20/01/2026
"डॉक्टर हूँ साहब, कोई कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव या जादूगर नहीं!" (एक दिल की बात)
डिजिटल इंडिया का दौर है, सब कुछ बदल रहा है, लेकिन मरीजों का 'ऑनलाइन व्यवहार' हम डॉक्टरों के लिए किसी कॉमेडी शो (और कभी-कभी हॉरर शो) से कम नहीं है।
आजकल ओपीडी (OPD) के अलावा मुझे इन 5 प्रकार के 'विशिष्ट' महापुरुषों से भी जूझना पड़ता है:
1️⃣ 'फ्री सलाह' वाले धावक (The Fee Runners) 🏃♂️💨
ये अपनी बीमारी का 500 शब्दों का निबंध भेजेंगे।
लेकिन... जैसे ही मैंने कहा— "जी, इसके लिए ऑनलाइन कंसल्टेशन फीस लगेगी..."
अचानक सन्नाटा! रिप्लाई तो छोड़िये, इनका 'Last Seen' भी ऐसे गायब होता है जैसे चुनाव के बाद नेता जी।
शायद इन्हें लगता है डॉक्टर का तजुर्बा और सलाह 'धनिया-मिर्च' की तरह सब्जी के साथ फ्री मिलती है।
2️⃣ 'गूगल यूनिवर्सिटी' के टॉपर्स (The Google Scholars) 🎓
ये ओपीडी में इलाज कराने नहीं, मेरा 'Viva' (परीक्षा) लेने आते हैं।
"डॉक्टर साहब, मैंने गूगल पर पढ़ा है कि मेरी आँख में ये वाली दवाई पड़नी चाहिए, आप वो वाली क्यों लिख रहे हैं?"
भाई साहब, अगर गूगल ही डिग्री दे देता, तो हम जीवन के 10-12 साल मेडिकल कॉलेज में 'रतोंधी' क्यों पालते?
3️⃣ वारंटी मांगने वाले ग्राहक (The Guarantee Gang)🏷️
मोतियाबिंद या किसी भी सर्जरी से पहले इनका सवाल "डॉक्टर साहब, 110% गारंटी है ना कि सब सही होगा? दुबारा कभी दिक्कत तो नहीं आएगी?"
मन करता है कह दूँ, "प्रभु, यह मानव शरीर है, कोई वाशिंग मशीन या फ्रिज नहीं जिसकी 5 साल की वारंटी कार्ड साइन करके दे दूँ!"
4️⃣ 'जादुई उम्मीद' वाले जिद्दी (The Miracle Seekers) 🔮
स्थानीय डॉक्टर ने जवाब दे दिया है, आँख की रोशनी जा चुकी है, लेकिन ये मुझे व्हाट्सएप पर रिपोर्ट भेजकर कहेंगे "सर, आप कोई 'ड्रॉप' बता दीजिये जिससे सब ठीक हो जाए। हम अस्पताल नहीं आ सकते।"
अरे भाई! अगर लोकल डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए हैं, तो मैं व्हाट्सएप पर टाइप करके 'चमत्कार' कैसे कर दूँ? मैं सर्जन हूँ, जादूगर नहीं!
5️⃣ 'मिडनाइट कॉलर' (The 2 AM Pingers) 🌙
रात के 1:30 बजे मैसेज आएगा— "Hi Sir, आँख लाल है, क्या करूँ?"
इनको लगता है डॉक्टर एक 24x7 'कॉल सेंटर' है जो कभी सोता नहीं है। भाई, हमें भी नींद आती है, हमारा भी परिवार है!
इलाज विश्वास और विज्ञान का नाम है। व्हाट्सएप और गूगल जानकारी दे सकते हैं, पर तजुर्बा नहीं। शरीर आपका है, इसे 'फॉरवर्डेड मैसेज' की तरह ट्रीट न करें। सही इलाज के लिए डॉक्टर के सामने बैठना पड़ता है, मोबाइल स्क्रीन के सामने नहीं।
जनहित में जारी...