Sital Di Hatti A House Of Ayurvedic Medicine

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04/02/2023
‘‘अमृतधारा’’आज से 30-40 वर्ष पूर्व ‘‘अमृतधारा’’ बहुत प्रचलित औषधि थी । यह अपने नामानुसार अनेक रोगों में निरापद औषधि के र...
24/05/2021

‘‘अमृतधारा’’

आज से 30-40 वर्ष पूर्व ‘‘अमृतधारा’’ बहुत प्रचलित औषधि थी । यह अपने नामानुसार अनेक रोगों में निरापद औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है।

बनाने की विधि - कपूर, अजवायन सत्व और पिपरमेंट को समान मात्रा में लेकर एक शीशी में डालकर रख दीजिए। थोड़ी देर में द्रव बन जायेगा। यही अमृतधारा है।

अमृतधारा के उपयोग-

1. बदहजमी, पेटदर्द, दस्त, उल्टी में 3-4 बूंद थोड़े पानी में मिलाकर सेवन करें ।
2. हैजा में 1 चम्मच प्याज के रस में 2 बूंद डालकर सेवन करें।
3. सिरदर्द में 2 बूँद सिर, माथे और कान के आस पास मलें।
4. छाती का दर्द मीठे (तिल) तेल में अमृतधारा मिलाकर मलने से ठीक हो जाता है ।
5. सूँघने पर साँस खुलकर आता है तथा जुकाम ठीक हो जाता है ।
6. छालों पर थोड़े पानी में 1-2 बूँद डालकर लगाने से लाभ होता है।
7. दाँत दर्द में रूई में भिगोकर दबाने से लाभ होता है ।
8. श्वास, खाँसी, दमा और क्षय-रोग में 4-5 बूँद अमृतधारा ठंडे पानी में मिलाकर सेवन करें।
9. दिल के रोग में आँवले के मुरब्बे में 3-4 बूँद डालकर खाने से लाभ होता है ।
10. पेट दर्द में 2 बूँद बताशे में डालकर खाने से लाभ होता है ।
11. भोजन के बाद दोनों समय 2-3 बूँद अमृतधारा ठंडे पानी में मिलाकर पीने से मन्दाग्नि, अजीर्ण, बादी, बदहजमी एवं गैस ठीक हो जाती है ।
12. 10 ग्राम गाय के मक्खन और 5 ग्राम शहद में 3 बूँद अमृतधारा मिलाकर प्रतिदिन खाने से शरीर की कमजोरी में लाभ होता है ।
13. हिचकी में 1-2 बूँद अमृतधारा जीभ में रखकर मुँह बंद करके सूँघने से 4 मिनट में ही लाभ होता है ।
14. 10 ग्राम नीम के तेल में 5 बूँद अमृतधारा मिलाकर मालिश करने से हर तरह की खुजली में लाभ होता है ।
15. ततैया, बिच्छू, भौरा या मधुमक्खी के काटने के स्थान पर अमृतधारा मलने लाभ होता है ।
16. 10 ग्राम वैसलीन में 4 बूँद अमृतधारा मिलाकर, शरीर के हर तरह के दर्द पर मालिश करने से दर्द में लाभ होता है। फटी बिवाई और फटे होंठों पर लगाने से दर्द ठीक हो जाता है तथा फटी चमड़ी जुड़ जाती है।

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अमृतारिष्ट(Amritarishta) तरल रूप में मिलने वाली एक आयुर्वेदिक दवा है जिसमें गुडुची, दशमूल, गुरु, श्वेत जीरक, पर्पटक, सप्...
22/05/2021

अमृतारिष्ट(Amritarishta) तरल रूप में मिलने वाली एक आयुर्वेदिक दवा है जिसमें गुडुची, दशमूल, गुरु, श्वेत जीरक, पर्पटक, सप्तपर्ण और अन्य कई आयुर्वेदिक तत्व होते हैं। यह पुराने बुखार के इलाज में मदद करता है। यह हल्का एनाल्जेसिक भी है और यह बुखार के बाद शरीर को विषमुक्त (डीटोक्सिफाई) भी करता है| अमृतारिष्ट खून को साफ़ करटा है और हेमेटोजेनिक टॉनिक की तरह उपयोग किया जाता है। यह बच्चों और वयस्कों में प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है और मौसमी खांसी और ठंड से बचाता है।

✅ अमृतारिष्ट के फायदे

1. प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करे
अमृतारिष्ट(Amritarishta) एक आयुर्वेदिक तरल है जिसमें एंटी-बैक्टीरिया और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो बच्चों और वयस्कों की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देते हैं। आप इसे भोजन के बाद दिन में दो बार 10 से 24 मि.ली. ले सकते हैं।

2. सर्दी और खांसी रोके
अमृतारिष्ट(Amritarishta) मौसमी सर्दी और खांसी का इलाज करता है क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह रोगाणुओं और संक्रमण से लड़कर सामान्य सर्दी और खांसी होने से रोकता है। अच्छे परिणाम पाने के लिए आप इसे दिन में दो बार अपने भोजन के बाद ले सकते हैं।


3. मलेरिया का इलाज करे
मलेरिया की वजह से तेज़ बुखार होता है इसलिए इसके लिए उचित दवा, देखभाल और उचित ध्यान की देने की जरूरत होती है। डॉक्टर मलेरिया को ठीक करने के लिए अमृतारिष्ट लेने की सलाह देते हैं क्योंकि यह एक आयुर्वेदिक उपचार है। यह बुखार के बाद शरीर को विषमुक्त (डीटोक्सीफाई) करने में मदद करता है और यह रक्त की नलियों को विकसित करने में भी मदद करता है।

4. पाचन में सुधार करे
अमृतारिष्ट(Amritarishta) पाचन-क्रिया और आँतों के आंदोलनों को नियंत्रित करता है। यदि आपको कब्ज या अन्य पाचन संबंधी समस्या है तो दिन में दो बार अमृतारिष्ट लेने से आप पेट की सभी समस्याओं को ठीक कर सकते हैं।

✅अमृतारिष्ट का उपयोग

खून साफ़ करे
खून की कमी (एनीमिया) का इलाज करे
आँतों के आंदोलन को नियंत्रित करे
मौसमी बुखार का इलाज करे

✅ अमृतारिष्ट कैसे लें

दिन में दो बार भोजन के बाद अमृतारिष्ट ले सकते हैं
किसी भी वयस्क या बच्चे के लिए एक दिन में 10 मि.ली. से 24 मि.ली. तक की मात्रा काफी है|

✅ अमृतारिष्ट के साइड इफेक्ट्स

अमृतारिष्ट(Amritarishta) 100% प्राकृतिक और आयुर्वेदिक है। इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं है लेकिन अमृतारिष्ट को ज्यादा मात्रा में लेने से पेट में जलन हो सकती है। अमृतारिष्ट लेने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें|

18/01/2021

*क्यों टहलना है स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद*

1) फैट घटाये :-पैदल चलने का हर कदम आपको सेहत की ओर लेकर जाता है। यह अतिरिक्‍त वसा से मुक्ति दिलाने में काफी मदद करता है। अगर आप संतुलित आहार के साथ रोजाना 30 से 45 मिनट तक पैदल चलें, तो धीरे-धीरे आपको अपने वजन में कमी महसूस होने लगेगी।
2) स्‍टेमिना बढ़ाए :-रोजाना तेज गति से पैदल चलना आपकी मांसपेशियों को ताकत देता है। इससे हमारी टांगों की मांसपेशियों को विशेष रूप से लाभ होता है। इतना नहीं, नियमित रूप से पैदल चलना आपकी कार्यक्षमता यानी स्‍टेमिना में भी इजाफा करता है।
3) दिल को बनाये मजबूत :-पैदल चलना हमारे दिल की सेहत के लिए लाभप्रद होता है। पैदल चलने से उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या से राहत मिलती है। इससे रक्‍तचाप सामान्‍य रहता है और शरीर में रक्‍त-प्रवाह सुचारू रूप से होता है। इसके साथ ही यह कार्डियोवस्‍कुलर प्रणाली को भी बेहतर ढंग से काम करने में मदद करता है।
4) डायबिटीज से बचाए :-अगर आप डायबिटीज से बचे रहना चाहते हैं, तो पैदल चलने को अपनी आदत बना लीजिए। कई शोध इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि सप्‍ताह में करीब तीन घंटे पैदल चलना डायबिटीज के खतरे को काफी कम कर देता है
5) हड्डियों को मजबूत बनाये :-अगर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो आपको रोजाना करीब 30 मिनट पैदल चलना चाहिए। इससे आपकी बोन डेंसिटी बढ़ जाती है और पैरों की हड्डियों को होने वाला नुकसान कम हो जाता है। यह व्‍यायाम आपके रीढ़ की हड्डी, टांगों और कूल्‍हों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने का काम करता है

10/01/2021

परेशान न रहें, मस्त रहें-व्यस्त रहें क्योंकि

1. चालीस साल की अवस्था में "उच्च शिक्षित" और "अल्प शिक्षित" एक जैसे ही होते हैं। (बल्कि अल्प शिक्षित अधिक कमा लेते हैं)

2. पचास साल की अवस्था में "रूप" और "कुरूप" एक जैसे ही होते हैं। (आप कितने ही सुन्दर क्यों न हों झुर्रियां, आँखों के नीचे के डार्क सर्कल छुपाये नहीं छुपते)

3. साठ साल की अवस्था में "उच्च पद" और "निम्न पद" एक जैसे ही होते हैं। (चपरासी भी अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद उनकी तरफ़ देखने से कतराता है)

4. सत्तर साल की अवस्था में "बड़ा घर" और "छोटा घर" एक जैसे ही होते हैं। (घुटनों का दर्द और हड्डियों का गलना आपको बैठे रहने पर मजबूर कर देता है, आप छोटी जगह में भी गुज़ारा कर सकते हैं)

5. अस्सी साल की अवस्था में आपके पास धन का "होना" या "न होना" एक जैसे ही होते हैं। ( अगर आप खर्च करना भी चाहें, तो आपको नहीं पता कि कहाँ खर्च करना है)

6. नब्बे साल की अवस्था में "सोना" और "जागना" एक जैसे ही होते हैं। (जागने के बावजूद भी आपको नहीं पता कि क्या करना है)

जीवन को सामान्य रूप में ही लें क्योंकि जीवन रहस्य नहीं हैं जिन्हें आप सुलझाते फिरें।

आगे चलकर एक दिन हम सब की यही स्थिति होनी है इसलिए चिंता, टेंशन छोड़ कर मस्त रहें-स्वस्थ रहें...

यही जीवन है और इसकी सच्चाई भी।
🌹🙏🏻🙏🏻🌹

19/12/2020

*सर्दी में हमेशा फायदे का सौदा साबित होती हैं ये 15 चीजें, जानिए लाभ*

*👉🏻सर्दी के दिनों में खास तौर से कुछ विशेष चीजों का सेवन करना कई तरह से फायदेमंद साबित होता है। जानिए ऐसी ही 15 चीजें जिनका प्रयोग सर्दियों में रखेगा आपकी सेहत, सुंदरता और मस्तिष्क का विशेष ख्याल...*

*1. खसखस* भीगी हुई खसखस खाली पेट खाने से दिमाग में तरावट और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। आप चाहें तो खसखस वाला दूध या फिर खसखस और बादाम का हलवा खा सकते हैं।

*2. काजू -* इसमें कैलोरी ज्यादा रहती है। ठंड में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा कैलोरी की आवश्यकता होती है। काजू से कैलोरी मिलती है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है।

*3. बादाम -* यह दिमाग को तेज करने में सहायक होता है। ठंड के दौरान इसे खाने से प्रोटीन, कैल्शियम मिलता है। इसके चाहें तो रातभर पानी में रखकर सुबह खा लें या फिर इसका दूध या हलवा बनाएं।

*4. अखरोट -* कोलेस्ट्राल को कम करने में सहायक होता है। इसमें फायबर, विटामिन ए और प्रोटीन रहता है। जो कि शरीर को स्वस्थ रखने में सहायता प्रदान करता है।

*5. अंजीर -* इसमें आयरन होता है, जो खून बढ़ाने में सहायक होता है।

*6. च्यवनप्राश -* च्यवनप्राश प्रतिदिन खाने से शरीर का पाचनतंत्र सुदृढ़ होता है, स्फूर्ति बनी रहती है।

*7. गजक -* यह गुड़ और तिल से बनाई जाती है। गुड़ में आयरन, फास्फोरस अधिक मात्रा में पाया जाता है। तिल में कैल्शियम व वसा होता है। इसके कारण ठंड के समय शरीर को अधिक कैलोरी मिल जाती है और शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है।

*8. पिंड खजूर -* इसमें आयरन के साथ मिनरल्स और विटामिन भी रहते हैं। इसे ठंड में 20 से 25 ग्राम प्रतिदिन लेना चाहिए।

*9. दूध -* रात को सोते समय केसर,अदरक,खजूर,अंजीर,हल्दी दूध में डालकर लेना चाहिए। सर्दी के मौसम में होने वाली सर्दी-खांसी से बचाव हो जाता है।

*10. गोंद लड्डू -* इस मौसम में ज्यादा अच्छे रहते हैं क्योंकि आसानी से पच जाते हैं। एक लड्डू में 300 से 350 कैलोरी होती है।

*11. मिक्स दाल के लड्डू -* दाल में प्रोटीन होता है। यह बाल झड़ने को रोकता है और शरीर को स्फूर्ति प्रदान करता है।

*12. हरी सब्जियां -* सर्दी में हरी सब्जियों की आवक खूब होती है अत: इनका भरपूर सेवन करें। हरी सब्जियां पर्याप्त पोषण के साथ-साथ शरीर को आंतरिक शक्ति प्रदान करती हैं।

*13. शहद -* शहद एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है जिसमें मौजूद औषधीय गुण आपको सर्दी की सेहत समस्याओं से बचाएंगे और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।

*14. साबुत अनाज -* चूं‍कि यह मौसम सेहत बनाने के लिए बढ़िया होता है अत: इस मौसम में साबुत अनाज लेना हमेशा फायदे का सौदा है। चाहे अंकुरित करके या फिर सभी प्रकार के अनाज का आटा बनाकर प्रयोग करें।

*15. घी -* ठंड में जोड़ों की समस्या, घुटनों व जोड़ों के दर्द,आर्थराइटिस आदि से बचाव के लिए शरीर में आवश्यक चिकनाई होना बेहद जरूरी है। घर शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए फायदेमंद है।

08/12/2020

सर्दियों में सफेद तिल खाने के हैं इतने फायदे,

सर्दियों में कुछ चीजों का सेवन करना किसी जड़ी-बूटी के सेवन करने से कम नहीं है। हम आपको सर्दियों में गुड़ खाने के फायदे और इससे बनी चीजें खाने के फायदे बता चुके हैं। अब हम आपको सफेद तिल खाने के फायदे बता रहे हैं-

तिल में मौजूद पोषक तत्व
तिल में सेसमीन नाम का एन्टीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। अपनी इस खूबी की वजह से ही यह लंग कैंसर, पेट के कैंसर, ल्यूकेमिया, प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका को कम करता है। इसके अलावा भी तिल के कई फायदे हैं:

तनाव को कम करने में सहायक
तिल में कुछ ऐसे तत्व और विटामिन पाए जाते हैं जो तनाव और डिप्रेशन को कम करने में सहायक होते हैं।


हृहय की मांसपेशि‍यों के लिए
तिल में कई तरह के लवण जैसे कैल्शिेयम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम होते हैं जो हृदय की मांसपेशि‍यों को सक्रिय रूप से काम करने में मदद करते हैं।


हड्डियों की मजबूती के लिए
तिल में डाइट्री प्रोटीन और एमिनो एसिड होता है जो बच्चों की हड्डियों के विकास को बढ़ावा देता है। इसके अलावा यह मांस-पेशियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है।



त्वचा के लिए
तिल का तेल त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसकी मदद से त्वचा को जरूरी पोषण मिलता है और इसमें नमी बरकरार रहती है।

04/12/2020

पोषक तत्वों से भरपूर खजूर****
* दांतों का गलना – छुहारे खाकर गर्म दूध पीने से कैलशियम की कमी से होने वाले रोग, जैसे दांतों की कमजोरी, हड्डियों का गलना इत्यादि रूक जाते हैं।
* रक्तचाप – कम रक्तचाप वाले रोगी 3-4 खजूर गर्म पानी में धोकर गुठली निकाल दें। इन्हें गाय के गर्म दूध के साथ उबाल लें। उबले हुए दूध को सुबह-शाम पीएं। कुछ ही दिनों में कम रक्तचाप से छुटकारा मिल जायेगी।
* कब्ज – सुबह-शाम तीन छुहारे खाकर बाद में गर्म पानी पीने से कब्ज दूर होती है। खजूर का अचार भोजन के साथ खाया जाए तो अजीर्ण रोग नहीं होता तथा मुंह का स्वाद भी ठीक रहता है। खजूर का अचार बनाने की विधि थोड़ी कठिन है, इसलिए बना-बनाया अचार ही ले लेना चाहिए।
* पुराने घाव – पुराने घावों के लिए खजूर की गुठली को जलाकर भस्म बना लें। घावों पर इस भस्म को लगाने से घाव भर जाते हैं।
* मासिक धर्म : छुहारे खाने से मासिक धर्म खुलकर आता है और कमर दर्द में भी लाभ होता है।
* खजूर गर्भवती महिलाओं में दूध की मात्रा में वृद्धि करता है और अधिक ऊर्जा प्रदान करता है।
* आंख की पलक पर गुहेरी रोग हो जाता है। खजूर की गुठली को रगड़कर गुहेरी पर लगाए। आराम मिलेगा।
* मोटापा - खजूर का सेवन मोटापा लाता है तथा शरीर का भार बढ़ता है, अतः मोटे व्यक्ति सोचकर खाए। दुबले व्यक्ति भार बढ़ाने के लिए खा सकते हैं।
* जिनकी पाचन शक्ति अच्छी हो वे खजूर खाएं, क्योंकि यह पचाने में समय लेती है। छुहारे, पुरा वर्ष उपलब्ध रहते है। खजूर केवल सर्दी में तीन महीने। जब जो उपलब्ध हो, उसका सेवन करें।

30/11/2020

*ठंड में पिस्ता सेवन के फायदे आपको चौंका सकते हैं.....
1 चटख हरे रंग का आकर्षण पिस्ता, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन सी, जिंक, कॉपर, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम और कई तरह पोषक तत्वों से भरपूर है। न केवल आपको सेहतमंद बनाए रखता है बल्कि कई बीमारियों को आपसे दूर रखता है।

2 इसमें मौजूद जरूरी फैटी एसिड्स आपकी त्वचा में स्निग्धता बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं, जिससे नैचुरल दमक बरकरार रहती है। इसके अलावा शरीर के अंगों में भी स्निग्धता के लिए यह फायदेमंद है।

3 पिस्ता में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आपको जवां बनाए रखने के साथ ही आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। यह त्वचा में पड़ने वाली झुर्रियों की गति को धीमा करते हैं।

4 बालों को झड़ने से बचाने के लिए पिस्ता लाभकारी है। आप चाहें तो इसे अपनी डाइट में शामिल कर लें, या फिर इसका पेस्ट बनाकर मास्क की तरह बालों में लगाएं।

5 धूप के दुष्प्रभाव से बचने के लिए भी पिस्ता का प्रयोग काफी मददगार होता है। इसे चारोली के साथ दूध में पीसकर पेस्ट तैयार करें और पैक की तरह लगाएं। नियमित ऐसा करने से त्वचा का रंग हल्का होने लगेगा।

6 सर्दियों का मौसम हार्ट के मरीजों के लिए परेशानियां लेकर आता है, लेकिन पिस्‍ता के सेवन से हार्ट के मरीजों को लाभ होता है, क्‍योंकि पिस्‍ता खराब कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का काम करता है।

7 पिस्ता के नियमित सेवन से शरीर में हीमोग्‍लोबिन की संख्‍या भी बढ़ती है साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी ये मजबूत करता है, और आप बीमारियों से दूर रहते हैं🙏

01/10/2020
दालचीनी के गुण ।1 कैंसर – दालचीनी का प्रयोग कैंसर जैसे रोग पर नियंत्रण पाने में सक्षम है। वैज्ञानिकों ने अमाशय के कैंसर ...
07/09/2020

दालचीनी के गुण ।
1 कैंसर – दालचीनी का प्रयोग कैंसर जैसे रोग पर नियंत्रण पाने में सक्षम है। वैज्ञानिकों ने अमाशय के कैंसर और हड्डी के बढ़ जाने की स्थति‍ में दालचीनी और शहद को लाभदायक बताया है। एक माह तक गरम पानी में दालचीनी पाउडर और शहद का सेवन इसके लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ सके।
*
2 हृदय रोग – हृदय को स्वस्थ बनाए रखने और हृदय रोगों पर नियंत्रण रखने में दालचीनी सहायक होती है, क्योंकि यह हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल को जमने से रोकती है। प्रतिदिन शहद और दालचीनी का गर्म पानी के साथ सेवन करें।आप दालचीनी और शहद के मिश्रण को रोटी के साथ भी खा सकते हैं। इसके अलावा दालचीनी को चाय में डालकर भी ले सकते हैं। इसके प्रयोग से हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है।
3 मोटापा – मोटापे के लिए दालचीनी का सेवन एक रामबाण उपाय है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल को कम करती है, जिससे मोटापा नहीं बढ़ता। इसके लिए दालचीनी की चाय बहुत फायदेमंद है।एक चम्मच दालचीनी पाउडर को एक गिलास जल में उबालकर आंच से उतार लें। इसके बाद उसमें दो बड़े चम्मच शहद मिलाकर सुबह नाश्ता करने से आधा घंटा पहले पिएं। रात को सोने से पहले भी इसका सेवन करना दुगुना फायदेमंद होता है, और अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है।
4 जोड़ों में दर्द होने पर दालचीनी का प्रयोग आपको राहत देता है। इसके लिए प्रतिदिन दालचीनी का गर्म पानी में सेवन तो लाभप्रद है ही, इसके अलावा इस हल्के गर्म पानी की दर्द वाले स्थान पर मालिश करने से भी जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।इसके पानी को पीने एक सप्ताह में संधिवात के दर्द से निजात मिलती है और एक महीने तक इका सेवन करने से चलने फिरने में असमर्थ लोग भी चलने में सक्षम हो जाते हैं। आर्थाइटिस के दर्द में भी दालचीनी काफी फायदेमंद साबित होती है।
5. सर्दी-खांसी – सर्दी, खांसी या गले की तकलीफों में दालचीनी बेहद असरकार‍क दवा के रूप में काम करती है। इसे पीसकर एक चम्मच शहद के साथ एक चुटकी मात्रा में खाने से जुकाम में लाभ मिलता है। आप गर्म या गुनगुने पानी में दालचीनी के पाउडर को शहद के साथ मिलाकर पी सकते हैं। दालचीनी के पाउडर को पिसी हुई काली मिर्च के साथ सेवन करने से भी राहत मिलती है। इससे पुराने कफ में भी राहत मिलेगी।
6. पेट के रोग – अपच, गैस, पेट दर्द और एसिडिटी जैसी समस्यों में भी दालचीनी का पाउडर लेने से आराम मिलता है। इससे उल्टी-दस्त की समस्या में भी लाभ होता है, और भोजन का पाचन भी बेहतर होता है। शहद और दालचीनी के पावडर का मिश्रण लेने से पेट का अल्सर जड़ से ठीक हो जाता है।

29/08/2020

प्रत्येक घर में एक रसोई होती है, और इस रसोई में एक *डॉक्टर* छुपा बैठा होता है, बिना फीस वाला । आइए आज अपने उसी डॉक्टर से आपका परिचय करायें ।
💼 1- केवल सेंधा नमक का प्रयोग करने पर आप *थायराइड* और *ब्लडप्रेशर* से बचे रह सकते हैं, यही नहीं, आपका *पेट* भी ठीक रहेगा ।
💼 2- कोई भी रिफाइंड न खाकर तिल, सरसों, मूंगफली या नारियल के तेल का प्रयोग आपके शरीर को कई बीमारियों से बचायेगा, रिफाइंड में कई हानिकारक *कैमिकल* होते हैं ।
💼 3- सोयाबीन की बड़ी को दो घंटे भिगोकर मसलकर झाग निकालने के बाद ही प्रयोग करें, यह झाग *जहरीली* होती है ।
💼 4- रसोई में एग्जास्ट फैन अवश्य लगवायें, इससे *प्रदूषित* हवा बाहर निकलती रहेगी
💼 5- ज्यादा से ज्यादा मीठा नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का *स्वास्थ्य* सही रहेगा ।
💼 6- भोजन का समय निश्चित करें, *पेट* ठीक रहेगा ।
💼 7- भोजन के बीच बात न करें, भोजन ज्यादा *पोषण* देगा ।
💼 8- भोजन से पहले पिया गया पानी *अमृत*, बीच का *सामान्य* और अंत में पिया गया पानी *ज़हर* के समान होता है ।
💼 9- बहुत ही आवश्यक हो तो भोजन के साथ गुनगुना पानी ही पियें, यह *निरापद* होता है ।
💼 10- सवेरे दही का प्रयोग *अमृत*, दोपहर में *सामान्य* व रात के खाने के साथ दही का प्रयोग *ज़हर* के समान होता है ।

💼 11- नाश्ते में *अंकुरित* अन्न शामिल करें, पोषण, विटामिन व फाईबर *मुफ्त* में प्राप्त होते रहेंगे ।
💼 12- चीनी कम-से-कम प्रयोग करें, ज्यादा उम्र में *हड्डियां* ठीक रहेंगी । भोजन में *गुड़* व *देशी शक्कर* का प्रयोग बढ़ायें ।
💼 13- छौंक में राई के साथ कलौंजी का प्रयोग भी करें, *फायदे* इतने कि लिखे नहीं जा सकते ।
💼 14- एक *डस्टबिन* रसोई के अंदर और एक बाहर रखें, *सोने से पहले* रसोई का कचरा बाहर के डस्टबिन में डालना न भूलें ।
💼 15- करेले, मेथी और मूली यानि कड़वी सब्जियां भी खाएं, *रक्त* शुद्ध होता रह
💼 16- पानी मटके के पानी से अधिक ठंडा न पियें, *पाचन* व *दांत* ठीक रहेंगे ।
💼 17- पानी का फिल्टर _*RO*_ वाला हानिकारक है, _*UV*_ वाला ही प्रयोग करें ।सस्ता भी , बढ़िया भी ।
💼 18- बिना कलौंजी वाला अचार न खायें, यह *हानिकारक* होता है ।
💼 19- माइक्रोवेव, ओवन का प्रयोग न करें, यह *कैंसर कारक* है ।
💼 20- खाने की ठंडी चीजें ( आइस क्रीम) कम से कम खायें, ये पेट की *पाचक अग्नि* कम करती हैं, *दांत* खराब करती हैं ।
🏌‍♂
_सब स्वस्थ, सुखी व नीरोग रहें,_
इसी *कामना* के साथ.
_*साभार*_
🌹 मंगलमय हो जीवन सबका 🌹

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