Yogtrupti Reiki Healing

Yogtrupti Reiki Healing On-line Healing Services and Learning
Astrology Consultation
Councelling

आज समझते है Toxic and Controlling Parents“बच्चे आपकी प्रॉपर्टी नहीं हैं”बच्चे कोई मशीन नहीं हैं जिन्हें केवल कंट्रोल किय...
02/05/2026

आज समझते है Toxic and Controlling Parents

“बच्चे आपकी प्रॉपर्टी नहीं हैं”

बच्चे कोई मशीन नहीं हैं जिन्हें केवल कंट्रोल किया जाए, और ना ही वे माता-पिता की प्रॉपर्टी हैं। वे अपनी खुद की भावनाओं, सोच, सपनों, व्यक्तित्व और जीवन के अधिकार वाले स्वतंत्र इंसान हैं।
लेकिन कई परिवारों में बच्चों को माता-पिता की इज़्ज़त, अहंकार, अधूरी इच्छाओं या सामाजिक छवि का हिस्सा समझा जाता है।
प्यार की जगह कंट्रोल,
समझने की जगह आलोचना करते रहना, और
भावनात्मक सुरक्षा की जगह fear and gguilt यहीसे
toxic और controlling parenting शुरू होती है।
eg
You are not good ...
you are not worthy... ....

जब माता-पिता:
- लगातार आलोचना करते हैं
- शर्मिंदा या नीचा महसूस करवाते हैं
- डर, गिल्ट या emotional pressure से कंट्रोल करते हैं
- बच्चे की भावनाओं को महत्व नहीं देते
- हर निर्णय अपने हिसाब से करवाना चाहते हैं
- प्यार को conditional बना देते हैं
- बच्चों को “हमारी चीज़” समझते हैं
तो यह unhealthy और toxic parenting बन जाती है।

eg
कई बार इसे ऐसे शब्दों में छुपाया जाता है:
- “हम तुम्हारे भले के लिए कह रहे हैं।”
- “हमने तुम्हारे लिए सब कुछ किया है।”
- “अच्छे बच्चे हमेशा बात मानते हैं।”
- “तुम्हें हमारी इज़्ज़त रखनी चाहिए।”
-"We know what is best for you.”
- “We sacrificed everything for you.”
- “You should live according to our wishes.”
- “Good children always obey.”

बच्चे आपकी प्रॉपर्टी नहीं हैं Children Are human beings with emotions
इसीलिए कहा जाता है कि बच्चे मिट्टी के घड़े की तरह होते हैं। उन्हें जिस प्यार, समझ और संस्कारों से आकार दिया जाता है, वे वैसे ही बनते हैं। जिस तरह से उनकी भावनाओं को समझा जाता है वह उस तरह से बनते हैं
किसी बच्चे को जन्म देना,
उसे own करने का अधिकार नहीं देता।

बच्चे:
- emotional servants नहीं हैं
- parents आपके ego का extension नहीं हैं
- केवल obedience के लिए पैदा नहीं हुए
- control करने से उनकी भावनाएं डेवलप नहीं होगी
Control प्यार नहीं है।
डर respect नहीं है।

ध्यान रखिए
- हर चीज़ में अत्यधिक control
- emotional blackmail
- लगातार comparison
- public humiliation
- privacy का सम्मान न करना
- emotions को “drama” कहना
- independence पर guilt feel करवाना
- sacrifice का इस्तेमाल pressure के लिए करना
- हर समय obedience की उम्मीद रखना

ऐसे वातावरण में बड़े हुए बच्चे बड़े होकर:
- anxiety
- overthinking
- low self-worth
- people pleasing
- guilt
- decision लेने में डर
- emotions express करने में कठिनाई
- खुद जैसा होने में असुरक्षित महसूस करना
जैसी समस्याओं का अनुभव कर सकते हैं।
कई लोगों में लंबे emotional stress का असर शरीर पर भी दिख सकता है — जैसे chronic tension, sleep issues, shoulder tightness, emotional exhaustion आदि।

बट यहां पर
Parents से नफरत करना नहीं है
Take responsibility of your emotions.

कभी-कभी parents वही दोहराते हैं जो उन्होंने खुद झेला होता है। लेकिन repeated pain भी healthy नहीं बन जाता।

सच्ची parenting control नहीं, connection होती है।
बच्चे acceptance, understanding और emotional safety से खिलते हैं।

प्यार कभी कैद नहीं करता।
प्यार बढ़ने की जगह देता है।

Thank you.
Tejश्री Deshmukh

Yogtrupti Reiki Healing
Trupti Deshmukh
Pune City
One Health Assist

अक्षय तृतीया या दिवशी माझ्या महितीत विशेष महत्त्व हे दानाचे आणि पितृतर्पणाचे . मनात आलं की  आपण पितृतर्पण मेडिटेशनच्या म...
29/04/2026

अक्षय तृतीया या दिवशी माझ्या महितीत विशेष महत्त्व हे दानाचे आणि पितृतर्पणाचे . मनात आलं की आपण पितृतर्पण मेडिटेशनच्या माध्यमातून करावं आणि सोबत जर काही जण जॉईन झाले तर त्यांना घेऊन करावं आणि अपेक्षेपेक्षा अधिक जण यामध्ये सहभागी झाले .
शेअर करताना समाधान वाटतं की काहींनी फोन करून आणि काहींनी प्रत्यक्ष मेसेज करून ह्या सेशन अटेंड करण्याबाबतचा अनुभव मला कळवला याबद्दल मी खूप खूप आभारी आहे।
Thank you

Yogtrupti Reiki Healing
Trupti Deshmukh
Pune City

आज आपण समजून घेऊ Shadow work Shadow work म्हणजे आपल्या मनाला  न आवडणाऱ्या किंवा स्वीकारायला कठीण वाटणाऱ्या,  दडवून बसलेल...
24/04/2026

आज आपण समजून घेऊ Shadow work

Shadow work म्हणजे आपल्या मनाला न आवडणाऱ्या किंवा स्वीकारायला कठीण वाटणाऱ्या, दडवून बसलेल्या भावना . आपल्या व्यक्तिमत्वातील त्या 'लपलेल्या' किंवा 'नाकारलेल्या' भागांचा शोध घेने, जे स्वतःपासून किंवा जगापासून लपवून ठेवले आहेत, आपल्या लहानपणीच.
कारण आपल्याला ती सुंदर फ्रेम हवी असते गुड बॉय / गुड गर्ल ची।

ही संकल्पना मानसशास्त्रज्ञ Carl Jung यांनी मांडली. त्यांच्या मते प्रत्येक व्यक्तीमध्ये एक “shadow” असतो — म्हणजे आपण लपवून ठेवलेल्या भावना, यामधे --भीती, राग, असुरक्षितता, अपराधीपणा, कमतरता किंवा काही अपूर्ण इच्छा असतात.
Shadow work विचार आणि अनुभवांना समजून घेण्याची प्रक्रिया एक प्रक्रिया।
मराठीत याला “अंतर्मनातील सावलीची बाजू समजून घेणे” असे म्हणता येईल.

शॅडो (सावली) म्हणजे आपल्या स्वभावातील असे पैलू जे आपल्याला 'वाईट' किंवा 'अस्वीकार्य' वाटतात, त्यांना आपण मनाच्या एका कोपऱ्यात दाबून ठेवतो. मनातल्या एखाद्या कपाटामध्ये बंद करून ठेवतो, लॉक करतो. कार्ल जंग यांनी याला यालाच 'शॅडो' किंवा 'सावली' म्हटले . यात खालील गोष्टींचा समावेश असू शकतो:

अति राग किंवा मत्सर.
बालपणातील जुन्या जखमा
कुठल्याही प्रकारची भीती.
स्वार्थाची भावना.
अपराधीपणा
इतरांची मनधरणी करणे
स्वतःबद्दलचे न्यूनगंड, लाज वाटणे.

Shadow work कशासाठी महत्त्वाचे आहे ?
स्वतःच्या भावना ओळखणे
जुन्या दुखऱ्या आठवणी समजून घेणे
स्वतःच्या वागण्यामागची कारणे शोधणे
नकारात्मक patterns ओळखणे
स्वतःला स्वीकारण्याचा प्रयत्न करणे

इथे आपण उदाहरण समजून घेऊया

1) जर एखादी व्यक्ती सतत इतरांवर पटकन रागावते, तर

Shadow work नुसार:
“ अशा या व्यक्तीच्या आत मध्ये नेमकी कोणती दुखापत किंवा भीती आहे?” हे बघणे

2 ) “मी नेहमी स्वतःला सिद्ध करण्याचा प्रयत्न का करते?”

“मी प्रत्येक कामात परफेक्ट होण्याचा प्रयत्न करते, कारण तिला सतत स्वतःला सिद्ध करायची गरज वाटते.”

“तो नेहमी जास्त काम करतो, कारण त्याला लोकांसमोर स्वतःची किंमत सिद्ध करायची असते.”

3) “मी दिवसभर घरासाठी मेहनत करते, सगळ्यांची काळजी घेते, जेवण बनवते, प्रत्येकाची गरज पूर्ण करते. मी माझं आयुष्य तुमच्यासाठी देत आहे, तरीही कोणालाही माझी व्हॅल्यू नाही.”

“मी दिवसभर काम करून पैसे कमावतो, घरासाठी इतकी मेहनत घेतो, तुमच्या प्रत्येक गरजा पूर्ण करतो. मी सगळं तुमच्यासाठीच करत आहे, आणि मला अजिबात किंमत नाही मला अजिबात रिस्पेक्ट नाही .”

4) स्वतःच्या आत मध्ये असह्य होणारी घुसमट इ.

Shadow work म्हणजे Cluster दोष देणे नाही, तर स्वतःच्या प्रत्येक बाजूला समजून घेऊन स्वीकारण्याची प्रक्रिया आहे.

Yogtrupti Reiki Healing
Trupti Deshmukh
Pune City

योगतृप्ती हिलिंग कडून एक कार्यशाळा आयोजित करण्यात आली ;  हीलिंग या विषयांमध्ये अनेक नवीन लोकांनी सहभाग घेतला. त्यासाठी त...
19/04/2026

योगतृप्ती हिलिंग कडून एक कार्यशाळा आयोजित करण्यात आली ; हीलिंग या विषयांमध्ये अनेक नवीन लोकांनी सहभाग घेतला. त्यासाठी त्यांचे मनःपूर्वक आभार। 🙏
त्यांना जे प्रॅक्टिकल सेशन करवण्यात आले त्यात त्यांना समाधान मिळाले. यामध्ये एक चर्चासत्र देखील झाले आणि हा विषय या सर्वांनी गांभीर्याने बघितला।

Yogtrupti Reiki Healing
Pune City
Trupti Deshmukh

🌿 Ancestral Healing क्या है? (What is Ancestral Healing?)Ancestral Healing (पूर्वज उपचार) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हम ...
18/04/2026

🌿 Ancestral Healing क्या है? (What is Ancestral Healing?)
Ancestral Healing (पूर्वज उपचार) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हम अपने पूर्वजों (ancestors) से जुड़ी भावनात्मक, मानसिक पैटर्न को समझते और heal करते हैं।

हमारे शरीर और मन में कुछ पैटर्न “कोड” की तरह stored होते हैं, जो हमारे genes, nervous system और early life experiences (inner child )के माध्यम से बनते हैं। Ancestral healing के संदर्भ में यह idea यह बताता है कि कुछ व्यवहार, भावनाएँ और प्रतिक्रियाएँ हमारे पूर्वजों से प्रभावित हो सकती हैं।

जैसे कि परिवार में जो अनुभव, दुख, डर, मान्यताएँ और आदतें होती हैं, वे पीढ़ी दर पीढ़ी (generation to generation) आगे बढ़ती रहती हैं।
👉 उदाहरण:
अगर परिवार में हमेशा डर, असुरक्षा, या आर्थिक संघर्ष रहा है, तो उसका असर अगली पीढ़ियों के सोच और व्यवहार पर पड़ सकता है।

🌼 Ancestral Healing का महत्व (Importance)
1. 🧠 अदृश्य पैटर्न को समझना
कई बार हम बिना कारण ही stress, fear या relationship issues महसूस करते हैं।
Ancestral healing इन छुपे हुए patterns को पहचानने में मदद करता है।
2. 💔 भावनात्मक बोझ से मुक्ति
हम अपने परिवार के unresolved emotions (जैसे दुख, गुस्सा, अपराधबोध) को unknowingly carry करते हैं।
यह प्रक्रिया उन भावनाओं को release करने में मदद करती है।
3. 👨‍👩‍👧 परिवार और रिश्तों में सुधार
पूर्वजों से जुड़े issues को heal करने से हमारे
👉 माता-पिता, पार्टनर और बच्चों के साथ संबंध बेहतर होते हैं।
4. 🌱 स्वयं की पहचान और विकास
यह हमें यह समझने में मदद करता है कि
👉 “मैं कौन हूँ?”
👉 “मेरे विचार और व्यवहार कहाँ से आ रहे हैं?”
5. ✨ आंतरिक शांति और संतुलन
जब पुराने emotional blocks हटते हैं, तो मन शांत और stable महसूस करता है।

🌸 Ancestral Healing के लाभ (Benefits)
🌟 1. मानसिक शांति (Mental Peace)
तनाव, चिंता (anxiety) और overthinking में कमी आती है।
💪 2. आत्मविश्वास में वृद्धि (Self-confidence)
पुराने limiting beliefs हटने से confidence बढ़ता है।
❤️ 3. बेहतर रिश्ते (Healthy Relationships)
understanding बढती है।
💼 4. जीवन में प्रगति (Growth & Success)
Negative patterns हटने से career और finances में भी improvement देखा जा सकता है।
🌈 5. Emotional Healing
गहरे emotional wounds heal होते हैं।
🧘‍♀️ 6. Spiritual Growth
Self-awareness और self regulations बढ़ता है।

One Health Assist
Instagram
Pune City
Astrotalk
Yogtrupti Reiki Healing
Trupti Deshmukh

Yogtrupti Reiki Healing Trupti Deshmukh
12/04/2026

Yogtrupti Reiki Healing
Trupti Deshmukh

07/04/2026
27/03/2026
26-3-26
26/03/2026

26-3-26

🧠 1.   समझते है Sigmund Freud का Ego conceptFreud के अनुसार हमारे मन के 3 हिस्से होते हैं:🔹 1. Id (इच्छाओं का स्रोत)   य...
23/03/2026

🧠 1. समझते है
Sigmund Freud का Ego concept

Freud के अनुसार हमारे मन के 3 हिस्से होते हैं:
🔹 1. Id (इच्छाओं का स्रोत)
यह तुरंत सुख चाहता है “मुझे अभी चाहिए”
👉 यहीं से विचार → इच्छा शुरू होती है

🔹 2. Ego (वास्तविकता से जुड़ा भाग)
यह सोचता है: “क्या यह सही है? कैसे मिलेगा?”
Ego Id की इच्छाओं को control और manage करता है

🔹 3. Superego (नैतिकता)
यह सही-गलत बताता है “यह करना ठीक है या नहीं?”

🔄 पूरी प्रक्रिया:
Id → इच्छा पैदा करता है
Ego → उसे पाने का तरीका सोचता है
Superego → उसे judge करता है

⚡ Ego पर प्रभाव:
✔️ जब इच्छा पूरी होती है:
Ego को लगता है “मैं capable हूँ”
Self-confidence बढ़ता है
❌ जब इच्छा पूरी नहीं होती:
Ego को चोट लगती है
इंसान frustration, stress महसूस करता है

👉 इसलिए Freud के अनुसार
Ego हमेशा balance बनाने की कोशिश करता है
(इच्छा vs reality vs morality)

🕉️ 2. Bhagavad Gita/ ज्ञानेश्वरी के अनुसार

ज्ञानेश्वरी में इस विषय को बहुत गहराई से समझाया गया है।

🔹 गीता का प्रसिद्ध क्रम:
👉 “ विचार → ध्यान → आसक्ति → कामना → क्रोध → भ्रम → बुद्धि का नाश”

📖 इसे सरल भाषा में समझें:
1. विचार (Thoughts ) किसी आयडिया या कल्पना आना
2. ध्यान (Focus)
आप किसी कल्पना के बारे में बार-बार सोचते हैं
3. आसक्ति (Attachment)
उससे जुड़ाव हो जाता है
4. कामना (Desire)
वह strong इच्छा बन जाती है
5. क्रोध (Anger)
अगर इच्छा पूरी नहीं होती → गुस्सा आता है
6. भ्रम (Confusion)
मन disturb हो जाता है, सही सोच नहीं पाते
7. बुद्धि का नाश
Decision लेने की शक्ति कम हो जाती है

🧠 Ego (अहं) के बारे में गीता क्या कहती है?
अहं कहता है: “मैं ही कर्ता हूँ” (I am the doer)
जब इच्छा जुड़ती है → अहं और मजबूत हो जाता है
✔️ इच्छा पूरी हुई:
👉 अहं बढ़ता है (घमंड)
❌ इच्छा अधूरी:
👉 अहं को चोट (दुख, गुस्सा)

🔁 दोनों का Comparison:
Psychology (Freud) | Spiritual (गीता)
Ego balance करता है |अहं bo***ge (बंधन) बनाता है
Desire natural है | Desire suffering का कारण
बन सकती है जागरूक न हो
Focus: mind structure |Focus: inner freedom

🌿 अंतिम समझ (Deep Insight): Conclusion
👉 As per Freud : इच्छाओं को balance करो
👉 As pet गीता : इच्छा रखो ; butइच्छाओं से attach मत हो

धन्यवाद🙏💕
Yogtrupti Reiki Healing
Trupti Deshmukh

Address

Pune
411041

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm

Telephone

+917410135207

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Yogtrupti Reiki Healing posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Yogtrupti Reiki Healing:

Share