09/04/2025
- क्या आप सुबह का प्रारंभ शांत चित्त से करते है❓
- क्या आप उठते ही तनाव /टेंशन / विचार से ग्रस्त होते हैं ❓
- उठते ही किसी पर गुस्सा करते हैं❓
✅सुबह की शुरुआत हड़बड़ी में होगी, तो दिनभर जल्दबाज़ी और असंतुलन की प्रवृत्ति बनी रह सकती है।
✅दैनिक क्रियाओं को शांति और स्थिरता के साथ करना आवश्यक है ।
✅जब आप छोटे कार्यों में संतुलन साधेंगे, तो जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी आपका स्वभाव सहज, विवेकपूर्ण और धैर्यपूर्ण होता जाएगा ।
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आपकी ऊर्जा का व्यय 2 प्रकार से होता हैं ।
1. *विस्फोट* – जैसे बोतल को एक ही झटके में खोलकर सारा पानी बहा दे, वैसे ही अपनी ऊर्जा को तीव्र गति से क्रोध, तनाव, अनावश्यक विचार द्वारा खर्च कर देते हैं।
👉ऐसे लोगों का उत्साह ऊँचाई पर होता है, लेकिन यह जल्दी समाप्त हो जाता है। ये जल्दी थक जाते हैं।
2. *संतुलित प्रवाह* – कोई बोटल से धीरे-धीरे पानी बहाता है , वैसे ही साधक ऊर्जा को संतुलित / नियंत्रित रूप से खर्च करते हैं ।
👉ऐसे साधकों का प्रयास निरंतर और टिकाऊ होता है, जिससे वे लंबी दूरी तक चलते हैं। ये अपने लक्ष्य तक अवश्य पहुंचते हैं ।
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*यह साधना कहाँ, कब, कैसे करें ❓❓❓❓*
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