16/02/2026
अस्थमा रोग कैसे होता है? 🫁🌿
अस्थमा (दमा) फेफड़ों की एक दीर्घकालिक श्वसन बीमारी है, जिसमें सांस की नलियों में सूजन और रुकावट आ जाती है। इससे सांस लेने में परेशानी, घरघराहट और खांसी हो सकती है।
अस्थमा होने की मुख्य प्रक्रिया:
जब कोई व्यक्ति अस्थमा से प्रभावित होता है, तो उसके श्वसन मार्ग में तीन प्रमुख बदलाव होते हैं—
🔹 सूजन (Inflammation):
श्वसन नलियों की अंदरूनी परत सूज जाती है, जिससे वे ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं।
🔹 नलियों का सिकुड़ना (Bronchoconstriction):
नलियों के चारों ओर की मांसपेशियां सख्त होकर उन्हें सिकोड़ देती हैं, जिससे हवा का प्रवाह कम हो जाता है।
🔹 अतिरिक्त बलगम (Mucus):
श्वसन नलियां अधिक गाढ़ा बलगम बनाने लगती हैं, जो वायुमार्ग को और अधिक अवरुद्ध कर देता है।
⏰ सही समय पर जांच और उपचार से अस्थमा को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
👨⚕️ Dr. Praveen Kr. Shahi
MBBS, DNB (Respiratory Medicine) | EDARM (Switzerland)
Consultant Pulmonologist & Sleep Medicine Specialist
📞 Call: 7295889970
📧 Email: drpkshahi1024@gmail.com
📍 Address: B-48, Sachiwalya Colony, Road No. 4, Near Kendriya Vidyalaya, Kankarbag, Patna-20
#अस्थमा