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पेट की चर्बी कम करता है यह आसन अर्ध पवनमुक्तासनयोगा आचार्य अंकुश पंडित ने आज बताया कि अर्ध पवनमुक्तासन एक योगासन है जो प...
06/06/2025

पेट की चर्बी कम करता है यह आसन अर्ध पवनमुक्तासन

योगा आचार्य अंकुश पंडित ने आज बताया कि अर्ध पवनमुक्तासन एक योगासन है जो पीठ के बल लेटकर किया जाता है। इस आसन में एक पैर को ऊपर उठाकर घुटने को छाती के पास लाया जाता है, जिससे पेट और पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है. यह आसन पेट की चर्बी कम करने, गैस, भूख न लगने और कब्ज जैसी समस्याओं में मदद करता है.
अर्ध पवनमुक्तासन की प्रक्रिया:
1. पीठ के बल लेट जाएं:
अपनी पीठ के निचले हिस्से को फर्श पर मजबूती से टिकाएं.
2. दाहिने पैर को उठाएं:
सांस लें और अपने दाहिने पैर को 60 डिग्री तक ऊपर उठाएं.
3. घुटने को मोड़ें:
अपने दाहिने घुटने को मोड़ें और जांघ को छाती के दाहिनी ओर रखें.
4. पैर को पकड़ें:
दोनों हाथों से दाहिने पैर को पकड़ें.
5. बाएं पैर को सीधा रखें:
बाएं पैर को सीधा और तानकर रखें.
6. कुछ देर के लिए इस स्थिति में रहें:
सांस लेते हुए और छोड़ते हुए इस स्थिति में कुछ देर के लिए रहें.
7. पैर को सीधा करें:
दाहिने पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और फिर से सुप्त ताड़ासन में आ जाएं.
8. बाएं पैर से दोहराएं:
बाएं पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं.
अर्ध पवनमुक्तासन के लाभ:
पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है.
गैस, भूख न लगने और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है.
पाचन तंत्र को मजबूत करता है.
पीठ की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है.
अर्ध पवनमुक्तासन करते समय सावधानियां:
यदि आपको कमर दर्द, साइटिका या कोई अन्य शारीरिक समस्या है, तो इस आसन को करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ से सलाह लें.
यह आसन गर्भवती महिलाओं के लिए भी नहीं है.

सेतुबंध आसन -कई प्रकार के शारीरिक रोगों में रामबाण हैयोगा आचार्य अंकुश पंडित ने आज बताया कि ये सेतुबंध आसन को ब्रिज पोज़ ...
05/06/2025

सेतुबंध आसन -कई प्रकार के शारीरिक रोगों में रामबाण है

योगा आचार्य अंकुश पंडित ने आज बताया कि ये सेतुबंध आसन को ब्रिज पोज़ भी कहा जाता है क्योंकि इसका आकार बहुत हद तक ब्रिज के समान है। यह पीठ के बल पर लेट कर किए जाने वाले महत्वपूर्ण आसनों में से एक है। सेतुबंध आसन कमर दर्द, थाइराइड, डिप्रेशन ईत्यादि के लिए बहुत कारगर है। यहां पर आप ब्रिज पोज़ की सरल विधि, लाभ एवं सावधानियों के बारे में विस्तार से जानेंगे ।
सेतुबंध आसन क्या है?
इस आसान को करने का सही तरीका क्या है?
सेतुबंध आसन से एक साथ शरीर को कई लाभ मिलते हैं
कैसे करें सेतुबंध आसन?इस आसन को करने की विधि बहुत सरल है। यह आसन खासकर जिनको कमर दर्द की शिकायत रहती है नियमित रूप से करनी चाहिए।
सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाए।अब अपने घुटनों को मोड़े ताकि यह रीढ़ की हड्डी के 90 डिग्री पर हो।
सांस लेते हुए अपने कमर को सहूलियत के हिसाब से उठाए।
इस अवस्था को 20-30 सेकंड तक बनाये रखें।
जब आप आसन धारण करते है तो धीरे धीरे सांस ले और धीरे धीरे सांस छोड़े।
फिर सांस छोड़ते हुए ज़मीन पर आये।
यह एक चक्र हुआ, आप 3 से 5 बार इसे कर सकते हैं।
सेतुबंध आसन के 10 लाभ

कमर दर्द के लिए रामबाण
यह आसन कमर दर्द के लिए बहुत प्रभावी है। इसका नियमित अभ्यास करने से कमर दर्द हमेशा हमेशा के लिए गायब हो जाता है। इसलिए जो लोग कमर दर्द से परेशान हैं उनके लिए यह आसन रामबाण है।

थाइराइड का इलाज
शीर्षासन के बाद अगर सेतुबंध किया जाये तो थाइराइड के लिए बहुत प्रभावी है। इस आसन के करने से थाइराइड ग्लैंड का अच्छी तरह से मसाज हो जाता है और थायरोक्सिन हॉर्मोन के स्रवण में मदद मिलती है।

डिप्रेशन में मददगार
इस योगाभ्यास को करने से रीढ़ की हड्डी में अच्छी लचक देखी जा सकती है। इसके करने से एकसमान खिंचाव रीढ़ की हड्डी के नीचे तंत्रिकाओं को मिलता है जो आपके तन मन को स्वस्थ रखते हुए डिप्रेशन को कम करने में बड़ी भूमिका निभाता है।

वजन कम करने के लिए
इस आसन के करने से जाँग, पेट और हिप के आसपास की चर्बी को कम किया जा सकता है। शर्त है इस आसन में अपने आप को देर तक बनाए रखना और नियमित रूप से इसका अभ्यास करना है।

कब्ज एवं एसिडिटी के लिए
ये आसन पाचन संबंधित एंजाइम के स्राव में मदद करता है। इस तरह से यह आसन आप को कब्ज और एसिडिटी से बचाता है।

टेनिस एल्बो में आराम
अगर इस आसन का अभ्यास करते समय आप हाथ से पैर के टखने को पकड़ कर कमर को उठाते हैं तो आपके टेनिस एल्बो में बहुत हद तक आराम मिल सकता है।

किडनी के लिए अच्छा है
इसके अभ्यास से आप अपनी किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं।

अस्थमा के लिए
सेतुबंध के अभ्यास से आपको अस्थमा में बहुत हद तक सफलता मिल सकती है। इस आसन से सीने में खिंचाव आता है।

गर्भवती महिला के अच्छा
यह आसन गर्भवती महिला के लिए अच्छा है और साथ ही साथ पीरियड्स की परेशानियों से भी बचाता है।

पैर को मजबूत बनाता है
जिनका पैर कमज़ोर है और बार-बार सुन्न पड़ जाता है उन्हें सेतुबंध आसन करना चाहिए। अगर आप ज्यादातर थका हुआ महसूस करते हैं तो इस आसन को करना बहुत लाभप्रद होगा।

आखिर में एक सबसे महत्वपूर्ण बात, योग के किसी भी आसन को करने से पहले उसे किसी योगगुरु या एक्सपर्ट की देखरेख में सीखना बहुत जरूरी है। अगर किसी भी आसन को करते वक्त आपको सांस लेने में तकलीफ, शरीर के किसी भी अंग में तेज़ दर्द हो तो फौरन आसन की पोजीशन से बाहर आ जाएं

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