02/11/2025
यह मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे 29 अक्टूबर 2025 को अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन में आमंत्रित किया गया आयोजन शुभारंभ वेद मंत्र के साथ हुआ और वहां जब मैं इस कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर रमेश कुमार पांडे जी से मिली और उनको अन्य प्रोफेसर से संस्कृत में वार्तालाप करता देखकर बहुत ही हर्ष हुआ और यह बात भी समझ में आई कि अगर हमारी राष्ट्रीय भाषा ही संस्कृत कर दी जाती तो हमें अलग से अपने भारतीय इतिहास या सनातन धर्म को समझने की आवश्यकता नहीं पड़ती क्योंकि इससे पहले मैं अन्य बहुत से आयोजनों में गई हूं वहां मैने सब को क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेजी में ही लोगों को वार्तालाप करते हुए सुना है हमारे सब उपनिषद वेद साहित्य संस्कृत भाषा में लिखे हैं और अगर कक्षा 12वीं तक संस्कृत पूरे भारत में कंपलसरी कर दी जाती तो आज भारत की उन्नति चीन जैसी होती क्योंकि हमारा इतिहास बहुत समृद्ध है इस समृद्ध इतिहास की कड़ी संस्कृत ही है जो कि आज आम जनमानस से कड़ी ही छूट गई जिसकी वजह से हमें अपनी सनातनी सभ्यता को समझने में कहीं त्रुटियां हो जाती हैंअखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन के आयोजन को का महासचिव रमाकांत गोस्वामी जी संयुक्त महासचिव सीनियर एडवोकेट श्री र न वत्स जी व उनकी समस्त टीम का बहुत-बहुत आभार एवं धन्यवाद #अखिलभारतीयसंस्कृतिसाहित्यसम्मेलन #दिल्ली #मंत्र #संस्कृत #संस्कृत भवन