा से कहता है कि मुझे अभी दूध चाहिए वह भी पाउडर वाला या पैकेट वाला इस समय उस बच्चे को चाहे कितना भी समझा लो कि रात को 12 बजे सारी दुकानें बंद हो चुकी है कहीं भी दूध नहीं मिलेगा ना ही पाउडर वाला ना ही पैकेट वाला और घर में भी नहीं है पड़ोसी भी सो रहे हैं और रात को 12 बजे किसी को जगाना भी ठीक नहीं है कल सुबह हम तुम्हारे लिए पैकेट वाला दूध और पाउडर वाला दूध दोनों लाएंगे फिर भी बच्चा नहीं मानता है क्योंकि 3 साल 4 साल की कम उम्र के बच्चों में सिर्फ और सिर्फ lD जागृत होता है Ego, and Super Ego 5 साल की उम्र के बाद जागृत होते हैं l
Id का संबंध किसी भी तरह के व्यक्तित्व निर्माण personality formation से नहीं होता है l कि कौन सा व्यक्ति किस तरह के सोशल एनवायरमेंट एजुकेशनल इनफॉर्मेंट में पल रहा है बड़ा हो रहा है l I'd हर एक बच्चे में जन्मजात होता है और मरते दम तक व्यक्ति के व्यक्तित्व में बना रहता है l और रह रह के उफान मारता रहता है l lD को हर समय सेक्सुअल एंजॉयमेंट सेक्सुअल प्लेजर चाहिए होता है खास करके और कुछ चाहिए या ना चाहिए लेकिन सेक्सुअल इंजॉय मेंट सेक्सुअल प्लेजर किसी भी सूरत में lD पूरा करना चाहता है क्योंकि Id सोसाइटी से धर्म मजहब से कानून से रीति रिवाज से संविधान से कोई लेना देना नहीं होता l
ID पैदा लेने के साथ ही ताउम्र मरते दम तक व्यक्ति के व्यक्तित्व में बना रहता है l
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Ego
Ego:- लेकिन यहीं पर दूसरी ओर अगर उस लड़का और लड़की के माइंड में कोई कह रहा है कि नहीं यह गलत है समाज क्या कहेगा, लड़की क्या सोचेगी , लोग क्या सोचेंगे, मम्मी पापा क्या सोचेंगे, जो भी सुनेगा मुझे बुरा भला कहेगा, और मेरा इस दुनिया में इस समाज में जीना दुश्वार हो जाएगा, यह सब सोचकर अगर लड़का लड़की सेक्स की इच्छा नहीं करते, छोड़ देते हैं, और आगे चले जाते हैं अपने काम में बिजी हो जाते हैं इसका मतलब उस लड़का लड़की का जो ego है जो व्यक्तित्व निर्माण है ego कह रहा है कि गलत है क्योंकि ego हमेशा समाज को मद्देनजर रखकर फैसले लेता है l
5 साल की उम्र के बाद ego व्यक्तित्व में आने लगता है
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Super ego
लेकिन यही तीसरी ओर किसी लड़के और लड़की के माइंड में एक दूसरे के साथ सेक्स करें ना करें सोच ही रहे हैं तभी माइंड में एक thought आता है माइंड में कोई कहता है कि नहीं यह गलत है तुम्हारी परवरिश इस कदर नहीं हुई है कि तुम इस तरह के शर्मनाक काम करो, शादी से पहले, अपने मम्मी पापा का, अपने समाज का, अपने परिवार का, अपने गांव का, अपने देश का, अपने जाति का, नाम खराब करो तुम्हारे धर्म में तुम्हारे मजहब में यह तुम्हें नहीं सिखाया गया, तुम एक अच्छे खानदान से हो तुम एक ऐसे देश के नागरिक हो जहां महिलाओं को बहुत सम्मान दिया जाता है, जहां मर्दों को भगवान राम की तरह मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है, इज्जत की जाती है जहां भाभी को भी भाभी मां कहा जाता है इस तरह के काम तुम नहीं कर सकते, नहीं कर सकती, इसका मतलब आपका Super ego लड़का हो या लड़की तुमसे कह रहा है कि यह गलत है क्योंकि super Ego हमेशा धर्म मजहब, रीति रिवाज, संविधान, परंपरा, संस्कृति सभ्यता, कानून से रिलेटेड होता है संबंधित होता है l
12 साल की उम्र के बाद सुपर हीरो व्यक्तित्व में दिखने लगता है
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Question 2:- सिगमंड फ्रायड का व्यक्तित्व व्यवहार personality behaviour क्या कहता है
सिगमंड फ्रायड के इस थ्योरी को पर्सनैलिटी बिहेवियर theory को मनो लैंगिक भी कहा गया है l
सिगमंड फ्रायड का मानना था कि जब बच्चा पैदा होता है तो वह अपना पहला लैंगिक संबंध अपनी माता के साथ स्थापित करता है दूध पीने के दौरान सतन पान के दौरान चाहे वह लड़का हो या लड़की l
क्योंकि आपने भी देखा होगा जब छोटा बच्चा स्तन पान करता है दूध पीता है तो अपने माता के स्तन के साथ ब्रेस्ट् के साथ नोचता है खसोटता है खींचता है और च्चुसक+च्चुसक कर दूध भी पीता है इसी को सिगमंड फ्रायड ने देख कर कहां है l
लेकिन फ्राइड के इस मनोलैंगिक विकास थ्योरी का दुनिया भर में जोरदार आलोचना किया गया था है और आज भी होता है क्योंकि यह थ्योरी थोड़ा असामाजिक है थोड़ा धार्मिक रूप से गलत भी है पूरी दुनिया में मां और पुत्र का संबंध बरा पवित्र माना जाता है जिस पर यह थ्योरी खरा नहीं उतरता है लेकिन देखा जाए तो जब इतना बड़ा महान साइकोलॉजिस्ट अपने सिद्धांतों में कुछ कह रहा है इसका मतलब उसने कुछ रिसर्च और एक्सपेरिमेंट किया है क्योंकि Sigmund फ्राइड ने ही साइकोलॉजी को एक नई दिशा दिया है साइकोलॉजी को एक नई पहचान दिलाई है दुनिया में अगर वह कह रहा है तो उसने अपने एक्सपेरिमेंट में रिसर्च में कुछ न कुछ तो जरूर पाया होगा बाकी लोगों का पता नहीं लेकिन मैं इस ब्लॉग का राइट najir Hussain इस बात से पूरी तरह से सहमत हूं सिगमंड फ्रायड यू आर राइट l
सिगमंड फ्रायड ने मनोलैंगिक व्यक्तित्व विकास psychosexual personality development को 5 अवस्थाओं में विभाजित किया है
मौखिक अवस्था oral stage:- जन्म से 1 वर्ष तक
गुदा अवस्था a**l stage:- 2 वर्ष से 3 वर्ष तक
लैंगिक अवस्था sexual stage:- 4 से 5 वर्ष तक
सुसुप्त अवस्था dormant state:- छह से 12 वर्ष तक
जननी अवस्था birth stage:- 12 से 20 वर्ष तक
सिगमंड फ्रायड ने अपने साइकोसेक्सुअल पर्सनालिटी डेवलपमेंट theory में यहां तक कहा है कि जब कोई लड़का अपनी माता से ज्यादा प्रेम करता है पिता के अलावा तो इसका कारण odipus ग्रंथि है
अगर कोई लड़की अपने पिता से ज्यादा प्रेम करती है माता से कम प्रेम करती है इसका कारण है बायोलॉजिकल electra ग्रंथि ।
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Question 3:- ID, Ego, Super Ego में से व्यक्ति सबसे ज्यादा किस की सुनता है l
मान लो दो दोस्त एक का नाम मोहन है और दूसरे का नाम सोहन है l
दोनों रात के अंधेरे में ड्रिंक करके शराब पी के डिस्को से या किसी बीयर बार से किसी सुनसान रास्ते से जा रहे हैं अचानक उनको एक सुंदर और सेक्सी हॉट वह भी जवान हम उम्र लड़की दिखाई देती है अब इन दोनों का मूड खराब होता है सेक्सुअल डिजायर को फुलफिल करने की इच्छा जागृत होती है लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा जाहिर होती है l जिसे पूरी दुनिया भर में रेप और बलात्कार कहा जाता है l
सोहन कहता है मोहन से की चलो आज रंगरलिया मनाते हैं इंजॉय करते हैं लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं चाहे कुछ भी हो जाए उम्र कैद हो जाए फांसी हो जाए जिंदगी खराब हो जाए दुनिया इधर की उधर हो जाए लेकिन मैं आज इस लड़की के साथ सेक्स करके ही रहूंगा l
मोहन कहता है कि नहीं यह गलत है फांसी हो जाएगी उम्र कैद हो जाएगी नाम खराब हो जाएगा जिंदगी खराब हो जाएगी मैं, पुलिस पकड़ के ले जाएगी, मैं यह नहीं कर सकता l
इसका साफ मतलब यह है कि सोहन का ID, Ego and Super Ego के ऊपर हावी है भारी है इसीलिए lD जो कहेगा सोहन वही कहेगा और lD हमेशा एंटी सोशल वर्क असामाजिक कार्य करवाता है किसी भी व्यक्ति से
मोहन का व्यक्तित्व का फैक्टर Ego or Super Ego हावी है भारी है lD के ऊपर इसीलिए मोहन कह रहा है कि नहीं मैं रेप नहीं कर सकता यह गलत है
जब भी किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व के ऊपर ID, Ego, Super Ego के ऊपर हावी होता है तो व्यक्ति विनाश की तरफ जाता है
और जब भी किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व में ego or Super Ego lD के ऊपर भारी पड़ते हैं हावी होते हैं तो व्यक्ति का व्यक्तित्व निखर जाता है व्यक्ति एक दिन महान पुरुष बनता है ।
ID- Ego or Super Ego के ऊपर भारी पड़ेगा, Ego, or Super Ego ID के ऊपर भारी पड़ेंगे यह किसी भी व्यक्ति के उस सोशियल invironment, एजुकेशनल invironment, परवरिश के ऊपर डिपेंड करता है जहां इंसान के व्यक्तित्व का निर्माण होता है सोशलाइजेशन होता है जहां इंसान पैदा होता है पलता पड़ता है
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website पर मैं psychology से related different, but very इसimportant article post करता रहता हूं ।
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The end
Learning is never ending process
Thanks for reading my blog post
Najir Hussain writer