22/02/2022
Tinnitus
Tinnitus Reasons and treatment: कानों में आती है अजीब तरह की आवाजें, तो हो सकती है ये बीमारी
sounds comes in the ears, कान में अंदर से आवाज आना
ISTCause Of Tinnitus : क्या कभी आपको ऐसा लगता है कि आपके आसपास बहुत शोर हो रहा हो या किसी की आवाज सुनाई दे रही हो, जबकि असल में ऐसा कुछ न हो रहा हो।
sounds comes in the ears, कान में अंदर से आवाज आना
sounds come in the ears, कान में अंदर से आवाज आनामुख्य बातेंकान में आवाज आना कम या ज्यादा हो सकता हैजागते ही नहीं, नींद में भी ये आवाज आती रहती हैसाइनोसाइटिस के मरीज में भी ये समस्या ज्यादा होती है
कान में सीटी बजना या कुछ अन्य तरह की आवाज आने की समस्या से आप भी तो नहीं जूझ रहें। कान में अजीब-अजीब सी आवाज का आना टिनिटस बीमारी का लक्षण होता है। टिनिटस अमूमन एक कान में होता है और कुछ रेयर केस में दोनों काम में हो सकता है। टिनिटस बीमारी दो तरह की होती है। एक में कान के अंदरूनी, बाहरी या बीच के भाग में परेशानी होती है और दूसरी में खून की धमनियों में समस्या होती है। इसमें मरीज को फुफकारने, सरसराहट आने, सीटी, किसी चीज को पीटने से निकलने वाली आवाज या कभी कभी बेहद शोर का अहसास होता है। ये सारी चीजें सोते और जगाते समय भी महसूस होता है। कान में आने वाली इस आवाज का स्तर कम या ज्यादा हो सकता है।
क्या है टिनिटस समस्या
टिनिटस यानी कान बजना न्यूरोलॉजिकल समस्या होती है। तनाव, नींद पूरी न होने, डिप्रेशन, साइनोसाइटिस की समस्या जिन्हें होती है, उनमें ये ज्यादा देखने को मिलती है। यही नहीं जो लोग ज्यादा मोबाइल पर बात करते हैं या तेज आवाज में हेडफोन सुनते हैं उनमें भी ये बीमारी हो सकती है। कान के अंदरुनी भाग के क्षतिग्रस्त होने से ऑडिटरी सिस्टम द्वारा साउंड सिंग्नल का न्यूरल सर्किट संतुलन बिगड़ जाताहै और इससे भी कान में आवाज आने की समस्या हो सकती है।
जानें टिनिटिनस
कानों में वैक्स जमने से भी टिनिटस की समस्या हो सकती है। एस्प्रिन, एंटीबायोटिक्स और डिप्रेशन की दवाओं के ओवरडोज से भी टिनिटस की समस्या हो सकती है। यदि दांतों में समस्या हो तो भी टिनिटस हो सकता है। कान और मस्तिष्क को जोड़ने वाली कुछ नर्व्स जबड़े से भी जुड़ी होती हैं। सिर में लगी चोट के कारण भी टिनिटस की समस्या हो जाती है। तेज आवाजों के के बीच रहना या शोर-शराबे में रहने वालों में ये समस्या हो सकती है। कई बार कान की हड्डी का बढ़ने के कारण भी ये हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर,महिलाओं में हॉर्मोनल चेंज,थायरॉइड असामान्यता और दिल या रक्त वाहिकाओं की बीमारी के कारण भी ये हो सकता है।
टिनिटस का उपचार
कान को साफ रखें
शोर वाली जगहों से दूर रहें
कान को शोर से बचाने के लिए ईयर प्लग का इस्तेमाल करें।
समस्या गंभीर लगे तो डॉक्टर से मिलें। इसका इलाज संभव है।
रोजाना एक्सरसाइज करें। अपने मुंह को खोलें और फिर अपने हाथ को ठोढ़ी पर रखें। इसके बाद अपने मुंह को और खोलें। इसी स्थिति में 30 सेकेंड तक रहें।
धीमी आवाज पर रेडियो या बैकग्राउंड म्यूजिक सुनें।
धनिया की चाय बना कर पींए। इससे कान बजने की समस्या कंट्रोल हो सकता है।
किसी भी तरह की समस्या से बचने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।