23/03/2026
डॉ. प्रवीण कुलकर्णी
ज्योतिषाचार्य.
9226280158
ज्योतिषशास्त्र आणि नक्षत्र विज्ञानानुसार, प्रत्येक नक्षत्राचा एक 'आराध्य वृक्ष' आणि एक 'अधिष्ठाता देवता' असते. आपल्या जन्मनक्षत्राच्या देवतेची उपासना केल्याने मानसिक शांती मिळते, तर संबंधित वृक्षाचे जतन किंवा पूजन केल्याने सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होते.
खाली २७ नक्षत्रांनुसार देवता आणि वृक्षांची माहिती दिली आहे:
| १ | अश्विनी | अश्विनीकुमार | कुचला (Strychnos nux-vomica) |
| २ | भरणी | यम | आवळा |
| ३ | कृत्तिका | अग्नी | उंबर (औदुंबर) |
| ४ | रोहिणी | ब्रह्मा | जांभूळ |
| ५ | मृगशीर्ष | चंद्र | खैर |
| ६ | आर्द्रा | शिव (रुद्र) | कृष्ण अगरु |
| ७ | पुनर्वसू | अदिती | वेळू (बांबू) |
| ८ | पुष्य | बृहस्पती (गुरू) | पिंपळ |
| ९ | आश्लेषा | सर्प (नाग) | नागचाफा |
| १० | मघा | पितर | वटवृक्ष (वड) |
| ११ | पूर्वा फाल्गुनी | भग | पळस |
| १२ | उत्तरा फाल्गुनी | अर्यमा | पायर |
| १३ | हस्त | सूर्य (सविता) | जाई / रानसवा |
| १४ | चित्रा | विश्वकर्मा | बेल |
| १५ | स्वाती | वायू | अर्जुन |
| १६ | विशाखा | इंद्राग्नी | नागकेशर / वेला |
| १७ | अनुराधा | मित्र (सूर्यदेव) | नागकेशर |
| १८ | जेष्ठा | इंद्र | निर्मळी / राळ |
| १९ | मूळ | निर्ऋती | राळ |
| २० | पूर्वाषाढा | आप (जलदेवता) | वेत |
| २१ | उत्तराषाढा | विश्वेदेव | फणस |
| २२ | श्रवण | विष्णू | रुई |
| २३ | धनिष्ठा | अष्टवसू | शमी |
| २४ | शततारका | वरुण | कंदंब |
| २५ | पूर्वा भाद्रपदा | अजैकपाद | आंबा |
| २६ | उत्तरा भाद्रपदा | अहिर्बुध्न्य | कडुनिंब |
| २७ | रेवती | पूषा | मोह |
काही महत्त्वाच्या टिप्स:
* उपासना: आपल्या नक्षत्राच्या देवतेचा मंत्र जप करणे किंवा त्या देवतेचे ध्यान करणे अत्यंत फलदायी मानले जाते.
* वृक्षारोपण: शक्य असल्यास आपल्या जन्मनक्षत्राचा वृक्ष सार्वजनिक ठिकाणी किंवा बागेत लावावा आणि त्याचे संवर्धन करावे. जर वृक्ष लावणे शक्य नसेल, तर त्या वृक्षाला स्पर्श करून नमस्कार करणेही शुभ मानले जाते. किंवा त्या वृक्षाचा काही भाग स्वतःजवळ ठेवावा.
* नक्षत्र वाटिका: अनेक मंदिरांमध्ये किंवा उद्यानांमध्ये या २७ वृक्षांची 'नक्षत्र वाटिका' तयार केलेली असते, तिथे जाऊन दर्शन घेणे फायदेशीर ठरते.
तुम्हाला तुमच्या किंवा कुटुंबातील कोणाचे नक्षत्र माहिती असल्यास सांगा, मी त्या नक्षत्राबद्दल अधिक सविस्तर माहिती (मंत्र, स्वभाव वैशिष्ट्ये) देऊ शकेन.