ज्योतिष स्वास्थ्य और वास्तु

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ज्योतिष स्वास्थ्य और वास्तु वास्तु और ज्योतिष संबंधित जानकारी के ?
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हनुमान को किन देवताओंसे क्या क्या वरदान मिले ?हम सभी हनुमान जी द्वारा बचपन मेंसूर्यदेव को एक फल समझ कर खानेके प्रयास के ...
29/03/2026

हनुमान को किन देवताओं
से क्या क्या वरदान मिले ?

हम सभी हनुमान जी द्वारा बचपन में
सूर्यदेव को एक फल समझ कर खाने
के प्रयास के विषय में जानते हैं।

उस समय हनुमान मारुति
के नाम से जाने जाते थे।

बालपन में ही उन्होंने सूर्यदेव को
फल समझ कर निगलना चाहा।

जब देवराज इंद्र ने ये देखा
तो उन्होंने सूर्य की रक्षा के
लिए मारुति पर अपने वज्र
से प्रहार किया।

इंद्र के वज्र के प्रहार से मारुति
की ठुड्डी टूट गयी और वे अचेत
होकर पृथ्वी पर आ गिरे।

जब पवनदेव ने ये देखा कि
इंद्र देव ने उनके धर्मपुत्र पर
प्रहार किया है तो उन्होंने
संसार से प्राणवायु खींच ली।

इससे समस्त प्राणी मृत्यु
के निकट पहुँच गए।

ऐसा देख कर परमपिता ब्रह्मा
स्वयं वहां पहुंचे और उन्होंने
पवनदेव को प्राणवायु लौटाने
का आदेश दिया ताकि सृष्टि
सुचारु रूप से चल सके।

उन्होंने ये भी समझाया कि सूर्य
नवग्रहों के प्रमुख हैं और यदि
उनका अहित होता तो समस्त
पृथ्वी का संतुलन बिगड़ जाता।

इसी कारण इंद्र द्वारा उनकी
रक्षा का जो उपाय किया गया
वो आवश्यक था।

ये सुनकर पवनदेव ने ब्रह्माजी
से प्रार्थना की कि पहले वे उनके
पुत्र के प्राण बचाएं।

उनकी प्रार्थना सुनकर ब्रह्माजी
ने मारुति को चेतन किया और
उनके बल की प्रशंसा की।

चूँकि इंद्र के प्रहार से मारुति की
ठुड्डी,जिसे संस्कृत में "हनु" कहा
जाता है,टूटी थी इसी कारण ब्रह्मदेव
ने उन्हें हनुमान नाम दिया।

हनुमान ने ब्रह्मदेव से अपने
कृत्य के लिए क्षमा मांगी।

उनका ऐसा बल और नम्रता
देखकर वहां उपस्थितसभी
देवताओं ने उन्हें कई वरदान दिए।

रामचरितमानस में हनुमान
को आठ देवताओं द्वारा आठ
वरदान दिए जाने का वर्णन
मिलता है।

उन वरदानों के कारण ही
हनुमान त्रिलोक में अजेय
हो गए।

आइये हनुमान को मिले उन आठ
वरदानों के विषय में जानते हैं।

यहाँ पर ध्यान देने वाली बात ये
है कि हम इस लेख में हनुमान
की अष्ट सिद्धियों,नव निधियों
या उनकी गौण सिद्धियों के बारे
में बात नहीं करने वाले हैं।

ना ही हम उन्हें बाद में मिले
वरदानों को यहाँ जोड़ रहे हैं।

यहाँ हम केवल उन आठ वरदानों की
बात कर रहे हैं जो उस समय हनुमान
को मिले।

💐 #ब्रह्मा:
परमपिता ने हनुमान को दीर्घायु
और प्रभु की अनन्य भक्ति का
वरदान दिया।

उन्होंने हनुमान को ये भी वरदान
दिया कि हनुमान सभी अस्त्रों,यहाँ
तक कि ब्रह्मदण्ड द्वारा भी अवध्य
रहेंगे।

उन्होंने हनुमान को पवन की गति
से भ्रमण करने का वरदान दिया
और इच्छाधारी होने का वरदान
भी प्रदान किया।
और तो और उन्होंने हनुमान को
ब्रह्मास्त्र द्वारा भी रक्षा का वरदान
दिया।

यही कारण था कि जब अशोक
वाटिका में मेघनाद ने हनुमान
पर ब्रह्मास्त्र चलाया तो ब्रह्माजी
के वरदान के कारण वे उससे बच
सकते थे किन्तु इससे ब्रह्मास्त्र का
अपमान होता इसीलिए उन्होंने ऐसा
नहीं किया।
ब्रह्म अस्त्र तेहि साधा
कपि मन कीन्ह विचार।
जो न ब्रह्म सर मानहिं
महिमा मिटइ अपार।।

💐 #रूद्र:
हनुमान स्वयं रुद्रावतार थे।
भगवान शंकर ने उन्हें ये वरदान
दिया कि वे उनके शस्त्रों द्वारा भी
अवध्य रहेंगे।

भगवान शंकर ने ने यह वरदान
दिया कि यह मेरे और मेरे शस्त्रों
द्वारा भी अवध्य रहेगा।

भगवान शंकर ने कुम्भकर्ण को
अपने त्रिशूल की प्रतिलिपि प्रदान
की थी जिसे उसने युद्ध में लक्ष्मण
पर चला दिया था।

महादेव द्वारा दिए गए वरदान
के कारण हनुमान ने उसे बीच
में ही पकड़ कर तोड़ डाला।

💐 #इंद्र:
इंद्र द्वारा ही उनपर प्रहार
किया गया था इसी कारण
उन्होंने हनुमान को दो वरदान दिए।

पहले वरदान में उन्होंने कहा
कि हनुमान अब से उनके वज्र
द्वारा भी अवध्य रहेंगे।

यही नहीं उन्होंने हनुमान के
पूरे शरीर को वज्र का बना
दिया जिसपर किसी अस्त्र
-शस्त्र का प्रभाव ना हो।

उनका शरीर वज्र का हो जाने
के कारण ही उनका एक और
नाम वज्रांग पड़ा जो बाद में
अपभ्रंश होकर बजरंग हो गया।

इस पर एक लेख हमने पहले
ही लिखा है जिसे आप यहाँ
© धर्म संसार में पढ़ सकते हैं।

💐 #सूर्य:
हालाँकि हनुमान ने सूर्य को
तथाकथित रूप से निगलने
का प्रयास किया था किन्तु
फिर भी उन्होंने हनुमानजी
को अपना शिष्य बनाया और
और उन्हें दो वरदान भी दिए।

पहले वरदान के रूप में उन्होंने
हनुमान का अपने तेज का सौंवा
भाग प्रदान दिया जिससे हनुमान
का तेज भी सूर्य के समान हो गया।

इसके अतिरिक्त उन्होंने हनुमान
को अपने शिष्य के रूप में स्वीकार
किया और ये वरदान दिया कि समय
आने पर वे ही उन्हें समस्त शास्त्रों का
ज्ञान प्रदान करेंगे जिससे उनके ज्ञान
की समता करने वाला पृथ्वी पर और
कोई नहीं होगा।

अपनी शिक्षा के समय ही हनुमान
ने सूर्यदेव के अंश से उत्पन्न पुत्री
#सुवर्चला से विवाह किया।

💐 #यम:
यमराज ने हनुमान को यमदण्ड
से सुरक्षित रहने का वरदान दिया।

यमराज ने कहा कि जब तक
हनुमान धर्म पथ पर रहेंगे मृत्यु
उन्हें नहीं छू पायेगी।

उनके इस वरदान के कारण
हनुमान एक प्रकार से अवध्य
हो गए।

💐 #कुबेर:
यक्षराज कुबेर ने हनुमान को
युद्ध में सदैव स्थिर रहने का
वरदान दिया।

उन्होंने कहा कि कभी भी इस
बालक को युद्ध में किसी प्रकार
का कोई विषाद नहीं होगा और
इसी कारण इसे युद्ध में जीतना
असंभव होगा।

उन्होंने युद्ध में हनुमान को अपनी
गदा से भी अभय प्रदान किया।

रामायण के कुछ संस्करणों के
अनुसार कुबेर ने ही हनुमान को
वरदान स्वरुप अपनी गदा प्रदान की।

💐 #वरुण:
जल के देवता वरुण ने हनुमान
को जल में अवध्य रहने का
वरदान दिया।

उन्होंने हनुमान को ये वरदान
भी दिया कि १०००००० वर्षों
की आयु तक उन्हें मेरे वरुण
पाश से अभय प्राप्त होगा और
उनकी मृत्यु नहीं होगी।

💐 #विश्वकर्मा:
देवशिल्पी विश्वकर्मा ने हनुमान को
चिरंजीवी रहने का वरदान दिया।

उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा निर्मित
जितने भी अस्त्र-शस्त्र हैं हनुमान
उन सभी से अवध्य रहेगा।

देवों और दैत्यों के लगभग सभी आयुध
विश्वकर्मा ने ही बनाये थे इसी कारण
उनके वरदान द्वारा हनुमान लगभग
सभी अस्त्र-शस्त्रों से अवध्य और
अजेय हो गए।
© धर्म संसार💐

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्‌।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।।

अर्थ :
अतुल बलके धाम,सोनेके पर्वत
के (सुमेरुके) समान कान्तियुक्त
शरीर वाले,दैत्य रूपी वनको ध्वंस
करने हेतु अग्नि रूप,ज्ञानियों में
अग्रगण्य,सम्पूर्ण गुणोंके निधान,
वानरोंके स्वामी,श्री रघुनाथजीके
प्रिय भक्त पवनपुत्र श्री हनुमानजी
को मैं प्रणाम करता हूं।

जयति सनातन💐
जयतु भारतं💐
ॐ हनुमते नम:💐
जयश्रीराम💐

🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग-30.03.2026🌄       ✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️                    🕉️ शुभ सोमवार - 🌞 -  शुभ प्...
29/03/2026

🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग-30.03.2026🌄
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ सोमवार - 🌞 - शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
🕉️💥💥🌄💥💥🕉️
_______________________________
____________आज विशेष___________
सोम प्रदोष 2026: चैत्र शुक्ला द्वादशी सोमवार को सोम प्रदोष व्रत है,जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
_________________________________
_______________________________
🕉️✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️🕉️
________________________________
*विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट*
🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞
दिल्ली -10 मिनट---------जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट------अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर - 4 मिनट-------------मुंबई +7 मिनट
लखनऊ - 25 मिनट------बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट--जैसलमेर +15 मिनट
_______________________________
🕉️✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️🕉️
_________________________________
_________दैनिक पंचांग विवरण________
✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄✴️
_________________________________
आजदिनांक......................30.03.2026
कलियुग संवत्.............................5128
विक्रम संवत्............................... 2083
शक संवत्.................................. 1948
संवत्सर.....................................श्री रौद्र
अयन.......................................... उत्तर
गोल............................................उत्तर
ऋतु.......................................... .वसंत
मास............................................ .चैत्र
पक्ष........................................... शुक्ल
तिथि..... द्वादशी. प्रातः 7.10 तक / त्रयोदशी
वार........................................ सोमवार नक्षत्र....मघा. अपरा. 2.48 तक / पूर्वाफाल्गु
चंद्र राशि................. सिंह. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग..............शूल. अपरा. 4.50 तक / गंड
करण....................बालव. प्रातः 7.10 तक
करण....... कौलव. रात्रि. 7.00 तक / तैत्तिल
_________________________________
🌞✴️✴️🌄✴️✴️🌞
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
________________________________
-दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण-
✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️
________________________________
सूर्योदय....................प्रातः 06.26.24 पर
सूर्यास्त....................सायं. 06.45.42 पर
दिनमान-घं.मि.से................... 12.19.18
रात्रिमान-घं.मि.से. ...................11.39.39
चंद्रोदय..............अपरा. 4.24.18 PM पर
चंद्रास्त............... रात्रि. 5.13.12 AM पर
राहुकाल... प्रातः 7.59 से 9.31 तक(अशुभ)
यमघंट.. पूर्वा.11.04 से 12.36(शुभे त्याज्य)
गुलिक... अपरा. 2.08 से 3.41(शुभे त्याज्य)
अभिजित........ मध्या.12.11 से 1.01(शुभ)
पंचक........................................ नहीं है
हवन मुहूर्त(अग्निवास) .................. आज है
दिशाशूल................................. पूर्व दिशा
दोष परिहार....... दूध का सेवन कर यात्रा करें
________________________________
___________आज का दिन___________
🌞✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄🌞
________________________________
व्रत विशेष..........सोम प्रदोष / विष्णु द्वादशी
अन्य व्रत.......................... अनंग त्रयोदशी
पर्व विशेष......................श्री हरिदमनोत्सव
दिवस विशेष....................राजस्थान दिवस
दिवस विशेष....... राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस
खगोलीय.....................................नहीं है
विष्टि(भद्रा)....................................नहीं है
पंचक.........................................नहीं है
सर्वा.सि.योग................................नहीं है
अमृत सि.योग...............................नहीं है
सिद्ध रवियोग......अपरा. 2.48 से रात्रि पर्यंत
_______________________________:
✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄✴️
________________________________
दिनांक.............................31.03.2026
तिथि............ चैत्र शुक्ला त्रयोदशी मंगलवार
व्रत विशेष................ शिव दमनक चतुर्दशी
अन्य व्रत.................................... नहीं है
पर्व विशेष........................ महावीर जयंती
पर्व विशेष..................श्री नृसिंह दोलोत्सव
दिवस विशेष................................नहीं है
खगोलीय..........रेवत्यां रवि. रात्रि. 8.11 पर
विष्टि(भद्रा)....................................नहीं है
पंचक.........................................नहीं है
सर्वा.सि.योग................................नहीं है
अमृत सि.योग.............................. नहीं है
सिद्ध रवियोग...... उदयात् अपरा. 3.21 तक
सिद्ध रवियोग.. पुनः रात्रि 8.11 से रात्रि पर्यंत
_________________________________
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
______🏵️🌞🌞✴️🌞🌞🏵️. अभिजित् मुहुर्त - दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
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ब्रह्म मुहूर्त - सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
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प्रदोष काल - सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है...
_________________________________
गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है
🌄✡️✡️✡️✴️✡️✡️✡️🌄
_________________________________
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
_________________________________
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
________________________________
💥🌄🌞🌞🕉️🌞 🌞🌄💥
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
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लग्न / ग्रह - राशि - अंश - कला - विकला
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लग्न ...... मीन 14°22' उत्तरभाद्रपद 4 ञ
सूर्य ....... .मीन 15°7' उत्तरभाद्रपद 4 ञ
चन्द्र .................. सिंह 8°45' मघा 3 मू
बुध ............कुम्भ 17°56' शतभिषा 4 सू
शुक्र ..................मेष 5°1' अश्विनी 2 चे
मंगल ......कुम्भ 27°22' पूर्वभाद्रपद 3 दा
बृहस्पति .....मिथुन 21°27' पुनर्वसु 1 के
शनि ^ ....मीन 11°10' उत्तरभाद्रपद 3 झ
राहू * ........कुम्भ 13°22' शतभिषा 3 सी
केतु * ...सिंह 13°22' पूर्व फाल्गुनी 1 मो
________________________________
✴️🌄दिन का चौघड़िया 🌄✴️
_______________________________
अमृत.................प्रातः 6.26 से 7.59 तक
शुभ.................प्रातः 9.31 से 11.04 तक
चंचल...............अपरा. 2.08 से 3.41 तक
लाभ................अपरा. 3.41 से 5.13 तक
अमृत.................सायं. 5.13 से 6.46 तक
_________________________________
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
________________________________
चंचल.........सायं-रात्रि. 6.46 से 8.13 तक
लाभ.............रात्रि. 11.08 से 12.36 तक
शुभ..... रात्रि. 2.03 AM से 3.30 AM तक
अमृत... रात्रि. 3.30 AM से 4.58 AM तक
चंचल....रात्रि. 4.58 AM से 6.25 AM तक
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✴️🌞✴️🌄✴️🌄✴️🌞✴️
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(विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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✴️🌞✴️🌄✴️🌄✴️🌞✴️
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🔱🌄🔱🔱🌞🔱🔱🌄🔱
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13.
कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30.
_________________________________
✴️🏵️🌄🏵️✴️🏵️🌄🏵️✴️
_________________________________
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण

संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये

आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षर....
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समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
_______________________________

08.42 AM तक---------मघा----3-------मू
02.48 PM तक---------मघा----4-------मे 08.53 PM तक---पूर्वाफाल्गु----1------मो
03.01 AM तक---पूर्वाफाल्ग----2------टा
उपरांत रात्रि तक---पूर्वाफाल्गु----3-------मू

_______राशि सिंह - पाया रजत्_______
________________________________
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
___ 🕉️✴️✴️🌞✴️✴️🕉️
________________________________
सोम प्रदोष 2026: चैत्र शुक्ला द्वादशी सोमवार को सोम प्रदोष व्रत है,जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत को लेकर मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा की जाए भगवान शिव सारी इच्छा पूरी करते हैं। अगर आप पहली बार प्रदोष व्रत रखने जा रहे हैं तो यहां जानिए इस व्रत से जुड़ी हर एक छोटी-बड़ी जानकारी।

हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित कई ऐसे व्रत हैं जिनका काफी महत्व है। इन्हीं में से एक है प्रदोष व्रत। ये व्रत माह में 2 बार आता है।

एक व्रत शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। तो वहीं दूसरा वाला व्रत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। वैसे मार्च के महीने में ये व्रत तीन बार है। दो व्रत रखे जा चुके हैं और तीसरा प्रदोष व्रत अगले हफ्ते रखा जाएगा। जो लोग पहली बार इस व्रत को रखने वाले हैं, उनके लिए सारी विधि और मुहूर्त यहां पर मिल जाएंगे। किस तारीख को प्रदोष व्रत है..? किस मुहूर्त में पूजा करना है...? साथ ही जलाभिषेक के दौरान कौन सी गलती नहीं करनी है...? ये सारी जानकारियां एक-एक करके नीचे दी जा रही है।

इस दिन है प्रदोष व्रत

अगला प्रदोष व्रत 30 मार्च को है। पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि इसी दिन से शुरू हो रहा है। 30 मार्च को सुबह 7:09 बजे से इस तिथि प्रारंभ होगी। अगले दिन यानी 31 मार्च की सुबह 6:55 बजे इस तिथि का समापन होगा। प्रदोष व्रत की पूजा अगर आप पहली बार रखने वाले हैं तो आपके लिए ये जानना जरूरी है कि इसकी पूजा शाम यानी सूर्यास्त के बाद ही करनी शुभ मानी जाती है। इसे प्रदोष काल कहा जाता है।

ढाई घंटे से कम है पूजा का मुहूर्त

30 मार्च को पड़ने वाला प्रदोष व्रत सोमवार के दिन है । इस कारण से इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाएगा। बता दें कि जिस दिन भी ये व्रत पड़ता है, उसके नाम से ही व्रत को जाना जाता है। अगर ये शनिवार के दिन पड़ेगा तो शनि प्रदोष व्रत और शुक्र को पड़ेगा तो शुक्र प्रदोष व्रत कहलाएगा। बता दें कि इस बार प्रदोष व्रत की पूजा का मुहूर्त ढाई घंटे से कम होगा। पंचांग के हिसाब से इस दिन शाम को 6:38 बजे से लेकर 8:57 बजे तक पूजा कर लेना शुभ माना जाएगा।

जलाभिषेक के वक्त ना करें ये गलती

प्रदोष व्रत वाले दिन जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है। इस दौरान किसी भी तरह की गलती करने से बचना चाहिए। जलाभिषेक की विधि आसान है लेकिन कई बार जाने-अनजाने में लोग शिवलिंग पर वर्जित चीजें भी अर्पित कर देते हैं। बता दें कि शिवलिंग पर कभी भी सिंदूर, केतकी का फूल या फिर तुलसी का पत्ता नहीं चढ़ाना होता है। इसके अलावा नारियल का उपयोग इस दौरान नहीं करना चाहिए।

शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें

प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान शिवलिंग पर सिर्फ गंगाजल, पंचामृत, दूध, धतूरा और बेलपत्र ही चढ़ाएं। इस चीज का विशेष ध्यान रखें कि आपको शिवलिंग की परिक्रमा पूरी नहीं करनी है। वहीं शिवलिंग पर लगाए गए भोग को प्रसाद के तौर पर ग्रहण नहीं करना है।

प्रदोष व्रत में ना करें ये काम

अगर आप प्रदोष व्रत की पूजा करने वाले हैं तो इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचें। इस दिन तामसिक भोजन से दूर रहें। आपको प्याज लहसुन वाला भोजन नहीं करना है। ना ही इस दिन आपको मांस मदिरा का सेवन करना है। अगर आप व्रत रख रहे हैं तो मन में सिर्फ सकारात्मक विचार ही लाएं। किसी के प्रति ईर्ष्या की भावना ना रखें। मन में किसी के प्रति गलत ख्याल ना लाएं और ना ही किसी को भला बुरा कहें।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज आपको कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हिम्मत न हारें और इच्छित फल पाने के लिए कड़ी मेहनत करें। इन नाकामियों को तरक़्क़ी का आधार बनाएँ। मुश्किल घड़ी में रिश्तेदार भी काम आएंगे। आज के दिन निवेश करने से बचना चाहिए। अपने जीवन में एक संगीत पैदा करें, समर्पण का मूल्य समझें और हृदय में प्रेम व कृतज्ञता के फूल खिलने दें। आप अनुभव करेंगे कि आपका जीवन अधिक अर्थपूर्ण हो रहा है। संगी को आज आपकी कोई बात चुभ सकती है। वो आपसे रुठें इससे पहले ही अपनी गलती का अहसास कर लें और उन्हें मना लें। आज आपकी कलात्मक और रचनात्मक क्षमता को काफ़ी सराहना मिलेगी और इसके चलते अचानक लाभ मिलने की संभावना भी है। आपके द्वारा आज खाली समय में ऐसे काम किये जाएंगे जिनके बारे में आप अक्सर सोचा करते हैं लेकिन उन कामों को कर पाने में समर्थ नहीं हो पाते। रोज़मर्रा की शादीशुदा ज़िन्दगी में आज का दिन अच्छी मिठाई जैसा है।

वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज चूँकि यात्रा के लिहाज़ से आप अभी कुछ कमज़ोर हैं, इसलिए लंबी यात्राओं से बचने की कोशिश कीजिए। अगर आप छात्र हैं और विदेशों में जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं तो घर की आर्थिक तंगी आज आपके माथे पर शिकन ला सकती है। घरेलू कामकाज आपको ज़्यादातर वक़्त व्यस्त रखेंगे। आज मौसम का मिजाज कुछ ऐसा रहेगा कि आप बिस्तर से उठने को राजी नहीं होंगे। बिस्तर से उठने के बाद आपको अहसास होगा कि आप अपना कीमती समय बर्बाद कर चुके हैं। अगर आप कोशिश करें तो आप अपने जीवनसाथी के साथ अपने जीवन का सबसे अच्छा दिन आज गुज़ार सकते हैं।

मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का दबाव और घर में अनबन के चलते आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है- जो काम में आपकी एकाग्रता को भंग करेगा। घर की जरुरतों को देखते हुए आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कोई कीमती सामान खरीद सकते हैं जिससे आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। परिवार की किसी महिला सदस्य की सेहत चिंता की वजह बन सकती है। आज अचानक किसी से रोमांटिक मुलाक़ात हो सकती है। नए संपर्क बनाने और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए की गयी यात्रा फलदायी साबित होगी। इस राशि के जातक आज लोगों से मिलने से ज्यादा अकेले में वक्त बिताना पसंद करेंगे। आज आपका खाली समय घर की सफाई में बीत सकता है। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है।

कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आप ख़ुद को सुकून में और ज़िंदगी का आनंद उठाने के लिए सही मनोदशा में पाएंगे। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। आपके नज़दीकी लोग निजी जीवन में परेशानियाँ खड़ी कर सकते हैं। सिर्फ़ स्पष्ट समझ के माध्यम से आप अपनी पत्नी/पति को भावनात्मक सहारा दे सकते हैं। बड़े व्यापारिक लेन-देन करते वक़्त अपनी भावनाओं पर क़ाबू रखें। बातचीत में कुशलता आज आपका मज़बूत पक्ष साबित होगी। कुछ लोग सोचते हैं कि वैवाहिक जीवन ज़्यादातर झगड़ों के इर्द-गिर्द ही घूमता है, लेकिन आज आपके सब कुछ शान्त रहने वाला है।

सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आपकी सेहत ठीक रहेगी, लेकिन यात्रा आपके लिए थकाऊ और तनावपूर्ण साबित हो सकती है। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। अटके घरेलू कामों को अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर पूरा करने की व्यवस्था करें। अपने प्रिय की नाराज़गी के बावजूद अपना प्यार ज़ाहिर करते रहें। ऐसे लोगों से साथ जुड़ें जो स्थापित हैं और भविष्य के रुझानों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं। आज का दिन फ़ायदेमंद साबित होगा, क्योंकि ऐसा लगता है कि चीज़ें आपके पक्ष में जाएंगी और आप हर काम में आगे रहेंगे। आपका जीवनसाथी अपने दोस्तों में कुछ ज़्यादा व्यस्त हो सकता है, जिसके चलते आपके उदास होने की संभावना है।

कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आपका हँसी-मज़ाक़ का लहज़ा किसी दूसरे को आपकी तरह इस क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपसे उसे यह सबक़ मिलेगा कि ज़िंदगी की ख़ुशी बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि ख़ुद के ही भीतर है। आज के दिन आप धन से जुड़ी समस्या के कारण परेशान रह सकते हैं। इसके लिए आपको अपने किसी विश्वास पात्र से सलाह लेनी चाहिए। घरेलू ज़िंदगी सुकूनभरी और ख़ुशनुमा रहेगी। आपके प्रिय का अस्थिर बर्ताव आज के दिन को बिगाड़ सकता है। बड़े उद्योगपतियों के साथ साझीदारी का व्यवसाय फ़ायदेमंद रहेगा। आज आप ऑफिस से घर वापस आकर अपना पसंदीदा काम कर सकते हैं। इससे आपके मन को शांति मिलेगी। आपके जीवनसाथी की मांगें तनाव का कारण बन सकती हैं।

तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आपका चढ़ा हुआ पारा आपको परेशानी में डाल सकता है। जेवर और एंटीक में निवेश फ़ायदेमंद रहेगा और समृद्धि लेकर आएगा। एक बेहतरीन शाम के लिए रिश्तेदार/दोस्त घर आ सकते हैं। कई लोगों के लिए आज की रोमांटिक शाम ख़ूबसूरत तोहफ़ों और फूलों से भरपूर रहेगी। दफ़्तर में स्नेह का माहौल बना रहेगा। पैसा, प्यार, परिवार से दूर होकर आज आप आनंद की तलाश में किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी ही आपका सबकुछ है।

वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज आप अपने शरीर की थकान मिटाने और ऊर्जा-स्तर को बढ़ाने के लिए आपको पूरे आराम की ज़रूरत है, नहीं तो शरीर की थकावट आपके मन में निराशावादिता को जन्म दे सकती है। आपका धन आपके काम तभी आता है जब आप फिजूलखर्ची करने से खुद को रोकते हैं आज ये बात आपको अच्छी तरह से समझ में आ सकती है। आपकी निजी ज़िंदगी के बारे में दोस्तों से आपको अच्छी सलाह मिलेगी। सैर-सपाटे पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है, जो आपकी ऊर्जा और उत्साह को तरोताज़ा कर देगा। निर्णय लेते समय अपने अहम को बीच में न आने दें, अपने कनिष्ठ सहकर्मियों की बात पर ग़ौर करें। छात्रोंं के दिमाग में आज प्यार का बुखार छा सकता है और इस वजह से उनका काफी समय बर्बाद हो सकता है। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है।

धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज चूँकि यात्रा के लिहाज़ से आप अभी कुछ कमज़ोर हैं, इसलिए लंबी यात्राओं से बचने की कोशिश कीजिए। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। डाक या ई-मेल से आया कोई महत्वपूर्ण संदेश पूरे परिवार के लिए ख़ुशख़बरी लाएगा। आपकी मुलाक़ाता एक ऐसे दोस्त से होगी, जिसे आपका ख़याल है और जो आपको समझता भी है। बहादुरी भरे क़दम और फ़ैसले आपको अनुकूल पुरुस्कार देंगे। कुछ लोगों के लिए आकस्मिक यात्रा दौड़-भाग भरी और तनावपूर्ण रहेगी। जब आपका जीवनसाथी जब सारे मनमुटाव भुलाकर प्यार के साथ आपके पास फिर आएगा, तो जीवन और भी सुन्दर लगेगा।

मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आप जो भी शारीरिक बदलाव आज करेंगे, वे निश्चित तौर पर आपके रूप-रंग को आकर्षक बनाएगा। अचानक नए स्रोतों से धन मिलेगा, जो आपके दिन को ख़ुशनुमा बना देगा। अपने फ़ैसले बच्चों पर थोपना उन्हें नाराज़ कर सकता है। बेहतर होगा कि आप उन्हें अपना पक्ष समझाएँ, ताकि वे उसके पीछे की वजह को समझकर आपकी बात को आसानी से स्वीकार कर सकें। एक प्यारी-सी मुस्कुराहट से अपने संगी का दिन रोशन करें। काम के लिए समर्पित पेशेवर लोग रुपये-पैसे और करिअर के मोर्चे पर फ़ायदे में रहेंगे। अगर आज आप यात्रा कर रहे हैं तो आपको अपने सामान की अतिरिक्त सुरक्षा करने की ज़रूरत है। ऐसा लगता है कि आपके जीवनसाथी आज आपके ऊपर ख़ास ध्यान देंगे।

कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए व्यक्तिगत संबंधों का उपयोग करना आपके जीवनसाथी को नाराज़ कर सकता है। जो लोग काफी वक्त से आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे उन्हें आज कहीं से धन प्राप्त हो सकता है जिससे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। आम परिचितों से व्यक्तिगत बातों को बांटने से बचें। सम्हल कर दोस्तों से बात करें, क्योंकि आज के दिन दोस्ती में दरार पड़ने की आशंका है। जिस पहचान और पुरस्कार की उम्मीद आप कर रहे थे, वह बाद के लिए टल सकती है और आपको हताशा का सामना करना पड़ सकता है। आप जिस प्रतियोगिता में भी क़दम रखेंगे, आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको जीत दिलाने में सहयोग देगा। सम्भव है कि आपके जीवनसाथी की वजह से आपकी प्रतिष्ठा को थोड़ी ठेस पहुँचे।

मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज आपका व्यक्तित्व आज इत्र की तरह महकेगा और सबको आकर्षित करेगा। आज आप काफ़ी पैसे बना सकते हैं- लेकिन इसे अपने हाथों से फिसलने न दें। ऐसा कोई जिसे आप जानते हैं, आर्थिक मामलों को ज़रूरत से ज़्यादा गंभीरता से लेगा और घर में थोड़ा-बहुत तनाव भी पैदा होगा। प्रेम के दृष्टिकोण से आपके लिए यह दिन विशेष रहने वाला है। आज कार्यक्षेत्र में आपके किसी पुराने काम की तारीफ हो सकती है। आपके काम को देखते हुए आज आपकी तरक्की भी संभव है। कारोबारी आज अनुभवी लोगों से करोबार को आगे बढ़ाने की सलाह ले सकते हैं। भरपूर रचनात्मकता और उत्साह आपको एक और फ़ायदेमंद दिन की ओर ले जाएंगे। विवादों की एक लम्बी कड़ी आपके रिश्तों को कमजोर कर सकती है अत: इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा।
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🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩🌈 *दिनांक - 29 मार्च 2026*🌈 *दिन - रविवार*🌈 *विक्रम संवत 2083 (गुजरात ...
28/03/2026

🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
🌈 *दिनांक - 29 मार्च 2026*
🌈 *दिन - रविवार*
🌈 *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌈 *शक संवत -1948*
🌈 *अयन - उत्तरायण*
🌈 *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌈 *मास - चैत्र*
🌈 *पक्ष - शुक्ल*
🌈 *तिथि - एकादशी सुबह 07:46 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌈 *नक्षत्र - अश्लेशा दोपहर 02:38 तक तत्पश्चात मघा*
🌈 *योग - धृति शाम 06:20 तक तत्पश्चात शूल*
🌈*राहुकाल - शाम 05:20 से शाम 06:52 तक*
🌈 *सूर्योदय - 06:35*
🌈 *सूर्यास्त - 06:51*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
🕉️⏭️ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- कामदा एकादशी*
✨ *विशेष - *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
✨ *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
✨ *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
✨ *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
✨ *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩

🍁 *कामदा एकादशी* 🍁
⏩ *29 मार्च, रविवार को कामदा एकादशी है।*
*‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश करनेवाली है । इसके पढ़ने और सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है ।*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩

🍁 *सोमप्रदोष व्रत* 🍁
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 30 मार्च, सोमवार को सोमप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩

🍁 *अंनग त्रयोदशी* 🍁
🙏🏻 *30 मार्च 2026 सोमवार को अंनग त्रयोदशी के दिन व्रत करने से दाम्पत्य - प्रेम में वृद्धि होती है तथा पति - पुत्रादि का अखंड सुख प्राप्त होता है।*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
☀🏯!! श्री हरि: शरणम् !!🏯☀
🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

28/03/2026
https://youtu.be/MR5izndZ8TI
28/03/2026

https://youtu.be/MR5izndZ8TI

आपकी पूजा आपको बडे़ बडे़ संकटों से तो बचाती ही है साथ ही ये दूसरों को भी कष्ट से मुक्त करती है #अपनी_पूजा_दान_का_तरीका...

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27/03/2026

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🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
🌈 *दिनांक - 28 मार्च 2026*
🌈 *दिन - शनिवार*
🌈 *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌈 *शक संवत -1948*
🌈 *अयन - उत्तरायण*
🌈 *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌈 *मास - चैत्र*
🌈 *पक्ष - शुक्ल*
🌈 *तिथि - दशमी सुबह 08:45 तक तत्पश्चात एकादशी*
🌈 *नक्षत्र - पुष्य दोपहर 02:50 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
🌈 *योग - सुकर्मा रात्रि 08:06 तक तत्पश्चात धृति*
🌈 *राहुकाल - सुबह 09:40 से सुबह 11:12 तक*
🌈 *सूर्योदय - 06:36*
🌈 *सूर्यास्त - 06:50*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
🕉️⏭️ *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- धर्मराज दशमी*
✨ *विशेष -
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩

🍁 *एकादशी व्रत के लाभ* 🍁
⏩ *28 मार्च 2026 शनिवार को सुबह 08:45 से 29 मार्च, रविवार को सुबह 07:46 तक एकादशी है।*
💥 *विशेष - 29 मार्च, रविवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*
🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*
🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*
🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩

🍁 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🍁
🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l*

🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩

🍁 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🍁
🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
☀🏯!! श्री हरि: शरणम् !!🏯☀
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राम जी का सूर्य अभिषेक
27/03/2026

राम जी का सूर्य अभिषेक

🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩🌈 *दिनांक - 27 मार्च 2026*🌈 *दिन - शुक्रवार*🌈 *विक्रम संवत 2083 (गुजरा...
26/03/2026

🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
🌈 *दिनांक - 27 मार्च 2026*
🌈 *दिन - शुक्रवार*
🌈 *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌈 *शक संवत -1948*
🌈 *अयन - उत्तरायण*
🌈 *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌈 *मास - चैत्र*
🌈 *पक्ष - शुक्ल*
🌈 *तिथि - नवमी सुबह 10:06 तक तत्पश्चात दशमी*
🌈 *नक्षत्र - पुनर्वसु शाम 03:24 तक तत्पश्चात पुष्य*
🌈 *योग - अतिगण्ड रात्रि 10:10 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
🌈 *राहुकाल - सुबह 11:12 से दोपहर 12:44 तक*
🌈 *सूर्योदय - 06:37*
🌈 *सूर्यास्त - 06:50*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
🕉️⏭️ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- श्रीराम नवमी,चैत्री-वासंती नवरात्र समाप्त*
✨ *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩

🍁 *श्री राम नवमी* 🍁
🕉️⏭️ *जो श्रीराम नवमी का व्रत करता है, उसकी अनेक जन्मार्जित पापों की राशि भस्मीभूत हो जाती है।*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩

🍁 *धर्मराज दशमी* 🍁
🙏🏻 *विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है कि जिनके परिवार में ज्यादा बीमारी .....जल्दी-जल्दी किसी की मृत्यु हो जाती है वे लोग शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन (दशमी तिथि के स्वामी यमराज है मृत्यु के देवता | ) यानी 27 मार्च 2026 मंगलवार को भगवान धर्मराज यमराज का मानसिक पूजन कर और हो सके तो घी की आहुति दे |*
🙏🏻 *एक दिन पहले से हवन की छोटी सी व्यवस्था कर लेना घी से आहुति डाले इससे दीर्घायु, आरोग्य और ऐश्वर्य तीनों की वृद्धि होती है विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है | आहुति डालते समय ये मंत्र बोले–*
✨ *[ ध्यान रखे जिसके घर में तकलीफे है वो जरुर आहुति डाले और डालते समय स्वाहा बोले और जो आहुति न डाले तो वो नम: बोले | ]*
⚜️ *ॐ यमाय नम:*
⚜️ *ॐ धर्मराजाय नम:*
⚜️ *ॐ मृत्यवे नम:*
⚜️ *ॐ अन्तकाय नम:*
⚜️ *ॐ कालाय नम:*
🔥 *ये पाँच मंत्र बोले ज्यादा देर तक आहुति डाले तो भी अच्छा है |*
🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞
🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
☀🏯!! श्री हरि: शरणम् !!🏯☀
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