08/09/2020
"फिजियोथेरेपी से मिल रही फिर से जीने की आस"
8 सितम्बर विश्व में वर्ल्ड फीजिओथेरेपी डे के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। फीजिओथेरेपी मेडिकल साइंस की ऐसी प्रणाली है जिसकी सहायता से जटिल रोगो का इलाज संभव होता है।
भारत में इसके प्रति जागरूकता कम होने से बहुत कम लोग इसका फायदा ले पाते हैं। फीजिओथेरेपी में जहाँ एक ओर ऑस्टिओ अथराइटिस (गठिया) और स्पाइनल इंजरी जैसी जटिल बीमारियों का इलाज है वहीं किसी भी प्रकार का साइड इफ्फेक्ट ना होना इसको आकर्षक बनाता है।
जब डॉक्टर कह देते हैं ना तब..
जानकारी हो कि दुनिया में भारत में सबसे अधिक लोग रोड एक्सीडेंट का शिकार हो जाते हैं. इसके अलावा अन्य हादसों और जन्मजात विकलांगता भी समाज और परिवार की एक बड़ी समस्या है. विकलांगता एक बड़ी समस्या है, जो पेशेंट को मानसिक तौर पर भी झकझोर कर रख देती है. कई बार जब सर्जन और फिजिशियन उन्हें मदद नहीं कर पाते हैं तो फिजियोथेरेपिस्ट अहम भूमिका निभाते हैं
- लकवा, पोलियो, सेरेब्रल पाल्सी, जोड़-जाम, आर्थराइटिस, फ्रोजन सोल्डर (पेरी आर्थराइटिस), सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस, लम्बर स्पोंडलाइटिस, घुटने व कमर दर्द आदि का उपचार किया जाता है.