02/05/2026
आज समझते है Toxic and Controlling Parents
“बच्चे आपकी प्रॉपर्टी नहीं हैं”
बच्चे कोई मशीन नहीं हैं जिन्हें केवल कंट्रोल किया जाए, और ना ही वे माता-पिता की प्रॉपर्टी हैं। वे अपनी खुद की भावनाओं, सोच, सपनों, व्यक्तित्व और जीवन के अधिकार वाले स्वतंत्र इंसान हैं।
लेकिन कई परिवारों में बच्चों को माता-पिता की इज़्ज़त, अहंकार, अधूरी इच्छाओं या सामाजिक छवि का हिस्सा समझा जाता है।
प्यार की जगह कंट्रोल,
समझने की जगह आलोचना करते रहना, और
भावनात्मक सुरक्षा की जगह fear and gguilt यहीसे
toxic और controlling parenting शुरू होती है।
eg
You are not good ...
you are not worthy... ....
जब माता-पिता:
- लगातार आलोचना करते हैं
- शर्मिंदा या नीचा महसूस करवाते हैं
- डर, गिल्ट या emotional pressure से कंट्रोल करते हैं
- बच्चे की भावनाओं को महत्व नहीं देते
- हर निर्णय अपने हिसाब से करवाना चाहते हैं
- प्यार को conditional बना देते हैं
- बच्चों को “हमारी चीज़” समझते हैं
तो यह unhealthy और toxic parenting बन जाती है।
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कई बार इसे ऐसे शब्दों में छुपाया जाता है:
- “हम तुम्हारे भले के लिए कह रहे हैं।”
- “हमने तुम्हारे लिए सब कुछ किया है।”
- “अच्छे बच्चे हमेशा बात मानते हैं।”
- “तुम्हें हमारी इज़्ज़त रखनी चाहिए।”
-"We know what is best for you.”
- “We sacrificed everything for you.”
- “You should live according to our wishes.”
- “Good children always obey.”
बच्चे आपकी प्रॉपर्टी नहीं हैं Children Are human beings with emotions
इसीलिए कहा जाता है कि बच्चे मिट्टी के घड़े की तरह होते हैं। उन्हें जिस प्यार, समझ और संस्कारों से आकार दिया जाता है, वे वैसे ही बनते हैं। जिस तरह से उनकी भावनाओं को समझा जाता है वह उस तरह से बनते हैं
किसी बच्चे को जन्म देना,
उसे own करने का अधिकार नहीं देता।
बच्चे:
- emotional servants नहीं हैं
- parents आपके ego का extension नहीं हैं
- केवल obedience के लिए पैदा नहीं हुए
- control करने से उनकी भावनाएं डेवलप नहीं होगी
Control प्यार नहीं है।
डर respect नहीं है।
ध्यान रखिए
- हर चीज़ में अत्यधिक control
- emotional blackmail
- लगातार comparison
- public humiliation
- privacy का सम्मान न करना
- emotions को “drama” कहना
- independence पर guilt feel करवाना
- sacrifice का इस्तेमाल pressure के लिए करना
- हर समय obedience की उम्मीद रखना
ऐसे वातावरण में बड़े हुए बच्चे बड़े होकर:
- anxiety
- overthinking
- low self-worth
- people pleasing
- guilt
- decision लेने में डर
- emotions express करने में कठिनाई
- खुद जैसा होने में असुरक्षित महसूस करना
जैसी समस्याओं का अनुभव कर सकते हैं।
कई लोगों में लंबे emotional stress का असर शरीर पर भी दिख सकता है — जैसे chronic tension, sleep issues, shoulder tightness, emotional exhaustion आदि।
बट यहां पर
Parents से नफरत करना नहीं है
Take responsibility of your emotions.
कभी-कभी parents वही दोहराते हैं जो उन्होंने खुद झेला होता है। लेकिन repeated pain भी healthy नहीं बन जाता।
सच्ची parenting control नहीं, connection होती है।
बच्चे acceptance, understanding और emotional safety से खिलते हैं।
प्यार कभी कैद नहीं करता।
प्यार बढ़ने की जगह देता है।
Thank you.
Tejश्री Deshmukh
Yogtrupti Reiki Healing
Trupti Deshmukh
Pune City
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